📑 सरकारी दस्तावेज ⏱️ 22 मिनट पढ़ें 📅 27 सितंबर 2026

Multiple Enrolment Aadhaar Rejection: एक से अधिक बार आधार बनवाने पर रिजेक्ट आवेदन का निवारण

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सुनीता शर्मा
e-Governance & डिजिटल पहचान विशेषज्ञ

विगत 9 वर्षों से भारत सरकार की डिजिटल गवर्नेंस पहलों, UIDAI नीतियों, नागरिक सेवाओं के डिजिटलीकरण और आधार सुरक्षा पर गहन विश्लेषणात्मक लेखन एवं अनुसंधान।

⚡ त्वरित उत्तर (Quick Answer)

यदि आपने आधार कार्ड खो जाने या न मिलने के कारण दोबारा नया आधार बनवाने के लिए आवेदन किया था और आपका स्टेटस 'Rejected due to Duplicate Enrolment' आ रहा है, तो घबराएं नहीं। आधार प्रणाली में एक व्यक्ति का केवल एक ही आधार नंबर मान्य रह सकता है। आपका नया आवेदन भले ही रिजेक्ट हो गया हो, लेकिन आपका पहला मूल आधार नंबर यूआईडीएआई के डेटाबेस में सुरक्षित है जिसे हेल्पलाइन 1947 से आसानी से प्राप्त किया जा सकता है।

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📌 मुख्य विशेषताएं व आवश्यक बिंदु

  • एक नागरिक - एक आधार का विधिक सिद्धांत: जीवन में केवल एक ही आधार नंबर जारी हो सकता है, नया आवेदन हमेशा रिजेक्ट होगा।
  • ABIS बायोमेट्रिक मिलान: उंगलियों के निशान और आंखों की पुतलियों से केंद्रीय सर्वर पुराने रिकॉर्ड को स्वतः पहचान लेता है।
  • 1947 से मूल आधार नंबर की खोज: नई रिजेक्ट स्लिप की EID संख्या बताकर हेल्पलाइन से पुराना 12-अंकों का नंबर प्राप्त करें।
  • पुराने आधार में ही सुधार कराएं: नया आधार बनवाने के बजाय मूल आधार में नाम, पता या मोबाइल नंबर अपडेट कराना ही सही रास्ता है।
  • क्षेत्रीय कार्यालय द्वारा समाधान: जटिल मामलों में यूआईडीएआई रीजनल ऑफिस द्वारा दोनों EID का मिलान कर समाधान।
मापदंड / श्रेणी सरकारी नियम व शर्त आवश्यक दस्तावेज शुल्क / न्यूनतम बजट काम की टिप (Expert Advice)
डी-डुप्लीकेशन सिस्टम (ABIS)ऑटोमेटेड बायोमेट्रिक आइडेंटिफिकेशन सिस्टम द्वारा 1:N बायोमेट्रिक मैचिंग10 उंगलियों व आइरिस का डेटाबेस₹0 (ऑटोमेटेड सुरक्षा)नाम या पता बदलने पर भी उंगलियों के निशान से पुराना आधार पकड़ में आ जाता है
एक नागरिक - एक आधार नियमआधार एक्ट 2016 के तहत जीवन में केवल एक ही आधार नंबर जारी हो सकता हैविधिक अधिदेशकठोर कानूनबार-बार नया आधार बनवाने की कोशिश करना समय की बर्बादी है
रिजेक्शन एरर मैसेज'This request has been rejected as duplicate of earlier enrolment'रिजेक्शन स्लिप या पोर्टल स्टेटसस्थिति स्पष्टीकरणयह कोई अपराध नहीं है, यह केवल यह बताता है कि आपका आधार पहले से मौजूद है
मूल EID की खोज (Old EID)1947 हेल्पलाइन एग्जीक्यूटिव नए EID से मैच करके पुराने EID का नंबर बता देता हैनई रिजेक्ट हुई एनरोलमेंट स्लिप₹0 हेल्पलाइन सहायताकॉल करते समय नई पर्ची का 28-अंकों का EID नंबर सामने रखें
पहला आधार नंबर रिकवरीपुराना EID नंबर मिलते ही myAadhaar से ई-आधार पीडीएफ डाउनलोड हो जाती हैपुराना EID + रजिस्टर्ड मोबाइल₹0 ई-आधार डाउनलोडयदि मोबाइल याद नहीं, तो आधार सेंटर जाकर बायोमेट्रिक से नंबर जोड़ें
क्षेत्रीय कार्यालय अपीलयदि हेल्पलाइन से पुराना नंबर न मिले, तो RO में दोनों EID स्लिप जमा करेंदोनों एनरोलमेंट स्लिप व मूल पहचान पत्रमैनुअल समाधानक्षेत्रीय कार्यालय बैकएंड से पुराना आधार नंबर खोजकर एक्टिव कर देता है
नया संशोधन (Update) विकल्पपुराना आधार मिलने के बाद जो भी नया नाम या पता चाहिए, उसे अपडेट कराएंपुराना आधार + नए दस्तावेज₹50 डेमोग्राफिक फीसनया कार्ड बनाने के बजाय हमेशा पुराने में ही सुधार कराया जाता है

🎯 लक्षित पाठक वर्ग: यह खबर मुख्य रूप से उन नागरिकों के लिए आवश्यक है जिनका आधार कार्ड डीएक्टिवेट, सस्पेंड, रिजेक्ट या बायोमेट्रिक डुप्लीकेसी के कारण निरस्त हो चुका है, तथा जिन्हें यूआईडीएआई क्षेत्रीय कार्यालय में कानूनी अपील और समाधान की आवश्यकता है।

1. जब कोई व्यक्ति एक से ज्यादा बार आधार बनवाने की कोशिश करता है तो क्या होता है?

सीधा उत्तर (AEO Direct Answer): जब कोई नागरिक पहले से आधार बना होने के बावजूद दोबारा नया आधार बनवाने का प्रयास करता है, तो यूआईडीएआई का स्वचालित बायोमेट्रिक डी-डुप्लीकेशन सिस्टम (ABIS) उसकी उंगलियों और आंखों के निशान से पुराने रिकॉर्ड को तुरंत पकड़ लेता है और नए आवेदन को 'Duplicate Enrolment' कहकर खारिज कर देता है। नागरिक का केवल पहला मूल आधार ही मान्य रहता है।

लाखों नागरिकों की सामान्य गलती: बहुत से नागरिक जब अपना पुराना आधार कार्ड या एनरोलमेंट रसीद खो देते हैं, या जब उनके आधार में नाम-पते में बड़ी गलती होती है, तो वे सोचते हैं कि पुराना छोड़ो, किसी नए सेंटर पर जाकर बिल्कुल नया आधार कार्ड बनवा लेते हैं। यह एक भारी भूल है।

बायोमेट्रिक कभी नहीं बदलते: नाम, पता, मोबाइल नंबर और यहां तक कि माता-पिता का नाम बदला जा सकता है, लेकिन किसी भी इंसान की उंगलियों की रेखाएं (Fingerprints) और आंखों की पुतलियां (Iris Patterns) जीवनभर एक जैसी रहती हैं। जैसे ही नया ऑपरेटर बायोमेट्रिक लेता है, केंद्रीय सर्वर तुरंत पहचान लेता है कि यह व्यक्ति सिस्टम में पहले से मौजूद है।


2. डी-डुप्लीकेशन रिजेक्शन (Reject due to Duplicate Enrolment), पुराना EID खोजना, नियम

डुप्लीकेट रिजेक्शन के तकनीकी नियम और समाधान का तुलनात्मक ढांचा:

मापदंड / श्रेणी सरकारी नियम व शर्त आवश्यक दस्तावेज शुल्क / न्यूनतम बजट काम की टिप (Expert Advice)
डी-डुप्लीकेशन सिस्टम (ABIS)ऑटोमेटेड बायोमेट्रिक आइडेंटिफिकेशन सिस्टम द्वारा 1:N बायोमेट्रिक मैचिंग10 उंगलियों व आइरिस का डेटाबेस₹0 (ऑटोमेटेड सुरक्षा)नाम या पता बदलने पर भी उंगलियों के निशान से पुराना आधार पकड़ में आ जाता है
एक नागरिक - एक आधार नियमआधार एक्ट 2016 के तहत जीवन में केवल एक ही आधार नंबर जारी हो सकता हैविधिक अधिदेशकठोर कानूनबार-बार नया आधार बनवाने की कोशिश करना समय की बर्बादी है
रिजेक्शन एरर मैसेज'This request has been rejected as duplicate of earlier enrolment'रिजेक्शन स्लिप या पोर्टल स्टेटसस्थिति स्पष्टीकरणयह कोई अपराध नहीं है, यह केवल यह बताता है कि आपका आधार पहले से मौजूद है
मूल EID की खोज (Old EID)1947 हेल्पलाइन एग्जीक्यूटिव नए EID से मैच करके पुराने EID का नंबर बता देता हैनई रिजेक्ट हुई एनरोलमेंट स्लिप₹0 हेल्पलाइन सहायताकॉल करते समय नई पर्ची का 28-अंकों का EID नंबर सामने रखें
पहला आधार नंबर रिकवरीपुराना EID नंबर मिलते ही myAadhaar से ई-आधार पीडीएफ डाउनलोड हो जाती हैपुराना EID + रजिस्टर्ड मोबाइल₹0 ई-आधार डाउनलोडयदि मोबाइल याद नहीं, तो आधार सेंटर जाकर बायोमेट्रिक से नंबर जोड़ें
क्षेत्रीय कार्यालय अपीलयदि हेल्पलाइन से पुराना नंबर न मिले, तो RO में दोनों EID स्लिप जमा करेंदोनों एनरोलमेंट स्लिप व मूल पहचान पत्रमैनुअल समाधानक्षेत्रीय कार्यालय बैकएंड से पुराना आधार नंबर खोजकर एक्टिव कर देता है
नया संशोधन (Update) विकल्पपुराना आधार मिलने के बाद जो भी नया नाम या पता चाहिए, उसे अपडेट कराएंपुराना आधार + नए दस्तावेज₹50 डेमोग्राफिक फीसनया कार्ड बनाने के बजाय हमेशा पुराने में ही सुधार कराया जाता है

कानूनी पहलू: आधार अधिनियम 2016 के तहत जानबूझकर पहचान छुपाकर दूसरा आधार बनवाने की कोशिश करना दंडनीय है। हालांकि, यदि आपने अज्ञानतावश या कार्ड खोने के कारण दोबारा आवेदन किया था, तो आपको सजा नहीं होती, बस आवेदन निरस्त हो जाता है और मूल आधार को पुनः प्राप्त करना होता है।


⚠️ ध्यान दें: एक नागरिक का केवल एक ही आधार नंबर जीवनभर मान्य रह सकता है! आप चाहे 10 बार भी अलग-अलग शहरों में जाकर नया आधार बनवाएंगे, दसों बार आपका आवेदन 'Rejected due to Duplicate Enrolment' कहकर खारिज हो जाएगा।

3. अगर नया एनरोलमेंट रिजेक्ट हो गया है तो पहला (मूल) आधार नंबर वापस पाने के 4 आसान स्टेप्स

पुराना आधार नंबर पुनः खोजने की चरणबद्ध विधि:

  • चरण 1 (नया रिजेक्ट EID नोट करें): जो आपने हाल ही में नया आधार बनवाया था, उसकी 28 अंकों की एनरोलमेंट स्लिप (तारीख व समय सहित) निकालें।
  • चरण 2 (यूआईडीएआई टोल-फ्री 1947 पर कॉल करें): अपने फोन से 1947 डायल करें, भाषा चुनें और कस्टमर केयर एग्जीक्यूटिव से बात करने का विकल्प दबाएं।
  • चरण 3 (एग्जीक्यूटिव को विवरण बताएं): एग्जीक्यूटिव को बताएं: "मैंने नया आधार बनवाया था जो डुप्लीकेट कहकर रिजेक्ट हो गया है, कृपया मुझे मेरा पुराना मूल आधार नंबर या पुराना EID नंबर बताएं।" एग्जीक्यूटिव आपसे नाम और जन्मतिथि पूछकर सिस्टम में आपके बायोमेट्रिक से जुड़ा पुराना EID नंबर बता देगा।
  • चरण 4 (myAadhaar से ई-आधार डाउनलोड करें): पुराना EID नंबर मिलते ही myaadhaar.uidai.gov.in पर जाएं और 'Download Aadhaar' पर क्लिक कर पुराना आधार कार्ड डाउनलोड कर लें।

4. यूआईडीएआई हेल्पलाइन 1947 पर दोनों एनरोलमेंट स्लिप (EID) मैच कराकर पुराना आधार एक्टिव कराने की प्रक्रिया

यदि पुराना मोबाइल नंबर बंद हो चुका हो:

बायोमेट्रिक मोबाइल अपडेट: जब आपको 1947 से अपना मूल 12-अंकों का आधार नंबर मिल जाए, तो किसी भी आधार सेवा केंद्र जाएं। वहां 'Biometric Mandatory/Demographic Update' फॉर्म भरें और अपना वर्तमान सक्रिय मोबाइल नंबर अपने पुराने आधार में लिंक करवा लें।

क्षेत्रीय कार्यालय का सहयोग: यदि 1947 पर एग्जीक्यूटिव पुराना रिकॉर्ड न ढूंढ पाए, तो अपनी नई रिजेक्ट स्लिप और मूल पहचान पत्र की कॉपी लेकर अपने राज्य के यूआईडीएआई क्षेत्रीय कार्यालय (Regional Office) जाएं या स्पीड पोस्ट से आवेदन भेजें। RO टीम मैनुअल फिंगरप्रिंट मैच करके 7 दिनों में रिकॉर्ड उपलब्ध करा देती है।

📌 काम की बात: पुराना आधार नंबर मिलने के बाद आपको जो भी नाम, पिता का नाम या पता बदलना है, उसे 'Aadhaar Correction' फॉर्म भरकर उसी पुराने आधार में सुधरवाएं। कभी भी नया आधार न बनवाएं।

5. आम समस्याएं और समाधान (Citizen Troubleshooting)

डुप्लीकेट रिजेक्शन में आने वाली प्रमुख बाधाएं:

  • समस्या 1: पहला आधार नंबर भी याद न होना और नया भी रिजेक्ट हो जाना: यह सबसे आम समस्या है। 1947 पर कॉल करके अपने नए रिजेक्ट EID का संदर्भ दें, यूआईडीएआई सर्वर में दोनों पैकेट एक-दूसरे से लिंक होते हैं और एग्जीक्यूटिव स्क्रीन पर पुराना नंबर देख सकता है।
  • समस्या 2: पुराने आधार में नाम पूरी तरह गलत होना: यदि पुराने आधार में बचपन में नाम गलत लिख दिया गया था, तो चिंता न करें। पहले पुराना नंबर निकालें, फिर 10वीं की मार्कशीट या गजट नोटिफिकेशन के जरिए उसमें नाम सुधरवाएं।
  • समस्या 3: रिजेक्शन स्टेटस में 'Technical Error' दिखना: यदि स्टेटस में डुप्लीकेट के बजाय कोई अस्पष्ट एरर दिखे, तो myAadhaar के ग्रीवांस पोर्टल myaadhaar.uidai.gov.in/grievance-feedback पर शिकायत दर्ज करें।

6. अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)

प्रश्न 1: क्या एक व्यक्ति के दो आधार कार्ड कानूनी रूप से बन सकते हैं?
उत्तर: बिल्कुल नहीं। भारतीय कानून के तहत एक नागरिक का केवल एक ही आधार नंबर हो सकता है। दूसरा नंबर बनना तकनीकी और विधिक रूप से असंभव है।

प्रश्न 2: 1947 पर कॉल करने पर क्या पुराना आधार नंबर तुरंत मिल जाता है?
उत्तर: हाँ, यदि आप अपने नए रिजेक्ट आवेदन की 14 या 28 अंकों की EID संख्या बताते हैं, तो एग्जीक्यूटिव आंतरिक सिस्टम से मैच करके आपका मूल नंबर बता देता है।

प्रश्न 3: क्या नया आधार रिजेक्ट होने पर सरकारी फीस वापस मिलती है?
उत्तर: नया आधार नामांकन हमेशा 100% फ्री (₹0) होता है, इसलिए किसी फीस वापसी का सवाल ही नहीं उठता।

🔗 संबंधित महत्वपूर्ण सरकारी गाइड्स:
सूचनात्मक डिस्क्लेमर (E-E-A-T Compliance): यह विस्तृत गाइड नागरिकों की सहायता हेतु आधार (नामांकन एवं अद्यतन) विनियम 2016 के विनियम 27 व 28, यूआईडीएआई के नवीनतम परिपत्रों और विधिक अपील प्रक्रियाओं के आधार पर तैयार की गई है। Go For Digital India किसी भी सेवा हेतु कोई शुल्क नहीं लेता। अपने किसी भी केस की स्थिति जानने हेतु यूआईडीएआई हेल्पलाइन 1947 या संबंधित क्षेत्रीय कार्यालय से सीधे संपर्क करें।

❓ अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)

Q. क्या एक व्यक्ति के दो आधार कार्ड कानूनी रूप से बन सकते हैं?

A. बिल्कुल नहीं। भारतीय कानून के तहत एक नागरिक का केवल एक ही आधार नंबर हो सकता है। दूसरा नंबर बनना तकनीकी और विधिक रूप से असंभव है।

Q. 1947 पर कॉल करने पर क्या पुराना आधार नंबर तुरंत मिल जाता है?

A. हाँ, यदि आप अपने नए रिजेक्ट आवेदन की 14 या 28 अंकों की EID संख्या बताते हैं, तो एग्जीक्यूटिव आंतरिक सिस्टम से मैच करके आपका मूल नंबर बता देता है।

Q. क्या नया आधार रिजेक्ट होने पर सरकारी फीस वापस मिलती है?

A. नया आधार नामांकन हमेशा 100% फ्री (₹0) होता है, इसलिए किसी फीस वापसी का सवाल ही नहीं उठता।

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