बिजनेस & AI ⏱️ 12 मिनट पढ़ें 📅 1 अक्टूबर 2026

PM विश्वकर्मा योजना 2026: ₹15,000 टूलकिट और ₹3 लाख सस्ते लोन के लिए आवेदन कैसे करें?

RM
राजेश कुमार मीना
ई-गवर्नेंस एवं एमएसएमई विश्लेषक

डीबीटी, सरकारी योजनाएं और ग्रामीण स्वरोजगार कार्यक्रमों के फील्ड विशेषज्ञ।

त्वरित उत्तर (Quick Answer)

इस योजना में 18 पारंपरिक क्षेत्रों के कारीगरों को 5-7 दिन की बेसिक ट्रेनिंग, ट्रेनिंग के दौरान ₹500 प्रतिदिन स्टाइपेंड, ₹15,000 का टूलकिट ई-वाउचर और 5% रियायती ब्याज पर बिना गारंटी ₹3 लाख तक का लोन मिलता है।

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मुख्य विशेषताएं व आवश्यक बिंदु

  • 18 पारंपरिक ट्रेडों (बढ़ई, लोहार, कुम्हार, दर्जी, राजमिस्त्री आदि) के कारीगरों को लाभ।
  • ट्रेनिंग के दौरान ₹500 प्रतिदिन स्टाइपेंड और ₹15,000 का आधुनिक टूलकिट ई-वाउचर।
  • बिना किसी गारंटी (Collateral-Free) के सिर्फ 5% ब्याज पर ₹3 लाख तक का बिजनेस लोन।
  • पीएम विश्वकर्मा डिजिटल सर्टिफिकेट और पहचान पत्र जारी।

हाथ और औजारों से काम करने वाले देश के करोड़ों पारंपरिक शिल्पकारों और कारीगरों के व्यवसाय को आधुनिक बनाने के लिए सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम मंत्रालय (MSME) द्वारा संचालित प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना (PM Vishwakarma Scheme) सबसे प्रभावशाली सरकारी सहायता कार्यक्रम बनकर उभरी है। योजना के तहत 18 पारंपरिक व्यवसायों से जुड़े कारीगरों को आधुनिक टूलकिट खरीदने के लिए ₹15,000 का सीधा अनुदान, व्यावसायिक कौशल प्रशिक्षण और मात्र 5% की रियायती ब्याज दर पर बिना किसी बैंक गारंटी के ₹3 लाख तक का ऋण उपलब्ध कराया जाता है।

योजना के 4 सबसे बड़े फायदे (टूलकिट, ट्रेनिंग, लोन और सर्टिफिकेट)

  1. पहचान और सम्मान: लाभार्थी को आधिकारिक 'पीएम विश्वकर्मा प्रमाण पत्र' और डिजिटल पहचान पत्र मिलता है।
  2. मुफ्त ट्रेनिंग व स्टाइपेंड: 5 से 7 दिनों का बुनियादी प्रशिक्षण (Basic Skill Training) दिया जाता है, और ट्रेनिंग के प्रत्येक दिन ₹500 का स्टाइपेंड सीधे बैंक खाते में जमा होता है।
  3. ₹15,000 का टूलकिट अनुदान: ट्रेनिंग पूरी होने पर आधुनिक औजार खरीदने के लिए ₹15,000 का डिजिटल ई-वाउचर जारी किया जाता है।
  4. सस्ता कोलेटरल-फ्री लोन: पहली किश्त में ₹1,00,000 (18 महीने के लिए) और समय पर भुगतान करने पर दूसरी किश्त में ₹2,00,000 (30 महीने के लिए) का लोन केवल 5% ब्याज पर मिलता है।

कौन-कौन से 18 पारंपरिक ट्रेड योजना में शामिल हैं?

कार्य श्रेणी शामिल 18 पारंपरिक व्यवसायी
लकड़ी आधारित बढ़ई (सुथार), नाव बनाने वाले (Boat Maker)
लोहा व धातु आधारित लोहार (Blacksmith), ताला बनाने वाले (Locksmith), हथौड़ा व टूलकिट निर्माता, अस्त्रसाज
मिट्टी व पत्थर आधारित कुम्हार (Potter), मूर्तिकार (पत्थर तराशने वाले), राजमिस्त्री (Mason)
चमड़ा व बुनाई मोची (चर्मकार), चटाई/झाड़ू/टोकरी बुनकर, खिलौना निर्माता (पारंपरिक)
दैनिक सेवाएं नाई (Barber), धोबी (Washerman), दर्जी (Tailor), मालाकार (Garland maker), मछली का जाल बुनने वाले

लोन की शर्तें: पहली और दूसरी किश्त के नियम (5% ब्याज)

बाजार में सामान्य बिजनेस लोन की ब्याज दर 12% से 18% होती है। लेकिन पीएम विश्वकर्मा योजना में सरकार 8% तक की ब्याज छूट (Interest Subvention) वहन करती है, जिससे कारीगर को केवल 5% साधारण वार्षिक ब्याज देना होता है। पहली किश्त का ₹1 लाख लोन चुकाने के बाद ही कारीगर ₹2 लाख की दूसरी किश्त के लिए पात्र होता है।

ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन कैसे करें (CSC केंद्र व pmvishwakarma.gov.in)

  1. कारीगर अपने आधार कार्ड और आधार-लिंक्ड मोबाइल के साथ नजदीकी कॉमन सर्विस सेंटर (CSC VLE) पर जाएं।
  2. सीएससी संचालक पोर्टल pmvishwakarma.gov.in पर कारीगर का बायोमेट्रिक फिंगरप्रिंट लेकर ई-केवाईसी करेगा।
  3. कारीगर का पेशा (18 ट्रेडों में से एक), बैंक खाता विवरण और पारिवारिक जानकारी दर्ज की जाएगी।
  4. रजिस्ट्रेशन पूरा होते ही आवेदन क्रमांक जनरेट हो जाएगा।

जरूरी दस्तावेज और सत्यापन प्रक्रिया (3-लेवल वेरिफिकेशन)

आवेदन सबमिट होने के बाद यह 3 स्तरों पर सत्यापित होता है:

  • पहला स्तर: ग्राम पंचायत स्तर पर ग्राम प्रधान / मुखिया या शहरी स्थानीय निकाय द्वारा सत्यापन।
  • दूसरा स्तर: जिला कार्यान्वयन समिति (DIT) द्वारा जांच।
  • तीसरा स्तर: राष्ट्रीय स्क्रीनिंग समिति द्वारा अंतिम अनुमोदन। इसके बाद ट्रेनिंग सेंटर का आवंटन होता है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)

Q. क्या यह लोन बिना गारंटी के मिलता है?

A. हाँ, यह पूरी तरह कोलेटरल-फ्री (बिना किसी गारंटी या बंधक के) ऋण है जिसकी गारंटी केंद्र सरकार का क्रेडिट गारंटी फंड लेता है।

Q. टूलकिट का पैसा सीधे खाते में आता है?

A. यह ₹15,000 का डिजिटल ई-वाउचर या ई-रूपी (e-RUPI) के रूप में मिलता है जिससे केवल प्रमाणित आधुनिक उपकरण खरीदे जा सकते हैं।

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