1. 'गोल्डन ऑवर' क्या है और साइबर ठगी में 1930 कैसे काम करता है?
ऑनलाइन ठगी और फर्जी ट्रैफिक चालान एपीके फ्रॉड के मामलों में प्रथम 2 घंटे 'गोल्डन ऑवर' कहलाते हैं। यदि इन 2 घंटों में 1930 राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन पर कॉल कर दिया जाए, तो पैसा सुरक्षित बचने की संभावना 90% से अधिक होती है। आधिकारिक पोर्टल: cybercrime.gov.in।
2. 1930 पर कॉल करते समय कौन-कौन सी जानकारी देना जरूरी है?
कॉल ऑपरेटर को अपना बैंक नाम, खाता संख्या, 12 अंकों का ट्रांजैक्शन UTR नंबर और ठग की यूपीआई आईडी तुरंत उपलब्ध कराएं।
3. CFCFRMS सिस्टम ठगों के म्यूल खातों को कैसे ट्रैक और फ्रीज करता है?
सिस्टम स्वचालित रूप से ठग के बैंक खाते और आगे स्थानांतरित किए गए म्यूल खातों पर तत्काल 'Lien / Freeze' लगा देता है जिससे कैश निकासी रुक जाती है।
4. फ्रीज हुआ पैसा पीड़ित के बैंक खाते में वापस कैसे आता है? कोर्ट प्रक्रिया
शिकायत दर्ज होने के बाद स्थानीय साइबर पुलिस की रिपोर्ट और मजिस्ट्रेट न्यायालय के डी-फ्रीजिंग आदेश के तहत बैंक फ्रीज की गई राशि को सीधे आपके खाते में वापस लौटा देता है।