news ⏱️ 9 मिनट पढ़ें 📅 16 सितंबर 2026

UPI New Rules 2026: क्या ₹2,000 से अधिक के पेमेंट पर कटेगा चार्ज? जानिए NPCI का आधिकारिक स्पष्टीकरण व नया नियम

राजेश वर्मा
राजेश वर्मा
वरिष्ठ फिनटेक व बैंकिंग विश्लेषक

विगत 10 वर्षों से भारतीय बैंकिंग प्रणाली, एनपीसीआई प्रोटोकॉल्स, डिजिटल भुगतान सुरक्षा और आरबीआई नीतियों पर स्वतंत्र शोध व पत्रकारिता।

⚡ त्वरित उत्तर (Quick Answer)

नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI) और भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के आधिकारिक दिशा-निर्देशों के अनुसार, आम नागरिकों द्वारा किए जाने वाले सामान्य बैंक-टू-बैंक UPI भुगतान (P2P और सामान्य P2M) पर शून्य चार्ज है। सोशल मीडिया पर ₹2,000 से अधिक के लेनदेन पर चार्ज लगने की खबरें भ्रामक हैं। इंटरचेंज फीस (1.1% तक) केवल प्रीपेड पेमेंट इंस्ट्रूमेंट्स (जैसे Paytm/PhonePe वॉलेट) के माध्यम से बड़े मर्चेंट क्यूआर कोड पर किए जाने वाले भुगतानों पर मर्चेंट द्वारा वहन की जाती है। बैंक खाते से सीधे किए जाने वाले यूपीआई लेनदेन पर ग्राहक या दुकानदार को कोई अतिरिक्त शुल्क नहीं देना होता है।

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📌 मुख्य विशेषताएं व आवश्यक बिंदु

  • सामान्य बैंक-टू-बैंक यूपीआई ट्रांसफर (P2P और P2M) सभी नागरिकों के लिए 100% निःशुल्क और सुरक्षित।
  • ₹2,000 से अधिक के लेनदेन पर 1.1% तक का इंटरचेंज शुल्क केवल 'वॉलेट/PPI मर्चेंट' ट्रांजैक्शन पर लागू, ग्राहक पर कोई भार नहीं।
  • यूपीआई लाइट (UPI Lite) की ऑफलाइन वॉलेट सीमा बढ़ाकर ₹1,000 प्रति ट्रांजैक्शन और दैनिक ₹4,000 की गई।
  • गलत खाते में पैसे ट्रांसफर होने पर 4 घंटे के भीतर 1930 या npci.org.in पोर्टल पर विवाद दर्ज करने का नया प्रावधान।
लेनदेन का प्रकारलागू चार्ज (Charges)वहन करने वाला पक्षआधिकारिक नियम
व्यक्ति से व्यक्ति (P2P बैंक ट्रांसफर)₹0 (बिल्कुल मुफ्त)लागू नहीं100% फ्री (NPCI सर्कुलर)
दुकानदार QR (P2M बैंक से बैंक)₹0 (बिल्कुल मुफ्त)लागू नहींशून्य मर्चेंट डिस्काउंट रेट (Zero MDR)
वॉलेट/PPI से मर्चेंट QR (₹2,000+)1.1% तक इंटरचेंज फीसकेवल बड़ा मर्चेंट (दुकानदार)ग्राहक पर ₹0 शुल्क
क्रेडिट कार्ड ऑन यूपीआई (RuPay)मर्चेंट श्रेणी अनुसार MDRमर्चेंटग्राहक पर कोई चार्ज नहीं
UPI Lite ऑफलाइन वॉलेट₹0 (मुफ्त)लागू नहींप्रति लेनदेन ₹1,000 तक पिन-फ्री

1. यूपीआई चार्ज की सच्चाई: क्या आम ग्राहक के पैसे कटेंगे?

UPI Payment New Rules 2026: क्या ₹2,000 से अधिक के पेमेंट पर कटेगा चार्ज?
चित्र: भारत में प्रतिदिन 45 करोड़ से अधिक यूपीआई लेनदेन शून्य शुल्क पर सुरक्षित रूप से प्रोसेस किए जाते हैं।

भारत में डिजिटल भुगतान की रीढ़ बन चुके यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (UPI) को लेकर समय-समय पर इंटरनेट पर यह अफवाह फैलती है कि सरकार या बैंक ₹2,000 से अधिक के लेनदेन पर टैक्स या अतिरिक्त शुल्क लगाने जा रहे हैं। नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI) ने एक बार पुनः आधिकारिक प्रेस विज्ञप्ति जारी कर यह स्पष्ट किया है कि आम जनता द्वारा अपने बैंक खाते से किए जाने वाले किसी भी सामान्य यूपीआई भुगतान पर कोई शुल्क नहीं लगाया गया है।

यदि आप अपने बैंक खाते से किसी मित्र, परिजन, सब्ज़ी विक्रेता, पेट्रोल पंप या ऑनलाइन स्टोर पर Google Pay, PhonePe, Paytm या BHIM ऐप के ज़रिए ₹5,000 या ₹50,000 भी ट्रांसफर करते हैं, तो आपके बैंक खाते से केवल उतनी ही राशि कटेगी जितना आपने भुगतान किया है। बैंक या ऐप की तरफ से ₹1 का भी अतिरिक्त चार्ज नहीं काटा जाता है।

2. 1.1% इंटरचेंज फीस क्या है और यह किस पर लागू होती है?

यूपीआई पर शुल्क लगने की यह भ्रांति वर्ष 2023 में जारी एनपीसीआई के प्रीपेड पेमेंट इंस्ट्रूमेंट्स (PPI) दिशा-निर्देशों के बाद शुरू हुई थी। इसे समझना अत्यंत आवश्यक है:

  • पीपीआई वॉलेट ट्रांजैक्शन: यदि कोई ग्राहक अपने बैंक खाते के बजाय अपने डिजिटल वॉलेट (जैसे Paytm Wallet, PhonePe Wallet, या Sodexo Meal Card) में पैसे लोड करके किसी बड़े मर्चेंट को ₹2,000 से अधिक का भुगतान करता है, तो बैंक और वॉलेट प्रदाता के बीच इंटरचेंज फीस का आदान-प्रदान होता है।
  • ग्राहक पर शून्य भार: यह 1.1% तक की इंटरचेंज फीस मर्चेंट डिस्काउंट रेट (MDR) के तहत मर्चेंट द्वारा वहन की जाती है। किसी भी स्थिति में यह शुल्क ग्राहक के खाते या बिल में नहीं जोड़ा जा सकता।
  • छोटे दुकानदारों को छूट: स्थानीय किराना दुकानदारों, छोटे खुदरा व्यापारियों और सब्जी विक्रेताओं पर यह इंटरचेंज फीस भी लागू नहीं होती है।

3. विभिन्न लेनदेन श्रेणियों के अनुसार शुल्कों का वर्गीकरण

आरबीआई की 'जीरो एमडीआर नीति' (Zero MDR Policy) के तहत भारत में डेबिट कार्ड और बैंक यूपीआई को पूरी तरह निःशुल्क रखा गया है ताकि डिजिटल अर्थव्यवस्था को बढ़ावा मिल सके:

पी2पी (Person to Person) लेनदेन

एक व्यक्ति के बैंक खाते से दूसरे व्यक्ति के बैंक खाते में भेजा गया पैसा पूरी तरह निःशुल्क है। इसकी दैनिक सीमा बैंक अनुसार ₹1 लाख से ₹2 लाख तक है।

पी2एम (Person to Merchant) लेनदेन

दुकान पर लगे सामान्य क्यूआर कोड को स्कैन करके बैंक खाते से किया गया भुगतान पूरी तरह फ्री है। अस्पताल, शैक्षणिक संस्थान और सरकारी चालान हेतु यह सीमा ₹5 लाख तक मान्य है।

4. UPI Lite की नई सीमा और बिना इंटरनेट भुगतान के नियम

छोटे भुगतानों को तेज़ बनाने और बैंक सर्वर पर लोड कम करने के लिए भारतीय रिजर्व बैंक ने UPI Lite के नियमों में महत्वपूर्ण विस्तार किया है:

  1. प्रति लेनदेन सीमा: बिना यूपीआई पिन डाले एक बार में भुगतान की सीमा को ₹500 से बढ़ाकर ₹1,000 कर दिया गया है।
  2. वॉलेट बैलेंस सीमा: यूपीआई लाइट वॉलेट में अधिकतम बैलेंस सीमा अब ₹2,000 से बढ़ाकर ₹5,000 कर दी गई है।
  3. ऑटो-टॉपअप सुविधा: यदि वॉलेट का बैलेंस निर्धारित सीमा से कम होता है, तो उपयोगकर्ता की पूर्व-सहमति (e-Mandate) से बैंक खाते से स्वतः टॉप-अप हो जाता है।

5. गलत यूपीआई ट्रांसफर होने पर 4 घंटे में पैसे वापस पाने का तरीका

यदि आपने गलती से किसी गलत मोबाइल नंबर या यूपीआई आईडी पर पैसे ट्रांसफर कर दिए हैं, तो घबराने के बजाय तत्काल निम्नलिखित वैधानिक प्रक्रिया अपनाएं:

  1. पहला कदम (UPI ऐप पर शिकायत): जिस ऐप (GPay, PhonePe, Paytm) से पेमेंट किया है, उस ट्रांजैक्शन की हिस्ट्री में जाकर 'Having issues with this transaction' पर क्लिक करें और 'Wrong account transfer' की रिपोर्ट दर्ज करें।
  2. दूसरा कदम (बैंक को तुरंत सूचना): अपने बैंक के कस्टमर केयर नंबर पर कॉल करके 12 अंकों का यूपीआई रेफरेंस नंबर (UTR Number) नोट कराएं और लेन-देन को फ्रीज करने का अनुरोध करें।
  3. तीसरा कदम (NPCI पोर्टल पर शिकायत): आधिकारिक पोर्टल npci.org.in पर जाएं। 'Get in Touch' -> 'UPI Dispute Redressal Mechanism' में जाएं और 'Complaint' फॉर्म भरकर बैंक स्टेटमेंट का स्क्रीनशॉट संलग्न करें।
  4. चौथा कदम (बैंकिंग लोकपाल): यदि 30 दिनों में बैंक से समाधान नहीं मिलता, तो आरबीआई के एकीकृत लोकपाल पोर्टल cms.rbi.org.in पर निःशुल्क शिकायत दर्ज करें।

6. अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)

❓ अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)

Q. क्या गूगल पे या फोनपे से ₹2,000 से अधिक भेजने पर मेरे बैंक खाते से पैसे कटेंगे?

A. नहीं। यदि आप अपने बैंक खाते से किसी को भी पैसे भेजते हैं, तो चाहे राशि ₹100 हो या ₹1,00,000, कोई भी अतिरिक्त शुल्क नहीं काटा जाता। यह 100% निःशुल्क है।

Q. क्या दुकानदार ग्राहकों से यूपीआई पेमेंट लेने पर 1% या 2% अतिरिक्त मांग सकते हैं?

A. बिल्कुल नहीं। आरबीआई और एनपीसीआई के नियमों के अनुसार किसी भी ग्राहक से यूपीआई भुगतान पर अतिरिक्त चार्ज मांगना गैरकानूनी है। आप इसकी शिकायत बैंक या उपभोक्ता फोरम में कर सकते हैं।

Q. एक दिन में यूपीआई से अधिकतम कितने रुपये भेजे जा सकते हैं?

A. एनपीसीआई के मानक अनुसार सामान्य पी2पी लेनदेन की दैनिक अधिकतम सीमा ₹1,00,000 (एक लाख रुपये) है। हालांकि, अस्पताल, कॉलेज फीस और टैक्स भुगतान के लिए यह सीमा ₹5,00,000 तक है।

Q. गलत खाते में गए पैसे वापस पाने की समय-सीमा क्या है?

A. गलत ट्रांसफर होने के तत्काल बाद (विशेष रूप से पहले 4 से 24 घंटे के भीतर) अपने बैंक और एनपीसीआई पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराएं ताकि प्राप्तकर्ता के खाते में राशि को ब्लॉक किया जा सके।

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