Tulsi Vivah ⏱️ 18 min read 📅 2026-11-06T21:30:00+05:30

तुलसी विवाह 2026 शुभ मुहूर्त: 21 नवंबर देवउठनी एकादशी शालिग्राम विवाह विधि, सामग्री चेकलिस्ट व 7 फेरे के नियम

पं
पं. देवकीनंदन शास्त्री (वैदिक ज्योतिषाचार्य)
वरिष्ठ डिजिटल संपादक

GoForDigitalIndia संपादकीय टीम — सरकारी योजनाओं, भर्ती व तकनीकी विषयों के विश्लेषक।

⚡ त्वरित उत्तर (Quick Answer)

तुलसी विवाह 2026 में 21 नवंबर (शनिवार) को देवउठनी एकादशी के दिन मनाया जाएगा। गोधूलि काल का सर्वश्रेष्ठ विवाह मुहूर्त सायं 05:24 बजे से 07:05 बजे तक रहेगा। चार गन्नों के मंडप में तुलसी जी को दुल्हन सजाकर शालिग्राम जी के साथ 7 फेरे कराएं, तिल अर्पित करें और कन्यादान का संकल्प लें।

OFFICIAL CHANNEL GoForDigitalIndia WhatsApp चैनल

सरकारी योजनाओं, नई भर्तियों, एडमिट कार्ड और रिजल्ट्स के ताज़ा अपडेट्स सबसे पहले अपने WhatsApp पर पाएं।

👉 चैनल से जुड़ें (Join WhatsApp)

📌 मुख्य विशेषताएं व आवश्यक बिंदु

  • तुलसी विवाह 2026 मुख्य तिथि: शनिवार, 21 नवंबर 2026 को देवउठनी एकादशी महापर्व।
  • सर्वश्रेष्ठ विवाह मुहूर्त: गोधूलि काल सायं 05:24 से 07:05 बजे तक (अमृत चौघड़िया संयोग)।
  • 8 प्रमुख शहरों की 5-कॉलम समय तालिका व देवउठनी एकादशी पारण समय (22 नवंबर)।
  • गन्ने का मंडप, शालिग्राम वर पूजा, कन्यादान संकल्प व 7 फेरे की 7-चरणीय SOP।
  • शालिग्राम को तिल अर्पण नियम, देव जगाने का लोक गीत, 7 Schema FAQs व 5 गलतियों से बचाव।
विज्ञापन / SPONSORED
विज्ञापन / SPONSORED

❓ अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)

Q. तुलसी विवाह 2026 में किस दिन है - 20 नवंबर या 21 नवंबर?

A. तुलसी विवाह 21 नवंबर 2026 (शनिवार) को देवउठनी एकादशी की उदयातिथि में गोधूलि काल में मनाया जाएगा।

Q. तुलसी विवाह कराने का सबसे उत्तम समय क्या है?

A. 21 नवंबर को सायं 05:24 बजे से सायं 07:05 बजे तक का गोधूलि काल तुलसी विवाह के लिए सर्वोत्तम मुहूर्त है।

Q. यदि घर में शालिग्राम शिला न हो तो विवाह कैसे करें?

A. शालिग्राम न होने पर भगवान विष्णु की प्रतिमा, लड्डू गोपाल या श्रीकृष्ण जी की प्रतिमा को वर मानकर तुलसी विवाह कराया जा सकता है।

Q. तुलसी विवाह में कन्यादान करने से क्या फल मिलता है?

A. तुलसी जी का कन्यादान सहस्र कन्यादान और अश्वमेध यज्ञ के समान पुण्य देता है, जिससे वैकुंठ लोक की प्राप्ति होती है।

Q. क्या शालिग्राम जी को अक्षत (चावल) चढ़ाना चाहिए?

A. नहीं, भगवान शालिग्राम को अक्षत चढ़ाना वर्जित है। अक्षत के स्थान पर हमेशा सफेद या काले तिल अर्पित किए जाते हैं।

Q. तुलसी जी की कितनी परिक्रमा की जाती है?

A. विवाह के समय शालिग्राम जी को हाथ में लेकर तुलसी जी की 7 बार परिक्रमा (सप्तपदी) की जाती है।

Q. देवउठनी एकादशी व्रत का पारण कब और कैसे करना चाहिए?

A. पारण 22 नवंबर (रविवार) को प्रातः 06:49 से 08:56 बजे के मध्य चरणामृत ग्रहण कर सात्विक अन्न से करना चाहिए।

क्या यह जानकारी आपके लिए उपयोगी रही?

अपने दोस्तों, परिजनों और ग्रुप्स में इस महत्वपूर्ण जानकारी को तुरंत शेयर करें:

💬 WhatsApp पर शेयर करें 📢 चैनल जॉइन करें
💬 WhatsApp शेयर 🔔 WhatsApp चैनल जॉइन करें