राशन डीलर शिकायत ⏱️ 23 मिनट पढ़ें 📅 06 अक्टूबर 2026

राशन डीलर कम तोलने या न देने पर शिकायत कैसे करें? टोल-फ्री 1967, BDO व आपूर्ति निरीक्षक नियम

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सुनीता शर्मा
e-Governance & नागरिक सेवा विशेषज्ञ

विगत 9 वर्षों से भारत सरकार की सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS), राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम (NFSA), डिजिटल पहचान पत्रों, राशन कार्ड सुधारों और नागरिक कल्याण योजनाओं पर निरंतर शोध एवं तथ्यात्मक लेखन।

⚡ त्वरित उत्तर (Quick Answer)

यदि राशन डीलर कम अनाज तोलता है, पैसे मांगता है या राशन देने से मना करता है, तो तुरंत राष्ट्रीय टोल-फ्री नंबर 1967 या 1800-1800-150 पर कॉल करें। इसके अलावा राज्य के सीएम हेल्पलाइन पोर्टल (जैसे UP Jansunwai 1076, Bihar Lok Shikayat) पर ऑनलाइन शिकायत दर्ज की जा सकती है अथवा तहसील के ब्लॉक विकास अधिकारी (BDO) और आपूर्ति निरीक्षक को लिखित शिकायत दी जा सकती है। आवश्यक वस्तु अधिनियम (ECA 1955) के तहत दोषी कोटेदार का लाइसेंस निलंबित होकर एफआईआर दर्ज हो सकती है।

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📌 मुख्य विशेषताएं व आवश्यक बिंदु

  • प्रति यूनिट 500 ग्राम भी कम तोलना आवश्यक वस्तु अधिनियम (ECA 1955) के तहत गैर-जमानती अपराध है।
  • टोल-फ्री नंबर 1967 पर कॉल करके राशन दुकान कोड (FPS Code) के साथ तुरंत शिकायत दर्ज कराई जा सकती है।
  • राज्य सीएम जनसुनवाई पोर्टल पर ऑनलाइन शिकायत दर्ज होने पर 48 से 72 घंटे में जांच टीम नियुक्त होती है।
  • दोषी कोटेदार का लाइसेंस तुरंत निलंबित कर दिया जाता है और ग्रामीणों का राशन पड़ोसी दुकान से अटैच किया जाता है।
शिकायत माध्यम (Platform) हेल्पलाइन / वेब लिंक प्रक्रिया व आवश्यक इनपुट जांच अधिकारी निस्तारण समय सीमा
राष्ट्रीय टोल-फ्री हेल्पलाइन 1967 / 1800-1800-150 राशन कार्ड नंबर + FPS कोड + फोन कॉल क्षेत्रीय आपूर्ति निरीक्षक (SI) 7 से 15 कार्य दिवस
राज्य सीएम जनसुनवाई पोर्टल jansunwai.up / 181 / 1076 ऑनलाइन लिखित आवेदन + साक्ष्य अपलोड उपजिलाधिकारी (SDM) / BDO 3 से 7 दिन (प्राथमिक जांच)
केंद्रीय पीजी पोर्टल (CPGRAMS) pgportal.gov.in केंद्रीय खाद्य मंत्रालय को सीधी शिकायत जिलाधिकारी (DM) / DSO 15 से 30 कार्य दिवस
तहसील समाधान दिवस / डीएम जनता दरबार प्रत्येक माह का प्रथम व तृतीय मंगलवार हस्तलिखित प्रार्थना पत्र + ग्रामीणों के हस्ताक्षर जिला मजिस्ट्रेट (DM) प्रत्यक्ष तत्काल मौके पर निर्देश

📌 मुख्य बातें (Quick Key Takeaways)

  • कांटा मारना गंभीर कानूनी अपराध: राशन डीलर द्वारा प्रति यूनिट 500 ग्राम या 1 किलो कम तौलना आवश्यक वस्तु अधिनियम (Essential Commodities Act 1955) की धारा 3/7 के तहत गैर-जमानती अपराध है।
  • तत्काल टोल-फ्री हेल्पलाइन (1967): राशन न मिलने, कम मिलने, या अवैध वसूली करने पर भारत सरकार के राष्ट्रीय नंबर 1967 पर सीधे कॉल करके शिकायत दर्ज कराई जा सकती है।
  • ऑनलाइन सीएम पोर्टल पर शिकायत: राज्य के सीएम हेल्पलाइन पोर्टल (जैसे UP जनसुनवाई 1076, बिहार लोक शिकायत, राजस्थान संपर्क 181) पर दर्ज शिकायत में 48 से 72 घंटे में जांच अधिकारी नियुक्त होता है।
  • दुकान सस्पेंड व लाइसेंस निरस्त: दोषी पाए जाने पर कोटेदार की सरकारी दुकान तुरंत निलंबित कर दी जाती है और नजदीकी गांव के कोटेदार से अटैच कर दी जाती है ताकि ग्रामीणों का राशन न रुके।
🌐 राष्ट्रीय खाद्य हेल्पलाइन: 1967 | केंद्रीय पीजी पोर्टल: pgportal.gov.in (CPGRAMS) | कानूनी संरक्षण: NFSA 2013 & ECA 1955

🎯 लक्षित पाठक वर्ग: यह मार्गदर्शिका उन सभी राशन कार्ड धारक नागरिकों के लिए है, जो कोटेदार की मनमानी, कम तौल, खराब गुणवत्ता वाले अनाज, या बिना राशन दिए अंगूठा लगवा लेने की धोखाधड़ी से पीड़ित हैं।

1. राशन डीलर कम तोलने या न देने पर शिकायत कैसे करें? (Direct Answer)

सीधा उत्तर (AEO Direct Answer): राशन डीलर के खिलाफ शिकायत करने के 3 सबसे प्रभावी कानूनी तरीके हैं: (1) टोल-फ्री कॉल: राष्ट्रीय खाद्य हेल्पलाइन 1967 या 1800-1800-150 पर कॉल करके कोटेदार की दुकान का कोड (FPS Code), ग्राम पंचायत का नाम और समस्या का विवरण दर्ज कराएं और शिकायत संख्या (Complaint ID) प्राप्त करें। (2) राज्य जनसुनवाई पोर्टल: अपने राज्य के सीएम हेल्पलाइन पोर्टल (जैसे UP Jansunwai, Bihar Lok Shikayat) पर ऑनलाइन शिकायत दर्ज करें। (3) तहसील में लिखित पत्र: ब्लॉक विकास अधिकारी (BDO), क्षेत्रीय खाद्य आपूर्ति निरीक्षक (Supply Inspector) या उपजिलाधिकारी (SDM) को लिखित शिकायत सौंपें। कानूनन 7 से 15 दिनों के भीतर औचक निरीक्षण कर कोटेदार पर दंडात्मक कार्रवाई करना अनिवार्य है।

अपने परिवार के वास्तविक और कानूनी कोटे की सटीक गणना करने के लिए हमारा राशन कोटा व यूनिट कैलकुलेटर 2026 अवश्य देखें। राशन कार्ड के मौलिक अधिकारों के लिए हमारी मुख्य राशन कार्ड संपूर्ण गाइड व नियम 2026 का भी संदर्भ लें।

2. किन-किन मामलों में राशन डीलर के खिलाफ शिकायत की जा सकती है?

नागरिकों को अपने अधिकारों की पूरी जानकारी होनी चाहिए। आप निम्नलिखित परिस्थितियों में तुरंत कानूनी शिकायत दर्ज करा सकते हैं:

  • कम तौलना (कांटा मारना): निर्धारित 5 किलो प्रति यूनिट या 35 किलो अंत्योदय कोटे से 500 ग्राम भी कम देना।
  • मुफ्त राशन के बदले पैसे मांगना: PMGKAY के तहत ₹0 होने के बावजूद प्रति कार्ड ₹20 से ₹50 की अवैध वसूली करना।
  • अंगूठा लगवाकर राशन न देना: ई-पॉस मशीन पर पर्ची काटकर कहना कि "अनाज खत्म हो गया है, दो दिन बाद आना" और बाद में राशन हड़प जाना।
  • खराब या सड़ा हुआ अनाज देना: कंकड़-पत्थर युक्त, बदबूदार या कीड़े लगा हुआ अनाज बांटना।
  • दुकान समय पर न खोलना: सरकारी नोटिस बोर्ड के अनुसार निर्धारित तारीखों और समय पर दुकान बंद रखना।
  • प्रवासी मजदूरों को मना करना: दूसरे राज्य का कार्ड बताकर अनाज देने से इनकार करना (देखें वन नेशन वन राशन कार्ड पोर्टेबिलिटी गाइड)।

3. चरणबद्ध तरीके से ऑनलाइन शिकायत दर्ज कराने की विधि

घर बैठे अपने मोबाइल से ऑनलाइन शिकायत दर्ज करने के 5 चरण निम्नलिखित हैं:

  1. राज्य जनसुनवाई पोर्टल खोलें: उत्तर प्रदेश के नागरिक jansunwai.up.nic.in, बिहार के नागरिक lokshikayat.bihar.gov.in या राष्ट्रीय पोर्टल pgportal.gov.in खोलें।
  2. सिटिजन रजिस्ट्रेशन व लॉगिन: अपना मोबाइल नंबर दर्ज करके OTP से लॉगिन करें।
  3. विभाग का चयन: विभाग ड्रॉपडाउन में 'खाद्य एवं रसद विभाग (Food & Civil Supplies)' चुनें।
  4. शिकायत का सटीक विवरण भरें:
    • अपने राशन कार्ड का 12 अंकों का नंबर।
    • राशन डीलर का पूरा नाम और उचित दर दुकान संख्या (FPS Code)।
    • घटना की तारीख, समय और काटे गए अनाज का सटीक वजन।
    • यदि संभव हो तो ई-पॉस मशीन से निकली रसीद की फोटो या वीडियो रिकॉर्डिंग संलग्न करें।
  5. सबमिट व शिकायत ट्रैकिंग: फॉर्म सबमिट करते ही SMS द्वारा शिकायत पंजीकरण संख्या प्राप्त होगी। आप पोर्टल पर कभी भी अपनी शिकायत का लाइव स्टेटस ट्रैक कर सकते हैं।

यदि कोटेदार कहता है कि अंगूठा न लगने के कारण राशन नहीं दिया, तो हमारा कानूनी मार्गदर्शन अंगूठा न लगने पर Face RD व नॉमिनी नियम पढ़ें।

5. अक्सर पूछे जाने वाले महत्वपूर्ण प्रश्न (FAQs)

प्रश्न 1: क्या शिकायत करने पर कोटेदार बदला लेने के लिए हमारा राशन कार्ड रद्द कर सकता है?

उत्तर: बिल्कुल नहीं! राशन कार्ड जारी करने और निरस्त करने का अधिकार केवल जिला आपूर्ति अधिकारी (DSO) के पास होता है, कोटेदार के पास नहीं। यदि कोटेदार धमकी दे तो सीधे एसडीएम से शिकायत करें, उस पर अतिरिक्त आपराधिक धाराएं लगेंगी।

प्रश्न 2: शिकायत का निस्तारण कितने दिनों में होना अनिवार्य है?

उत्तर: लोक सेवा गारंटी अधिनियम के तहत राशन से संबंधित शिकायतों की जांच और निस्तारण 15 से 30 कार्य दिवसों के भीतर पूरा होना अनिवार्य है।

प्रश्न 3: क्या गुप्त (Anonymous) शिकायत की जा सकती है?

उत्तर: हाँ, टोल-फ्री हेल्पलाइन 1967 पर कॉल करते समय आप ऑपरेटर से अपना नाम गोपनीय रखने का अनुरोध कर सकते हैं।

❓ अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)

Q. क्या शिकायत करने वाले का नाम कोटेदार को पता चल जाता है?

A. नहीं, यदि आप टोल-फ्री हेल्पलाइन या सीएम पोर्टल पर नाम गुप्त रखने का विकल्प चुनते हैं तो आपकी पहचान पूर्णतः गोपनीय रखी जाती है।

Q. यदि कोटेदार राशन दुकान बंद रखे तो क्या करें?

A. दुकान के बंद शटर और समय सारणी बोर्ड की फोटो खींचकर सीएम पोर्टल पर अपलोड करें और 1967 पर शिकायत करें।

Q. कोटेदार का लाइसेंस रद्द होने पर गांव को राशन कैसे मिलेगा?

A. विभाग तुरंत उस गांव का राशन कोटा नजदीकी पंचायत के अधिकृत कोटेदार से जोड़ देता है, जिससे वितरण में कोई रुकावट नहीं आती।

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