yojana ⏱️ 16 मिनट पढ़ें 📅 2026-10-16 07:00:00

70 वर्ष से ऊपर सभी वरिष्ठ नागरिकों को ₹5 लाख का मुफ्त इलाज: 'आयुष्मान वय वंदना कार्ड' ऑनलाइन कैसे बनाएं? देखें नियम व स्टेप-बाय-स्टेप प्रक्रिया

VS
डॉ. वंदना शर्मा
वरिष्ठ जनस्वास्थ्य एवं सामाजिक सुरक्षा नीति विशेषज्ञ

स्वास्थ्य योजनाओं, आयुष्मान भारत (PM-JAY), ई-केवाईसी और वरिष्ठ नागरिक सुरक्षा पर 16 वर्षों का मैदानी शोध अनुभव।

⚡ त्वरित उत्तर (Quick Answer)

70 वर्ष और उससे अधिक आयु के सभी भारतीय नागरिकों के लिए 'आयुष्मान वय वंदना कार्ड' पूरी तरह से यूनिवर्सल है। इसमें परिवार की आय या जाति का कोई बंधन नहीं है। यदि परिवार के पास पहले से 5 लाख का आयुष्मान कार्ड है, तब भी 70+ बुजुर्ग को अलग से ₹5 लाख का विशेष टॉप-अप मिलेगा। इसे घर बैठे 'Ayushman App' या आधिकारिक पोर्टल 'beneficiary.nha.gov.in' से आधार e-KYC और फेस ऑथेंटिकेशन करके 5 मिनट में निःशुल्क बनाया जा सकता है।

OFFICIAL CHANNEL GoForDigitalIndia WhatsApp चैनल

सरकारी योजनाओं, नई भर्तियों, एडमिट कार्ड और रिजल्ट्स के ताज़ा अपडेट्स सबसे पहले अपने WhatsApp पर पाएं।

👉 चैनल से जुड़ें (Join WhatsApp)

📌 मुख्य विशेषताएं व आवश्यक बिंदु

  • कोई आय सीमा नहीं: गरीब हो या अमीर, 70 वर्ष की आयु पूरी कर चुके हर भारतीय नागरिक को ₹5 लाख का निःशुल्क इलाज मिलेगा
  • अलग से ₹5 लाख का विशेष टॉप-अप: परिवार के मौजूदा आयुष्मान कार्ड के अलावा बुजुर्ग के नाम पर अलग से ₹5 लाख का स्वतंत्र कोटा तय
  • डे-वन से पुरानी बीमारियां कवर: किसी भी वेटिंग पीरियड के बिना बीपी, शुगर, दिल और घुटने के ऑपरेशन जैसी पुरानी बीमारियां पहले दिन से कवर
  • आधार और मोबाइल से सीधा आवेदन: किसी दफ्तर जाने की जरूरत नहीं, मोबाइल कैमरे से लाइव फोटो खींचकर तुरंत डिजिटल कार्ड डाउनलोड
विज्ञापन / SPONSORED

बुढ़ापे में सबसे बड़ी चिंता बीमारी और अस्पताल के भारी-भरकम खर्च की होती है। 70 साल की उम्र के बाद ज्यादातर प्राइवेट हेल्थ इंश्योरेंस कंपनियां या तो पॉलिसी देने से मना कर देती हैं या फिर इतना भारी प्रीमियम और को-पेमेंट मांगती हैं जिसे चुकाना आम परिवार के बस की बात नहीं होती। इसी जमीनी परेशानी को दूर करने के लिए केंद्र सरकार ने देश के करीब 6 करोड़ बुजुर्गों के लिए 'आयुष्मान वय वंदना कार्ड' (Ayushman Vay Vandana Card) की शुरुआत की है। इस योजना का सबसे बड़ा फायदा यह है कि इसमें अमीर-गरीब का कोई भेद नहीं है—अगर आधार कार्ड में आपकी उम्र 70 साल या उससे ज्यादा है, तो सरकार आपको हर साल ₹5 लाख तक का कैशलेस इलाज मुफ्त देगी।

⚡ एक नज़र में काम की बात (Quick Summary)

70 वर्ष से अधिक उम्र के हर भारतीय नागरिक को सालाना ₹5 लाख का कैशलेस स्वास्थ्य बीमा मिलेगा। यदि आपके परिवार का नाम पहले से राशन कार्ड या पुरानी गरीबी रेखा वाली लिस्ट में नहीं है, तब भी यह कार्ड 100% बनेगा। आवेदन के लिए केवल आधार कार्ड और आधार से लिंक मोबाइल नंबर चाहिए।

आधिकारिक पोर्टल: beneficiary.nha.gov.in | हेल्पलाइन: 14555

1. आयुष्मान वय वंदना कार्ड क्या है और यह सामान्य आयुष्मान कार्ड से कैसे अलग है?

आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (AB PM-JAY) के तहत अब तक केवल उन्हीं परिवारों को कार्ड मिलता था जिनका नाम 2011 की सामाजिक-आर्थिक जाति जनगणना (SECC) या राज्य सरकार की अंत्योदय व पात्र गृहस्थी राशन कार्ड सूची में शामिल था। लेकिन 'आयुष्मान वय वंदना योजना' ने इस पाबंदी को पूरी तरह खत्म कर दिया है।

यह कार्ड विशेष रूप से 70 वर्ष और उससे अधिक आयु के वरिष्ठ नागरिकों के लिए डिज़ाइन किया गया है। इसका रंग और पहचान भी सामान्य आयुष्मान कार्ड से अलग है ताकि सूचीबद्ध अस्पतालों में बुजुर्गों को प्राथमिकता के साथ ओपीडी, जांच और बेड मिल सके। सबसे खास बात यह है कि इस कार्ड में किसी भी बीमारी के लिए कोई 'वेटिंग पीरियड' नहीं है। यदि किसी बुजुर्ग को पहले से डायबिटीज, हाइपरटेंशन, मोतियाबिंद, कैंसर या हृदय रोग है, तो कार्ड बनने के अगले ही दिन से उसका इलाज सरकारी और पैनल में शामिल प्राइवेट अस्पतालों में मुफ्त होगा।

2. 5-कॉलम नियम तालिका: सामान्य आयुष्मान कार्ड vs वय वंदना 70+ कार्ड

विज्ञापन / SPONSORED

नीचे दी गई तालिका से आप आसानी से समझ सकते हैं कि दोनों कार्डों में क्या अंतर है और वरिष्ठ नागरिकों को क्या अतिरिक्त लाभ दिए गए हैं:

मापदंड सामान्य आयुष्मान कार्ड (PM-JAY) आयुष्मान वय वंदना कार्ड (70+) कवरेज की स्थिति काम की सलाह
पात्रता नियम SECC सूची, राशन कार्ड या आय सीमा बाध्य कोई आय सीमा नहीं, केवल 70+ आयु यूनिवर्सल कवरेज आधार में जन्मतिथि सही रखें
बीमा राशि पूरे परिवार के लिए ₹5 लाख साझा (Shared) बुजुर्ग के लिए अलग से ₹5 लाख स्वतंत्र ₹5 लाख प्रतिवर्ष परिवार का कोटा खत्म नहीं होगा
परिवार में 2 बुजुर्ग होने पर वही ₹5 लाख पूरे परिवार में बंटेगा दादा को ₹5 लाख + दादी को ₹5 लाख अलग कुल ₹10 लाख कवर दोनों का अलग रजिस्ट्रेशन करें
वेटिंग पीरियड तत्काल प्रभाव से लागू डे-वन से सभी पुरानी बीमारियां मान्य शून्य प्रतीक्षा अवधि पुरानी रिपोर्ट साथ रखें
आवेदन शुल्क पोर्टल पर बिल्कुल मुफ्त बिल्कुल मुफ्त (0 रुपये) सरकारी पोर्टल निःशुल्क किसी दलाल को पैसे न दें

3. CGHS, ECHS और प्राइवेट हेल्थ इंश्योरेंस वालों के लिए क्या हैं नियम?

कई लोगों के मन में यह सवाल है कि अगर बुजुर्ग पहले से केंद्र या राज्य सरकार के रिटायर्ड कर्मचारी हैं और उनके पास CGHS या ECHS की सुविधा है, तो क्या उन्हें भी यह लाभ मिलेगा? स्वास्थ्य मंत्रालय के आधिकारिक दिशा-निर्देशों के अनुसार:

  • CGHS, ECHS व CAPF लाभार्थी: वरिष्ठ नागरिकों को यह विकल्प दिया गया है कि वे अपनी मौजूदा योजना (जैसे CGHS या पूर्व सैनिक अंशदायी स्वास्थ्य योजना ECHS) में बने रह सकते हैं अथवा आयुष्मान भारत PM-JAY में आ सकते हैं। एक समय पर दो केंद्रीय सरकारी स्वास्थ्य योजनाओं का दोहरा लाभ नहीं लिया जा सकता।
  • प्राइवेट मेडिक्लेम पॉलिसीधारक: यदि किसी वरिष्ठ नागरिक के पास स्टार हेल्थ, एचडीएफसी एर्गो या किसी अन्य प्राइवेट कंपनी का हेल्थ इंश्योरेंस पहले से है, तो वे भी आयुष्मान वय वंदना कार्ड बनवा सकते हैं। अस्पताल में भर्ती होने पर वे चाहें तो प्राइवेट पॉलिसी से क्लेम लें या फिर आयुष्मान कार्ड से 100% फ्री इलाज कराएं।
  • ESIC लाभार्थी: कर्मचारी राज्य बीमा निगम (ESIC) के अंतर्गत आने वाले 70+ नागरिक भी इस योजना के तहत कार्ड बनवा सकते हैं।

4. आवेदन के लिए कौन-से दस्तावेज़ लगेंगे? (दस्तावेज़ चेकलिस्ट)

विज्ञापन / SPONSORED

इस योजना में आवेदन प्रक्रिया को बेहद सरल बनाया गया है ताकि बुजुर्गों को सरकारी दफ्तरों के चक्कर न काटने पड़ें। आपको केवल निम्नलिखित दो चीजों की आवश्यकता होगी:

  1. मूल आधार कार्ड (Aadhaar Card): आधार में बुजुर्ग का पूरा नाम, जन्म का साल/तारीख और फोटो स्पष्ट होनी चाहिए। उम्र की गणना आधार डेटाबेस से अपने आप होगी। अगर आधार में जन्म का साल 1956 या उससे पहले का है, तो सिस्टम तुरंत स्वीकार कर लेगा।
  2. आधार से लिंक मोबाइल नंबर: ऑनलाइन ओटीपी वेरिफिकेशन के लिए एक्टिव मोबाइल जरूरी है। यदि आधार से मोबाइल लिंक नहीं है, तो परिवार का कोई भी सदस्य अपने फोन में 'Ayushman App' के जरिए फेस ऑथेंटिकेशन (Aadhaar FaceRD) से बिना ओटीपी के भी प्रक्रिया पूरी कर सकता है।

अगर आपके आधार कार्ड में मोबाइल नंबर पुराना है या सुधार की जरूरत है, तो आप हमारी आधार कार्ड ऑनलाइन सुधार व UIDAI गाइड पढ़कर इसे 24 से 48 घंटे में अपडेट करा सकते हैं।

5. घर बैठे मोबाइल से आयुष्मान वय वंदना कार्ड कैसे बनाएं: स्टेप-बाय-स्टेप तरीका

आप नीचे बताए गए आसान स्टेप्स को फॉलो करके 5 से 7 मिनट में अपने माता-पिता या दादा-दादी का कार्ड बना सकते हैं:

  1. Step 1: ऐप या पोर्टल खोलें: अपने स्मार्टफोन में Ayushman App खोलें या ब्राउज़र में beneficiary.nha.gov.in पर जाएं।
  2. Step 2: लॉगिन करें: 'Beneficiary' विकल्प चुनें, अपना 10 अंकों का मोबाइल नंबर दर्ज करें और प्राप्त ओटीपी डालकर लॉगिन करें।
  3. Step 3: 70+ सीनियर सिटीजन बैनर चुनें: स्क्रीन के सबसे ऊपर आपको "Senior Citizens Aged 70 and Above - Apply for Ayushman Vay Vandana Card" का विशेष विकल्प दिखेगा, उस पर क्लिक करें।
  4. Step 4: आधार विवरण दर्ज करें: अपना राज्य और 12 अंकों का आधार नंबर डालें। सर्च पर क्लिक करते ही सिस्टम आयु की पुष्टि करेगा।
  5. Step 5: e-KYC पूरा करें: e-KYC के लिए 'Aadhaar OTP' या 'Face Auth' चुनें। फेस ऑथेंटिकेशन चुनने पर फोन का कैमरा खुलेगा; बुजुर्ग का चेहरा फ्रेम में लाएं और एक बार पलकें झपकाने को कहें। हरा निशान आते ही ई-केवाईसी सफल हो जाएगा।
  6. Step 6: फोटो व अतिरिक्त जानकारी: बुजुर्ग की एक स्पष्ट सेल्फी लें, पिन कोड दर्ज करें और मोबाइल नंबर की पुष्टि करें।
  7. Step 7: सबमिट और डाउनलोड: 'Submit' बटन दबाते ही आवेदन स्वीकृत हो जाएगा और "Download Ayushman Vay Vandana Card" का लिंक मिल जाएगा। इसे पीडीएफ फॉर्मेट में सेव करके प्रिंट निकलवा लें।

6. अस्पताल में भर्ती होने पर फ्री इलाज कैसे कराएं और क्लेम की प्रक्रिया

कार्ड बन जाने के बाद देश के 29,000 से अधिक सरकारी और प्राइवेट पैनलबद्ध अस्पतालों में इसका इस्तेमाल किया जा सकता है:

  • अस्पताल का चयन: beneficiary.nha.gov.in पर 'Find Hospital' में जाकर अपने जिले के प्राइवेट व सरकारी पैनल अस्पतालों की सूची देखें।
  • आयुष्मान मित्र से मिलें: अस्पताल के रिसेप्शन या आयुष्मान सहायता केंद्र पर जाएं और अपना वय वंदना कार्ड व आधार कार्ड दिखाएं।
  • कैशलेस एडमिशन: अस्पताल का आयुष्मान मित्र बायोमेट्रिक या ओटीपी सत्यापन करके मरीज को भर्ती करेगा। दवाएं, जांच, डॉक्टर की फीस, आईसीयू और भोजन का पूरा खर्च कार्ड से कटेगा, तीमारदार को एक भी रुपया नकद नहीं देना होगा।
  • डिस्चार्ज के बाद की दवाएं: अस्पताल से छुट्टी मिलने के 15 दिनों तक की आवश्यक दवाइयां भी योजना के तहत मुफ्त दी जाती हैं।

7. आम समस्याएं, आधार जन्मतिथि विवाद और उनका पक्का समाधान

मैदानी स्तर पर आवेदन करते समय नागरिकों के सामने आने वाली प्रमुख दिक्कतें और उनका समाधान इस प्रकार है:

  • समस्या 1: आधार में केवल जन्म का वर्ष लिखा है, पूरी तारीख नहीं:
    समाधान: यदि आधार में केवल '1955' या '1956' लिखा है, तो सिस्टम अपने आप 1 जनवरी मान लेता है। यदि वर्ष 70 वर्ष की आयु पूरी करता है, तो आवेदन नहीं रुकेगा।
  • समस्या 2: चेहरे की झुर्रियों या मोतियाबिंद की वजह से फेस ऑथेंटिकेशन फेल होना:
    समाधान: पर्याप्त रोशनी वाले कमरे में जाएं जहां चेहरे पर सीधी धूप या परछाईं न पड़े। यदि बार-बार एरर आए, तो नजदीकी कॉमन सर्विस सेंटर (CSC) या सरकारी अस्पताल के आयुष्मान काउंटर पर जाकर फिंगरप्रिंट या आइरिस (आंखों की पुतली) स्कैनर से ई-केवाईसी कराएं।
  • समस्या 3: आधार में उम्र 68 साल दर्ज है लेकिन वास्तविक उम्र 71 साल है:
    समाधान: सिस्टम केवल आधार के डेटा को ही मान्य मानेगा। इसके लिए पहले जन्म प्रमाण पत्र, वोटर कार्ड या पैन कार्ड के आधार पर आधार केंद्र जाकर जन्मतिथि अपडेट करानी होगी, उसके बाद ही कार्ड बनेगा।

8. अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)

Q1: क्या 70+ आयुष्मान कार्ड के लिए राशन कार्ड में नाम होना जरूरी है?

उत्तर: बिल्कुल नहीं। 70 वर्ष से ऊपर के बुजुर्गों के लिए राशन कार्ड अनिवार्य नहीं है। केवल आधार कार्ड और आधार से जुड़े मोबाइल नंबर से ही कार्ड बन जाता है।

Q2: क्या इस कार्ड से प्राइवेट अस्पतालों में भी फ्री इलाज मिलेगा?

उत्तर: हां, देश भर के उन सभी प्राइवेट अस्पतालों में 100% कैशलेस इलाज मिलेगा जो आयुष्मान भारत (AB PM-JAY) के पैनल में शामिल हैं।

Q3: क्या एक बार बनने के बाद कार्ड को हर साल रिन्यू कराना होगा?

उत्तर: नहीं, यह कार्ड आजीवन वैध रहता है। ₹5 लाख का स्वास्थ्य बीमा कोटा हर वित्तीय वर्ष में अपने आप रीन्यू हो जाता है।

Q4: क्या कार्ड बनाने के लिए कोई सरकारी फीस लगती है?

उत्तर: नहीं, सरकार की तरफ से यह सुविधा पूरी तरह निःशुल्क है। ऑनलाइन या सरकारी अस्पताल में इसके लिए कोई शुल्क नहीं लिया जाता।

लेखक के बारे में: यह मार्गदर्शिका डॉ. वंदना शर्मा (वरिष्ठ जनस्वास्थ्य नीति विशेषज्ञ) द्वारा राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण (NHA) के आधिकारिक नियमों और स्वास्थ्य मंत्रालय के 2026 सर्कुलर के आधार पर तैयार की गई है। किसी भी असुविधा या धोखाधड़ी की शिकायत के लिए राष्ट्रीय टोल-फ्री हेल्पलाइन 14555 पर संपर्क करें।

यह भी पढ़ें: अपने घर और संपत्ति की सुरक्षा के लिए जानें भारत गृह रक्षा पॉलिसी में क्लेम पाने के नियम और बच्चों के सुरक्षित भविष्य के लिए देखें NPS वात्सल्य योजना 2026।

विज्ञापन / SPONSORED

❓ अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)

Q. क्या 70+ आयुष्मान कार्ड के लिए राशन कार्ड में नाम होना जरूरी है?

A. बिल्कुल नहीं। 70 वर्ष से ऊपर के बुजुर्गों के लिए राशन कार्ड अनिवार्य नहीं है। केवल आधार कार्ड और आधार से जुड़े मोबाइल नंबर से ही कार्ड बन जाता है।

Q. क्या इस कार्ड से प्राइवेट अस्पतालों में भी फ्री इलाज मिलेगा?

A. हां, देश भर के उन सभी प्राइवेट अस्पतालों में 100% कैशलेस इलाज मिलेगा जो आयुष्मान भारत (AB PM-JAY) के पैनल में शामिल हैं।

Q. क्या एक बार बनने के बाद कार्ड को हर साल रिन्यू कराना होगा?

A. नहीं, यह कार्ड आजीवन वैध रहता है। ₹5 लाख का स्वास्थ्य बीमा कोटा हर वित्तीय वर्ष में अपने आप रीन्यू हो जाता है।

Q. क्या कार्ड बनाने के लिए कोई सरकारी फीस लगती है?

A. नहीं, सरकार की तरफ से यह सुविधा पूरी तरह निःशुल्क है। ऑनलाइन या सरकारी अस्पताल में इसके लिए कोई शुल्क नहीं लिया जाता।

क्या यह जानकारी आपके लिए उपयोगी रही?

अपने दोस्तों, परिजनों और ग्रुप्स में इस महत्वपूर्ण जानकारी को तुरंत शेयर करें:

💬 WhatsApp पर शेयर करें 📢 चैनल जॉइन करें
💬 WhatsApp शेयर 🔔 WhatsApp चैनल जॉइन करें