🎯 लक्षित पाठक वर्ग: यह खबर मुख्य रूप से उन नागरिकों के लिए आवश्यक है जिनका आधार कार्ड डीएक्टिवेट, सस्पेंड, रिजेक्ट या बायोमेट्रिक डुप्लीकेसी के कारण निरस्त हो चुका है, तथा जिन्हें यूआईडीएआई क्षेत्रीय कार्यालय में कानूनी अपील और समाधान की आवश्यकता है।
1. किसी व्यक्ति की मृत्यु के बाद उसके आधार कार्ड का क्या करना चाहिए? क्या इसे सरेंडर किया जा सकता है?
गंभीर साइबर जोखिम: जब परिवार में किसी प्रियजन का देहावसान होता है, तो शोक के माहौल में लोग मृतक के दस्तावेजों पर ध्यान नहीं देते। साइबर अपराधी अक्सर श्मशान घाटों या अखबारों में छपने वाले शोक संदेशों से मृतक का नाम निकालकर उनके पुराने आधार कार्ड और सिम कार्ड का दुरुपयोग करके फर्जी लोन ले लेते हैं या बेनामी बैंक खाते खोल लेते हैं।
यूआईडीएआई का लाइफसाइकिल मैनेजमेंट: भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (UIDAI) ने स्पष्ट किया है कि एक बार जारी किया गया 12-अंकों का आधार नंबर उस व्यक्ति के देहांत के बाद भी किसी दूसरे जीवित व्यक्ति को दोबारा आवंटित नहीं किया जा सकता। वह नंबर उस व्यक्ति के साथ ही डेटाबेस में हमेशा के लिए सुरक्षित और निष्प्रभावी कर दिया जाता है।
2. मृत्यु प्रमाण पत्र (Death Certificate) से आधार लिंक, बायोमेट्रिक लॉक, मिसयूज से बचाव
मृतक के आधार के प्रबंधन से जुड़े प्रमुख नियम और सावधानियों का विवरण:
| मापदंड / श्रेणी | सरकारी नियम व शर्त | आवश्यक दस्तावेज | शुल्क / न्यूनतम बजट | काम की टिप (Expert Advice) |
|---|---|---|---|---|
| सिविल रजिस्ट्रेशन सिस्टम (CRS) | मृत्यु प्रमाण पत्र बनते समय मृतक का 12-अंकों का आधार नंबर दर्ज करना | डिजिटल मृत्यु प्रमाण पत्र (Death Certificate) | ₹0 (स्वतः सरकारी लिंकिंग) | डेथ सर्टिफिकेट बनवाते समय मृतक का आधार नंबर अवश्य लिखवाएं |
| बायोमेट्रिक परमानेंट लॉक | myAadhaar पोर्टल या mAadhaar ऐप से मृतक का बायोमेट्रिक हमेशा के लिए लॉक | मृतक का आधार + एक्टिव सिम ओटीपी | ₹0 (घर बैठे तुरंत) | सिम बंद कराने से पहले ही बायोमेट्रिक लॉक ऑन कर देना चाहिए |
| आधार नंबर का विधिक दर्जा | मृत्यु के बाद भी आधार नंबर किसी दूसरे जीवित व्यक्ति को आवंटित नहीं होता | यूआईडीएआई विधिक नीति | स्थायी अद्वितीयता | नंबर डेटाबेस में हमेशा के लिए 'Inactive/Deceased' के रूप में सुरक्षित रहता है |
| पेंशन व बैंक क्लेम | बैंक खाते में नॉमिनी या उत्तराधिकारी क्लेम हेतु मृतक का आधार आवश्यक | मृतक आधार प्रति + उत्तराधिकार प्रमाण पत्र | क्लेम सेटलमेंट | जब तक बैंक खाते का सारा पैसा ट्रांसफर न हो जाए, आधार कार्ड नष्ट न करें |
| मिसयूज और साइबर फ्रॉड | मृतक के आधार पर फर्जी सिम कार्ड जारी कराने या जाली लोन लेने पर रोक | दूरसंचार विभाग (DoT) अलर्ट | कानूनी अपराध | मृतक के आधार का भौतिक कार्ड संभाल कर तिजोरी में रखें |
| पैन कार्ड डी-लिंकिंग | आयकर पोर्टल पर मृतक के पैन को 'Surrender due to Death' दर्ज कराना | मृत्यु प्रमाण पत्र + पैन कार्ड प्रति | टैक्स विभाग प्रक्रिया | अंतिम टैक्स रिटर्न दाखिल करने के बाद ही पैन सरेंडर करें |
| बिना मृत्यु प्रमाण पत्र के क्या करें | यदि सर्टिफिकेट नहीं बना तो शपथ पत्र और श्मशान/कब्रिस्तान की पर्ची दें | अंतिम संस्कार रसीद व पार्षद/प्रधान लेटर | अस्थायी उपाय | पहले नगर निगम में जाकर 21 दिन के भीतर मृत्यु प्रमाण पत्र बनवाएं |
दस्तावेजों को कब तक संभाल कर रखें: परिवार के सदस्यों को मृतक के मूल आधार कार्ड, पैन कार्ड और मृत्यु प्रमाण पत्र को कम से कम 7 से 10 वर्षों तक सुरक्षित रखना चाहिए, क्योंकि पैतृक संपत्ति के बंटवारे, जमीन की वसीयत और बैंक के पुराने विवादों में मृतक की पहचान प्रमाणित करना आवश्यक होता है।
3. सिविल रजिस्ट्रेशन सिस्टम (CRS Portal) द्वारा मृत्यु पंजीकृत होते ही आधार डेटाबेस में फ्लैग करने की नई सरकारी व्यवस्था
भारत सरकार की स्वचालित नई व्यवस्था:
CRS और UIDAI का एकीकरण: भारत के महारजिस्ट्रार (RGI) के सिविल रजिस्ट्रेशन सिस्टम (CRS) पोर्टल को अब सीधे यूआईडीएआई के डेटाबेस से जोड़ दिया गया है। जब परिजन नगर निगम या ग्राम पंचायत में मृत्यु का पंजीकरण कराने जाते हैं, तो मृत्यु प्रमाण पत्र के आवेदन फॉर्म में मृतक का 12-अंकों का आधार नंबर दर्ज कराया जाता है।
सिस्टम स्तर पर 'Deceased' फ्लैग: जैसे ही रजिस्ट्रार द्वारा डिजिटल डेथ सर्टिफिकेट जारी होता है, यूआईडीएआई के सर्वर को ऑटोमेटेड अलर्ट चला जाता है और मृतक के आधार पर 'Deceased / Dormant' का सुरक्षा फ्लैग लग जाता है। इसके बाद उस आधार से कोई भी नया वित्तीय लेनदेन या सिम एक्टिवेशन स्वतः ब्लॉक हो जाता है।
4. परिजनों द्वारा myAadhaar ऐप से मृत व्यक्ति के आधार को परमानेंट लॉक/डीएक्टिवेट करने की विधि
परिजनों द्वारा तुरंत उठाए जाने वाले 4 कदम:
- चरण 1 (सिम बंद न कराएं तुरंत): मृतक का मोबाइल नंबर तुरंत बंद न कराएं। कम से कम 1 महीने तक सिम चालू रखें ताकि बैंक और आधार के जरूरी काम पूरे हो सकें।
- चरण 2 (myAadhaar पोर्टल पर लॉगिन):
myaadhaar.uidai.gov.inपर जाएं, मृतक का आधार नंबर डालें और उनके मोबाइल पर आने वाला ओटीपी दर्ज कर लॉगिन करें। - चरण 3 ('Lock/Unlock Biometrics' पर क्लिक करें): सुरक्षा सेटिंग्स में जाकर बायोमेट्रिक लॉक को ऑन (Enable) कर दें। इसके बाद स्क्रीन पर लाल ताला आ जाएगा।
- चरण 4 (बैंकों और बीमा कंपनियों में क्लेम): संबंधित बैंकों और एलआईसी/बीमा कंपनियों में जाकर नॉमिनी क्लेम फॉर्म भरें और उसके साथ मृत्यु प्रमाण पत्र और मृतक के आधार की प्रति संलग्न करें।
5. आम समस्याएं और समाधान (Citizen Troubleshooting)
मृत व्यक्ति के आधार से जुड़ी सामान्य समस्याएं और उनके समाधान:
- समस्या 1: बिना मृत्यु प्रमाण पत्र के आधार नंबर का क्या करें: यदि मृत्यु दूरदराज गांव या घर पर हुई है और नगर निगम का सर्टिफिकेट नहीं बना है, तो पहले स्थानीय ग्राम प्रधान या नगर पार्षद से मृत्यु सत्यापन पत्र बनवाएं और 21 दिन के भीतर सीआरएस पोर्टल पर पंजीकरण कराएं।
- समस्या 2: बैंक खाते में नॉमिनी का नाम न होना: यदि मृतक के बैंक खाते में नॉमिनी नहीं था, तो तहसीलदार या कोर्ट से 'Succession Certificate' (उत्तराधिकार प्रमाण पत्र) बनवाना होता है, जिसमें मृतक का आधार नंबर दर्ज रहता है।
- समस्या 3: मृतक के फोन का लॉक न खुलना: यदि मृतक के फोन का पिन याद नहीं है, तो सिम कार्ड निकालकर किसी दूसरे सामान्य फोन में डालें ताकि एसएमएस ओटीपी प्राप्त किया जा सके।
6. अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)
प्रश्न 1: क्या किसी मृत व्यक्ति का आधार कार्ड सरेंडर करने के लिए कोई अलग सरकारी फॉर्म आता है?
उत्तर: नहीं, यूआईडीएआई में आधार सरेंडर का कोई फॉर्म नहीं होता। मृत्यु प्रमाण पत्र में आधार दर्ज होते ही सिस्टम स्तर पर स्वतः निष्क्रियता दर्ज हो जाती है।
प्रश्न 2: क्या मृतक का आधार कार्ड किसी बैंक लोन के लिए इस्तेमाल हो सकता है?
उत्तर: यदि बायोमेट्रिक लॉक नहीं किया गया और डेथ सर्टिफिकेट से लिंक नहीं कराया गया, तो अपराधी दुरुपयोग कर सकते हैं। इसीलिए बायोमेट्रिक लॉक करना अनिवार्य है।
प्रश्न 3: क्या मृतक के आधार कार्ड पर सरकारी पेंशन जारी रह सकती है?
उत्तर: नहीं। हर साल नवंबर में जीवन प्रमाण पत्र (FaceRD) जमा करना होता है। जीवित व्यक्ति का चेहरा न मिलने पर पेंशन स्वतः बंद हो जाती है। मृतक की पेंशन लेना कानूनन अपराध है।
- आधार बायोमेट्रिक लॉक व अनलॉक गाइड: Aadhaar Biometric Lock Unlock Guide
- जीवन प्रमाण पत्र फेस ऑथेंटिकेशन: Jeevan Pramaan Patra FaceRD Guide
- मास्टर ऑनलाइन पोर्टल: myAadhaar मास्टर गाइड 2026
- निष्क्रिय आधार कार्ड पुनः चालू कराएं: Deactivated Aadhaar Reactivation Guide