documents ⏱️ 15 मिनट पढ़ें 📅 21 सितंबर 2026

किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) 2026: 4% ब्याज पर ₹3 लाख तक कृषि लोन, पशुपालन व ऑनलाइन आवेदन की संपूर्ण गाइड

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डॉ. हरिवंश नारायण यादव
वरिष्ठ कृषि अर्थशास्त्री एवं ग्रामीण बैंकिंग विशेषज्ञ

विगत 12 वर्षों से नाबार्ड, किसान क्रेडिट कार्ड एवं संस्थागत कृषि वित्त नीतियों पर विश्लेषणात्मक शोध व लेखन।

⚡ त्वरित उत्तर (Quick Answer)

किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) भारत सरकार की प्रमुख कृषि वित्त योजना है, जिसके अंतर्गत किसानों को फसल बुवाई, कीटनाशक और कृषि उपकरणों के लिए ₹3 लाख तक का अल्पकालिक ऋण मात्र 4% की रियायती वार्षिक ब्याज दर (समय पर चुकाने पर 3% अनुदान सहित) पर दिया जाता है। ₹1.60 लाख तक के ऋण के लिए जमीन बंधक (Collateral) रखने की जरूरत नहीं होती। अब पशुपालन और मत्स्य पालन के लिए भी ₹2 लाख तक का केसीसी जनसमर्थ पोर्टल या नजदीकी बैंक शाखा से 14 दिनों में बन जाता है।

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📌 मुख्य विशेषताएं व आवश्यक बिंदु

  • समय पर कर्ज चुकाने वाले किसानों के लिए 3% अतिरिक्त सरकारी ब्याज छूट के साथ प्रभावी ब्याज दर मात्र 4% प्रति वर्ष।
  • बिना किसी गारंटी या जमीन बंधक रखे ₹1,60,000 (और अच्छे ट्रैक रिकॉर्ड पर ₹3 लाख) तक का आसान संस्थागत ऋण।
  • फसल उगाने वाले किसानों के साथ-साथ डेयरी, बकरी पालन, पोल्ट्री और मछली पालन करने वाले पशुपालकों को भी पूर्ण समावेशन।
  • रुपये किसान डेबिट कार्ड (KCC RuPay Card) के जरिए 24 घंटे एटीएम से नकद निकासी और 5 साल की लचीली रिवाल्विंग लिमिट।
मापदंड / विवरणआधिकारिक प्रावधान (Official Rules)सत्यापन माध्यम / पोर्टल
योजना का नामकिसान क्रेडिट कार्ड (Kisan Credit Card - KCC Scheme 2026)नाबार्ड एवं कृषि मंत्रालय
ऋण सीमा₹1,60,000 (बिना गारंटी) से अधिकतम ₹3,00,000 तक (रियायती ब्याज पर)आरबीआई गाइडलाइंस
सामान्य ब्याज दर7% प्रति वर्ष (केंद्र सरकार के 2% ब्याज अनुदान के बाद)सार्वजनिक व ग्रामीण बैंक
प्रभावी शुद्ध ब्याज दर4% प्रति वर्ष (समय पर पुनर्भुगतान करने पर 3% की अतिरिक्त छूट)iss-kcc.gov.in
पशुपालन / मत्स्य पालन सीमा₹2,00,000 तक की कार्यशील पूंजी (Working Capital)पशुपालन एवं डेयरी विभाग
कार्ड की वैधता5 वर्ष (सालाना 10% की स्वतः सीमा वृद्धि के साथ)बैंक शाखा द्वारा नवीनीकरण
दुर्घटना बीमा कवर₹50,000 (मृत्यु/स्थायी दिव्यांगता) PAIS योजना अंतर्गतमात्र ₹15 वार्षिक प्रीमियम
आवेदन का माध्यमjansamarth.in पोर्टल, पीएम किसान पोर्टल अथवा स्थानीय बैंक शाखा14 कार्य दिवसों में निस्तारण

📑 विषय सूची (Table of Contents)

1. किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) 2026 क्या है? उद्देश्य एवं ऐतिहासिक पृष्ठभूमि

भारत की अर्थव्यवस्था कृषि प्रधान है और देश के अन्नदाता को समय पर सस्ती और संस्थागत पूंजी उपलब्ध कराना हमेशा से राष्ट्र की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में रहा है। भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) और राष्ट्रीय कृषि एवं ग्रामीण विकास बैंक (NABARD) द्वारा 1998 में शुरू किया गया किसान क्रेडिट कार्ड (Kisan Credit Card - KCC) आज देश के करोड़ों किसानों के लिए आर्थिक संबल का सबसे बड़ा साधन बन चुका है। वर्ष 2026 में केंद्र सरकार ने इसे 'डिजिटल केसीसी' (Digital KCC Platform) और प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि (PM Kisan) के साथ पूरी तरह एकीकृत कर दिया है, जिससे अब बिना किसी कागजी झंझट के मात्र 14 दिनों में केसीसी ऋण स्वीकृत हो जाता है।

पारंपरिक रूप से गांवों में किसानों को खाद, बीज, कीटनाशक खरीदने या खेत की जुताई के लिए स्थानीय साहूकारों और महाजनों के पास जाना पड़ता था, जो 24% से 36% तक का भारी चक्रवृद्धि ब्याज वसूलते थे। इस कर्ज के जाल में फंसकर किसान अपनी जमीन तक गंवा बैठते थे। किसान क्रेडिट कार्ड ने इस शोषण को पूरी तरह समाप्त कर दिया है। इसके तहत किसानों को बहुत कम ब्याज दर पर समय पर कार्यशील पूंजी (Working Capital) मिलती है।

सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि केसीसी अब केवल फसल उगाने वाले किसानों तक सीमित नहीं है। भारत सरकार ने इसके दायरे का विस्तार करते हुए इसमें पशुपालन (डेयरी, बकरी पालन, सुअर पालन) और मत्स्य पालन (मछली और झींगा पालन) करने वाले किसानों को भी शामिल कर लिया है। इससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था में विविधीकरण को भारी बढ़ावा मिला है।

2. ब्याज दर की वास्तविक संरचना: 7% ब्याज पर 3% की सरकारी छूट (Net 4% Rule)

किसान क्रेडिट कार्ड की सबसे बड़ी ताकत इसकी अत्यंत रियायती और पारदर्शी ब्याज संरचना है। साधारण बैंक ऋण जहां 10% से 14% ब्याज पर मिलते हैं, वहीं केसीसी में केंद्र सरकार की ब्याज अनुदान योजना (Interest Subvention Scheme - ISS) के तहत किसानों को भारी राहत दी जाती है:

  • मूल बैंक ब्याज दर: कृषि ऋण पर बैंकों की सामान्य ब्याज दर 9% होती है।
  • केंद्र सरकार का अग्रिम अनुदान: केंद्र सरकार 3 लाख रुपये तक के अल्पकालिक फसल ऋण पर 2% का ब्याज अनुदान सीधे बैंकों को देती है, जिससे किसान के लिए ब्याज दर घटकर 7% प्रति वर्ष रह जाती है।
  • त्वरित पुनर्भुगतान प्रोत्साहन (Prompt Repayment Incentive - PRI): यदि किसान अपने ऋण की मूल राशि और ब्याज का भुगतान बैंक द्वारा निर्धारित देय तिथि (Due Date - आमतौर पर फसल कटने के बाद 1 वर्ष के भीतर) से पहले कर देता है, तो उसे सरकार की तरफ से 3% की अतिरिक्त छूट दी जाती है।
  • प्रभावी शुद्ध ब्याज दर (Effective Interest Rate): इस प्रकार, समय पर कर्ज चुकाने वाले ईमानदार किसान को कुल ब्याज मात्र 4% प्रति वर्ष ही देना पड़ता है। यह दुनिया में किसी भी देश में कृषि क्षेत्र को मिलने वाला सबसे सस्ता संस्थागत ऋण है।

इसके अतिरिक्त, ₹1,60,000 (एक लाख साठ हजार रुपये) तक के केसीसी ऋण के लिए किसान को अपनी जमीन बैंक के पास गिरवी (Mortgage/Collateral) रखने की कोई आवश्यकता नहीं होती। जिन किसानों का पिछला बैंक रिकॉर्ड अच्छा है, उनके लिए यह सीमा बिना गारंटी ₹3 लाख तक भी बढ़ा दी जाती है।

3. पात्रता के विस्तृत नियम: व्यक्तिगत किसान, बंटाईदार, पशुपालक व मछुआरे

किसान क्रेडिट कार्ड का लाभ समाज के हर वर्ग के अन्नदाता तक पहुंचे, इसके लिए पात्रता के नियमों को अत्यंत व्यावहारिक और समावेशी बनाया गया है:

1. फसल उगाने वाले किसान:

  • ऐसे सभी व्यक्तिगत या संयुक्त किसान जो स्वयं कृषि भूमि के मालिक हैं और खेती करते हैं।
  • पट्टेदार किसान (Tenant Farmers), मौखिक पट्टेदार (Oral Lessees) और बंटाईदार (Sharecroppers), जिनके पास जमीन का मालिकाना हक नहीं है लेकिन वे वैध अनुबंध पर खेती करते हैं।
  • स्वयं सहायता समूह (SHG) या संयुक्त देयता समूह (Joint Liability Groups - JLG) के रूप में संगठित छोटे और सीमांत किसान।

2. पशुपालन एवं डेयरी किसान (Animal Husbandry KCC):

  • ऐसे किसान जिनके पास दुधारू गाय, भैंस, बकरी, भेड़ या सूअर हैं। इन्हें चारे, दाने, पशु चिकित्सा और शेड रखरखाव के लिए ₹2 लाख तक का ऋण 4% ब्याज पर मिलता है।

3. मत्स्य पालक किसान (Fisheries KCC):

  • तालाब, खुले जलक्षेत्र, नदी, हैचरी या बायोफ्लॉक टैंक में मछली व झींगा पालन करने वाले किसान। इन्हें नाव, जाल, बीज (Fingerlings) और मछली के दाने की खरीद के लिए ऋण मिलता है।

आयु सीमा: आवेदक की न्यूनतम आयु 18 वर्ष और अधिकतम 75 वर्ष होनी चाहिए। 60 वर्ष से अधिक आयु के वरिष्ठ किसानों के आवेदन में एक कानूनी उत्तराधिकारी या वयस्क परिवार के सदस्य को सह-आवेदक (Co-borrower) बनाना आवश्यक होता है।

4. क्रेडिट लिमिट की वैज्ञानिक गणना: स्केल ऑफ फाइनेंस (SoF) और 5 साल की वैधता

कई किसान सोचते हैं कि बैंक प्रबंधक अपनी मर्जी से किसी को 50,000 तो किसी को 3 लाख रुपये का केसीसी दे देता है। हकीकत यह है कि क्रेडिट लिमिट तय करने का एक सख्त वैज्ञानिक और कानूनी फॉर्मूला होता है, जिसे 'स्केल ऑफ फाइनेंस' (Scale of Finance) कहा जाता है:

स्केल ऑफ फाइनेंस का नियम: प्रत्येक जिले की जिला स्तरीय तकनीकी समिति (District Level Technical Committee - DLTC) हर साल प्रत्येक फसल (जैसे गेहूं, धान, गन्ना, कपास, आलू) के लिए प्रति एकड़ लागत तय करती है। उदाहरण के लिए, यदि आपके जिले में गेहूं की लागत ₹25,000 प्रति एकड़ तय है और आपके पास 4 एकड़ जमीन है, तो फसल लागत ₹1,00,000 होगी।

कुल लिमिट का निर्धारण सूत्र:

  1. फसलों की कुल खेती लागत (Cultivation Cost for all crops)।
  2. प्लस: घरेलू उपभोग और परिवार की आकस्मिक जरूरतों के लिए 10% अतिरिक्त राशि।
  3. प्लस: कृषि उपकरणों, ट्रैक्टर और सिंचाई पंप की मरम्मत व रखरखाव के लिए 20% अतिरिक्त राशि।
  4. प्लस: फसल बीमा (PMFBY) का प्रीमियम अंशदान।

5 साल का रिवाल्विंग कार्ड: केसीसी की कुल वैधता 5 वर्ष होती है। पहले वर्ष में जो लिमिट स्वीकृत होती है, उसमें हर साल 10% की स्वतः वृद्धि (Annual Increment) की जाती है ताकि महंगाई और बढ़ती लागत से निपटा जा सके। उदाहरण के लिए, यदि पहले साल लिमिट ₹1 लाख है, तो पांचवें साल यह स्वतः बढ़कर ₹1.46 लाख हो जाएगी, बशर्ते किसान हर साल समय पर खाते का नवीनीकरण (Renewal) कराता रहे।

5. ऑनलाइन व ऑफलाइन आवेदन प्रक्रिया: CSC, बैंक शाखा और डिजिटल केसीसी

किसान क्रेडिट कार्ड बनवाने के दो सबसे आसान और प्रमाणित तरीके हैं:

तरीका 1: जनसमर्थ पोर्टल (jansamarth.in) पर ऑनलाइन आवेदन:

  • केंद्र सरकार के राष्ट्रीय पोर्टल jansamarth.in पर जाएं और 'Agri Infrastructure & Kisan Credit Card' सेक्शन चुनें।
  • अपना मोबाइल नंबर दर्ज करें और आधार आधारित ई-केवाईसी पूरा करें।
  • अपनी कृषि भूमि का खसरा-खतौनी नंबर और क्षेत्रफल दर्ज करें।
  • अपनी पसंदीदा बैंक शाखा (जैसे SBI, PNB, Bank of Baroda) चुनें।
  • सिस्टम ऑनलाइन भूमि रिकॉर्ड (Digital Land Records) से डाटा का मिलान करेगा और शाखा प्रबंधक को आवेदन अग्रेषित कर देगा। 7 से 14 दिनों में बैंक से कॉल आएगी और कार्ड जारी हो जाएगा।

तरीका 2: बैंक शाखा या सीएससी (CSC) के जरिए सरल फॉर्म:

  • यदि आप पीएम किसान (PM-Kisan) योजना के लाभार्थी हैं, तो आपके लिए कृषि मंत्रालय ने मात्र 1 पेज का 'सरलीकृत केसीसी फॉर्म' (Simplified KCC Form) जारी किया है।
  • इस फॉर्म में आपको केवल अपनी जमीन का रकबा और बोई जाने वाली फसल का नाम लिखना होता है, क्योंकि आपका आधार और बैंक विवरण पहले से सत्यापित होता है।
  • फॉर्म भरकर अपने नजदीकी कॉमन सर्विस सेंटर (CSC VLE) पर दें या सीधे उस बैंक शाखा में जमा करें जहां आपका पीएम किसान का खाता है। बैंक पावती रसीद (Acknowledgement Receipt) देगा और 14 दिनों के भीतर कार्ड जारी करना बैंक के लिए कानूनी रूप से बाध्यकारी है।

6. आवश्यक दस्तावेजों की संपूर्ण चेकलिस्ट और भू-अभिलेख सत्यापन

बैंक में जाते समय निम्नलिखित कागजातों का सेट अपने साथ रखें ताकि आवेदन एक ही बार में स्वीकृत हो जाए:

  • विधिवत भरा हुआ और हस्ताक्षरित किसान क्रेडिट कार्ड आवेदन पत्र।
  • आवेदक का मूल आधार कार्ड एवं पैन कार्ड (पैन न होने पर फॉर्म-60)।
  • नवीनतम पासपोर्ट साइज के 3 रंगीन फोटो।
  • भूमि स्वामित्व का प्रमाणित भू-अभिलेख: नवीनतम खतौनी (ROR), खसरा की नकल और बैंक प्रारूप में पटवारी/लेखपाल की लैंड होल्डिंग रिपोर्ट।
  • बंटाईदार या पट्टेदार किसानों के लिए: पंजीकृत लीज डीड या ग्राम प्रधान/सरपंच द्वारा प्रमाणित शपथ पत्र।
  • किसी अन्य बैंक से कृषि ऋण न होने का नो-ड्यूज सर्टिफिकेट (No Dues Certificate) - हालांकि ₹1.60 लाख तक के ऋण के लिए अब स्व-घोषणा पत्र ही पर्याप्त होता है।
  • पशुपालकों के लिए: पशु चिकित्सा अधिकारी द्वारा जारी पशु स्वास्थ्य व टीकाकरण प्रमाण पत्र।

7. ऋण चुकाने के नियम, बीमा सुरक्षा (PAIS) और डिफॉल्टर होने के नुकसान

किसान क्रेडिट कार्ड का सही इस्तेमाल किसान को कभी कर्जदार नहीं बनने देता, यदि वह इसके वित्तीय नियमों को समझ ले:

ऋण नवीनीकरण (Renewal Cycle): केसीसी में आपको पूरा मूलधन एक साथ कभी नहीं चुकाना होता। नियम यह है कि वर्ष में कम से कम एक बार, अपनी फसल बिकने के बाद, आपको अपने खाते में कुल बकाया राशि (ब्याज सहित) कुछ घंटों या एक दिन के लिए जमा करनी होती है। इसे 'अकाउंट रोटेशन' कहा जाता है। जैसे ही खाता शून्य होता है, आप अगले दिन फिर से पूरी लिमिट निकाल सकते हैं। ऐसा करने पर आपका 3% ब्याज अनुदान सुरक्षित रहता है और ब्याज दर 4% ही लगती है।

दुर्घटना बीमा (PAIS) व फसल बीमा: प्रत्येक केसीसी धारक किसान को राष्ट्रीय व्यक्तिगत दुर्घटना बीमा योजना (Personal Accident Insurance Scheme) के तहत ₹50,000 का स्थायी विकलांगता या मृत्यु बीमा कवर मात्र ₹15 के वार्षिक प्रीमियम पर मिलता है। साथ ही अधिसूचित फसलों के लिए प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना (PMFBY) स्वतः लागू हो जाती है, जिससे ओलावृष्टि, सूखा या बाढ़ में नुकसान होने पर बैंक का कर्जा बीमा कंपनी द्वारा सीधे भर दिया जाता है।

डिफॉल्टर होने के गंभीर नुकसान: यदि किसान 12 महीने तक ब्याज जमा नहीं करता और खाता रोटेट नहीं करता, तो खाता एनपीए (NPA) हो जाता है। ऐसी स्थिति में सरकार की 3% ब्याज छूट तुरंत समाप्त हो जाती है और बैंक 12% से 14% की दर से दंडात्मक ब्याज (Penal Interest) वसूलना शुरू कर देता है, जिससे किसान का सिबिल (CIBIL) स्कोर खराब हो जाता है।

7.1 आधिकारिक स्रोत, नाबार्ड हेल्पलाइन व किसान कॉल सेंटर (1800-180-1551) पर शिकायत निवारण

किसान क्रेडिट कार्ड से संबंधित किसी भी सरकारी दिशा-निर्देश, ब्याज अनुदान परिपत्र और नियमों की प्रामाणिकता जांचने के लिए कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय के आधिकारिक पोर्टल agricoop.nic.in और नाबार्ड की आधिकारिक वेबसाइट nabard.org पर विजिट करें। भारत सरकार द्वारा संचालित जनसमर्थ पोर्टल jansamarth.in पर सभी 12 प्रमुख बैंकों के केसीसी आवेदन की डिजिटल ट्रैकिंग की सुविधा उपलब्ध है।

यदि कोई बैंक शाखा प्रबंधक आपके आवेदन पर अनावश्यक आपत्तियां लगाता है या दलालों द्वारा पैसे मांगने की शिकायत मिलती है, तो आप भारत सरकार के किसान कॉल सेंटर (Kisan Call Centre) टोल-फ्री नंबर 1800-180-1551 पर सुबह 6:00 बजे से रात 10:00 बजे तक देश की 22 भाषाओं में मुफ्त शिकायत दर्ज करा सकते हैं। इसके अलावा भारतीय रिजर्व बैंक के नियामक पोर्टल cms.rbi.org.in पर संबंधित बैंक के खिलाफ लोकपाल शिकायत दर्ज करने पर 30 दिनों के भीतर बैंक को अनिवार्य रूप से जवाब देना होता है।

8. सामान्य प्रश्न (FAQs) और किसान भाइयों के संशय निवारण

प्र. 1: क्या केसीसी पर मिलने वाले रुपे कार्ड (RuPay Card) से एटीएम से नकद निकाला जा सकता है?
उत्तर: हां, सभी केसीसी धारकों को बैंक द्वारा विशेष 'KCC RuPay Debit Card' दिया जाता है। आप किसी भी बैंक के एटीएम पर जाकर अपनी स्वीकृत क्रेडिट लिमिट से खाद-बीज खरीदने या घरेलू काम के लिए तुरंत 24 घंटे नकद निकाल सकते हैं।

प्र. 2: मेरे पास केवल 1 एकड़ जमीन है, क्या मुझे भी केसीसी मिल सकता है?
उत्तर: बिल्कुल। किसान क्रेडिट कार्ड में जमीन के आकार की कोई न्यूनतम सीमा नहीं है। छोटे और सीमांत किसानों को उनकी 1 एकड़ जमीन की फसल लागत के अनुसार ₹25,000 से ₹60,000 तक का केसीसी आसानी से मिल जाता है।

प्र. 3: क्या डेयरी फार्मिंग के लिए अलग से केसीसी बनवाना पड़ता है?
उत्तर: यदि आपके पास पहले से फसल केसीसी है, तो उसी कार्ड में पशुपालन सब-लिमिट जोड़ी जा सकती है। यदि आपके पास खेती की जमीन नहीं है और केवल गाय-भैंस हैं, तो आप केवल 'पशुपालन केसीसी' (Animal Husbandry KCC) के लिए अलग से आवेदन कर सकते हैं।

प्र. 4: यदि बैंक प्रबंधक केसीसी आवेदन लेने से मना करे तो क्या करें?
उत्तर: आरबीआई के सख्त आदेश हैं कि कोई भी बैंक शाखा पात्र किसान का केसीसी फॉर्म लेने से मना नहीं कर सकती। यदि प्रबंधक टालमटोल करता है, तो आप जिले के 'लीड बैंक मैनेजर' (LDM) से शिकायत करें या RBI लोकपाल (Banking Ombudsman) के पोर्टल cms.rbi.org.in पर ऑनलाइन शिकायत दर्ज कराएं।

प्र. 5: केसीसी खाते में अपनी जमा पूंजी रखने पर क्या ब्याज मिलता है?
उत्तर: हां, केसीसी खाता एक बचत-सह-ऋण खाता होता है। जब आप अपनी फसल बेचकर पैसा खाते में रखते हैं और उस समय कोई लोन बकाया नहीं होता, तो बैंक आपके जमा पैसे पर सामान्य बचत खाते (Savings Account) की दर से ब्याज देता है।

❓ अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)

Q. क्या केसीसी पर मिलने वाले रुपे कार्ड (RuPay Card) से एटीएम से नकद निकाला जा सकता है?

A. हां, सभी केसीसी धारकों को बैंक द्वारा विशेष KCC RuPay Debit Card दिया जाता है। आप किसी भी बैंक के एटीएम पर जाकर अपनी स्वीकृत क्रेडिट लिमिट से खाद-बीज खरीदने या घरेलू काम के लिए तुरंत 24 घंटे नकद निकाल सकते हैं।

Q. मेरे पास केवल 1 एकड़ जमीन है, क्या मुझे भी केसीसी मिल सकता है?

A. बिल्कुल। किसान क्रेडिट कार्ड में जमीन के आकार की कोई न्यूनतम सीमा नहीं है। छोटे और सीमांत किसानों को उनकी 1 एकड़ जमीन की फसल लागत के अनुसार ₹25,000 से ₹60,000 तक का केसीसी आसानी से मिल जाता है।

Q. क्या डेयरी फार्मिंग के लिए अलग से केसीसी बनवाना पड़ता है?

A. यदि आपके पास पहले से फसल केसीसी है, तो उसी कार्ड में पशुपालन सब-लिमिट जोड़ी जा सकती है। यदि आपके पास खेती की जमीन नहीं है और केवल गाय-भैंस हैं, तो आप केवल पशुपालन केसीसी (Animal Husbandry KCC) के लिए अलग से आवेदन कर सकते हैं।

Q. यदि बैंक प्रबंधक केसीसी आवेदन लेने से मना करे तो क्या करें?

A. आरबीआई के सख्त आदेश हैं कि कोई भी बैंक शाखा पात्र किसान का केसीसी फॉर्म लेने से मना नहीं कर सकती। यदि प्रबंधक टालमटोल करता है, तो आप जिले के लीड बैंक मैनेजर (LDM) से शिकायत करें या RBI लोकपाल (Banking Ombudsman) पर ऑनलाइन शिकायत दर्ज कराएं।

Q. केसीसी खाते में अपनी जमा पूंजी रखने पर क्या ब्याज मिलता है?

A. हां, केसीसी खाता एक बचत-सह-ऋण खाता होता है। जब आप अपनी फसल बेचकर पैसा खाते में रखते हैं और उस समय कोई लोन बकाया नहीं होता, तो बैंक आपके जमा पैसे पर सामान्य बचत खाते की दर से ब्याज देता है।

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