मध्य प्रदेश की 'मुख्यमंत्री सीखो-कमाओ योजना' (MMSKY) के तहत 18 से 29 वर्ष के शिक्षित बेरोजगार युवाओं को प्रतिष्ठित कंपनियों में ट्रेनिंग के साथ हर महीने ₹8,000 से ₹10,000 का स्टाइपेंड दिया जाता है। स्टाइपेंड का 75% हिस्सा राज्य सरकार डीबीटी से और 25% कंपनी देती है। आवेदन mmsky.mp.gov.in पर समग्र आईडी से होता है।
⚡ 4 मुख्य बिंदु (Quick Highlights):
- योग्यता अनुसार फिक्स स्टाइपेंड: 12वीं पास को ₹8,000, ITI पास को ₹8,500, डिप्लोमा धारकों को ₹9,000 और ग्रेजुएट्स/पोस्ट ग्रेजुएट्स को ₹10,000 प्रति माह।
- ऑन-द-जॉब ट्रेनिंग: उम्मीदवार को काम के दौरान इंडस्ट्री का वास्तविक व्यावहारिक अनुभव और राज्य कौशल विकास बोर्ड का आधिकारिक सर्टिफिकेट मिलता है।
- समग्र ई-केवाईसी अनिवार्य: पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन के लिए समग्र आईडी (Samagra ID) में आधार ई-केवाईसी होना पहली अनिवार्य शर्त है।
- डीबीटी भुगतान: सरकार का 75% अंशदान सीधे उसी बैंक खाते में आता है जो आधार से NPCI मैपर पर एक्टिव है।
सीखो-कमाओ योजना क्या है और यह युवाओं को सीधी नौकरी दिलाने में कैसे मदद करती है?
मध्य प्रदेश में कॉलेज और स्कूल की पढ़ाई पूरी करने के बाद सबसे बड़ी समस्या यह आती है कि जब युवा किसी कंपनी या फैक्ट्री में नौकरी मांगने जाते हैं, तो एचआर मैनेजर सबसे पहला सवाल यही पूछता है—"आपके पास काम का क्या अनुभव (Experience) है?" बिना अनुभव के फ्रेशर्स को या तो नौकरी नहीं मिलती या फिर बहुत कम वेतन पर शोषण होता है। इसी जमीनी परेशानी को खत्म करने के लिए मध्य प्रदेश कौशल संवर्धन एवं रोजगार निर्माण बोर्ड ने 'मुख्यमंत्री सीखो-कमाओ योजना' (Mukhyamantri Seekho Kamao Yojana - MMSKY) लागू की है।
यह कोई किताबी क्लासरूम ट्रेनिंग नहीं है। इसमें आपको मध्य प्रदेश के अंदर स्थित रजिस्टर्ड कंपनियों, इंजीनियरिंग फर्म्स, आईटी कंपनियों, हॉस्पिटल्स, बैंक शाखाओं, रिटेल स्टोर्स और मैन्युफैक्चरिंग प्लांट्स में सीधे 'ऑन-द-जॉब ट्रेनिंग' (OJT) पर रखा जाता है। यानी आप पहले दिन से कंपनी के अंदर वास्तविक मशीनों, सॉफ्टवेयर या ऑपरेशंस पर काम सीखते हैं। ट्रेनिंग के दौरान आपको कोई फीस नहीं देनी होती, बल्कि उल्टा हर महीने आपके खाते में सरकार और कंपनी मिलकर ₹8,000 से ₹10,000 का पक्का स्टाइपेंड भेजते हैं। 1 साल की सफल ट्रेनिंग के बाद कंपनी आपको परमानेंट नौकरी पर रख सकती है या फिर आप उस अनुभव प्रमाण पत्र के दम पर किसी भी मल्टीनेशनल कंपनी में सीधे स्किल्ड वर्कर के पद पर जॉइन कर सकते हैं।
शैक्षणिक योग्यता के अनुसार स्टाइपेंड का पूरा गणित (12वीं, ITI, डिप्लोमा और डिग्री धारक)
योजना की सबसे पारदर्शी बात यह है कि इसमें स्टाइपेंड का निर्धारण उम्मीदवार की उच्चतम शैक्षणिक योग्यता के आधार पर पहले से तय है। इसमें किसी कंपनी की मनमर्जी नहीं चलती। स्टाइपेंड दो हिस्सों में बंटता है: कुल स्टाइपेंड का 75% हिस्सा मध्य प्रदेश सरकार सीधे आपके आधार लिंक बैंक खाते में डीबीटी (Direct Benefit Transfer) के जरिए ट्रांसफर करती है, जबकि बाकी 25% हिस्सा संबंधित प्रतिष्ठान (कंपनी) को अपने बैंक खाते से देना अनिवार्य होता है।
आइए चारों श्रेणियों का पूरा गणित समझ लेते हैं:
- 12वीं उत्तीर्ण (12th Pass): कुल स्टाइपेंड ₹8,000 प्रति माह। इसमें सरकार ₹6,000 सीधे आपके खाते में भेजेगी और कंपनी आपको ₹2,000 का भुगतान करेगी।
- आईटीआई (ITI Pass): किसी भी एनसीवीटी/एससीवीटी ट्रेड से आईटीआई पास युवाओं को कुल ₹8,500 प्रति माह मिलेंगे। सरकार की तरफ से ₹6,375 डीबीटी से आएंगे और कंपनी ₹2,125 देगी।
- पॉलिटेक्निक डिप्लोमा (Diploma Holders): तकनीकी डिप्लोमा धारकों को ₹9,000 प्रति माह मिलते हैं। इसमें राज्य सरकार ₹6,750 सीधे ट्रांसफर करती है और कंपनी ₹2,250 का चेक या एनईएफटी करती है।
- ग्रेजुएट / पोस्ट ग्रेजुएट (Degree & Above): बीए, बीएससी, बीकॉम, बीई, बीटेक या पीजी पास युवाओं को अधिकतम ₹10,000 प्रति माह का स्टाइपेंड मिलता है। इसमें सरकारी अंशदान ₹7,500 और कंपनी का अंशदान ₹2,500 होता है।
📋 5-कॉलम फैक्ट्स प्रोफाइल टेबल: स्टाइपेंड व अंशदान विभाजन
| शैक्षणिक स्तर | कुल मासिक स्टाइपेंड | सरकार का DBT हिस्सा (75%) | कंपनी का अंशदान (25%) | काम की ज़मीनी टिप |
|---|---|---|---|---|
| 12वीं उत्तीर्ण | ₹8,000 / माह | ₹6,000 | ₹2,000 | अपने गृह जिले की स्थानीय कंपनियों और वेयरहाउस को पहली प्राथमिकता दें। |
| आईटीआई (ITI) पास | ₹8,500 / माह | ₹6,375 | ₹2,125 | अपनी ट्रेड (फिटर, इलेक्ट्रीशियन, वेल्डर) के अनुसार कोर इंजीनियरिंग कंपनी चुनें। |
| पॉलिटेक्निक डिप्लोमा | ₹9,000 / माह | ₹6,750 | ₹2,250 | पीथमपुर, मंडीदीप व देवास इंडस्ट्रियल एरिया में ज्यादा सीटें उपलब्ध हैं। |
| ग्रेजुएट / पोस्ट ग्रेजुएट | ₹10,000 / माह | ₹7,500 | ₹2,500 | आईटी, बैंकिंग, ई-कॉमर्स व रिटेल सेक्टर में वेकेंसी को प्राथमिकता दें। |
mmsky.mp.gov.in पोर्टल पर नया स्टूडेंट रजिस्ट्रेशन कैसे करें? (स्टेप-बाय-स्टेप गाइड)
सीखो कमाओ योजना में आवेदन की पूरी प्रक्रिया पेपरलेस है। किसी सरकारी कार्यालय के चक्कर काटने की कोई जरूरत नहीं है। नीचे दिए गए स्टेप्स को सावधानी से फॉलो करें:
- स्टेप 1 (समग्र आईडी ई-केवाईसी जांचें): सबसे पहले samagra.gov.in पर जाकर सुनिश्चित करें कि आपकी समग्र आईडी में आधार लिंक और ई-केवाईसी पूरी हो। यदि मोबाइल नंबर पुराना है तो पहले उसे अपडेट करवाएं।
- स्टेप 2 (MMSKY पोर्टल पर जाएं): अपने ब्राउज़र में आधिकारिक पोर्टल mmsky.mp.gov.in खोलें और होमपेज पर ऊपर दाईं ओर दिए गए 'अभ्यर्थी पंजीयन' (Candidate Registration) बटन पर क्लिक करें।
- स्टेप 3 (पात्रता शर्तें स्वीकारें व समग्र आईडी दर्ज करें): नियम एवं शर्तों के चेकबॉक्स पर टिक करें। इसके बाद अपनी 9-अंकों की समग्र सदस्य आईडी दर्ज करें और कैप्चा कोड भरकर 'ओटीपी भेजें' पर क्लिक करें।
- स्टेप 4 (ओटीपी सत्यापन व विवरण जांच): आपके समग्र रजिस्टर्ड मोबाइल पर 6 अंकों का ओटीपी आएगा। उसे दर्ज करके सबमिट करें। स्क्रीन पर आपका नाम, पिता का नाम, जन्मतिथि और फोटो अपने आप लोड हो जाएगी।
- स्टेप 5 (शैक्षणिक योग्यता व दस्तावेज जोड़ें): अपनी 12वीं, आईटीआई, डिप्लोमा या ग्रेजुएशन की मार्कशीट, रोल नंबर, पासिंग वर्ष और बोर्ड का नाम भरें तथा संबंधित मार्कशीट की साफ पीडीएफ अपलोड करें।
- स्टेप 6 (रुचि के क्षेत्र व जिले का चयन): आप जिन सेक्टर्स (जैसे ऑटोमोबाइल, आईटी, बैंकिंग, हेल्थकेयर) में काम सीखना चाहते हैं और जिन जिलों (जैसे इंदौर, भोपाल, ग्वालियर, जबलपुर) में ट्रेनिंग करना चाहते हैं, उनकी प्राथमिकताओं को सेलेक्ट करें।
- स्टेप 7 (फाइनल सबमिट व पासवर्ड जनरेशन): फॉर्म सबमिट करते ही आपका एप्लीकेशन आईडी जनरेट हो जाएगा और आपके रजिस्टर्ड मोबाइल व ईमेल पर लॉगिन पासवर्ड भेज दिया जाएगा।
अपने जिले की 10,000+ कंपनियों और वेकेंसी की लिस्ट कैसे खोजें?
रजिस्ट्रेशन करने के बाद सबसे महत्वपूर्ण कदम होता है सही कंपनी और कोर्स के लिए आवेदन करना। कई छात्र केवल रजिस्ट्रेशन करके बैठ जाते हैं और सोचते हैं कि कंपनी खुद फोन करेगी। ऐसा बिल्कुल नहीं होता! आपको पोर्टल पर लॉगिन करके सक्रिय रूप से वेकेंसी के लिए अप्लाई करना होता है:
- पोर्टल पर 'रिक्तियां खोजें' (Search Vacancies) टैब पर जाएं।
- वहां अपना जिला (District), शैक्षणिक योग्यता (Qualification) और पसंदीदा सेक्टर (Sector) चुनें।
- सर्च बटन पर क्लिक करते ही आपके सामने कंपनियों की लिस्ट आ जाएगी, जिसमें कंपनी का नाम, ट्रेनिंग की जगह, कुल रिक्त पद और मासिक स्टाइपेंड साफ लिखा होगा।
- अपनी पसंद की कंपनियों के सामने दिए गए 'अप्लाई' (Apply) बटन पर क्लिक करें। आप एक समय में 5 से 10 अलग-अलग कंपनियों में आवेदन कर सकते हैं ताकि सिलेक्शन की संभावना बढ़ जाए।
- कंपनी आपके प्रोफाइल को देखकर पोर्टल पर ही इंटरव्यू या जॉइनिंग का ऑफर लेटर भेजेगी, जिसे आपको 7 दिन के अंदर स्वीकार करना होगा।
स्टाइपेंड आने से पहले बैंक खाते में 'Aadhaar DBT' चालू कराने का नियम
सीखो कमाओ योजना में स्टाइपेंड अटकने का सबसे मुख्य कारण बैंक खाता डीबीटी इनेबल्ड न होना है। सरकार का 75% पैसा (₹6,000 से ₹7,500) किसी अकाउंट नंबर या आईएफएससी कोड पर नहीं, बल्कि सीधे आपके 12-अंकों के आधार नंबर पर भेजा जाता है। इसे बैंकिंग भाषा में NPCI Aadhaar Payment Bridge (APB) कहते हैं।
यदि आपके बैंक खाते में आधार लिंक तो है लेकिन वह डीबीटी मैपर पर एक्टिव नहीं है, तो पोर्टल पर 'Payment Failed - Account Not Seeded' का एरर आ जाएगा। ट्रेनिंग शुरू करने से पहले अपने बैंक की शाखा में जाएं और बैंक मैनेजर से कहें कि मेरे खाते में "Aadhaar DBT Seeding Consent Form" सबमिट करें। आप myaadhaar.uidai.gov.in पर जाकर 'Bank Seeding Status' में खुद देख सकते हैं कि आपका कौन सा खाता एक्टिव है।
योजना तुलना: MP MMSKY बनाम PM Internship Scheme बनाम National Apprenticeship (NAPS)
| पैरामीटर | MP MMSKY (सीखो-कमाओ) | PM Internship Scheme 2026 | National Apprenticeship (NAPS) |
|---|---|---|---|
| पात्रता आयु | 18 से 29 वर्ष (MP मूल निवासी) | 21 से 24 वर्ष (अखिल भारतीय) | 14 वर्ष से ऊपर (ट्रेड अनुसार) |
| मासिक स्टाइपेंड | ₹8,000 से ₹10,000 / माह | ₹5,000 / माह + ₹6,000 एकमुश्त | ₹7,000 से ₹9,000 / माह |
| ट्रेनिंग स्थल | मध्य प्रदेश की औद्योगिक व निजी इकाइयां | भारत की टॉप 500 कॉर्पोरेट कंपनियां | पीएसयू और मैन्युफैक्चरिंग उद्योग |
| भुगतान का तरीका | 75% राज्य DBT + 25% कंपनी | ₹4,500 केंद्र DBT + ₹500 CSR | सरकार का अंशदान सीधे डीबीटी |
| मुख्य आकर्षण | 12वीं पास से लेकर पीजी तक सभी के लिए पद | मल्टीनेशनल कंपनियों का कॉर्पोरेट अनुभव | राष्ट्रीय ट्रेड अप्रेंटिसशिप सर्टिफिकेट |
🛠️ 3 वास्तविक ज़मीनी फ्रिक्शन चेतावनियाँ (दोस्त वाली बोलचाल में)
⚠️ 1. समग्र आईडी में पुराना मोबाइल नंबर होने का ब्लॉक:
दोस्त, जैसे ही आप mmsky पोर्टल पर समग्र आईडी डालकर सबमिट करेंगे, वेरिफिकेशन ओटीपी उसी मोबाइल नंबर पर जाएगा जो समग्र पोर्टल में सालों पहले जुड़ा था। अगर वह सिम कार्ड बंद हो चुका है, तो आप एक इंच भी आगे नहीं बढ़ पाएंगे। पोर्टल पर समय बर्बाद करने से पहले अपनी ग्राम पंचायत के सचिव या शहर के सीएससी सेंटर जाएं और समग्र में अपना चालू मोबाइल नंबर लिंक करवाएं। नया नंबर 24 घंटे में अपडेट होता है, उसके बाद ही फॉर्म भरें।
⚠️ 2. कुछ छोटी कंपनियों द्वारा अपना 25% हिस्सा दबाने का खेल:
जमीनी हकीकत यह है कि कुछ लोकल वर्कशॉप और छोटी कंपनियां सरकार का 75% हिस्सा (₹6,000 से ₹7,500) तो आपके खाते में आने देती हैं, लेकिन अपना 25% हिस्सा (₹2,000 से ₹2,500) देने में हर महीने बहाने बनाती हैं। जॉइनिंग करते समय कंपनी से ऑफर लेटर पर हस्ताक्षर लें जिसमें स्टाइपेंड का साफ उल्लेख हो। अगर कोई कंपनी 2 महीने तक अपना हिस्सा न दे, तो सीधे mmsky.mp.gov.in पोर्टल के 'Grievance' सेक्शन में शिकायत दर्ज करें; बोर्ड तुरंत कंपनी का लाइसेंस ब्लॉक कर देता है।
⚠️ 3. कॉलेज स्कॉलरशिप और सीखो-कमाओ स्टाइपेंड एक साथ नहीं:
अगर आप किसी कॉलेज में रेगुलर एडमिशन लेकर पढ़ाई कर रहे हैं और मध्य प्रदेश सरकार से पोस्ट-मैट्रिक या मेधावी विद्यार्थी छात्रवृत्ति ले रहे हैं, तो इस योजना में फॉर्म न भरें। समग्र और आधार लिंकिंग के कारण सॉफ्टवेयर तुरंत पकड़ लेता है कि छात्र को पहले से सरकारी वजीफा मिल रहा है। नियम बहुत साफ है—यह योजना केवल उन युवाओं के लिए है जिन्होंने अपनी पढ़ाई पूरी कर ली है और अब नौकरी की तलाश में हैं।
मध्य प्रदेश के प्रमुख औद्योगिक क्षेत्रों (Pithampur, Mandideep, Malanpur) में वेकेंसी का विश्लेषण
यदि आप चाहते हैं कि आपका आवेदन जल्दी स्वीकार हो, तो केवल अपने गांव या तहसील की छोटी दुकानों पर निर्भर न रहें। मध्य प्रदेश में चार बड़े औद्योगिक क्लस्टर हैं जहाँ सबसे ज्यादा रिक्तियां और प्रतिष्ठित कंपनियां मौजूद हैं:
- पीथमपुर औद्योगिक क्षेत्र (धार/इंदौर): यहाँ ऑटोमोबाइल, फार्मास्युटिकल और इंजीनियरिंग कंपनियों का विशाल हब है। वोल्वो आयशर (VECV), महिंद्रा, सिप्ला और ल्यूपिन जैसी कंपनियों में आईटीआई और डिप्लोमा धारकों के लिए सैकड़ों पद खाली रहते हैं। यहाँ काम सीखने का सबसे बड़ा फायदा यह होता है कि ट्रेनिंग खत्म होते ही उसी प्लांट में नियमित ऑपरेटर या जूनियर इंजीनियर का पद मिलने की संभावना 80% तक होती है।
- मंडीदीप और गोविंदपुरा क्लस्टर (भोपाल): यहाँ इलेक्ट्रिकल उपकरण, सोलर पैनल्स, टेक्सटाइल और भारी मशीनरी की कंपनियां हैं। यहाँ बीई/बीटेक और ग्रेजुएट युवाओं के लिए क्वालिटी कंट्रोल, परचेज और बैक-ऑफिस ऑपरेशंस में काफी सीटें हैं।
- मालनपुर और बानमोर इंडस्ट्रियल एरिया (ग्वालियर/मुरैना): यहाँ पैकेजिंग, फूड प्रोसेसिंग, टायर मैन्युफैक्चरिंग और लॉजिस्टिक्स वेयरहाउस स्थित हैं। 12वीं पास और आईटीआई वेल्डर/इलेक्ट्रीशियन के लिए यहाँ भरपूर अवसर हैं।
- देवास व जबलपुर क्लस्टर: देवास में लेदर, केमिकल और इंजीनियरिंग वर्क्स की प्रमुख इकाइयां हैं, जबकि जबलपुर में डिफेंस और सरकारी सहायक इकाइयों में ट्रेनिंग के अच्छे अवसर मिलते हैं।
ट्रेनिंग के दौरान उपस्थिति (Attendance System) और पोर्टल पर लीव रूल्स
स्टाइपेंड मिलने का सीधा संबंध आपकी बायोमेट्रिक या पोर्टल उपस्थिति से होता है। कई युवा सोचते हैं कि केवल नाम दर्ज होने से घर बैठे स्टाइपेंड आ जाएगा—यह सोच बिल्कुल गलत है!
- मासिक कार्य दिवस: प्रत्येक महीने में न्यूनतम 75% उपस्थिति दर्ज होना अनिवार्य है। यदि आपकी उपस्थिति 75% से कम होती है, तो उस महीने का स्टाइपेंड सिस्टम द्वारा रोक दिया जाता है।
- कंपनी द्वारा अटेंडेंस लॉक: हर महीने की 1 तारीख से 5 तारीख के बीच कंपनी के नोडल अधिकारी को MMSKY पोर्टल पर लॉगिन करके सभी प्रशिक्षुओं की उपस्थिति को डिजिटली लॉक करना होता है।
- आकस्मिक अवकाश (Casual Leave): पूरे 1 वर्ष की ट्रेनिंग के दौरान आपको कुल 12 दिनों का आकस्मिक अवकाश (प्रति माह अधिकतम 1 दिन) अनुमन्य होता है। यदि आप बिना बताए 3 दिन से अधिक अनुपस्थित रहते हैं, तो कंपनी पोर्टल पर आपको नोटिस जारी कर सकती है।
दस्तावेजों की अंतिम चेकलिस्ट (फॉर्म भरने से पहले टेबल पर रखें)
फॉर्म भरते समय बीच में सर्वर टाइम-आउट न हो, इसके लिए निम्नलिखित दस्तावेज पहले से अपने पास रखें:
- मध्य प्रदेश का वैध मूल निवास प्रमाण पत्र (Domicile Certificate)।
- 9-अंकों की समग्र सदस्य आईडी (आधार ई-केवाईसी पूर्ण)।
- 12वीं, आईटीआई, डिप्लोमा या स्नातक की अंतिम वर्ष की अंकसूची (स्व-प्रमाणित पीडीएफ)।
- आधार कार्ड और आधार से लिंक चालू मोबाइल नंबर (ओटीपी हेतु)।
- बैंक पासबुक का पहला पन्ना (जिसमें खाता संख्या और आईएफएससी कोड साफ दिखे, और बैंक में डीबीटी एक्टिव हो)।
- पासपोर्ट साइज डिजिटल फोटो (जेपीजी फॉर्मेट में, अधिकतम 200KB)।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)
Q1: क्या दूसरे राज्यों के युवा MP सीखो कमाओ योजना में आवेदन कर सकते हैं?
नहीं, इस योजना के लिए आवेदक का मध्य प्रदेश का स्थानीय निवासी होना अनिवार्य है और उसके पास वैध समग्र आईडी (Samagra ID) होनी चाहिए।
Q2: ट्रेनिंग की अवधि कितने समय की होती है?
ट्रेनिंग की सामान्य अवधि 1 वर्ष (12 महीने) की होती है। कुछ विशेष तकनीकी ट्रेड्स में यह 6 महीने से 9 महीने की भी हो सकती है।
Q3: क्या ट्रेनिंग पूरी होने के बाद कंपनी में पक्की नौकरी मिलना अनिवार्य है?
कंपनी पर पक्की नौकरी देने का कोई कानूनी दबाव नहीं है, लेकिन अधिकांश कंपनियां अच्छे काम करने वाले कैंडिडेट्स को ट्रेनिंग खत्म होते ही नियमित पे-रोल पर रख लेती हैं।
Q4: हर महीने स्टाइपेंड किस तारीख तक बैंक खाते में आ जाता है?
कंपनी द्वारा पोर्टल पर मासिक उपस्थिति दर्ज करने के बाद अमूमन हर महीने की 10 से 15 तारीख के बीच डीबीटी राशि बैंक खाते में जमा हो जाती है।
Q5: अगर कंपनी जॉइन करने के बाद काम पसंद न आए तो क्या छोड़ सकते हैं?
हाँ, आप 15 दिन का पूर्व नोटिस देकर या पोर्टल पर कॉन्ट्रैक्ट टर्मिनेशन की रिक्वेस्ट डालकर ट्रेनिंग छोड़ सकते हैं, लेकिन छोड़े गए दिनों का स्टाइपेंड नहीं मिलेगा।
Q6: क्या इस योजना के लिए कोई आवेदन शुल्क (Application Fee) लगता है?
बिल्कुल नहीं! mmsky.mp.gov.in पर रजिस्ट्रेशन, आवेदन और ट्रेनिंग पूरी तरह निशुल्क है। किसी भी दलाल को एक रुपया भी न दें।
Q7: क्या ट्रेनिंग के दौरान सरकारी नौकरी की तैयारी या परीक्षा दे सकते हैं?
हाँ, आप अपनी ड्यूटी का समय पूरा करने के बाद प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर सकते हैं और परीक्षा के दिन विधिवत छुट्टी ले सकते हैं।
Q8: योजना से संबंधित किसी भी समस्या के लिए हेल्पलाइन नंबर क्या है?
आप मध्य प्रदेश कौशल विकास बोर्ड के टोल-फ्री हेल्पलाइन नंबर 1800-599-0019 पर सुबह 10:00 से शाम 5:30 बजे तक कॉल करके सहायता प्राप्त कर सकते हैं।
आधिकारिक स्तर-1 संदर्भ: Mukhyamantri Seekho Kamao Yojana (MMSKY Official Portal) | मध्य प्रदेश राज्य कौशल विकास एवं रोजगार निर्माण बोर्ड।