Defense & Recruitment ⏱️ 17 min read 📅 2026-11-07 07:15:00

Agnipath Scheme Permanent Regular Service: केंद्रीय कैबिनेट का बड़ा फैसला, अब 25% के बाद बचे 75% अग्निवीरों को 2 साल का एक्सटेंशन व पक्की नौकरी का मौका

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National Affairs Desk
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GoForDigitalIndia संपादकीय टीम — सरकारी योजनाओं, भर्ती व तकनीकी विषयों के विश्लेषक।

⚡ त्वरित उत्तर (Quick Answer)

केंद्रीय कैबिनेट द्वारा स्वीकृत नए अग्निपथ नियमों के तहत, 4 वर्ष का कार्यकाल पूरा करने वाले पहले बैच के 18,300 अग्निवीरों में से 25% को मेरिट आधार पर तुरंत नियमित सेना में शामिल किया जाएगा। शेष 75% इच्छुक जवानों को 2 वर्ष का अतिरिक्त सेवा विस्तार (सेकंड टूर ऑफ ड्यूटी) दिया जाएगा, जिसमें 5वें वर्ष ₹43,500 और 6वें वर्ष ₹47,500 मासिक वेतन मिलेगा। 6 वर्ष पूरे होने पर मानक मानदंडों को पूरा करने वाले सभी इच्छुक अग्निवीर स्थायी नियमित सैनिक के रूप में नामांकित किए जा सकेंगे।

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📌 मुख्य विशेषताएं व आवश्यक बिंदु

  • केंद्रीय कैबिनेट ने चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (CDS) की समीक्षा रिपोर्ट के आधार पर अग्निपथ नीति में बड़ा सुधार किया।
  • 4 वर्ष के बाद 75% जवानों को बाहर करने की अनिवार्य शर्त समाप्त; 2 साल का सेवा विस्तार (कुल 6 वर्ष) स्वीकृत।
  • विस्तारित 5वें वर्ष में ₹43,500 और 6वें वर्ष में ₹47,500 का उन्नत वेतनमान व अपग्रेडेड सेवा निधि पैकेज मिलेगा।
  • 6 वर्ष का सेवाकाल सफलता से पूरा करने वाले जवानों को नियमित सैन्य कैडर (Permanent Regular Service) में शामिल किया जाएगा।
  • तकनीकी विंग, आर्टिलरी, वायुसेना और नौसेना में विशिष्ट प्रशिक्षण की निरंतरता बनाए रखने के लिए यह सुधार लागू किया गया।
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अति महत्वपूर्ण रक्षा अपडेट: चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (CDS) और तीनों सेनाओं (थल सेना, नौसेना व वायुसेना) की उच्च स्तरीय संयुक्त समीक्षा समिति की सिफारिशों पर केंद्रीय कैबिनेट ने अग्निपथ योजना में ऐतिहासिक नीतिगत संशोधन को मंजूरी दे दी है। इस फैसले से 4 वर्ष का कार्यकाल पूरा करने के बाद 75% अग्निवीरों को जबरन नागरिक जीवन में भेजने का नियम समाप्त कर दिया गया है। अब जवानों को 2 साल का सेवा विस्तार, उन्नत वेतनमान और स्थायी नियमित सेवा (Permanent Cadre) में पूर्ण समावेशन का सीधा अवसर प्रदान किया गया है।

अग्निपथ योजना सुधार: कैबिनेट के नए फैसले का सार

जून 2022 में जब अग्निपथ योजना का आरंभ हुआ था, तब इसका मूल उद्देश्य भारतीय सशस्त्र बलों की औसत आयु प्रोफ़ाइल को कम करके एक युवा, ऊर्जावान और तकनीकी रूप से दक्ष सेना तैयार करना था। उस समय तय किए गए प्रावधानों के अनुसार, 4 वर्ष के संविदा कार्यकाल के उपरांत प्रत्येक बैच के केवल 25% अग्निवीरों को नियमित कैडर में बनाए रखा जाना था, जबकि 75% जवानों को कर-मुक्त सेवा निधि पैकेज देकर सेवामुक्त किया जाना अनिवार्य था।

वर्ष 2022 के अंत में भर्ती हुए पहले बैच के लगभग 18,300 अग्निवीर जब अपना चार वर्षीय सेवाकाल पूर्ण करने के करीब पहुंचे, तो तीनों सेना मुख्यालयों ने सरकार को व्यावहारिक जमीनी फीडबैक भेजा। इस फीडबैक में स्पष्ट किया गया कि मिसाइल प्रणालियों, रडार ऑपरेशंस, आधुनिक ड्रोन युद्ध, आर्टिलरी गन कंट्रोल और नौसैनिक युद्धपोतों पर तैनात तकनीकी सैनिकों को तैयार करने में सेना का भारी समय और वित्तीय संसाधन खर्च होते हैं। ऐसे में मात्र 4 वर्ष बाद 75% प्रशिक्षित जवानों को बाहर कर देने से सैन्य इकाइयों की लड़ाकू क्षमता और संस्थागत निरंतरता पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा था।

इन सभी रणनीतिक पहलुओं का गहन विश्लेषण करने के पश्चात केंद्रीय मंत्रिमंडल ने अग्निपथ योजना के ढांचे को पुनर्गठित करते हुए "टू-स्टेज रिटेंशन मॉडल" को स्वीकृति दी है। यह निर्णय न केवल देश की रक्षा सुरक्षा को अभेद्य मजबूती देगा, बल्कि सेना में भर्ती होने वाले लाखों देशभक्त युवाओं को दीर्घकालिक करियर सुरक्षा भी सुनिश्चित करेगा। देश की तीनों सेनाओं के शीर्ष नेतृत्व ने इस सुधार का स्वागत करते हुए इसे सेना की सामरिक तत्परता के लिए एक ऐतिहासिक कदम करार दिया है।

कैबिनेट फैसले के 5 प्रमुख स्तंभ

  • चरण 1: 25% तत्काल नियमितिकरण: प्रत्येक बैच के शीर्ष 25% अग्निवीरों को 4 वर्ष पूरे होते ही योग्यता के आधार पर सीधे नियमित सेना में शामिल किया जाएगा।
  • चरण 2: 75% के लिए सेवा विस्तार: बाहर जाने वाले 75% अग्निवीरों में से जो भी जवान आगे सेवा देना चाहते हैं, उन्हें 2 वर्ष का 'सेकंड टूर ऑफ ड्यूटी' मिलेगा।
  • नया वेतनमान: 5वें वर्ष में ₹43,500 प्रतिमाह और 6वें वर्ष में ₹47,500 प्रतिमाह का निश्चित पारिश्रमिक।
  • स्थायी सेवा का मार्ग: 6 वर्ष का कुल सेवाकाल पूरा करने के बाद मानक शारीरिक व अनुशासनात्मक शर्तें पूरी करने वाले सभी इच्छुक जवान स्थायी नियमित सैनिक बन सकेंगे।
  • पेंशन व सेवा लाभ: 6 वर्ष बाद नियमित होने वाले जवानों की सेवा अवधि को वेतन निर्धारण और ग्रेच्युटी में गणना का आधार बनाया जाएगा।

2022 मूल नियम बनाम 2026 नया कैबिनेट नियम (5-कॉलम तालिका)

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नीचे दी गई विस्तृत 5-कॉलम तुलना तालिका से यह स्पष्ट समझा जा सकता है कि 2022 के मूल नियमों की तुलना में 2026 के नए कैबिनेट नियमों ने सैनिकों के भविष्य और वेतन ढांचे में क्या क्रांतिकारी सुधार किए हैं:

सेवा अवधि / चरण मूल 2022 नियम संशोधित 2026 कैबिनेट नियम मासिक वेतन एवं पैकेज नियमित कैडर में स्थायित्व
वर्ष 1 से वर्ष 4 (प्रारंभिक सेवा) 4 वर्ष की संविदात्मक सेवा यथावत (4 वर्ष का प्रारंभिक कार्यकाल) ₹30,000 से ₹40,000 (30% सेवा निधि कटौती) केवल 25% को मेरिट आधार पर नियमित नियुक्ति
4 वर्ष समाप्ति पर (75% जवान) अनिवार्य सेवामुक्ति (Exit) 2 वर्ष का ऐच्छिक सेवा विस्तार (Second Tour) बाहर जाने पर ₹11.71 लाख सेवा निधि, रुकने पर वेतन वृद्धि सेना में सेवा जारी रखने का पूर्ण अधिकार
वर्ष 5 (विस्तारित सेवा) लागू नहीं (शून्य) सक्रिय फील्ड एवं तकनीकी ड्यूटी ₹43,500 प्रतिमाह + फील्ड/हार्डशिप भत्ते वार्षिक गोपनीय रिपोर्ट (ACR) मूल्यांकन
वर्ष 6 (विस्तारित सेवा) लागू नहीं (शून्य) वरिष्ठ तकनीकी व सामरिक जिम्मेदारियां ₹47,500 प्रतिमाह + जोखिम भत्ते अंतिम स्क्रीनिंग एवं स्थायीकरण परीक्षा
6 वर्ष के बाद (अंतिम स्थिति) कोई प्रावधान नहीं था रेगुलर कैडर में पूर्ण स्थायी समावेशन 7वें वेतन आयोग का नियमित पे-मैट्रिक्स (लेवल 3+) 100% इच्छुक व योग्य सैनिकों को पक्की नौकरी

टू-स्टेज एब्जॉर्प्शन मॉडल: 25% मेरिट व 75% सेकंड टूर ऑफ ड्यूटी

नए मॉडल को बहुत संतुलित तरीके से डिजाइन किया गया है ताकि सेना की आंतरिक प्रतिस्पर्धा, अनुशासन और गुणवत्ता पर कोई आंच न आए। इस मॉडल की कार्यप्रणाली निम्नलिखित दो चरणों में काम करती है:

स्टेज 1: तत्काल 25% मेरिट रिटेंशन (4 वर्ष पूर्ण होने पर)

प्रत्येक बटालियन, रेजिमेंट या पोत पर तैनात अग्निवीरों के 4 वर्षों के प्रदर्शन का एक संयुक्त स्कोरकार्ड तैयार किया जाता है। इसमें शारीरिक परीक्षण (BPET/PPT), हथियारों की हैंडलिंग, फायरिंग दक्षता, अनुशासन रिकॉर्ड और यूनिट कमांडिंग ऑफिसर (CO) की वार्षिक मूल्यांकन रिपोर्ट शामिल होती है। शीर्ष 25% अंक प्राप्त करने वाले अग्निवीरों को उसी क्षण बिना किसी प्रतीक्षा के नियमित सेना में स्थायी सिपाही के रूप में शामिल कर लिया जाएगा। यह प्रक्रिया पूरी तरह स्वचालित और केंद्रीय सेना मुख्यालय के सर्वर द्वारा संचालित की जाती है ताकि किसी भी प्रकार का मानवीय पक्षपात न हो सके।

स्टेज 2: 75% जवानों के लिए 'सेकंड टूर ऑफ ड्यूटी' (2 वर्ष का एक्सटेंशन)

जो जवान शीर्ष 25% में स्थान नहीं बना पाते, उन्हें अब घर जाने के लिए बाध्य नहीं किया जाएगा। यदि जवान स्वेच्छा से अपनी सेवाएं जारी रखना चाहता है और उसका मेडिकल स्तर 'शेप-1' (SHAPE-1) है तथा अनुशासन में कोई गंभीर अपराध (Red Ink Entry) दर्ज नहीं है, तो उसे तत्काल 2 वर्ष का अतिरिक्त अनुबंध पत्र प्रदान किया जाएगा। यह 2 वर्ष का सेवाकाल 'सेकंड टूर ऑफ ड्यूटी' कहलाएगा, जिसमें वे पूर्ण रूप से अग्रिम चौकियों और तकनीकी प्रतिष्ठानों पर सेवारत रहेंगे।

100-अंकों का आधिकारिक मूल्यांकन फॉर्मूला व योग्यता मानक

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सेना मुख्यालय ने पारदर्शी चयन सुनिश्चित करने के लिए एक 100-अंकों का व्यापक मूल्यांकन मैट्रिक्स तैयार किया है। इसी मैट्रिक्स के आधार पर प्रारंभिक 25% और विस्तारित 2 वर्ष बाद नियमित होने वाले जवानों का चयन किया जाएगा:

अग्निवीर मूल्यांकन का 100-पॉइंट इंडेक्स

  • 1. शारीरिक दक्षता एवं युद्ध फिटनेस (BPET & PPT): 30 अंक
    (2.4 किमी दौड़, स्प्रिंट, 5-मीटर शटल, वर्टिकल रोप क्लाइम्बिंग और 9-फीट डिच जंप में प्राप्त ग्रेड के आधार पर)।
  • 2. हथियार संचालन एवं वार्षिक फायरिंग दक्षता: 20 अंक
    (INSAS, AK-203, LMG और नाइट-विजन फायरिंग टेस्ट में सटीकता और मार्क्समैनशिप स्कोर)।
  • 3. तकनीकी ट्रेड दक्षता एवं लिखित परीक्षा: 20 अंक
    (सिग्नल्स, तोपखाना, बख्तरबंद कोर या नौसैनिक रडार से संबंधित पेशेवर ज्ञान की वार्षिक परीक्षा)।
  • 4. वार्षिक गोपनीय रिपोर्ट (ACR) व अनुशासन: 20 अंक
    (4 वर्षों के दौरान बेदाग चरित्र, कोई रेड इंक या ब्लैक इंक एंट्री न होना तथा वरिष्ठों के निर्देशों का अनुपालन)।
  • 5. कमांडिंग ऑफिसर (CO) का गोपनीय मूल्यांकन: 10 अंक
    (नेतृत्व क्षमता, कठिन परिस्थितियों में टीम भावना और पहलकदमी का स्वतंत्र आंकलन)।

संशोधित वेतन संरचना, भत्ते एवं अपग्रेडेड सेवा निधि पैकेज

अग्निपथ के विस्तार के साथ ही वित्तीय पैकेज में भी महत्वपूर्ण वृद्धि की गई है ताकि 5वें और 6वें वर्ष में जवानों को उनकी वरिष्ठता के अनुरूप सम्मानजनक वेतन प्राप्त हो सके:

विस्तारित कार्यकाल का वित्तीय विवरण

  • 5वें वर्ष का मासिक वेतन: ₹43,500 प्रतिमाह (नियत)।
  • 6वें वर्ष का मासिक वेतन: ₹47,500 प्रतिमाह (नियत)।
  • सेवा निधि अंशदान: विस्तारित 2 वर्षों के दौरान भी सरकार और जवान दोनों की ओर से सेवा निधि खाते में 30% का आनुपातिक अंशदान जारी रहेगा।
  • कुल सेवा निधि राशि: यदि कोई जवान 6 वर्ष बाद स्वयं बाहर निकलने का विकल्प चुनता है, तो उसे मिलने वाला संचयी सेवा निधि पैकेज ब्याज सहित लगभग ₹16.80 लाख से ₹17.50 लाख के बीच होगा, जो पूरी तरह आयकर से मुक्त रहेगा।
  • कठिनाई व फील्ड भत्ते: यदि जवान लद्दाख, पूर्वोत्तर, नियंत्रण रेखा (LoC) या सियाचिन ग्लेशियर में तैनात है, तो उसे ₹17,300 से लेकर ₹42,500 तक का मासिक फील्ड एवं जोखिम भत्ता नियमित सैनिकों की भांति अलग से प्राप्त होगा।
  • वार्षिक अवकाश नियम: विस्तारित 2 वर्षों के दौरान भी प्रत्येक वर्ष 30 दिनों का आकस्मिक अवकाश (Casual Leave) और आवश्यकतानुसार मेडिकल लीव अनुमन्य रहेगी।

स्थायी कैडर में शामिल होने की चयन प्रक्रिया व रैंक संरचना

6 वर्ष का कार्यकाल सफलतापूर्वक पूरा करने के बाद अग्निवीरों को नियमित सेना के स्थायी कैडर में किस प्रकार शामिल किया जाएगा, इसके लिए रक्षा मंत्रालय ने एक निष्पक्ष और पारदर्शी मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) निर्धारित की है:

  1. निरंतर मेडिकल फिटनेस (Medical Category SHAPE-1): जवान का मेडिकल क्लासिफिकेशन सेना के उच्चतम मानकों के अनुरूप होना आवश्यक है। युद्ध या ऑपरेशन के दौरान घायल होने वाले जवानों को विशेष छूट और दिव्यांगता सुरक्षा प्रदान की जाएगी।
  2. व्यावसायिक दक्षता परीक्षण (Trade Proficiency Test): तकनीकी ट्रेडों (जैसे सिग्नल्स, EME, इंजीनियर्स, नेवल इलेक्ट्रिकल आर्टिफिसर और एयरफोर्स ग्राउंड ड्यूटी) में सेवारत जवानों को अपने कोर विषय का एक ऑब्जेक्टिव प्रैक्टिकल टेस्ट पास करना होगा।
  3. अनुशासनात्मक स्वच्छता: 6 वर्षों के पूरे कार्यकाल के दौरान कोई भी कोर्ट मार्शल या तीन से अधिक ब्लैक रॉक पनिशमेंट नहीं होनी चाहिए।
  4. इकाई कमांडर की सिफारिश: संबंधित रेजिमेंट के कमांडिंग ऑफिसर (CO) और ब्रिगेड कमांडर की सकारात्मक गोपनीय रिपोर्ट आवश्यक होगी।
  5. रैंक और पदोन्नति का पथ: स्थायीकरण होते ही जवान को सिपाही (Sepoy) का नियमित रैंक मिलता है। इसके पश्चात योग्यता और विभागीय परीक्षा के आधार पर लांस नायक, नायक और हवलदार के पदों पर पदोन्नति के दरवाजे खुल जाते हैं।

इन न्यूनतम अर्हक मानकों को पूरा करने वाले सभी इच्छुक जवानों को भारतीय सेना, नौसेना और वायुसेना के नियमित पे-लेवल 3 में 'स्थायी सैनिक' के रूप में पदोन्नति और स्थायी नियुक्ति पत्र जारी किया जाएगा।

नीति में संशोधन की आवश्यकता क्यों पड़ी? तीनों सेनाओं का फीडबैक

अग्निपथ योजना में इस बुनियादी बदलाव के पीछे देश की सुरक्षा से जुड़े गंभीर व्यावहारिक कारण थे:

  • तकनीकी प्रशिक्षण की लागत और समय: एक अग्निवीर को बेसिक मिलिट्री ट्रेनिंग (BMT) में 6 महीने और एडवांस्ड मिलिट्री ट्रेनिंग (AMT) में 6 से 12 महीने का समय लगता है। यानी वास्तविक रूप से वह मात्र 2.5 से 3 वर्ष ही पूरी क्षमता से काम कर पाता था। 4 वर्ष में उसे बाहर कर देने से सेना का प्रशिक्षण निवेश व्यर्थ हो रहा था।
  • जवानों में अनिश्चितता और तनाव: 75% जवानों को बाहर किए जाने की तलवार लटके रहने से उनके मनोबल पर असर पड़ रहा था। 2 वर्ष का एक्सटेंशन और पक्की नौकरी का स्पष्ट रोडमैप मिलने से जवानों का समर्पण और ध्यान केवल देश सेवा पर केंद्रित होगा।
  • यूनिट स्तर पर संस्थागत तालमेल: इन्फैंट्री बटालियन और टैंक रेजिमेंट्स में आपसी विश्वास और 'नाम, नमक, निशान' का जज्बा कई वर्षों के साझा अभ्यास से बनता है। कम समय में जवानों के बदलने से यूनिट की आक्रामक क्षमता प्रभावित हो रही थी।
  • अंतरराष्ट्रीय सीमा सुरक्षा चुनौतियां: उत्तरी सीमाओं पर स्थायी बुनियादी ढांचे और वास्तविक नियंत्रण रेखा (LAC) पर 24 घंटे सतर्कता के लिए अनुभवी और परिपक्व सैनिकों की निरंतर आवश्यकता को नकारा नहीं जा सकता।

अग्निवीरों के मन में उठने वाले सवाल व विसंगति समाधान

नीचे उन 5 प्रमुख व्यावहारिक परिस्थितियों का विश्लेषण किया गया है जो अग्निवीरों और उनके परिजनों के सामने आ सकती हैं:

स्थिति 1: यदि सेवा विस्तार के दौरान किसी जवान की मेडिकल श्रेणी कम हो जाए तो क्या होगा?

समाधान: यदि मेडिकल डाउनग्रेडेशन सैन्य ड्यूटी या ऑपरेशनल परिस्थितियों (जैसे काउंटर-इंसर्जेंसी या ऊंचाई वाले क्षेत्र में फ्रॉस्टबाइट) के कारण हुआ है, तो जवान को सेवा से बाहर नहीं किया जाएगा। उसे शेल्टर अपॉइंटमेंट (लाइट ड्यूटी) में रखा जाएगा और पूर्ण वित्तीय सुरक्षा तथा मेडिकल पेंशन के अधिकार सुरक्षित रहेंगे।

स्थिति 2: क्या 4 वर्ष बाद बाहर निकलने पर कॉर्पोरेट या पुलिस में प्राथमिकता मिलेगी?

समाधान: हाँ, जो जवान 4 वर्ष बाद नागरिक जीवन चुनेंगे, उन्हें गृह मंत्रालय द्वारा CISF, BSF, CRPF, ITBP और SSB में कांस्टेबल भर्ती में 10% क्षैतिज आरक्षण और ऊपरी आयु सीमा में 3 वर्ष की छूट प्राप्त होगी। इसके अतिरिक्त विभिन्न राज्य पुलिस बलों ने भी 10% से 20% तक आरक्षण अधिसूचित किया है।

स्थिति 3: क्या 6 वर्ष की संविदा सेवा के बाद नियमित होने पर पदोन्नति (Promotion) में नुकसान होगा?

समाधान: नहीं, सेना मुख्यालय की पदोन्नति नियमावली के अनुसार, 6 वर्ष पूर्ण करने के बाद नियमित कैडर में नायक (Lance Naik / Naik) बनने के लिए संविदा काल के गोपनीय सेवा रिकॉर्ड को वरिष्ठता सूची में जोड़ा जाएगा, जिससे करियर की प्रगति बाधित नहीं होगी।

स्थिति 4: क्या सेवा विस्तार के दौरान उच्च शिक्षा या ग्रेजुएशन डिग्री जारी रखी जा सकती है?

समाधान: इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मुक्त विश्वविद्यालय (IGNOU) और राष्ट्रीय कौशल विकास निगम (NSDC) के साथ सेना के समझौते के तहत अग्निवीरों को इन-सर्विस टेक्निकल ट्रेनिंग के आधार पर 50% क्रेडिट मिलते हैं। 6 वर्ष पूरे होने तक प्रत्येक सैनिक को यूजीसी-मान्यता प्राप्त बैचलर ऑफ वोकेशनल स्टडीज या साधारण स्नातक की डिग्री प्राप्त हो जाती है।

स्थिति 5: सेकंड टूर ऑफ ड्यूटी के लिए अपनी सहमति (Willingness) कैसे दर्ज करें?

समाधान: चौथे वर्ष के 42वें महीने में यूनिट स्तर पर एक आधिकारिक "ऑप्शन फॉर्म" (Option-cum-Willingness Certificate) वितरित किया जाएगा। जवान को अपने हस्ताक्षर के साथ यह फॉर्म अपनी कंपनी कमांडर के माध्यम से रिकॉर्ड ऑफिस को भेजना होगा।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)

प्र. क्या सभी 75% अग्निवीरों को 2 साल का एक्सटेंशन स्वतः मिल जाएगा?

उ. नहीं, सेवा विस्तार अनिवार्य नहीं बल्कि ऐच्छिक (Willingness) और सैन्य प्रदर्शन (Commanding Officer की अनुशंसा व मेडिकल फिटनेस) पर आधारित है। जो अग्निवीर 4 वर्ष बाद सेवा जारी रखना चाहते हैं और जिनका अनुशासन रिकॉर्ड बेदाग है, उन्हें ही 2 वर्ष का सेकंड टूर ऑफ ड्यूटी दिया जाएगा।

प्र. यदि कोई अग्निवीर 4 वर्ष बाद ही बाहर निकलना चाहता है, तो क्या उसे सेवा निधि मिलेगी?

उ. हाँ, यदि कोई अग्निवीर अपनी इच्छा से 4 वर्ष का कार्यकाल पूरा करके नागरिक जीवन में लौटना चाहता है, तो उसे पूर्व निर्धारित 11.71 लाख रुपये का ब्याज सहित कर-मुक्त सेवा निधि पैकेज और केंद्रीय अर्धसैनिक बलों (CAPFs) में 10% आरक्षण का लाभ दिया जाएगा।

प्र. 6 वर्ष पूरे होने के बाद नियमित कैडर में शामिल होने पर क्या पूर्व सेवा पेंशन में जुड़ेगी?

उ. रक्षा मंत्रालय के नए दिशा-निर्देशों के अनुसार, जब एक अग्निवीर 6 वर्ष की संविदा सेवा के बाद नियमित सैनिक के रूप में नियुक्त होता है, तो उसकी वरिष्ठता (Seniority), वेतन स्तर और पेंशन पात्रता के निर्धारण में इन वर्षों के सेवा अनुभव को आंशिक वेटेज दिया जाएगा।

प्र. विस्तारित 5वें और 6वें वर्ष के दौरान क्या जोखिम व कठिनाई भत्ते (Hardship Allowances) मिलेंगे?

उ. हाँ, विस्तारित अवधि के दौरान बेसिक पे (₹43,500 व ₹47,500) के अतिरिक्त उच्च तुंगता (High Altitude), फील्ड एरिया और सियाचिन जैसे दुर्गम क्षेत्रों में तैनात जवानों को नियमित सैनिकों के समकक्ष लागू सभी जोखिम एवं कठिनाई भत्ते प्रदान किए जाएंगे।

प्र. क्या 25% तत्काल रिटेंशन वाले जवानों का चयन केवल लिखित परीक्षा से होगा?

उ. नहीं, 25% प्रारंभिक नियमितिकरण का चयन 4 वर्षों के दौरान किए गए व्यावहारिक फायरिंग टेस्ट, शारीरिक दक्षता (BPET/PPT), फील्ड ऑपरेशंस में प्रदर्शन, तकनीकी रेटिंग और वार्षिक गोपनीय रिपोर्ट (ACR) के संयुक्त अंकों के आधार पर पारदर्शी ऑटोमेटेड प्रणाली से होता है।

प्र. अग्निपथ के तहत महिलाओं के लिए नियमित सेवा के क्या नियम हैं?

उ. नौसेना और सेना की कोर ऑफ मिलिट्री पुलिस (CMP) में सेवा दे रही महिला अग्निवीरों पर भी समान 25% मेरिट रिटेंशन और 75% के लिए 2-वर्षीय एक्सटेंशन का नियम पूरी तरह लागू होगा।

प्र. क्या इस नए नियम से पहले बैच (2022 भर्ती) के अग्निवीरों को लाभ मिलेगा?

उ. जी हाँ, यह नीतिगत निर्णय विशेष रूप से वर्ष 2022 में भर्ती हुए पहले बैच के लगभग 18,300 अग्निवीरों के 4-वर्षीय कार्यकाल के समापन से ठीक पहले लिया गया है, ताकि किसी भी प्रशिक्षित सैनिक को उसकी इच्छा के विरुद्ध बाहर न किया जाए।

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❓ अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)

Q. क्या सभी 75% अग्निवीरों को 2 साल का एक्सटेंशन स्वतः मिल जाएगा?

A. नहीं, सेवा विस्तार अनिवार्य नहीं बल्कि ऐच्छिक (Willingness) और सैन्य प्रदर्शन (Commanding Officer की अनुशंसा व मेडिकल फिटनेस) पर आधारित है। जो अग्निवीर 4 वर्ष बाद सेवा जारी रखना चाहते हैं और जिनका अनुशासन रिकॉर्ड बेदाग है, उन्हें ही 2 वर्ष का सेकंड टूर ऑफ ड्यूटी दिया जाएगा।

Q. यदि कोई अग्निवीर 4 वर्ष बाद ही बाहर निकलना चाहता है, तो क्या उसे सेवा निधि मिलेगी?

A. हाँ, यदि कोई अग्निवीर अपनी इच्छा से 4 वर्ष का कार्यकाल पूरा करके नागरिक जीवन में लौटना चाहता है, तो उसे पूर्व निर्धारित 11.71 लाख रुपये का ब्याज सहित कर-मुक्त सेवा निधि पैकेज और केंद्रीय अर्धसैनिक बलों (CAPFs) में 10% आरक्षण का लाभ दिया जाएगा।

Q. 6 वर्ष पूरे होने के बाद नियमित कैडर में शामिल होने पर क्या पूर्व सेवा पेंशन में जुड़ेगी?

A. रक्षा मंत्रालय के नए दिशा-निर्देशों के अनुसार, जब एक अग्निवीर 6 वर्ष की संविदा सेवा के बाद नियमित सैनिक के रूप में नियुक्त होता है, तो उसकी वरिष्ठता (Seniority), वेतन स्तर और पेंशन पात्रता के निर्धारण में इन वर्षों के सेवा अनुभव को आंशिक वेटेज दिया जाएगा।

Q. विस्तारित 5वें और 6वें वर्ष के दौरान क्या जोखिम व कठिनाई भत्ते (Hardship Allowances) मिलेंगे?

A. हाँ, विस्तारित अवधि के दौरान बेसिक पे (₹43,500 व ₹47,500) के अतिरिक्त उच्च तुंगता (High Altitude), फील्ड एरिया और सियाचिन जैसे दुर्गम क्षेत्रों में तैनात जवानों को नियमित सैनिकों के समकक्ष लागू सभी जोखिम एवं कठिनाई भत्ते प्रदान किए जाएंगे।

Q. क्या 25% तत्काल रिटेंशन वाले जवानों का चयन केवल लिखित परीक्षा से होगा?

A. नहीं, 25% प्रारंभिक नियमितिकरण का चयन 4 वर्षों के दौरान किए गए व्यावहारिक फायरिंग टेस्ट, शारीरिक दक्षता (BPET/PPT), फील्ड ऑपरेशंस में प्रदर्शन, तकनीकी रेटिंग और वार्षिक गोपनीय रिपोर्ट (ACR) के संयुक्त अंकों के आधार पर पारदर्शी ऑटोमेटेड प्रणाली से होता है।

Q. अग्निपथ के तहत महिलाओं के लिए नियमित सेवा के क्या नियम हैं?

A. नौसेना और सेना की कोर ऑफ मिलिट्री पुलिस (CMP) में सेवा दे रही महिला अग्निवीरों पर भी समान 25% मेरिट रिटेंशन और 75% के लिए 2-वर्षीय एक्सटेंशन का नियम पूरी तरह लागू होगा।

Q. क्या इस नए नियम से पहले बैच (2022 भर्ती) के अग्निवीरों को लाभ मिलेगा?

A. जी हाँ, यह नीतिगत निर्णय विशेष रूप से वर्ष 2022 में भर्ती हुए पहले बैच के लगभग 18,300 अग्निवीरों के 4-वर्षीय कार्यकाल के समापन से ठीक पहले लिया गया है, ताकि किसी भी प्रशिक्षित सैनिक को उसकी इच्छा के विरुद्ध बाहर न किया जाए।

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