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PM विश्वकर्मा ग्राम पंचायत व ULB सत्यापन पेंडिंग कैसे क्लियर कराएं: 3-स्तरीय जांच, प्रधान लॉगिन व DIC शिकायत की 5-चरणीय SOP

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📌 PM विश्वकर्मा सत्यापन (Gram Panchayat / ULB Verification): मुख्य बिंदु व तुरंत सारांश (Key Highlights)

  • सत्यापन की 3-स्तरीय व्यवस्था (3-Tier Structure): प्रथम स्तर (Level 1) ग्राम पंचायत प्रधान/सचिव अथवा शहरी स्थानीय निकाय (ULB) नोडल अधिकारी; द्वितीय स्तर (Level 2) जिला कार्यान्वयन समिति (DIC GM / DM); तृतीय स्तर (Level 3) एमएसएमई मंत्रालय की राष्ट्रीय स्क्रीनिंग समिति।
  • पेंडिंग स्टेटस का मुख्य कारण (Root Cause): 70% से अधिक आवेदन ग्राम प्रधान या पंचायत सचिव द्वारा पोर्टल पर लॉगिन न करने या शारीरिक रूप से कारीगरी औजारों की जांच न करने के कारण प्रथम चरण में ही महीनों से लंबित पड़े हैं।
  • एक परिवार-एक लाभार्थी नियम (Family Exclusion): योजना के सख्त दिशानिर्देशों के अनुसार राशन कार्ड या परिवार रजिस्टर के आधार पर प्रति परिवार केवल 1 सदस्य ही विश्वकर्मा योजना का लाभ ले सकता है। पति-पत्नी दोनों के आवेदन करने पर आवेदन स्वतः होल्ड हो जाता है।
  • 18 पारंपरिक कारीगर श्रेणियां: बढ़ई, लोहार, सुनार, कुम्हार, मूर्तिकार, मोची, राजमिस्त्री, नाई, धोबी, दर्जी सहित 18 चिन्हित व्यवसायों से जुड़े वास्तविक कारीगरों का ही सत्यापन वैध माना जाता है।
  • निवारण की आधिकारिक समय-सीमा: नियमानुसार लेवल 1 सत्यापन 15 से 30 दिनों में पूर्ण होना अनिवार्य है; अत्यधिक देरी होने पर एमएसएमई चैंपियंस पोर्टल (champions.gov.in) पर सीधी शिकायत की जा सकती है।

देश के लाखों पारंपरिक शिल्पकारों, कारीगरों और हस्तशिल्पियों को आर्थिक संबल और आधुनिक पहचान दिलाने के लिए केंद्र सरकार द्वारा प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना (PM Vishwakarma Scheme) संचालित की जा रही है। इस योजना के तहत 18 पारंपरिक क्षेत्रों में हाथ और औजारों से कार्य करने वाले कारीगरों को ₹15,000 का आधुनिक टूलकिट वाउचर, 5 दिन की फ्री स्किल ट्रेनिंग (प्रतिदिन ₹500 मानदेय), और 5% रियायती ब्याज दर पर ₹3 लाख तक का बिना गारंटी लोन दिया जाता है। लेकिन सीएससी (CSC) से बायोमेट्रिक रजिस्ट्रेशन कराने के बाद लाखों कारीगरों की सबसे बड़ी परेशानी यह है कि उनका स्टेटस लगातार "Verification pending at Gram Panchayat / ULB level (Level 1)" प्रदर्शित हो रहा है। छह-छह महीने बीत जाने के बाद भी न तो ट्रेनिंग का बुलावा आता है और न ही टूलकिट वाउचर मिलता है। यदि आपका या आपके परिवार के किसी सदस्य का आवेदन भी ग्राम पंचायत या नगर पालिका स्तर पर अटका हुआ है, तो इस आधिकारिक 5-चरणीय SOP में जानें कि ग्राम प्रधान और पंचायत सचिव के लॉगिन से सत्यापन कैसे पास कराएं, किन दस्तावेजों का भौतिक सत्यापन होता है, और जिला उद्योग केंद्र (DIC) के माध्यम से अपनी फाइल को फास्ट-ट्रैक कैसे कराएं।

1. PM विश्वकर्मा योजना की 3-स्तरीय सत्यापन प्रणाली (3-Tier Verification Architecture)

सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम मंत्रालय (MoMSME) द्वारा जारी परिचालन दिशानिर्देशों के अनुसार, केवल उन्हीं वास्तविक कारीगरों को लाभ मिले जो अपने हाथों और पारंपरिक औजारों से काम करते हैं, इसके लिए सरकार ने एक अत्यंत पारदर्शी और त्रि-स्तरीय सत्यापन तंत्र तैयार किया है:

  • स्तर 1: ग्राम पंचायत / शहरी स्थानीय निकाय सत्यापन (Gram Panchayat / ULB Level): ग्रामीण क्षेत्रों में ग्राम प्रधान और ग्राम पंचायत सचिव (Panchayat Sachiv / VDO) तथा शहरी क्षेत्रों में नगर पालिका / नगर निगम के अधिशासी अधिकारी (Executive Officer - EO) या नामित नोडल अधिकारी इस स्तर के सत्यापन प्राधिकारी होते हैं। इनका काम यह प्रमाणित करना होता है कि आवेदक वास्तव में उसी गांव/वार्ड का स्थायी निवासी है और पिछले 5 वर्षों से संबंधित ट्रेड में सक्रिय कारीगरी कर रहा है।
  • स्तर 2: जिला कार्यान्वयन समिति सत्यापन (District Implementation Committee - DIC): जिला स्तर पर जिला उद्योग केंद्र (DIC) के महाप्रबंधक (General Manager) की अध्यक्षता में और जिला मजिस्ट्रेट (DM/Collector) के मार्गदर्शन में यह समिति ग्राम पंचायतों द्वारा अनुशंसित आवेदनों की बैंक पात्रता, आधार सीडिंग और पुलिस/आपराधिक रिकॉर्ड की डिजिटल जांच करती है।
  • स्तर 3: राष्ट्रीय स्क्रीनिंग समिति (Screening Committee - MoMSME): केंद्र सरकार के संयुक्त सचिव स्तर की समिति द्वारा अंतिम डिजिटल मुहर लगाई जाती है, जिसके बाद आवेदक का 'PM Vishwakarma Digital Certificate' और 'Artisan ID Card' जनरेट होता है और प्रशिक्षण हेतु बैच आवंटित किया जाता है।

2. 18 पारंपरिक कारीगर श्रेणियां, सत्यापन साक्ष्य व रिजेक्शन कारण मैट्रिक्स

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नीचे दी गई 5-कॉलम तालिका में पीएम विश्वकर्मा योजना के तहत शामिल सभी प्रमुख ट्रेडों, उनके लिए आवश्यक भौतिक कार्य साक्ष्य और पंचायत सत्यापन के दौरान होने वाली आम आपत्तियों का तुलनात्मक ब्यौरा प्रस्तुत है:

ट्रेड / व्यवसाय (Artisan Trade) आवश्यक भौतिक कार्य प्रमाण (Work Evidence) सत्यापन प्राधिकारी (Verifying Authority) अनुशंसित समय-सीमा (SLA Days) प्रमुख रिजेक्शन कारण (Rejection Reasons)
बढ़ई / सुथार (Carpenter) लकड़ी चीरने की आरी, रंदा, बसूला व कार्यशाला ग्राम प्रधान व पंचायत सचिव 15 से 20 कार्यदिवस दुकान या औजारों का न होना
राजमिस्त्री (Mason) करनी, साहुल, गुनिया, लेवल पाइप व कार्य अनुभव ग्राम सचिव / वार्ड पार्षद 15 कार्यदिवस परिवार में 2 सदस्यों का आवेदन
लोहार (Blacksmith) भट्टी, निहाई (Anvil), हथौड़ा व चिमटा ग्राम प्रधान व VDO 15 कार्यदिवस स्थानीय पते का मिसमैच
दर्जी (Tailor) सिलाई मशीन, कैंची, इंची टेप व सिलाई कार्यशाला ग्राम प्रधान / नगर पालिका EO 15 कार्यदिवस फर्जी आवेदन (सिलाई न जानना)
नाई / बाल काटने वाले (Barber) उस्तरा, कैंची, कंघी, सैलून कुर्सी या किट वार्ड अधिकारी / प्रधान 15 कार्यदिवस सरकारी सेवा में परिवार का होना
धोबी (Washerman) हैवी आयरन प्रेस, धुलाई स्थल व पारंपरिक कार्य ग्राम सचिव / नगर पालिका 15 कार्यदिवस आयु 18 वर्ष से कम होना
कुम्हार (Potter) चाक (Potter's Wheel), मिट्टी गूंथने का स्थल ग्राम पंचायत प्रधान 15 कार्यदिवस ट्रेड का गलत चयन

3. ग्राम पंचायत व ULB स्तर पर पेंडिंग स्टेटस क्लियर कराने की 5-चरणीय मानक संचालन प्रक्रिया (SOP)

यदि आपका आवेदन 'Stage 1 Verification Pending' में अटका हुआ है, तो इसे डिजिटल रूप से स्वीकृत कराने के लिए नीचे दिए गए 5 तकनीकी चरणों का पालन करें:

1 चरण 1: pmvishwakarma.gov.in पर एप्लीकेशन स्टेटस व एप्लीकेशन नंबर जांचें

सबसे पहले आधिकारिक पोर्टल https://pmvishwakarma.gov.in पर जाएं। मुख्य मेनू में "Login" पर क्लिक करें और "Applicant / Beneficiary Login" चुनें। अपना पंजीकृत मोबाइल नंबर और 6 अंकों का ओटीपी दर्ज करके लॉगिन करें। डैशबोर्ड पर अपनी Application ID (जैसे PMV2024XXXXXXXX) और वर्तमान स्थिति नोट करें।

2 चरण 2: ग्राम पंचायत भवन या नगर पालिका कार्यालय में भौतिक साक्ष्य प्रस्तुत करें

अपने आवेदन पत्र की प्रिंट कॉपी, आधार कार्ड, बैंक पासबुक और अपने पेशे से संबंधित औजारों (जैसे दर्जी हेतु कैंची/इंची टेप, राजमिस्त्री हेतु करनी/साहुल आदि) के साथ अपने ग्राम पंचायत भवन (Panchayat Sachivalaya) या नगर पालिका के PMAY/विश्वकर्मा सेल में जाएं। पंचायत सचिव और ग्राम प्रधान को अपनी भौतिक उपस्थिति दर्ज कराएं।

3 चरण 3: प्रधान / सचिव के आधिकारिक पोर्टल लॉगिन से ऑनलाइन सत्यापन कराएं

ग्राम प्रधान या पंचायत सचिव को आधिकारिक पोर्टल के "Panchayat / ULB Login" में अपने पंजीकृत सीएससी क्रेडेंशियल या विभागीय यूजर आईडी से लॉगिन करना होता है। लॉगिन के बाद 'Pending Verifications' सूची में आपका नाम खुलेगा:
• अधिकारी आपके ट्रेड, पारिवारिक स्थिति (1 सदस्य नियम) और स्थानीय निवास की पुष्टि करेगा।
• संतुष्ट होने पर अधिकारी "Recommend for Stage 2 (Approved)" विकल्प चुनकर डिजिटल सिग्नेचर या आधार बायोमेट्रिक ओटीपी से सबमिट करेगा।

4 चरण 4: जिला उद्योग केंद्र (DIC) स्तर पर स्टेज 2 अप्रूवल ट्रैक करें

पंचायत स्तर से अप्रूव होते ही आपकी फाइल स्वतः जिले के District Implementation Committee (DIC) को ट्रांसफर हो जाएगी। आप पोर्टल पर चेक करेंगे तो स्टेटस "Stage 1 Completed - Verification Pending at Stage 2 (DIC Level)" दिखने लगेगा। DIC सामान्यतः 7 से 15 दिनों में ब्लॉक-वार बैच बनाकर इसे नेशनल स्क्रीनिंग कमेटी को अग्रसारित (Forward) कर देती है।

5 चरण 5: अनावश्यक देरी होने पर MSME चैंपियंस पोर्टल पर औपचारिक शिकायत दर्ज करें

यदि ग्राम प्रधान या सचिव जानबूझकर या रिश्वत की मांग के कारण सत्यापन 30 दिनों से अधिक समय तक रोके रखता है, तो केंद्र सरकार के आधिकारिक एमएसएमई पोर्टल https://champions.gov.in पर जाएं। "Grievance Redressal" में जाकर PM Vishwakarma श्रेणी के तहत अपनी एप्लीकेशन आईडी दर्ज करके शिकायत दर्ज करें। केंद्रीय मंत्रालय द्वारा 72 घंटों में जिला कलेक्टर (DM) को जांच के आदेश भेजे जाते हैं।

4. एक परिवार-एक लाभार्थी नियम (Family Duplicate Exception) कैसे हल करें?

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पीएम विश्वकर्मा योजना के अंतर्गत सबसे ज्यादा रिजेक्शन "Family Member Already Registered" एरर के कारण होते हैं। केंद्र सरकार की स्पष्ट नीति है कि एक राशन कार्ड या परिवार में केवल 1 ही व्यक्ति को योजना का लाभ मिल सकता है।

⚠️ डुप्लीकेट फैमिली एरर का कानूनी समाधान:

1. पति और पत्नी दोनों ने आवेदन किया हो: यदि पति (जैसे राजमिस्त्री) और पत्नी (जैसे दर्जी) दोनों ने अलग-अलग सीएससी से आवेदन कर दिया है, तो सिस्टम दोनों आवेदनों को डुप्लीकेट मानकर फ्रीज कर देता है। ऐसी स्थिति में किसी एक सदस्य को पोर्टल पर लॉगिन करके अपना आवेदन 'Withdraw' (रद्द) करना होगा। एक आवेदन हटते ही दूसरे सदस्य का आवेदन स्वतः सक्रिय हो जाएगा।

2. अलग परिवार लेकिन राशन कार्ड एक होना: यदि शादीशुदा बेटा अलग रहकर बढ़ई का काम करता है लेकिन राशन कार्ड अभी भी पिता के साथ संयुक्त है, तो खाद्य विभाग में जाकर अलग राशन कार्ड (Separate Ration Card) बनवाएं और पोर्टल पर नया राशन कार्ड नंबर अपडेट कराएं।

3. आधार में पता अलग होना परंतु राशन कार्ड में एक साथ नाम: कई मामलों में शादीशुदा भाई अलग घर में रहते हैं और उनके आधार कार्ड पर अलग मकान नंबर होता है, लेकिन राज्य के PDS राशन डेटाबेस में उनका नाम पुराने संयुक्त परिवार में ही दर्ज रहता है। ऐसी स्थिति में ग्राम पंचायत सचिव से एक 'पारिवारिक पृथक्करण प्रमाण पत्र' (Separate Household Certificate) बनवाएं और उपखंड अधिकारी (SDM) या बीडीओ के माध्यम से स्टेट डेटाबेस में नाम अलग कराएं ताकि दोनों स्वतंत्र कारीगरों का सत्यापन स्वीकृत हो सके।

5. ट्रेनिंग, सर्टिफिकेट व लोन प्राप्ति का रोडमैप (Complete Journey Roadmap)

स्टेज 3 सत्यापन पूर्ण होते ही कारीगर की प्रगति निम्नलिखित चरणों में आगे बढ़ती है:

  • विश्वकर्मा प्रमाण पत्र व पहचान पत्र: पोर्टल से बारकोड युक्त डिजिटल 'PM Vishwakarma Certificate' और लेमिनेटेड आईडी कार्ड डाउनलोड किया जा सकता है।
  • 5-7 दिन की बेसिक ट्रेनिंग: राष्ट्रीय कौशल विकास निगम (NSDC) के नजदीकी प्रशिक्षण केंद्र पर 40 घंटे की आधुनिक ट्रेनिंग दी जाती है। प्रतिदिन ₹500 मानदेय (Stipend) सीधे बैंक खाते में भेजा जाता है।
  • ₹15,000 टूलकिट ग्रांट: ट्रेनिंग पूरी होने पर आधुनिक टूल्स खरीदने हेतु ₹15,000 का ई-वाउचर (e-RUPI) मोबाइल पर भेजा जाता है।
  • ₹1 लाख का प्रथम चरण लोन: बिना किसी गारंटी के मात्र 5% ब्याज दर पर 18 महीने के लिए ₹1,00,000 का उद्यम लोन सार्वजनिक बैंकों द्वारा स्वीकृत किया जाता है।

6. ग्राम प्रधान व सचिव का आधिकारिक पोर्टल लॉगिन यूजर मैनुअल (Gram Pradhan User Manual SOP)

अक्सर ग्राम प्रधान या पंचायत सचिव यह कहकर पल्ला झाड़ लेते हैं कि उन्हें पोर्टल चलाना नहीं आता या लॉगिन पासवर्ड नहीं है। सच्चाई यह है कि पंचायती राज विभाग और एमएसएमई मंत्रालय ने ग्राम प्रधानों के लिए एक अत्यंत सरल लॉगिन व्यवस्था बनाई है:

  • आधिकारिक लॉगिन यूआरएल: पंचायत सचिव या प्रधान को pmvishwakarma.gov.in के मुख्य मेनू में "Login > Gram Panchayat Login" पर जाना होता है।
  • राज्य, जिला व ब्लॉक चयन: ड्रॉपडाउन से अपने राज्य, जिले और ब्लॉक का चयन करने के बाद ग्राम पंचायत की सूची में से अपनी पंचायत चुननी होती है।
  • पंजीकृत मोबाइल ओटीपी प्रमाणीकरण: ई-ग्रामस्वराज (e-GramSwaraj) या पंचायती राज विभाग में दर्ज ग्राम प्रधान/सचिव के आधिकारिक मोबाइल नंबर पर 6 अंकों का ओटीपी आता है। ओटीपी दर्ज करते ही पंचायत का विश्वकर्मा डैशबोर्ड खुल जाता है।
  • सत्यापन निर्णय: प्रत्येक आवेदक के नाम के आगे 'Verify Artisan' का बटन होता है। प्रधान को केवल दो विकल्पों में से एक चुनना होता है: (1) "Recommended (अनुशंसित)" - यदि आवेदक उसी गांव का वास्तविक कारीगर है, या (2) "Rejected with Reason" - यदि आवेदक फर्जी है या गांव का निवासी नहीं है। सबमिट करते ही फाइल अगले स्तर (DIC) को ट्रांसफर हो जाती है।

7. ट्रेड मिसमैच (Trade Mismatch) व विवरण सुधार की कानूनी प्रक्रिया (Correction & Grievance SOP)

सीएससी (CSC) संचालक द्वारा जल्दबाजी में गलत ट्रेड भर दिए जाने पर (जैसे बढ़ई की जगह लोहार, या दर्जी की जगह धोबी दर्ज हो जाने पर) सत्यापन के समय पंचायत सचिव आवेदन को रिजेक्ट कर देते हैं। इस समस्या से बचने के लिए निम्नलिखित प्रक्रिया अपनाएं:

  • सत्यापन से पूर्व संशोधन अनुरोध: यदि आवेदन अभी भी स्टेज 1 पर पेंडिंग है, तो पंचायत सचिव के पास 'Send Back for Correction' का विकल्प उपलब्ध रहता है। सचिव से अनुरोध करें कि वह आवेदन को रिजेक्ट न करके 'करेक्शन हेतु वापस' भेजें ताकि आप सीएससी से सही ट्रेड अपडेट कर सकें।
  • आवेदन निरस्त करके पुनः पंजीकरण: यदि आवेदन रिजेक्ट हो चुका है, तो 30 दिनों के कूलिंग पीरियड के बाद आप उसी आधार नंबर से अपने सही ट्रेड के साथ नया आवेदन कर सकते हैं।
  • लोक सेवा गारंटी अधिनियम में अपील: विभिन्न राज्यों (जैसे उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, बिहार, राजस्थान) के जनसेवा अधिकार अधिनियम के तहत ग्राम पंचायत को 30 दिनों में आवेदन पर निर्णय लेना कानूनी रूप से बाध्यकारी है। अनावश्यक देरी पर ब्लॉक विकास अधिकारी (BDO) या उपजिलाधिकारी (SDM) को प्रथम अपीलीय अधिकारी के रूप में शिकायत दी जा सकती है।
  • जिला उद्योग केंद्र (DIC) में जनसुनवाई: प्रत्येक माह के प्रथम और तृतीय मंगलवार को प्रत्येक जिले के जिला उद्योग केंद्र में 'विश्वकर्मा समाधान दिवस' आयोजित किया जाता है। यदि पंचायत स्तर पर कोई सचिव जानबूझकर सत्यापन लटका रहा है, तो आप अपने औजारों और सीएससी रसीद के साथ सीधे महाप्रबंधक (GM-DIC) के समक्ष उपस्थित होकर मौके पर ही डिजिटल सत्यापन का आदेश जारी करवा सकते हैं।

8. अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (Frequently Asked Questions - FAQs)

Q1. पीएम विश्वकर्मा योजना में ग्राम पंचायत स्तर पर सत्यापन में सामान्यतः कितना समय लगता है?

सरकारी नियमों के अनुसार ग्राम पंचायत या नगर निकाय को आवेदन प्राप्त होने के 15 से 20 कार्यदिवसों के भीतर सत्यापन पूरा करना होता है। यदि प्रधान या सचिव समय पर पोर्टल लॉगिन नहीं करते हैं, तो यह अवधि बढ़ जाती है, जिसके लिए ब्लॉक स्तर पर सहायक विकास अधिकारी (ADO पंचायत) से संपर्क करना चाहिए।

Q2. यदि ग्राम प्रधान रंजिश या राजनीति के कारण आवेदन रिजेक्ट कर दे तो क्या करें?

यदि ग्राम प्रधान गलत कारण से आवेदन अस्वीकृत करता है, तो आप अपने जिले के जिला उद्योग केंद्र (General Manager - DIC) में लिखित अपील दर्ज करा सकते हैं। इसके अलावा जिला मजिस्ट्रेट (DM) की अध्यक्षता वाली समिति में भौतिक सत्यापन की दोबारा मांग की जा सकती है।

Q3. क्या योजना में आवेदन करने के लिए जाति प्रमाण पत्र देना अनिवार्य है?

नहीं, पीएम विश्वकर्मा योजना किसी विशिष्ट जाति तक सीमित नहीं है। यह व्यवसाय-आधारित (Trade-based) योजना है। किसी भी वर्ग (सामान्य, ओबीसी, एससी, एसटी) का व्यक्ति यदि 18 पारंपरिक व्यवसायों में से किसी एक में कारीगरी करता है, तो वह पूरी तरह पात्र है। जाति प्रमाण पत्र केवल सरकारी सांख्यिकी और आरक्षण नियमों हेतु वैकल्पिक है।

Q4. क्या सरकारी नौकरी करने वाले परिवार का सदस्य इस योजना में पात्र है?

नहीं। यदि आवेदक के परिवार का कोई भी सदस्य (पति, पत्नी या अविवाहित बच्चे) केंद्र सरकार, राज्य सरकार या किसी सार्वजनिक उपक्रम में नियमित सरकारी कर्मचारी है, तो वह परिवार विश्वकर्मा योजना के लिए अपात्र माना जाता है।

Q5. सत्यापन के लिए पंचायत सचिव क्या-क्या दस्तावेज मांगते हैं?

सत्यापन के समय आवेदक का आधार कार्ड, राशन कार्ड या परिवार रजिस्टर की नकल, बैंक पासबुक, और उसके व्यवसाय से संबंधित कार्य औजारों या दुकान का भौतिक प्रमाण देखा जाता है।

Q6. स्टेज 1 सत्यापन के बाद स्टेज 2 (DIC) में क्या जांच होती है?

स्टेज 2 में जिला उद्योग केंद्र (DIC) यह जांचता है कि आवेदक का बैंक खाता आधार से डीबीटी एक्टिव है या नहीं, आवेदक ने पूर्व में पीएम स्वनिधि या मुद्रा योजना में कोई डिफॉल्ट तो नहीं किया है, और क्या आवेदक की आयु 18 वर्ष पूर्ण है।

Q7. पीएम विश्वकर्मा योजना की राष्ट्रीय हेल्पलाइन संख्या क्या है?

योजना से संबंधित किसी भी सहायता या शिकायत के लिए राष्ट्रीय टोल-फ्री हेल्पलाइन नंबर 1800-267-7777 और 011-23061500 पर कार्यदिवसों में संपर्क किया जा सकता है।

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