1. UPI-ATM और ICCW क्या है? कार्डलेस बैंकिंग का नया युग
अक्सर हम घर से निकलते समय पर्स या एटीएम कार्ड ले जाना भूल जाते हैं, लेकिन स्मार्टफोन हमेशा हमारे साथ रहता है। यूपीआई पेमेंट क्रांति के बाद अब एनपीसीआई ने देश के एटीएम नेटवर्क को यूपीआई-इनेबल्ड बना दिया है जिसे तकनीकी भाषा में Interoperable Cardless Cash Withdrawal (ICCW) कहा जाता है। आधिकारिक स्रोत: npci.org.in।
2. एटीएम स्क्रीन से पैसे निकालने की स्टेप-बाय-स्टेप लाइव प्रक्रिया
- किसी भी समर्थित बैंक एटीएम पर जाएं और स्क्रीन पर 'UPI Cash Withdrawal' बटन दबाएं।
- जितनी राशि निकालनी है (उदा. ₹500, ₹1000, ₹5000, अधिकतम ₹10,000) वह स्क्रीन पर दर्ज करें।
- एटीएम स्क्रीन पर एक टाइम-बाउंड डायनामिक क्यूआर कोड (Dynamic QR Code) प्रदर्शित होगा।
- अपने फोन में कोई भी यूपीआई ऐप (BHIM, PhonePe, GPay आदि) खोलें और स्क्रीन पर दिख रहे क्यूआर को स्कैन करें।
- ऐप में अपना सामान्य यूपीआई पिन दर्ज करें। प्रमाणीकरण होते ही एटीएम से नोट निकल आएंगे।
3. कार्ड क्लोनिंग और स्किमिंग से पूर्ण सुरक्षा कैसे मिलती है?
साइबर अपराधी अक्सर एटीएम मशीनों के स्लॉट में सूक्ष्म कार्ड रीडर (Skimmer) और हिडन कैमरा लगा देते हैं जो आपके कार्ड का डेटा चुरा लेते हैं। यूपीआई-एटीएम में कार्ड स्लॉट में कुछ भी डालने की आवश्यकता ही नहीं होती, जिससे कार्ड स्किमिंग का खतरा शून्य हो जाता है।
4. लेनदेन सीमा, निःशुल्क निकासी नियम और बैंक शुल्क
आरबीआई के नियमों के अनुसार यूपीआई-एटीएम निकासी आपके बैंक के मासिक निःशुल्क एटीएम ट्रांजैक्शंस (मेट्रो में 3 और नॉन-मेट्रो में 5 फ्री ट्रांजैक्शंस) के अंतर्गत ही गिनी जाती है।