दोस्तों आज हम इस आर्टिकल में विशेषण के बारे में पड़ेंगे  एवं उससे संबंधित उसके प्रकार भेद एवं उदाहरण को समझेंगे। विशेषण की संज्ञा  एवं सर्वनाम की तरह होते हैं विशेषण शब्दों का उपयोग संज्ञा एवं सर्वनाम की विशेषता बताने पर किया जाता है ।  हिंदी व्याकरण में विशेषण  का अपना अलग महत्व है विशेषण किसी भी शब्द  या व्यक्ति या वस्तु की विशेषता बताते हैं। तो चलिए स्टार्ट करते हैं विशेषण किसे कहते हैं उसकी परिभाषा  एवं उसके प्रकार को समझाइए।

विशेषण किसे कहते हैं?

विशेषण किसे कहते हैं? | visheshan kise kahate hain
विशेषण किसे कहते हैं? | visheshan kise kahate hain

विशेषण की परिभाषा :- संज्ञा या सर्वनाम शब्दों की विशेषता बताने वाले शब्द विशेषण कहलाते हैं। विशेषण किसी वस्तु का अप्रत्यक्ष नाम होता है. अतः सर्वनाम की भांति विशेषण भी एक प्रकार की संज्ञा है। नीला आकाश,लंबी लड़की छोटा भाई, मोटा लड़का,सफेद गाय  और सुंदर लड़की  इत्यादि में नीला लंबी छोटा-मोटा अति सुंदर विशेषण शब्द है। ज़ो आकाश, लड़की, लड़का, आदमी, गाय एवं महिला इत्यादि संज्ञा शब्दों की विशेषता बता रहे हैं.।

विशेषण का निर्माण संज्ञा सर्वनाम क्रिया अवयव आदि के साथ प्रत्यय जोड़कर किया जाता है।

विशेषण किसे कहते हैं?

इस तरह की संज्ञा होने के बावजूद हिंदी व्याकरण में विशेषण को अलग-अलग शब्द भेद कि तरह पढ़ाया जाता है । क्योंकि विशेषण का प्रयोग संज्ञा सर्वनाम शब्दों की बिना नहीं किया जा सकता  है। इनका प्रयोग संज्ञा एवं सर्वनाम  को बताने का विशेषता बताने को किया जाता है।

जिस तरह हिंदी पद्य में अलंकार होते हैं. उसी तरह हिंदी गद्य में विशेषण होते हैं।

विशेषण संज्ञा शब्दों के विस्तार को मर्यादित करते थे  अर्थात विशेषण का प्रयोग करने से संज्ञा शब्दों में कमी आती है।

विशेषण के उदाहरण

रूपेश बहुत सुंदर लड़का है।

भरत बहुत मेहनती लड़का है ।

मुंबई बहुत स्मार्ट सिटी है।

उसके पास 20 गाय हैं ।

उपरोक्त उदाहरणों में  सुंदर,मेहनती,स्मार्ट, 20 संज्ञा शब्दों की विशेषता बता रहे हैं. अतः विशेषण है ।

विशेषण शब्द कैसे पहचाने ?

इसे भी संज्ञा एवं सर्वनाम  वाक्यों में ठीक पहले कैसा/ कैसे/कैसे  और कितना/कितनी/कितने शब्दों का प्रयोग करके  सवाल के जवाब मिलने वाले शब्द  ही विशेषण 

विशेष्य किसे कहते हैं?

विशेषण शब्द जिस संज्ञा या सर्वनाम शब्द की विशेषता बताते हैं उसे विशेष  कहते हैं। अतः संज्ञा एवं सर्वनाम शब्द ही विशेषय से कहलाते हैं । विशेष्य के साथ विशेषण का 2 तरह से प्रयोग होता है. संज्ञा के साथ होने पर विशेष विशेषण  कहते है एवं क्रिया के साथ होने पर इसे विधेय विशेषण कहते हैं ।

 विशेष्य के उदाहरण 

 राम बहादुर लड़का है।

 अजय सबसे लंबा लड़का है.

 वह बहुत बुद्धिमान है।

 राजेश बहुत ईमानदार है ।

 सभी उदाहरण में राम,राजेश , अजय  आदि सभी विशेष से हैं  साथ यही संज्ञा शब्द भी है।

प्रविशेषण किसे कहते हैं ?

विशेषण शब्द की विशेषता बताने वाले शब्द  प्रविशेषण कहलाते हैं।जैसे बहुत मोटा आदमी, बिल्कुल दुबली औरत , आदि में प्रविशेषण है। क्योंकि यह शब्द दुबली और पतली की विशेषता बता रहे हैं।

प्रविशेषण के उदाहरण

राम बहुत अच्छा लड़का है।

मेरे पास कविता की दो दर्जन पुस्तके हैं।

भोजन बहुत स्वादिष्ट है। 

चाय बहुत मीठी है। इस वाक्य में ‘चाय’ शब्द संज्ञा एवं विशेष्य है। चाय की विशेषता बताने वाला शब्द ‘मीठी’ है। अतः इस वाक्य में ‘मीठी’ विशेषण शब्द है। वाक्य में विशेषण शब्द (मीठी) की विशेषता बताने वाला शब्द ‘बहुत’ है।

विशेषण के भेद

विशेषण के चार भेद होते हैं

गुणवाचक विशेषण

संख्यावाचक विशेषण

परिणाम वाचक विशेषण

सार्वनामिक विशेषण

गुणवाचक विशेषण 

 गुणवाचक का शाब्दिक अर्थ होता है गुण बताने वाले होता है वह विशेषण शब्द जो किसी संज्ञा या सर्वनाम शब्द का गुण,दोष, रूप, आकार, स्वभाव,समान,स्थान ,या दशा का बोध कराते हैं. उसे गुणवाचक विशेषण कहते है। जैसे भले लोग , गन्दी बस्ती, छोटी गाय,काला घोड़ा, आदि

गुणवाचक विशेषण के उदाहरण

रवि ईमानदार लड़का है।

वह एक बड़ी कंपनियों मे काम करता है

संख्यावाचक विशेषण

संख्यावाचक शब्द का शाब्दिक अर्थ होता है  संख्या बताने वाला होता है। विशेषण शब्द जो किसी संज्ञा या सर्वनाम शब्द  निश्चित या अनिश्चित  शब्दों की  विशेषता बताते हैं उन्हें संख्यावाचक विशेषण कहते। हिंदी की सभी संख्यावाचक विशेषण संस्कृत से आए हैं।

संख्यावाचक विशेषण के उदाहरण

मैंने बाजार से 4 पुस्तकें खरीदी।

संख्यावाचक विशेषण के भेद

संख्यावाचक विशेषण के दो भेद होते हैं

निश्चित संख्यावाचक विशेषण 

अनिश्चित संख्यावाचक विशेषण

निश्चित संख्यावाचक विशेषण :- वह संख्यावाचक विशेषण जो किसी संज्ञा या सर्वनाम शब्दों की निश्चितसंख्या,क्रम,गणना, का बोध कराते हैं।  उन्हें निश्चित संख्यावाचक विशेषण कहते हैं। जैसे. तीन कुर्सी, दो आम, चार किताब आदि।

अनिश्चित संख्या वाचक विशेषण :-  वह संख्यावाचक विशेषण जो किसी संज्ञा या सर्वनाम शब्दों की निश्चितसंख्या,क्रम,गणना, का बोध नही कराते हैं।उन्हें अनिश्चित संख्या वाचक विशेषण कहते है।

परिणाम वाचक विशेषण

वह विशेषण शब्द जो किसी संज्ञा सर्वनाम शब्द की मात्र नाप तोल परिणाम आदि का बहुत करवाता है उसे एक परिणाम वाचक विशेषण कहते हैं।

परिणाम वाचक विशेषण के उदाहरण

हमारी गाय 10 लीटर दूध देती है।

परिणाम वाचक विशेषण के भेद

परिणाम वाचक विशेषण भी दो प्रकार के होते हैं 

निश्चित परिणाम वाचक

अनिश्चित परिणाम वाचक

निश्चित परिणाम वाचक :- वहां परिणाम वाचक विशेषण शब्द जो किसी संज्ञा या सर्वनाम शब्द की निश्चित मात्रा, तोल, माप, आदि का बोध कराते हैं  उन्हें निश्चित परिणाम वाचक कहते है। जैसे.3 किलो अनाज  ,  2 लीटर तेल आदि।

निश्चित परिमाणवाचक के उदाहरण

सात लीटर तेल देना.

ओलावृष्टि से बीस हज़ार टन अनाज नष्ट हो गया.

तीन किलो पनीर देना.

अनिश्चित परिणाम वाचक :-  वहां अपरिणाम वाचक विशेषण शब्द जो किसी संज्ञा या सर्वनाम शब्द की निश्चित मात्रा, तोल, माप, आदि का बोध नही कराते हैं  उन्हें अनिश्चित परिणाम वाचक कहते है।

अनिश्चित परिमाणवाचक के उदाहरण

थोड़ा सा दूध देना.

मुझे कुछ सामान चाहिए.

ओलावृष्टि से हज़ारों टन अनाज नष्ट हो गया.

सार्वनामिक विशेषण 

वह सर्वनाम शब्द जो विशेषण के रूप में  किसी संज्ञा शब्द की विशेषता बताता है  उसे सार्वनामिक विशेषण कहते हैं आसान भाषा में हम  ऐसे कह सकते हैं कि सर्वनाम शब्द संज्ञा या सर्वनाम की विशेषता बताते हैं। उन्हें सार्वनामिक विशेषण कहते हैं ।

सार्वनामिक विशेषण के उदाहरण 

वह कौन आ रहा है ?

यह मेरा घर है।

कौन बालक आ रहा है ।

कोई हंस रहा है।

वाक्य में प्रयोग के आधार पर विशेषण 

वाक्य में प्रयोग के आधार पर विशेषण दो प्रकार के होते हैं।

उद्देश्य विशेषण 

विधेय विशेषण 

उद्देश्य विशेषण :- किसी बात के मैं उद्देश्य की विशेषता बताने वाले शब्द उद्देश्य विशेषण कहलाते हैं।

उदाहरण

वह बहुत चालाक वालक था।

वह कमजोर था।

विद्येय विशेषण  :- किसी वाक्य मे बिधेय की विशेषता बताने वाले शब्द विद्येय विशेषण कहलाते है।

उदाहरण

वह लड़का मोटा है।

FAQ

विशेषण की कितनी अवस्था होती है?

विशेषण की तीन अवस्था होती है।
मूलावस्था
उत्तरावस्था
उत्तमावस्था

वाक्य में प्रयोग के आधार पर विशेषण कितने प्रकार के होते है?

वाक्य में प्रयोग के आधार पर विशेषण दो प्रकार के होते हैं।
उद्देश्य विशेषण 
विधेय विशेषण

संज्ञा किसे कहते हैं?

किसी जाति वस्तु स्थान  व्यक्ति के नाम को संज्ञा कहते हैं।

सर्वनाम किसे कहते हैं?

वे शब्द जो संज्ञा के स्थान पर प्रयोग किए जाते हैं उन्हें सर्वनाम कहते हैं।

Conclusion

दोस्तों हम ने इस आर्टिकल मे आपको विशेषण से सम्बंधित समस्त जानकारी दी है अगर आपको इससे सम्बंधित कोई भी समस्या या डाउट हो तो हमें कमैंट्स जरूर करे हम आपको रिप्लाई जरूर करेंगे।

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Shivam Rajpoot
Author: Shivam Rajpoot

में शिवम् राजपूत कंटेंट राइटर हू, मुझे कंटेंट राइटिंग में एक साल का अनुभव है। में टेक ,न्यूज़ ,ट्रेवल ,स्पोर्ट ,जॉब ,पोलीटिक ,एजुकेशन ,हेल्थ आदि विषयो में रूचि रखता हु | में बीए ग्रेजुएट हु और मुझे नई नई चीजे एक्स्प्लोर करना अच्छा लगता है |

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