1. संभावित कैटेगरी-वार कट-ऑफ व सेफ स्कोर (300 अंकों में से)
विशेषज्ञों और परीक्षा विश्लेषण के आधार पर विभिन्न श्रेणियों के अभ्यर्थियों के लिए संभावित सुरक्षित स्कोर इस प्रकार आंका गया है:
| वर्ग (Category) | पुरुष अभ्यर्थी सुरक्षित स्कोर (Safe Score) | महिला अभ्यर्थी सुरक्षित स्कोर (Safe Score) | सही प्रश्नों का अनुमान (Out of 150) |
|---|---|---|---|
| सामान्य (General / UR) | 205 – 215 अंक | 185 – 195 अंक | 104 – 110 प्रश्न |
| अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) | 198 – 208 अंक | 178 – 188 अंक | 100 – 106 प्रश्न |
| आर्थिक रूप से कमजोर (EWS) | 195 – 205 अंक | 175 – 185 अंक | 98 – 104 प्रश्न |
| अनुसूचित जाति (SC) | 175 – 185 अंक | 155 – 165 अंक | 88 – 94 प्रश्न |
| अनुसूचित जनजाति (ST) | 155 – 165 अंक | 135 – 145 अंक | 78 – 84 प्रश्न |
| भूतपूर्व सैनिक (Ex-Servicemen) | 125 – 135 अंक | — | 64 – 70 प्रश्न |
📌 काम की बात: यूपी पुलिस भर्ती में 0.50 अंक की नेगेटिव मार्किंग थी (यानी 2 नंबर के 1 सवाल के गलत होने पर चौथाई अंक काटा गया)। नॉर्मलाइजेशन का फायदा कठिन शिफ्ट वाले अभ्यर्थियों (विशेषकर 24 और 30 अगस्त की दूसरी पाली) को मिलने की पूरी संभावना है।
2. शारीरिक मानक परीक्षण (PST) के अनिवार्य नियम
लिखित परीक्षा में कट-ऑफ पार करने वाले अभ्यर्थियों को लगभग 2.5 गुना संख्या में दस्तावेज़ सत्यापन और शारीरिक मानक परीक्षण (DV/PST) के लिए बुलाया जाएगा:
┌─────────────────────────────────────────────────────────────┐
│ यूपी पुलिस सिपाही PST शारीरिक मानक │
├─────────────────────────────────────────────────────────────┤
│ • पुरुष (General/OBC/SC): न्यूनतम ऊंचाई 168 सेमी, सीना 79-84 सेमी │
│ • पुरुष (ST वर्ग): न्यूनतम ऊंचाई 160 सेमी, सीना 77-82 सेमी │
│ • महिला (General/OBC/SC): न्यूनतम ऊंचाई 152 सेमी, वजन 40 किग्रा │
│ • महिला (ST वर्ग): न्यूनतम ऊंचाई 147 सेमी, वजन 40 किग्रा │
└─────────────────────────────────────────────────────────────┘
- सीना फुलाव नियम: सभी पुरुष अभ्यर्थियों के लिए सीने में न्यूनतम 5 सेंटीमीटर का फुलाव (Expansion) अनिवार्य है। बिना फुलाव के किसी भी अभ्यर्थी को योग्य नहीं माना जाएगा।
- महिला अभ्यर्थियों का वजन: महिला अभ्यर्थियों के लिए सीने की माप लागू नहीं होती, लेकिन उनका न्यूनतम वजन 40 किलोग्राम होना अनिवार्य है।
3. शारीरिक दक्षता परीक्षा (PET - दौड़ का नियम)
जो अभ्यर्थी शारीरिक मानक परीक्षण (PST) में सफल होंगे, उन्हें उसी चरण में या उसके तुरंत बाद दौड़ (Running Test) में भाग लेना होगा:
- पुरुष अभ्यर्थी: 4.8 किलोमीटर की दौड़ अधिकतम 25 मिनट में पूरी करनी होगी।
- महिला अभ्यर्थी: 2.4 किलोमीटर की दौड़ अधिकतम 14 मिनट में पूरी करनी होगी।
⚠️ चेतावनी: इस दौड़ में केवल समय के भीतर पूरा करना ही पर्याप्त है (यह केवल क्वालिफाइंग है, इसके कोई अतिरिक्त अंक नहीं मिलते)। यदि कोई अभ्यर्थी 25 मिनट 01 सेकंड भी लेता है, तो उसे सीधे बाहर कर दिया जाएगा। इसलिए अभी से ग्राउंड पर नियमित अभ्यास शुरू कर दें।
4. दस्तावेज़ सत्यापन (DV Checklist) के लिए तैयार रखें ये कागज़ात
रिवाइज्ड आंसर की के बाद परिणाम जारी होते ही डीवी प्रक्रिया शुरू होगी। अपने मूल दस्तावेज़ अभी से तैयार रखें:
- 10वीं (हाईस्कूल) और 12वीं (इंटरमीडिएट) की मूल अंकतालिका व प्रमाण पत्र।
- उत्तर प्रदेश का मूल निवास प्रमाण पत्र (Domicile Certificate)।
- जाति प्रमाण पत्र (OBC अभ्यर्थियों के लिए निर्धारित कट-ऑफ अवधि में जारी प्रमाण पत्र)।
- ईडब्ल्यूएस प्रमाण पत्र (वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए वैध)।
- वैध फोटो पहचान पत्र (मूल आधार कार्ड अनिवार्य)।
- आवेदन पत्र की प्रिंट कॉपी और हाल ही में खींची गई 6 पासपोर्ट साइज रंगीन फोटो।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)
सवाल 1: यदि बोर्ड किसी प्रश्न को गलत मानता है तो बोनस अंक किसको मिलेंगे?
उत्तर: यदि UPPRPB की विषय विशेषज्ञ समिति किसी प्रश्न को त्रुटिपूर्ण या विकल्पों को अस्पष्ट पाती है, तो उस प्रश्न को रद्द कर दिया जाता है और उसका पूरा अंक उस पाली के सभी अभ्यर्थियों को समान रूप से प्रदान किया जाता है (चाहे उन्होंने प्रश्न हल किया हो या छोड़ दिया हो)।
सवाल 2: क्या यूपी पुलिस कांस्टेबल का रिजल्ट इसी महीने आएगा?
उत्तर: बोर्ड सूत्रों के अनुसार, संशोधित उत्तर कुंजी के जारी होने के बाद अक्टूबर के प्रथम पखवाड़े में लिखित परीक्षा का परिणाम और डीवी/पीएसटी के लिए शॉर्टलिस्टेड अभ्यर्थियों की सूची जारी की जाएगी।
सवाल 3: नॉर्मलाइजेशन में नंबर कम भी हो सकते हैं क्या?
उत्तर: नॉर्मलाइजेशन फॉर्मूले में आसान शिफ्ट के अभ्यर्थियों के अंकों में मामूली कटौती या बढ़त रुक सकती है, जबकि कठिन शिफ्ट वाले अभ्यर्थियों के रॉ मार्क्स में 8 से 15 अंकों तक का उछाल देखने को मिल सकता है।
सवाल 4: क्या दौड़ में चिप (RFID Tag) का इस्तेमाल होता है?
उत्तर: हाँ, यूपी पुलिस की रनिंग में अभ्यर्थियों के पैरों में इलेक्ट्रॉनिक आरएफआईडी (RFID) टाइमिंग चिप बांधी जाती है। यह चिप ट्रैक पर लगे सेंसर मैट्स को पार करते ही हर चक्कर का सटीक समय स्वतः दर्ज करती है।