tech ⏱️ 15 मिनट पढ़ें 📅 21 सितंबर 2026

नया GST रजिस्ट्रेशन 2026: नए व्यापार के लिए gst.gov.in ऑनलाइन आवेदन, बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण व नियम

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सीए नितिन अग्रवाल
वरिष्ठ अप्रत्यक्ष कर विशेषज्ञ एवं कॉर्पोरेट वित्तीय सलाहकार

विगत 11 वर्षों से वस्तु एवं सेवा कर (GST), इनपुट टैक्स क्रेडिट ऑडिट एवं नए व्यवसाय निगमन पर विशेषज्ञ कानूनी मार्गदर्शन।

⚡ त्वरित उत्तर (Quick Answer)

वस्तु एवं सेवा कर (GST) पंजीकरण किसी भी व्यवसाय के लिए एक अनिवार्य कानूनी पहचान है। माल के विक्रेताओं के लिए ₹40 लाख (विशेष राज्यों में ₹20 लाख) और सेवा प्रदाताओं के लिए ₹20 लाख वार्षिक टर्नओवर पर जीएसटी लेना अनिवार्य होता है; जबकि ई-कॉमर्स और अंतर-राज्यीय विक्रेताओं के लिए यह पहले दिन से जरूरी है। यह आवेदन gst.gov.in पर पार्ट-A और पार्ट-B में पूरी तरह निःशुल्क होता है और आधार बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण के साथ 7 दिनों में 15 अंकों का GSTIN जारी कर दिया जाता है।

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📌 मुख्य विशेषताएं व आवश्यक बिंदु

  • माल के लिए ₹40 लाख और सेवाओं के लिए ₹20 लाख की टर्नओवर सीमा, ई-कॉमर्स व इंटर-स्टेट सेलर्स के लिए अनिवार्य पंजीकरण।
  • फर्जीवाड़े की रोकथाम के लिए नया बायोमेट्रिक आधार सत्यापन और व्यावसायिक परिसर की सटीक जियो-टैगिंग प्रणाली लागू।
  • छोटे व्यापारियों के लिए 1% फ्लैट टैक्स वाली कंपोजिशन स्कीम और बड़े कारोबारियों के लिए इनपुट क्रेडिट वाली रेगुलर स्कीम।
  • gst.gov.in पर 100% पेपरलेस, पारदर्शी और शून्य सरकारी फीस (₹0) के साथ 7 दिनों में डिजिटल सर्टिफिकेट जारी।
मापदंड / विवरणआधिकारिक प्रावधान (Official Rules)सत्यापन माध्यम / पोर्टल
प्रक्रिया का नामनया जीएसटी पंजीकरण (New GST Registration 2026)CBIC एवं GSTN
आधिकारिक पोर्टलgst.gov.in (वस्तु एवं सेवा कर साझा पोर्टल)भारत सरकार
सरकारी आवेदन शुल्कशून्य (₹0 - सरकारी पोर्टल पर आवेदन पूर्णतः निःशुल्क है)आधिकारिक प्रावधान
अनिवार्य टर्नओवर सीमामाल: ₹40 लाख (सामान्य राज्य) / सेवा: ₹20 लाख प्रति वर्षजीएसटी काउंसिल नियम
पहचान पत्र (GSTIN)15 अंकों का विशिष्ट वस्तु एवं सेवा करदाता पहचान संख्यापैन आधारित नंबर
सत्यापन पद्धतिआधार बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण एवं जियो-टैगिंग (Geo-tagging)जीएसटी सुविधा केंद्र
प्रमाणपत्र जारी होने का समय3 से 7 कार्य दिवस (सत्यापन सफल होने पर)फॉर्म REG-06 डिजिटल
पंजीकरण के बाद अनिवार्य नियम30 दिनों के भीतर बैंक खाता जोड़ना एवं दुकान पर साइनबोर्ड लगानानियम 10A अनुपालन

📑 विषय सूची (Table of Contents)

1. जीएसटी पंजीकरण (GST Registration) 2026 क्या है? भारत की एकीकृत कर व्यवस्था

वस्तु एवं सेवा कर (Goods and Services Tax - GST) भारत की अप्रत्यक्ष कर प्रणाली का सबसे मजबूत और एकीकृत स्तंभ है। 'एक राष्ट्र, एक कर' (One Nation, One Tax) के विजन को साकार करते हुए वस्तु एवं सेवा कर नेटवर्क (GSTN) ने देश भर में व्यापार करने की जटिलताओं को समाप्त कर दिया है। चाहे आप किसी छोटे शहर में खुदरा दुकान शुरू कर रहे हों, मैन्युफैक्चरिंग यूनिट लगा रहे हों, कोई कंसल्टेंसी फर्म चला रहे हों या फिर अमेज़न, फ्लिपकार्ट, मीशो जैसे ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्मों पर अपने उत्पाद बेचने की योजना बना रहे हों, कानूनी रूप से व्यापार करने के लिए जीएसटी पंजीकरण पहला और सबसे अनिवार्य कदम है।

वर्ष 2026 में केंद्रीय अप्रत्यक्ष कर एवं सीमा शुल्क बोर्ड (CBIC) ने फर्जी बिलिंग और बोगस इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC) पर लगाम लगाने के लिए जीएसटी पंजीकरण की प्रक्रिया में कड़े तकनीकी सुधार किए हैं। अब आधार बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण (Biometric Aadhaar Authentication) और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित जियो-टैगिंग (Geo-tagging of Business Premises) को अनिवार्य कर दिया गया है। इससे वास्तविक व्यापारियों के लिए रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी, पेपरलेस और तेज हो गई है, जबकि फर्जी कंपनियों की गुंजाइश खत्म हो गई है।

जीएसटी पंजीकरण केवल एक कानूनी बाध्यता नहीं है, बल्कि यह आपके व्यवसाय को एक राष्ट्रीय पहचान, कॉर्पोरेट विश्वसनीयता और बैंक से बिजनेस लोन पाने की आसान पात्रता प्रदान करता है। इसके अलावा, बी2बी (B2B) व्यापार में खरीदार हमेशा पंजीकृत सप्लायर से ही माल खरीदना पसंद करते हैं ताकि उन्हें इनपुट टैक्स क्रेडिट का पूरा फायदा मिल सके।

2. टर्नओवर की कानूनी सीमाएं: किसको अनिवार्य है और किसको स्वैच्छिक (Threshold Limits)

प्रत्येक छोटे व्यापारी के लिए जीएसटी नंबर लेना अनिवार्य नहीं होता। जीएसटी कानून के तहत टर्नओवर की स्पष्ट सीमाएं तय की गई हैं:

1. माल (Goods) के सप्लायर्स के लिए सीमा:

  • सामान्य राज्यों में: यदि आपका वार्षिक सकल कारोबार (Annual Aggregate Turnover) ₹40 लाख से अधिक है, तो जीएसटी पंजीकरण लेना कानूनी रूप से अनिवार्य है।
  • विशेष श्रेणी के राज्यों में (पूर्वोत्तर राज्य, उत्तराखंड आदि): माल के सप्लायर्स के लिए यह सीमा ₹20 लाख प्रति वर्ष है।

2. सेवा (Services) प्रदाताओं के लिए सीमा:

  • सॉफ्टवेयर डेवलपर्स, फ्रीलांसर्स, कंसल्टेंट्स, रेस्टोरेंट और कोचिंग संस्थानों जैसी सेवाओं के लिए थ्रेशोल्ड लिमिट ₹20 लाख प्रति वर्ष (विशेष राज्यों में ₹10 लाख) है।

3. अनिवार्य पंजीकरण (Mandatory Registration - चाहे टर्नओवर ₹1 ही क्यों न हो):

नीचे दी गई श्रेणियों में आने वाले व्यवसायों के लिए टर्नओवर की कोई छूट नहीं मिलती, इन्हें पहले दिन से जीएसटी नंबर लेना अनिवार्य होता है:

  • अंतर-राज्यीय विक्रेता (Inter-State Suppliers): यदि आप अपने राज्य से बाहर किसी दूसरे राज्य में माल बेचते हैं।
  • ई-कॉमर्स सेलर्स: अमेज़न, फ्लिपकार्ट या अपनी ई-कॉमर्स वेबसाइट के जरिए उत्पाद बेचने वाले व्यापारी।
  • रिवर्स चार्ज मैकेनिज्म (RCM): ऐसे व्यक्ति जिन्हें रिवर्स चार्ज के तहत टैक्स चुकाना पड़ता है।
  • इनपुट सर्विस डिस्ट्रीब्यूटर (ISD) और गैर-निवासी करदाता।

स्वैच्छिक पंजीकरण (Voluntary Registration): यदि आपका टर्नओवर 40 लाख रुपये से कम है, तब भी आप अपनी मर्जी से स्वैच्छिक जीएसटी रजिस्ट्रेशन ले सकते हैं ताकि आप बड़े कॉर्पोरेट्स को माल बेच सकें और इनपुट टैक्स क्रेडिट का दावा कर सकें।

3. रेगुलर स्कीम बनाम कंपोजिशन स्कीम: छोटे व्यापारियों के लिए क्या सही है?

आवेदन करते समय आपको यह तय करना होता है कि आप किस कर योजना के अंतर्गत पंजीकरण कराना चाहते हैं:

तुलनात्मक मानक रेगुलर स्कीम (Regular Scheme) कंपोजिशन स्कीम (Composition Scheme)
टर्नओवर की पात्रता बिना किसी अधिकतम सीमा के सभी के लिए खुली है सालाना टर्नओवर ₹1.5 करोड़ तक (सेवाओं के लिए ₹50 लाख)
टैक्स की दर उत्पाद के अनुसार 5%, 12%, 18% या 28% फ्लैट 1% (व्यापारी/निर्माता), 5% (रेस्टोरेंट), 6% (सेवाएं)
इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC) खरीद पर चुकाए गए पूरे जीएसटी का क्रेडिट मिलता है आईटीसी का कोई लाभ नहीं मिलता
टैक्स इनवॉइस जारी करना ग्राहकों से जीएसटी वसूल सकते हैं और टैक्स बिल देते हैं ग्राहकों से जीएसटी नहीं ले सकते, केवल 'Bill of Supply' देंगे
रिटर्न की औपचारिकताएं मासिक या त्रैमासिक (GSTR-1 और GSTR-3B) अत्यंत सरल, त्रैमासिक चालान (CMP-08) व वार्षिक रिटर्न (GSTR-4)
अंतर-राज्यीय बिक्री दूसरे राज्यों में खुलकर माल बेच सकते हैं दूसरे राज्य में माल बेचने की अनुमति नहीं है (केवल स्थानीय बिक्री)

सलाह: यदि आपकी छोटी किराने की दुकान, स्थानीय भोजनालय या रिटेल काउंटर है और आप केवल अपने जिले/राज्य में नकद बिक्री करते हैं, तो कंपोजिशन स्कीम सबसे बेहतर है क्योंकि इसमें अकाउंटिंग का कोई झंझट नहीं होता। लेकिन यदि आप बी2बी काम करते हैं या ऑनलाइन बेचते हैं, तो रेगुलर स्कीम ही चुननी चाहिए।

4. जीएसटी पंजीकरण के लिए जरूरी दस्तावेजों की संपूर्ण कानूनी चेकलिस्ट

आवेदन करने से पहले सभी दस्तावेजों को साफ-सुथरे तरीके से स्कैन करके जेपीईजी या पीडीएफ फॉर्मेट में रख लें। प्रोपराइटरशिप (एकल स्वामित्व) के लिए निम्नलिखित कागजात अनिवार्य हैं:

  • व्यक्तिगत पहचान: प्रोपराइटर/मालिक का पैन कार्ड (PAN Card) और आधार कार्ड (मोबाइल से लिंक होना अनिवार्य)।
  • पासपोर्ट फोटो: मालिक की सफेद बैकग्राउंड वाली स्पष्ट रंगीन डिजिटल फोटो (100 KB तक)।
  • बैंक खाता प्रमाण: व्यवसाय के नाम का चालू खाता (Current Account) अथवा प्रोपराइटर के बचत खाते की रद्द की गई चेक बुक (Cancelled Cheque) या बैंक पासबुक का पहला पन्ना जिसमें खाता संख्या, आईएफएससी और नाम साफ दिखता हो।
  • व्यवसाय स्थल का प्रमाण (Principal Place of Business):
    • यदि अपनी निजी संपत्ति है: नवीनतम बिजली का बिल, संपत्ति कर की रसीद या म्यूनिसिपल टैक्स रसीद।
    • यदि किराए की दुकान/ऑफिस है: वैध रेंट एग्रीमेंट (Rent Agreement), दुकान मालिक के नाम का बिजली बिल, और मकान मालिक द्वारा हस्ताक्षरित अनापत्ति प्रमाण पत्र (NOC - No Objection Certificate)।
  • ईमेल आईडी एवं मोबाइल नंबर: अधिकृत हस्ताक्षरकर्ता का सक्रिय मोबाइल और ईमेल, जिस पर अलग-अलग ओटीपी भेजे जाते हैं।

5. gst.gov.in पर पार्ट-A और पार्ट-B ऑनलाइन आवेदन की स्टेप-बाय-स्टेप गाइड

जीएसटी का ऑनलाइन फॉर्म दो चरणों में भरा जाता है। पूरी प्रक्रिया पूरी तरह निःशुल्क है और किसी भी सरकारी फीस की जरूरत नहीं होती:

भाग 1: टीआरएन (TRN) जनरेट करना (Part-A):

  1. आधिकारिक पोर्टल gst.gov.in पर जाएं। 'Services' टैब में जाकर 'Registration' -> 'New Registration' चुनें।
  2. 'New Registration' रेडियो बटन चुनें। 'I am a' में 'Taxpayer' चुनें।
  3. अपना राज्य और जिला चुनें। पैन कार्ड के अनुसार अपना कानूनी नाम और पैन नंबर दर्ज करें।
  4. अपनी ईमेल आईडी और मोबाइल नंबर दर्ज करें और कैप्चा डालकर 'Proceed' पर क्लिक करें।
  5. मोबाइल और ईमेल पर आए अलग-अलग ओटीपी दर्ज करें। सत्यापन होते ही स्क्रीन पर 15 अंकों का 'Temporary Reference Number' (TRN) जनरेट हो जाएगा, जो 15 दिनों तक वैध रहता है।

भाग 2: मुख्य आवेदन पत्र भरना (Part-B):

  1. दोबारा न्यू रजिस्ट्रेशन पेज पर जाएं, इस बार 'Temporary Reference Number (TRN)' विकल्प चुनें और टीआरएन व कैप्चा डालकर लॉगिन करें।
  2. डैशबोर्ड पर 'Action' के तहत नीले पेंसिल आइकन पर क्लिक करें। अब मुख्य फॉर्म खुलेगा जिसमें 10 टैब्स होंगे:
  3. Business Details: व्यापार का ट्रेड नाम (Trade Name) लिखें, संविधान (Proprietorship) चुनें, और रीजन टू ऑब्टेन रजिस्ट्रेशन (जैसे Crossing Threshold या E-commerce) चुनें।
  4. Promoter / Partners: मालिक का पूरा व्यक्तिगत विवरण, पता, आधार नंबर भरें और फोटो अपलोड करें।
  5. Principal Place of Business: दुकान/कार्यालय का पूरा पता, पिन कोड, बिजली उपभोक्ता नंबर दर्ज करें और रेंट एग्रीमेंट व बिजली बिल अपलोड करें। गूगल मैप पर अपने ऑफिस की सटीक पिन लोकेशन जियो-टैग करें।
  6. Goods and Services (HSN/SAC): जिन 5 मुख्य उत्पादों या सेवाओं का आप व्यापार करते हैं, उनके एचएसएन (HSN Code) या सैक (SAC Code) सर्च करके जोड़ें।
  7. Aadhaar Authentication: बायोमेट्रिक आधार ऑथेंटिकेशन के विकल्प पर 'Yes' करें।
  8. Verification: अधिकृत हस्ताक्षरकर्ता के रूप में अपना नाम चुनें, स्थान भरें और 'Submit with EVC' (ओटीपी के साथ) पर क्लिक करें। सफल सबमिशन के बाद 15 मिनट में एआरएन (ARN - Application Reference Number) जनरेट हो जाएगा।

6. नया बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण और अनिवार्य जियो-टैगिंग (Geo-tagging Rules 2026)

वर्ष 2026 के नए सुरक्षा नियमों के अनुसार, जैसे ही आप पार्ट-बी सबमिट करते हैं, आपके रजिस्टर्ड ईमेल पर 'Aadhaar Authentication Link' भेजा जाता है। इस लिंक पर क्लिक करके अपना 12 अंकों का आधार नंबर डालें और यूआईडीएआई (UIDAI) के ओटीपी से ई-साइन पूरा करें।

जीएसटी सुविधा केंद्र पर बायोमेट्रिक हाजिरी: उच्च जोखिम वाले प्रोफाइलों या जिन मामलों में सिस्टम को जोखिम स्कोर अधिक मिलता है, वहां आवेदक को नजदीकी 'जीएसटी सुविधा केंद्र' (GST Suvidha Kendra - GSK) पर जाकर अपनी उंगलियों के निशान (Biometric Fingerprint) और लाइव फोटो सत्यापित कराने का नोटिस दिया जाता है। सत्यापन पूरा होते ही आवेदन स्वतः टैक्स ऑफिसर के पास चला जाता है।

यदि आधार प्रमाणीकरण सफल रहता है और दस्तावेजों में कोई कमी नहीं होती, तो बिना किसी भौतिक जांच के 7 कार्य दिवसों के भीतर जीएसटी नंबर स्वतः स्वीकृत (Deemed Approved) हो जाता है। यदि अधिकारी को कोई शंका होती है, तो वह फॉर्म REG-03 में स्पष्टीकरण (Notice for Clarification) मांग सकता है, जिसका जवाब 7 दिनों के भीतर ऑनलाइन देना होता है।

7. जीएसटी नंबर मिलने के बाद के अनिवार्य नियम: बैंक खाता जोड़ना व साइनबोर्ड नियम

जीएसटी सर्टिफिकेट (Form REG-06) मिलने के बाद कई व्यापारी सोचते हैं कि काम खत्म हो गया, लेकिन इसके बाद 3 अनिवार्य कानूनी नियम पूरे करने होते हैं, अन्यथा जीएसटी नंबर स्वतः रद्द (Suspend) हो सकता है:

  1. 30 दिनों के भीतर बैंक खाता अपडेट करना (Rule 10A): जीएसटी रजिस्ट्रेशन जारी होने की तारीख से 30 दिनों के भीतर अपने जीएसटी पोर्टल पर लॉगिन करके अपने बिजनेस के चालू खाते (Current Account) का विवरण जोड़ना कानूनी रूप से अनिवार्य है। ऐसा न करने पर पोर्टल स्वतः आपके जीएसटी नंबर को सस्पेंड कर देता है।
  2. दुकान के बाहर जीएसटी साइनबोर्ड लगाना: आपकी दुकान या कार्यालय के मुख्य प्रवेश द्वार पर लगे नेमबोर्ड पर आपका 15 अंकों का जीएसटी नंबर (GSTIN) और व्यापार का नाम स्पष्ट अक्षरों में लिखा होना चाहिए। साथ ही दुकान के भीतर ग्राहकों को दिखने वाली जगह पर रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट फ्रेम कराकर लगाना अनिवार्य है।
  3. समय पर शून्य रिटर्न (Nil Return) भी भरना: यदि किसी महीने कोई बिक्री या खरीद नहीं हुई है, तब भी आपको निर्धारित तिथि (अगले महीने की 11 और 20 तारीख) से पहले शून्य रिटर्न (Nil GSTR-1 और GSTR-3B) दाखिल करना होगा। रिटर्न न भरने पर ₹50 प्रति दिन का जुर्माना (Late Fee) लगता रहता है।

7.1 सीबीआइसी आधिकारिक अधिसूचनाएं, जीएसटीएन हेल्पडेस्क (1800-103-4786) व शिकायत निवारण

वस्तु एवं सेवा कर से संबंधित सभी वैधानिक नियम, कर दरों में बदलाव और आधिकारिक अधिसूचनाएं केंद्रीय अप्रत्यक्ष कर एवं सीमा शुल्क बोर्ड (CBIC) के पोर्टल cbic.gov.in और साझा पोर्टल gst.gov.in पर सार्वजनिक रूप से उपलब्ध रहती हैं। आवेदन करने के बाद किसी भी तकनीकी ग्लिच या एआरएन (ARN) स्टेटस अटकने की स्थिति में करदाता आधिकारिक हेल्पडेस्क टोल-फ्री नंबर 1800-103-4786 पर संपर्क कर सकते हैं।

इसके अतिरिक्त, जीएसटी नेटवर्क द्वारा संचालित 'Grievance Redressal Portal for GST' (selfservice.gstsystem.in) पर टिकट दर्ज करके किसी भी तकनीकी त्रुटि का 48 घंटे के भीतर आधिकारिक समाधान पाया जा सकता है। यह पारदर्शी व्यवस्था सुनिश्चित करती है कि किसी भी व्यापारी को अनावश्यक परेशानी न हो।

8. सामान्य प्रश्न (FAQs) और व्यापारियों के संशय निवारण

प्र. 1: क्या जीएसटी रजिस्ट्रेशन कराने के लिए कोई सरकारी फीस देनी होती है?
उत्तर: नहीं, भारत सरकार के जीएसटी पोर्टल gst.gov.in पर पंजीकरण पूरी तरह निःशुल्क (Zero Fee) है। सरकार कोई आवेदन शुल्क नहीं लेती। यदि आप किसी सीए या टैक्स वकील से फाइल कराते हैं, तो वे केवल अपनी पेशेवर सेवा फीस लेते हैं।

प्र. 2: क्या मैं अपने घर के पते से जीएसटी नंबर ले सकता हूं?
उत्तर: हां, यदि आप फ्रीलांसर हैं, ई-कॉमर्स पर बेचते हैं या सेवा प्रदाता हैं, तो आप अपने आवासीय पते को 'Principal Place of Business' बनाकर जीएसटी नंबर ले सकते हैं। इसके लिए घर के मुखिया का एनओसी और बिजली बिल पर्याप्त होता है।

प्र. 3: जीएसटी रजिस्ट्रेशन आने में औसतन कितने दिन का समय लगता है?
उत्तर: यदि आधार ऑथेंटिकेशन सफल रहता है और सभी दस्तावेज सही हैं, तो आवेदन जमा करने के 3 से 7 कार्य दिवसों के भीतर डिजिटल जीएसटी प्रमाणपत्र जारी हो जाता है।

प्र. 4: क्या एक पैन कार्ड पर दो अलग-अलग व्यवसायों के लिए दो जीएसटी नंबर मिल सकते हैं?
उत्तर: हां, एक ही राज्य के भीतर भी यदि आपके दो अलग-अलग बिजनेस वर्टिकल्स हैं या दो अलग-अलग राज्यों में आपकी दुकानें हैं, तो आप एक ही पैन कार्ड पर अलग-अलग ट्रेड नामों से कई जीएसटी नंबर ले सकते हैं।

प्र. 5: यदि मेरा टर्नओवर 40 लाख से कम हो जाए तो क्या मैं बाद में जीएसटी सरेंडर (Cancel) कर सकता हूं?
उत्तर: हां, आप जब चाहें जीएसटी पोर्टल पर ऑनलाइन 'Application for Cancellation of Registration' भरकर अपने सभी बकाए का भुगतान करके जीएसटी नंबर स्वेच्छा से निरस्त कर सकते हैं।

❓ अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)

Q. क्या जीएसटी रजिस्ट्रेशन कराने के लिए कोई सरकारी फीस देनी होती है?

A. नहीं, भारत सरकार के जीएसटी पोर्टल gst.gov.in पर पंजीकरण पूरी तरह निःशुल्क (Zero Fee) है। सरकार कोई आवेदन शुल्क नहीं लेती। यदि आप किसी सीए या टैक्स वकील से फाइल कराते हैं, तो वे केवल अपनी पेशेवर सेवा फीस लेते हैं।

Q. क्या मैं अपने घर के पते से जीएसटी नंबर ले सकता हूं?

A. हां, यदि आप फ्रीलांसर हैं, ई-कॉमर्स पर बेचते हैं या सेवा प्रदाता हैं, तो आप अपने आवासीय पते को Principal Place of Business बनाकर जीएसटी नंबर ले सकते हैं। इसके लिए घर के मुखिया का एनओसी और बिजली बिल पर्याप्त होता है।

Q. जीएसटी रजिस्ट्रेशन आने में औसतन कितने दिन का समय लगता है?

A. यदि आधार ऑथेंटिकेशन सफल रहता है और सभी दस्तावेज सही हैं, तो आवेदन जमा करने के 3 से 7 कार्य दिवसों के भीतर डिजिटल जीएसटी प्रमाणपत्र जारी हो जाता है।

Q. क्या एक पैन कार्ड पर दो अलग-अलग व्यवसायों के लिए दो जीएसटी नंबर मिल सकते हैं?

A. हां, एक ही राज्य के भीतर भी यदि आपके दो अलग-अलग बिजनेस वर्टिकल्स हैं या दो अलग-अलग राज्यों में आपकी दुकानें हैं, तो आप एक ही पैन कार्ड पर अलग-अलग ट्रेड नामों से कई जीएसटी नंबर ले सकते हैं।

Q. यदि मेरा टर्नओवर 40 लाख से कम हो जाए तो क्या मैं बाद में जीएसटी सरेंडर (Cancel) कर सकता हूं?

A. हां, आप जब चाहें जीएसटी पोर्टल पर ऑनलाइन Application for Cancellation of Registration भरकर अपने सभी बकाए का भुगतान करके जीएसटी नंबर स्वेच्छा से निरस्त कर सकते हैं।

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