दुनिया के 4 मशहूर पेंटर

दुनिया के 4 मशहूर पेंटर के बारे मे जानिए 

दुनिया के 4 मशहूर पेंटर के बारे मे जानिए 

पेंटर एक आर्टिस्ट होता है जैसे पिक्चर्स पेंट करना और उन्हे पिक्चर्स में अपनी इमेजिनेशन और कलर भरना पसंद होता है या आर्ट आप में बचपन से ही हो सकता है या उमर के साथ-साथ  इंटरेस्ट आने के बाद भी आप पेंटिंग कर सकते है | पेंट का उपोयग करके हम जो चित्र बनाते है उसे ही पेंटिंग कहा जाता है | चित्रकारी को प्राचीन काल से ही बहुत प्रसिद्ध माना गया है जैस की भारत, मिस्र आदि देशों में अत्यंत प्राचीन काल से जाना जाता है | दुनिया के 4 मशहूर पेंटर में लियोनार्डो दा विंची, पब्लो पिकासो, विंसेंट वान गाग और ऑस्कर-क्लाउड मोनेट है।

दुनिया के 4 मशहूर पेंटर
दुनिया के 4 मशहूर पेंटर

दुनिया की गुफाओ की बह चट्टानों पर बने पशुओं के रेखांकन और चित्रो  के नमूनों से प्रारंभ होता है। पेंटिंग हम कई प्रकार से कर सकते है जैसे की ऑइल पेंटिंग , स्केच पैंटीन ,पेन पेंटिंग आदि |  दुनिया के अनेक पेंटर जिन्हे आज के मशहूर  चित्रकारो मे जाना जाता है|  जिनमे से हम कुछ ऐस पेंटर के बारे मे जानेगे जिनके नाम  प्रसिद्ध चित्रकारों मे लेते है | 

लियोनार्डो दा विंची

लियोनार्डो दा विंची को आज हम महान चित्रकार के नाम से जानते है और उन्होने दुनिया की सबसे प्रसिद्ध और रहस्‍यमयी पेंटिंग मोनालिसा,द लास्ट सपर जैसी कई पेंटिंग बनाई थी | मोनालिसा पेंटिंग विचारमग्न स्त्री का एक चित्र है जो एक हल्की सी मुस्कान लिए हुई है  इनका पूरा नाम लियोनार्डो डि सेर पिएरो दा विंची था इनका जन्म 15 अप्रैल 1452, एंचियानो, इटली मे हुआ था | लकिन इसके अलाबा लियोनार्डो को कल्चर, आर्किटेक्टर, मैथमैटिक, इंजीनियरिंग, बॉटनी ,ऑस्ट्रोलोग्य मे भी बहोत रूचि थी  | उनके पिता एक नोटरी थे जब्कि उनकी माँ एक कम सोशल स्टैंडरड की लड़की थी जिसकी बजह से उनके माता-पिता की कभी शादी नहीं हो पाई | एसी लिया लियोनार्डो को उनके पिता ने ही पाला-पोषा | 

लियोनार्डो दा विंची
लियोनार्डो दा विंची @ PHOTOGRAPH BY DEAGOSTINI, GETTY

लियोनार्डो के पिता ने इन्हे बचपन से ही प्रसिद्ध चित्रकार, मूर्तिकार तथा स्वर्णकार, आँद्रेआ देल वेरॉक्यो के पास काम सीखने भेजा | लियोनार्डो हर काम के लिया भौत जिज्ञासु थे | जब उन्होने पेंटिंग के बार मे जाना शरू किया तब उन्होने आयल पेंट से पेंट करना शरू कर दिया जो की उस बक्त कोई भी नहीं कर रहा था | 

फिर पेंटिंग को 3 दी इफ़ेक्ट देना शरू कर दिया | जो उस बक्त लोगो के लिए एक जादू से काम नहीं था | लियोनार्डो की सबसे खास बात यह थी की जो भी चीज उन्हे अच्छी लगती थी तो बो उसके बारे मे अधिक जाने के लिए पीछे पढ़ा जाते थे | लियोनार्डो की मौत 2 मई 1519 मे हुई थी |

पब्लो पिकासो

पाब्लो पिकासो स्पेन के महान चित्रकार थे | जब भी दुनिया  के किसी भी कोने मे  चित्रकार या फिर  चित्रकरो से जुड़ी कोई बात होती है तो पाब्लो पिकासो के नाम का जिकर जरूर होता है | 25 अक्टूबर 1881 स्पेन के महान शहर मे पैदा हुए पिकासो की माँ मारिया पिकासो वाई लोपेज़ एक गृहिणी थी| जबकी उनके पिता डोन्जो एक चित्रकारी के अधियापक थे |

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पब्लो पिकासो @ Google

पिकासो मे चित्रकारी के गुण उनके पिता की ही देन थी और उन्होंने 9 वर्ष की छोटी उम्र में अपनी पहली पेंटिंग पूरी की| पब्लो पिकासो की बनाई गई पेंटिंग “वुमेन ऑफ अल्जीयर्स’” वर्ष 1955 में बनाई गयी ऑयल पेंटिंग ने विश्व का नया रिकार्ड बनाया लगभग 18 करोड़ डॉलर के साथ यह दुनिया की सबसे महंगी बिकने वाली और फेमस पेंटिंग बन गयी है |इस पेंटिंग ने आज तक के नीलामी की  सारे रेकर्डे तोड़ दिए नीलामी से पहले इस पेंटिंग का मूल 14 करोड़ सोचा गया था |  

 इसके साथ-साथ पिकासो ने कई प्रसिद्ध चित्रों को भी बनाया जैसे की द ओल्ड गिटारिस्ट, द वीपिंग वुमन और गर्ल बिफोर ए मिरर शामिल हैं| जब पिकासो 13 साल के हुआ तो वह चित्रकारी मे इस तरह से माहिर हो गए की बह अपने पिता से बेहतर चित्रकारी करने लगे|  अपने पूरे जीवन  में, पिकासो ने 13,500 से अधिक डिजाइन और पेंटिंग बनाई, जो किसी भी अन्य कलाकार की तुलना में कहीं अधिक थी।8 अप्रैल 1973 मौगिन्स, फ्रांस मे पाब्लो पिकासो की  मृत्यु हो गई | 

विंसेंट वान गाग

विंसेंट वान गाग पोस्ट-इंप्रेशनिस्ट के प्रभावशाली कलाकारों थे जो यूरोप की कला ( पश्चिमी कला) इतिहास में सबसे ज्यादा प्रसिद्ध है| वान गाग ने एक ही नजर मे लगभग 2,100 कलाकृतियाँ बनाईं, जिनमें से कुल  860  तैल चित्र शामिल हैं , जिनमें से ज्यादा तक उनके जीवन के अंतिम दो वर्षों की हैं। उनमें से परिदृश्य , स्थिर जीवन चित्र और  आत्म-चित्र शामिल है | उन्हे उनके जीबन काल मे ज्यादा सफलता नहीं मिली लेकिन उनकी मौत के बाद उनकी पेंटिंग की लाखों लोग प्रशंसा करते है और उनकी पैंटीन बहोत मशहूर हुई| 

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विंसेंट वान गाग : @Google

विंसेंट वान गाग का  जन्म 30 मई 1853 मे नीदरलैण्ड के गाँव जूर्डेट में हुआ था| वान गाग ने 1886 के बाद पेरिस के प्रभाववादी  चित्रकरो  के संपर्क में आकार लाल पीले व नीले रंग का प्रयोग करते हुए पेंटिंग करने लगे  पेरिस काल मे इन्होने 2 प्रसिद्ध चित्र बनाए | जिनका पहला नाम पीली वस्तु चित्र और दूसरा नाम  पेर तांगबी का बक्ति चित्र |वान गाग के अन्य चित्रों मे  स्टाररी नाइट, कैफे टेरेस एट नाइट , सूरजमुखी,  सेल्फ पोर्ट्रेट और बहुत से चित्रो शामिल है।

इन्होने 20 बर्ष की कला साधना के अंतर्गत 700 से जादा रंगीन पेंटिंग और 1000 से ज्यादा रेखा चित्र बनाए | विंसेंट वान गाग ने 37 बर्ष की आयु मे एक पेंटिंग बनाई जो की उन्होने अपने फेमस पेंटर चाल्स के घर का गार्डन बनाया था | उस पेंटिंग को  बनाते समय ही उन्होने स्वयं ही अपने आप को  पिस्तौल से गोली मार ली और 29 जुलाई 1890 को उनकी मृत्यु हो गई | 

ऑस्कर-क्लाउड मोनेट 

क्लाउड मोनेट
क्लाउड मोनेट-@Credit Fine Art Images Heritage Images via Getty Imagesm Heritage Images

ऑस्कर क्लाउड मोनेट फ्रांसीसी के  प्रसिद्ध चित्रकार और यह फ्रांसीसी प्रभाववाद आंदोलन के संस्थापकों में से एक थे | इनका जन्म 14  नवंबर 1840 मे फ्रांस मे हुआ था | उनके पिता का नाम क्लाउड अडोल्फ मोनेट था औरमाता का नाम लुईस-जस्टिन औब्री था बे अपने माता-पिता के दूसरे बेटे थे। 16 साल की उम्र मे बे एक मशहूर चित्रकार के रूप मे प्रसिद्ध हुए , उनको 25 फ्रेंक पेंटिंग  से बहुत काम मिला।

बर्ष 1859 मे जब क्लाउड मोनेट फ्रांस गए तब तक उनकी प्रकति के चित्रण मे काफी रूचि बढ़ गई थी,और 1862 मे पेरिस बापस आकर ग्लेयर की चित्रशाला मे सामिल हुए पर उन्होने बहा के काम को मना कर दिया | और बे प्रकति के सौन्दर्य के सामने अपनी धारणाओं को ब्यक्त करना शरू कर दिया और बे विशेस रूप से  प्रकृति को चित्रित करने के प्रयासो से उन्हे अपने लम्बे करियर बनाया |

ऑस्कर क्लाउड मोनेट की मृत्यु 86 वर्ष की आयु में 5 दिसंबर, 1926 मे हो गई उन्हे  फेफड़ों की बीमारी हो गई थी | जब बह 1 साल के थे तब उन्हे’उनकी चाची  मैरी-जीन लेकाद्रे के साथ रहने के लिए भेज दिया।बह उन्होने अपनी आगे का अध्ययन पूरा’किया |  उनके शुरुआती कार्यों में परिदृश्य, समुद्र के नज़ारे और चित्र शामिल हैं

1883 से मोनेट गिवरनी ,रहते थे बह उन्होने घर और सम्पत्ति खरीदी और बहोत बढ़ा भूनिर्माण परियोजना शुरू की जिसमें लिली के तालाब शामिल थे | बर्ष 1899 में उन्होंने  पानी के लिली को चित्रित करना शुरू किया,पहले एक चित्र मे विशेषता के रूप में एक जापानी पुल के साथ ऊर्ध्वाधर दृश्यों में और दूसरे मे बड़े पैमाने पर चित्रों की श्रृंखला में जो उन्हें अपने जीवन के अगले 20 वर्षों तक लगातार कब्जा करना था।

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