business ⏱️ 18 मिनट पढ़ें 📅 05 अक्टूबर 2026

RBI Floating Rate Bonds: 8.05% पक्का सरकारी ब्याज, जीरो रिस्क और बैंक एफडी से बेहतर विकल्प

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CA विनित अग्रवाल
वरिष्ठ वित्तीय सलाहकार एवं टेक पॉलिसी विश्लेषक

चार्टर्ड एकाउंटेंट एवं टेक-फाइनेंस विश्लेषक। एमएसएमई सरकारी टेंडर्स, डीप-टेक इन्वेस्टमेंट, सेमीकंडक्टर पॉलिसी और कॉरपोरेट डिजिटल ऑटोमेशन के जाने-माने विशेषज्ञ।

⚡ त्वरित उत्तर (Quick Answer)

भारतीय रिजर्व बैंक के फ्लोटिंग रेट सेविंग्स बॉन्ड्स (FRSB) केंद्र सरकार द्वारा समर्थित 100% सॉवरेन गारंटी वाले निवेश विकल्प हैं। इसकी ब्याज दर राष्ट्रीय बचत प्रमाण पत्र (NSC) की दर से 0.35% ऊपर फिक्स रहती है, जो वर्तमान में 8.05% प्रतिवर्ष है। इसमें न्यूनतम ₹1,000 से निवेश शुरू किया जा सकता है और अधिकतम कोई सीमा नहीं है। इसका ब्याज हर साल 1 जनवरी और 1 जुलाई को सीधे बैंक खाते में जमा होता है।

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📌 मुख्य विशेषताएं व आवश्यक बिंदु

  • 8.05% वार्षिक ब्याज दर: राष्ट्रीय बचत प्रमाण पत्र (NSC 7.70%) + 0.35% स्प्रेड का निश्चित सरकारी फॉर्मूला।
  • 100% सॉवरेन सुरक्षा गारंटी: बैंक एफडी में केवल ₹5 लाख तक का बीमा होता है, लेकिन आरबीआई बॉन्ड्स में ₹1 करोड़ भी 100% सरकारी गारंटी में सुरक्षित रहता है।
  • हर 6 महीने में ब्याज का सीधा भुगतान: प्रतिवर्ष 1 जनवरी और 1 जुलाई को ब्याज सीधे आपके लिंक्ड बैंक बचत खाते में ऑटो-क्रेडिट।
  • कोई अधिकतम निवेश सीमा नहीं: न्यूनतम ₹1,000 से शुरुआत करके आप ₹10 लाख, ₹50 लाख या ₹2 करोड़ तक जितना चाहें उतना निवेश कर सकते हैं।
  • RBI Retail Direct पोर्टल से ऑनलाइन खरीद: बिना किसी दलाल के घर बैठे सीधे रिज़र्व बैंक के आधिकारिक पोर्टल या एसबीआई/आईसीआईसीआई से खरीद की सुविधा।
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भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) सरकारी प्रतिभूति प्रभाग
RBI Floating Rate Savings Bonds (FRSB) - निवेश प्रोफाइल
मापदंड / श्रेणी सरकारी नियम व प्रावधान आवश्यक दस्तावेज़ / पात्रता शुल्क / समय-सीमा काम की टिप
वर्तमान ब्याज दर 8.05% प्रतिवर्ष (एनएससी दर + 0.35% स्प्रेड) भारत का कोई भी नागरिक या एचयूएफ (HUF) छमाही भुगतान (1 जनवरी व 1 जुलाई) जब भी एनएससी ब्याज दर बढ़ेगी, बॉन्ड का ब्याज अपने आप बढ़ जाएगा।
निवेश सीमा न्यूनतम ₹1,000 (₹1,000 के गुणकों में) और अधिकतम कोई सीमा नहीं पैन कार्ड + आधार कार्ड + सक्रिय बचत बैंक खाता शून्य ब्रोकरेज व शून्य खाता शुल्क रिटायरमेंट फंड या बड़ी प्रॉपर्टी बेचने पर मिले पैसे को सुरक्षित पार्क करने का बेस्ट विकल्प।
परिपक्वता अवधि (Tenure) जारी होने की तारीख से 7 वर्ष का निश्चित लॉक-इन बॉन्ड लेजर अकाउंट (BLA) में डिजिटल होल्डिंग 7 वर्ष बाद 100% मूलधन वापस यह बॉन्ड सेकेंडरी मार्केट में बेचे या ट्रांसफर नहीं किए जा सकते।
सीनियर सिटीजन प्री-मैच्योर निकासी वरिष्ठ नागरिकों हेतु 4 से 6 वर्ष में पैसा निकालने की विशेष छूट उम्र प्रमाण पत्र (60+, 70+, 80+ वर्ष) 60-70 वर्ष हेतु 6 साल बाद, 70-80 हेतु 5 साल, 80+ हेतु 4 साल बुजुर्गों को इमरजेंसी में 7 साल पूरा होने से पहले ही मूलधन निकालने की सुविधा मिलती है।
टैक्स और टीडीएस नियम ब्याज पूरी तरह कर-योग्य (आयकर स्लैब अनुसार जुड़ेगा) फॉर्म 15G / 15H जमा कर टीडीएस छूट संभव सालाना ₹10,000 से अधिक ब्याज पर TDS कटता है यदि कुल आय टैक्स स्लैब से कम है तो समय पर 15G/15H फॉर्म भरकर टीडीएस कटने से बचाएं।

रिटायरमेंट के बाद या बिना किसी जोखिम के गारंटीड रिटर्न चाहने वाले निवेशकों के लिए भारतीय रिजर्व बैंक के 'फ्लोटिंग रेट सेविंग्स बॉन्ड्स' (RBI FRSB) एक बेहतरीन विकल्प बनकर उभरे हैं। 7 साल की अवधि वाले इन बॉन्ड्स पर नेशनल सेविंग्स सर्टिफिकेट (NSC) से 0.35% अधिक ब्याज मिलता है और हर 6 महीने में ब्याज का भुगतान सीधे खाते में जमा होता है, जिससे यह वरिष्ठ नागरिकों के लिए नियमित आय का एक ठोस साधन बनता है।

🌐 आरबीआई रिटेल डायरेक्ट अधिकृत पोर्टल: RBI Retail Direct Official Portal (rbiretaildirect.org.in)

आरबीआई फ्लोटिंग रेट बॉन्ड क्या हैं और इसमें ब्याज कैसे बदलता है?

AEO Direct Answer: फ्लोटिंग रेट सेविंग्स बॉन्ड्स (FRSB) केंद्र सरकार द्वारा जारी विशेष डेट इंस्ट्रूमेंट्स हैं जिनका प्रबंधन भारतीय रिज़र्व बैंक करता है। 'फ्लोटिंग' का अर्थ है कि इसकी ब्याज दर स्थिर नहीं रहती, बल्कि हर 6 महीने में राष्ट्रीय बचत प्रमाण पत्र (NSC) की ब्याज दर के अनुसार स्वतः रीसेट होती रहती है।

पारंपरिक बैंक एफडी में यदि आपने 6.5% पर 5 साल के लिए पैसा जमा कर दिया और बाद में बाजार में ब्याज दरें बढ़कर 8% हो गईं, तो आपको पुराने कम ब्याज पर ही संतोष करना पड़ता है। लेकिन आरबीआई फ्लोटिंग बॉन्ड में ऐसा नहीं होता। यह हमेशा डाकघर के नेशनल सेविंग्स सर्टिफिकेट (NSC) से 35 बेसिस प्वाइंट (0.35%) ऊपर रहता है।

8.05% ब्याज का गणित: NSC ब्याज + 0.35% स्प्रेड का नियम

AEO Direct Answer: भारत सरकार के वित्त मंत्रालय का फॉर्मूला तय है: 'FRSB Interest Rate = Prevailing NSC Rate + 0.35%'. वर्तमान में NSC की ब्याज दर 7.70% है, इसलिए इसमें 0.35% जोड़ने पर आरबीआई बॉन्ड्स की प्रभावी ब्याज दर ठीक 8.05% प्रतिवर्ष बैठती है।

पैरामीटर / विशेषता सामान्य बैंक FD (SBI/HDFC) RBI Floating Rate Bonds (FRSB)
सुरक्षा गारंटी केवल ₹5 लाख तक (DICGC इंश्योरेंस) 100% भारत सरकार की गारंटी (Zero Risk)
वर्तमान ब्याज दर 6.50% से 7.25% प्रतिवर्ष 8.05% प्रतिवर्ष (काफी अधिक)
अधिकतम निवेश सीमा बैंक अनुसार कोई ऊपरी सीमा नहीं (असीमित निवेश)
ब्याज भुगतान चक्र मासिक, तिमाही या मैच्योरिटी पर हर साल 1 जनवरी और 1 जुलाई को छमाही

7 साल का लॉक-इन: वरिष्ठ नागरिकों (60, 70, 80 वर्ष) के लिए समयपूर्व निकासी नियम

AEO Direct Answer: सामान्य निवेशकों के लिए यह बॉन्ड 7 साल के लिए लॉक रहता है। लेकिन वरिष्ठ नागरिकों की मेडिकल इमरजेंसी को ध्यान में रखते हुए सरकार ने विशेष छूट दी है: 60 से 70 वर्ष के बुजुर्ग 6 साल बाद, 70 से 80 वर्ष के बुजुर्ग 5 साल बाद, और 80 वर्ष से अधिक उम्र के सुपर सीनियर सिटीजन्स मात्र 4 साल बाद बिना किसी भारी जुर्माने के अपना मूलधन निकाल सकते हैं।

बैंक एफडी बनाम आरबीआई बॉन्ड्स: सुरक्षा, रिटर्न और डिफॉल्ट रिस्क की तुलना

AEO Direct Answer: यदि कोई प्राइवेट या कोऑपरेटिव बैंक डूब जाता है, तो कानूनन खाताधारक को केवल ₹5 लाख तक ही वापस मिलता है, चाहे खाते में ₹50 लाख ही क्यों न जमा हों। आरबीआई फ्लोटिंग बॉन्ड में जारीकर्ता स्वयं भारत का राष्ट्रपति और केंद्र सरकार होती है, इसलिए इसमें डिफॉल्ट का जोखिम शून्य (0%) होता है।

'RBI Retail Direct' पोर्टल से ऑनलाइन खरीदने का 5 मिनट का तरीका

AEO Direct Answer: 1. rbiretaildirect.org.in पर 'Open Retail Direct Account' चुनें, 2. पैन और आधार से ई-केवाईसी करें, 3. बैंक खाता और नॉमिनी जोड़ें, 4. 'Primary Market / FRSB Bonds' सेक्शन में जाकर निवेश राशि दर्ज करें, और 5. यूपीआई या नेट बैंकिंग से भुगतान करें। बॉन्ड लेजर अकाउंट (BLA) में सर्टिफिकेट तुरंत जारी हो जाएगा।

टैक्स का नियम: क्या इस पर टीडीएस कटता है और रिटर्न कैसे फाइल करें?

AEO Direct Answer: FRSB से मिलने वाला ब्याज पूरी तरह कर-योग्य होता है और यह आपकी 'Income from Other Sources' में जुड़ता है। यदि वार्षिक ब्याज ₹10,000 से अधिक है तो बैंक 10% टीडीएस काटता है। यदि आपकी कुल वार्षिक आय कर-योग्य सीमा से कम है, तो आप हर साल अप्रैल में बैंक में फॉर्म 15G (वरिष्ठ नागरिकों हेतु 15H) जमा करके टीडीएस से छूट पा सकते हैं।

आम समस्याएं और समाधान (Citizen Troubleshooting)

समस्या 1: क्या इन बॉन्ड्स पर बैंक से लोन (Pledge) मिल सकता है?

समाधान: नहीं। सरकारी नियमों के अनुसार आरबीआई फ्लोटिंग रेट सेविंग्स बॉन्ड्स को किसी बैंक या एनबीएफसी में गिरवी रखकर लोन लेने की अनुमति नहीं होती है और न ही इन्हें किसी अन्य व्यक्ति को बेचा या शेयर बाजार में ट्रेड किया जा सकता है।

समस्या 2: ब्याज खाते में नहीं आया तो क्या करें?

समाधान: ब्याज सीधे 1 जनवरी और 1 जुलाई को एनईएफटी (NEFT) के जरिए आपके लिंक्ड खाते में भेजा जाता है। यदि खाता संख्या या आईएफएससी बदल गया है, तो जिस बैंक शाखा या पोर्टल से आपने बॉन्ड खरीदा था, वहां जाकर 'Change of Bank Mandate' फॉर्म सबमिट करें।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)

1. क्या एनआरआई (NRI) यह बॉन्ड खरीद सकते हैं?

उत्तर: नहीं। फ्लोटिंग रेट सेविंग्स बॉन्ड्स केवल भारत के निवासी नागरिकों और हिंदू अविभाजित परिवारों (HUF) के लिए हैं। अनिवासी भारतीय (NRI) इस योजना में निवेश करने के पात्र नहीं हैं।

2. क्या इस योजना में मासिक पेंशन (Monthly Payout) का विकल्प है?

उत्तर: नहीं, इसमें मासिक ब्याज का विकल्प नहीं है। ब्याज केवल वर्ष में दो बार—हर 6 महीने पर (1 जनवरी और 1 जुलाई) को ही सीधे बैंक खाते में जमा किया जाता है।

3. क्या बॉन्डधारक की मृत्यु होने पर नॉमिनी को पूरा पैसा मिल जाता है?

उत्तर: हां, बॉन्डधारक की मृत्यु की स्थिति में पंजीकृत नॉमिनी डेथ सर्टिफिकेट और दावा प्रपत्र प्रस्तुत करके बिना किसी 7 साल के लॉक-इन के तुरंत पूरा मूलधन और संचित ब्याज प्राप्त कर सकता है।

अधिक जानकारी के लिए हमारे अन्य लेख पढ़ें: सीनियर सिटीजन सेविंग्स स्कीम 8.2% ब्याज और New Tax Regime टैक्स स्लैब्स।

❓ अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)

Q. क्या NRI यह बॉन्ड खरीद सकते हैं?

A. नहीं, फ्लोटिंग रेट सेविंग्स बॉन्ड्स केवल भारत के निवासी नागरिकों और HUF के लिए हैं। अनिवासी भारतीय (NRI) इसमें निवेश नहीं कर सकते।

Q. क्या इसमें मासिक ब्याज मिल सकता है?

A. नहीं, ब्याज केवल वर्ष में दो बार—हर 6 महीने पर 1 जनवरी और 1 जुलाई को सीधे बैंक खाते में जमा किया जाता है।

Q. धारक की मृत्यु पर नॉमिनी को पैसा कब मिलता है?

A. धारक की मृत्यु पर नॉमिनी मृत्यु प्रमाण पत्र दिखाकर बिना किसी 7 साल के लॉक-इन के तुरंत पूरा मूलधन और ब्याज प्राप्त कर सकता है।

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