भारतीय कृषि व्यवस्था में बिचौलियों और दलालों के हस्तक्षेप को समाप्त कर किसानों को सीधे सरकारी खजाने से योजनाओं का लाभ देने के लिए केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने 'Agri Welfare Portal' (कृषि कल्याण पोर्टल) का शुभारंभ किया है। यह पोर्टल 'एक किसान, एक डिजिटल पहचान' की अवधारणा पर कार्य करता है।
आधिकारिक पोर्टल: agriwelfare.gov.in | लाभार्थी दायरा: देश के समस्त भूमिधर एवं बटाईदार किसान | सत्यापन तकनीक: आधार ई-केवाईसी व भू-अभिलेख लिंकिंग
1. Agri Welfare Portal 2026 क्या है और किसानों को इससे क्या राहत मिलेगी?
पहले किसान भाइयों को पीएम किसान के लिए अलग वेबसाइट, फसल बीमा के लिए अलग पोर्टल और कृषि यंत्र (ट्रैक्टर, रोटावेटर) की सब्सिडी के लिए राज्य कृषि विभाग के अलग-अलग दफ्तरों के चक्कर लगाने पड़ते थे। हर बार नए सिरे से खतौनी, बैंक पासबुक और आधार की फोटोकॉपी जमा करनी पड़ती थी।
Agri Welfare Portal ने इस पूरी जटिलता को खत्म कर दिया है। अब किसान का एक बार 'डिजिटल किसान प्रोफाइल' (Digital Farmer Profile) तैयार होने के बाद उसकी जमीन, बैंक खाता और श्रेणी सिस्टम में सुरक्षित हो जाती है। इसके बाद किसी भी नई योजना का फॉर्म भरते समय केवल एक क्लिक पर सब्सिडी का आवेदन स्वीकार हो जाता है।
2. पोर्टल पर मिलने वाली प्रमुख 6 सरकारी योजनाएं और सब्सिडी का विवरण
- प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि (PM-KISAN): 24वीं किस्त की तारीख, ई-केवाईसी सत्यापन और रिजेक्टेड लैंड सीडिंग का त्वरित ऑनलाइन समाधान।
- कृषि यंत्रीकरण एवं उपकरण अनुदान (SMAM): कस्टम हायरिंग सेंटर, ट्रैक्टर, हैप्पी सीडर, लेजर लैंड लेवलर पर 40% से 50% तक की सीधी सब्सिडी।
- प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना (PMFBY): मौसम की मार या प्राकृतिक आपदा से फसल नष्ट होने पर 72 घंटे के भीतर नुकसान की सूचना और क्लेम स्टेटस ट्रैकिंग।
- प्रमाणित बीज व उर्वरक डीबीटी: दलहन, तिलहन और गेहूं के उन्नत किस्म के बीजों पर मिलने वाली सीधी नकद सब्सिडी।
- पीएम कुसुम सोलर पंप योजना (PM-KUSUM): खेतों में सोलर पंप लगाने पर 60% तक का सरकारी अनुदान।
- सॉइल हेल्थ कार्ड एवं उर्वरक सिफारिश: खेत की मिट्टी की जांच रिपोर्ट और संतुलित खाद डालने की वैज्ञानिक सलाह।
3. 5-स्तंभीय सब्सिडी तालिका: किस उपकरण और योजना पर कितनी छूट?
| योजना / उपकरण का नाम | पात्रता श्रेणी | सब्सिडी का प्रतिशत | अधिकतम सरकारी अनुदान | आवश्यक मुख्य दस्तावेज़ |
|---|---|---|---|---|
| रोटावेटर व कल्टीवेटर | लघु/सीमांत/महिला किसान | 50% तक | ₹40,000 से ₹60,000 | जमीन की खतौनी, आधार कार्ड, ट्रैक्टर आरसी |
| सोलर पंप (PM-KUSUM) | सिंचाई स्रोत वाले किसान | 60% अनुदान | ₹1,50,000 से ₹2,50,000 | खेत का नक्शा, बोरवेल प्रमाण पत्र, बैंक पासबुक |
| कृषि ड्रोन (Kisan Drone) | एफपीओ (FPO) व महिला स्वयं सहायता समूह | 75% से 100% तक | ₹5,00,000 से ₹10,00,000 | एफपीओ रजिस्ट्रेशन, ड्रोन पायलट प्रमाण पत्र |
| प्रमाणित बीज वितरण | सभी श्रेणी के किसान | 50% अनुदान | ₹1,500 से ₹2,500 प्रति क्विंटल | किसान पंजीकरण संख्या (Farmer ID) |
4. नए पोर्टल पर किसान रजिस्ट्रेशन और लॉगिन की स्टेप-बाय-स्टेप प्रक्रिया
- आधिकारिक वेबसाइट agriwelfare.gov.in पर जाएं।
- होमपेज पर "नया किसान पंजीकरण (New Farmer Registration)" विकल्प पर क्लिक करें।
- अपना 12 अंकों का आधार नंबर और मोबाइल नंबर दर्ज कर "ओटीपी भेजें" पर क्लिक करें।
- प्राप्त 6 अंकों का ओटीपी डालकर ई-केवाईसी सत्यापित करें। आपकी फोटो और मूल विवरण स्क्रीन पर आ जाएगा।
- अपने राज्य, जिले, तहसील और गांव का चयन करके अपनी कृषि भूमि का खसरा/खतौनी नंबर (Plot/Survey No.) जोड़ें।
- अपना आधार से लिंक बैंक खाता विवरण (IFSC कोड व खाता संख्या) जांचें और "सबमिट" करें।
- आपको एक विशिष्ट Agri ID प्राप्त होगी, जिसके माध्यम से आप कभी भी किसी भी योजना के लिए आवेदन कर सकेंगे।
5. आवेदन रिजेक्ट होने के मुख्य कारण और सुधार का सही तरीका
कृषि विभाग के आंकड़ों के अनुसार 85% आवेदन केवल तीन कारणों से खारिज होते हैं:
- नाम में अंतर: आधार कार्ड और जमीन के राजस्व अभिलेख (खतौनी) में किसान के नाम की स्पेलिंग में अंतर होना। इसे पोर्टल पर 'नाम सुधार' विकल्प से ठीक करें।
- अमान्य बैंक खाता: बैंक खाते में डीबीटी (NPCI Aadhaar Mapping) इनएक्टिव होना। इसके लिए अपनी बैंक शाखा में जाकर डीबीटी मैपिंग फॉर्म भरें।
- ट्रैक्टर आरसी वैलिडिटी: कृषि यंत्रों के आवेदन में दूसरे व्यक्ति के ट्रैक्टर की आरसी अपलोड कर देना। आरसी स्वयं किसान या उसके पिता/माता के नाम होनी चाहिए।
कृषि मंत्रालय आधिकारिक हेल्पलाइन
Agri Welfare Portal से जुड़ी किसी भी तकनीकी समस्या या अनुदान संबंधित पूछताछ के लिए राष्ट्रीय किसान कॉल सेंटर के टोल-फ्री नंबर 1800-180-1551 (सुबह 6:00 से रात 10:00 बजे तक) पर संपर्क करें।