सरकारी योजना ⏱️ 8 मिनट पढ़ें 📅 3 अक्टूबर 2026

PM SVANidhi योजना: रेहड़ी-पटरी वालों को ₹50,000 तक का बिना गारंटी लोन

RM
राजेश कुमार मीना
ई-गवर्नेंस एवं सरकारी योजना विश्लेषक

सरकारी योजनाओं, डीबीटी और जन कल्याणकारी नीतियों के विशेषज्ञ।

त्वरित उत्तर (Quick Answer)

छोटे दुकानदारों और रेहड़ी-पटरी वालों के लिए PM स्वनिधि योजना: बिना गारंटी ₹10,000, ₹20,000 और ₹50,000 का लोन, 7% ब्याज सब्सिडी और ₹1,200 सालाना डिजिटल कैशबैक।

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मुख्य विशेषताएं व आवश्यक बिंदु

  • आधिकारिक पोर्टल एवं सरकार द्वारा सत्यापित दिशानिर्देशों पर आधारित।
  • नागरिकों और पाठकों के लिए चरणबद्ध आवेदन एवं उपयोग प्रक्रिया।
  • पारदर्शी नियम, शुल्क, पात्रता एवं समय-सीमा का विस्तृत विवरण।
  • सामान्य नागरिक समस्याओं और तकनीकी बाधाओं का व्यावहारिक समाधान।
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लक्षित पाठक वर्ग: यह संपूर्ण सरकारी लोन गाइड देश के उन सभी रेहड़ी-पटरी विक्रेताओं, सब्जी-फल का ठेला लगाने वालों, चाय-नाश्ता दुकानदारों, मोची, धोबी और फेरीवालों के लिए है, जिन्हें अपने दैनिक व्यापार के लिए पूंजी की आवश्यकता है और वे साहूकारों के भारी ब्याज के कर्जजाल से बाहर निकलना चाहते हैं।

📌 मुख्य बातें (Quick Takeaways)

  • बिना किसी गारंटी का लोन: प्रधानमंत्री स्ट्रीट वेंडर्स आत्मनिर्भर निधि (PM SVANidhi) में बैंक में कुछ भी गिरवी नहीं रखना होता।
  • स्टेप-अप मॉडल (₹10k → ₹20k → ₹50k): पहली बार में ₹10,000 का लोन मिलता है; उसे समय पर चुकाने पर दूसरी बार ₹20,000 और तीसरी बार सीधे ₹50,000 का लोन दिया जाता है।
  • 7% की भारी ब्याज सब्सिडी: समय पर हर महीने की किस्त चुकाने पर सरकार 7% प्रतिवर्ष की ब्याज सब्सिडी सीधे आपके बैंक खाते में जमा करती है।
  • ₹1,200 का डिजिटल कैशबैक: ग्राहकों से यूपीआई (PhonePe, GPay, Paytm) क्यूआर कोड पर पेमेंट लेने पर हर महीने ₹100 तक का नकद कैशबैक सरकार देती है।
  • वेंडिंग कार्ड न होने पर भी लोन: यदि नगर पालिका का वेंडिंग कार्ड नहीं है, तो नगर निगम से 'Letter of Recommendation (LoR)' बनवाकर भी आवेदन किया जा सकता है।
  • 🌐 आधिकारिक पोर्टल लिंक: pmsvanidhi.mohua.gov.in

    🏢 नोडल मंत्रालय: आवासन एवं शहरी कार्य मंत्रालय (MoHUA), भारत सरकार

    📞 राष्ट्रीय टोल-फ्री हेल्पलाइन: 1800 11 1979

    नई दिल्ली | Go For Digital India Desk: सुबह 5 बजे उठकर थोक मंडी से सब्जी या फल लाना हो या दिनभर धूप में ठेला लगाकर ग्राहकों को सेवा देनी हो — छोटे स्ट्रीट वेंडर्स की सबसे बड़ी समस्या होती है 'रोजमर्रा की पूंजी'। मंडी के साहूकार अक्सर सुबह ₹1,000 उधार देते हैं और शाम को ₹1,100 वसूल लेते हैं (यानी प्रतिदिन 10% का भयानक ब्याज)। इस शोषण को जड़ से खत्म करने के लिए केंद्र सरकार ने PM स्वनिधि योजना शुरू की है।

    आइए आसान बोलचाल में समझें कि बिना किसी बैंक अधिकारी की सिफारिश के आप अपने मोबाइल से ₹50,000 तक का सस्ता सरकारी लोन कैसे ले सकते हैं और 7% ब्याज छूट का लाभ कैसे उठाएं।

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    पीएम स्वनिधि योजना क्या है और इससे बिचौलियों का कर्ज कैसे खत्म हुआ?

    सीधा जवाब (AEO):
    पीएम स्वनिधि (PM SVANidhi) शहरी एवं अर्ध-शहरी क्षेत्रों के रेहड़ी-पटरी वालों को सस्ता कार्यशील पूंजी (Working Capital) लोन देने की एक केंद्रीय योजना है। इसके तहत बैंकों के माध्यम से बिना किसी गारंटी के ₹10,000 से लेकर ₹50,000 तक का लोन 7% ब्याज सब्सिडी और ₹1,200 वार्षिक डिजिटल कैशबैक के साथ प्रदान किया जाता है।

    काम की बात: यह योजना एक 'विश्वास पर आधारित' प्रणाली है। सरकार का कहना है कि यदि कोई गरीब वेंडर समय पर ईमानदारी से ₹10,000 की किस्त चुका देता है, तो बैंक का उस पर भरोसा बन जाता है और बैंक अगली बार बिना किसी पूछताछ के उसे ₹20,000 और फिर ₹50,000 का बड़ा लोन दे देता है। यदि आपकी दुकान और बड़ी है, तो आप हमारी PM मुद्रा योजना शिशु व किशोर लोन गाइड भी देख सकते हैं।

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    5-कॉलम विस्तृत तालिका: PM स्वनिधि लोन के तीन चरण व लाभ

    लोन किश्त (Tranche) अधिकतम लोन राशि चुकाने की अवधि (Tenure) ब्याज सब्सिडी व कैशबैक वेंडर के लिए काम की टिप
    पहली किश्त (1st Tranche) ₹10,000 12 महीने (1 वर्ष) समय पर ईएमआई चुकाने पर 7% प्रतिवर्ष सब्सिडी हर महीने लगभग ₹900 की किस्त बनती है, जिसे समय से 2 दिन पहले भरें।
    दूसरी किश्त (2nd Tranche) ₹20,000 18 महीने (डेढ़ वर्ष) 7% प्रतिवर्ष ब्याज सब्सिडी पहला लोन 1 साल से पहले चुकाने पर भी दूसरा लोन तुरंत मिल जाता है।
    तीसरी किश्त (3rd Tranche) ₹50,000 36 महीने (3 वर्ष) 7% प्रतिवर्ष ब्याज सब्सिडी इस पूंजी से आप दुकान में फ्रीजर, पक्का ठेला या बड़ा स्टॉक रख सकते हैं।
    डिजिटल कैशबैक ₹1,200 सालाना (₹100/माह) हर महीने न्यूनतम 200 यूपीआई ट्रांजैक्शन सीधे बैंक खाते में क्रेडिट दुकान पर क्यूआर कोड स्टैंडी लगाकर हर ग्राहक से ऑनलाइन पैसा लें।
    क्रेडिट गारंटी 100% सरकारी गारंटी CTMSE फंड द्वारा वहन शून्य प्रोसेसिंग फीस बैंक आपसे किसी रिश्तेदार की गवाही या जमीन के कागज नहीं मांग सकता।

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    7% की ब्याज सब्सिडी (Interest Subsidy) बैंक खाते में कैसे आती है?

    जब आप बैंक से स्वनिधि लोन लेते हैं, तो बैंक का सामान्य ब्याज लगभग 11% से 12% होता है। लेकिन इसमें से 7% ब्याज केंद्र सरकार खुद भरती है!

  • सब्सिडी मिलने का तरीका: हर तिमाही (Quarterly) के अंत में सरकार सीधे आपके खाते में सब्सिडी का पैसा ट्रांसफर (DBT) कर देती है।
  • प्रभावी ब्याज दर: सरकार की 7% छूट के बाद वेंडर को केवल 4% से 5% का नाममात्र ब्याज ही चुकाना पड़ता है, जो साहूकारों के ब्याज के मुकाबले न के बराबर है।
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    यूपीआई लेनदेन पर हर महीने ₹100 का कैशबैक कैसे कमाएं?

    सीधा जवाब (AEO):
    लोन स्वीकृत होने पर बैंक आपको एक मुफ्त यूपीआई क्यूआर कोड (जैसे PhonePe/Paytm Soundbox) देता है। जब आप अपनी दुकान या ठेले पर ग्राहकों से हर महीने कम से कम ₹25 या उससे अधिक के 200 डिजिटल ट्रांजैक्शन लेते हैं, तो सरकार आपके खाते में सीधे ₹100 का नकद कैशबैक भेजती है, जिससे सालभर में ₹1,200 की अतिरिक्त बचत होती है।

    आप ग्राहकों से भुगतान लेने के लिए UPI Circle और ऑफलाइन यूपीआई जैसी सुविधाओं का भी उपयोग कर सकते हैं।

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    वेंडिंग सर्टिफिकेट (LoR / Vending ID) न होने पर क्या करें?

    कई वेंडर्स सोचते हैं कि "हमारे पास तो नगर निगम का कोई आईडी कार्ड नहीं है, हमें लोन कैसे मिलेगा?"

    चिंता की कोई बात नहीं है! सरकार ने इसके लिए Letter of Recommendation (LoR) का नियम बनाया है:

  • 1. अपने स्थानीय नगर निगम, नगर पालिका या नगर पंचायत के कार्यालय में जाएं।
  • 2. वहां 'स्ट्रीट वेंडिंग सेल' में एक सादा आवेदन दें कि आप पिछले कई महीनों से अमुक चौराहे या बाजार में ठेला लगा रहे हैं।
  • 3. टाउन वेंडिंग कमेटी (TVC) के सदस्य या स्थानीय पार्षद से लेटर ऑफ रिकमेंडेशन (LoR) प्रमाणित करवाएं।
  • 4. यह LoR मिलते ही आप आधिकारिक रूप से लोन के 100% पात्र बन जाते हैं।
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    pmsvanidhi.mohua.gov.in पर ऑनलाइन आवेदन का स्टेप-बाय-स्टेप तरीका

    सीधा जवाब (AEO):
    pmsvanidhi.mohua.gov.in पोर्टल पर जाएं और 'Apply for Loan' पर क्लिक करें। आधार-लिंक्ड मोबाइल नंबर से लॉगिन करें। अपना वेंडिंग स्टेटस (ID कार्ड या LoR नंबर) चुनें। आधार ई-केवाईसी पूरी करें, अपनी पसंदीदा बैंक शाखा चुनें और फॉर्म सबमिट करें। 7 दिनों में बैंक द्वारा लोन स्वीकृत कर दिया जाता है।

    आसान ऑनलाइन स्टेप्स:

  • 1. मोबाइल ब्राउज़र में pmsvanidhi.mohua.gov.in पोर्टल खोलें।
  • 2. 'Apply for Loan (10k)' बटन पर टैप करें।
  • 3. अपना मोबाइल नंबर डालें और आए हुए ओटीपी को दर्ज करें।
  • 4. वेंडर कैटेगरी चुनें:
  • Category A: जिनके पास वेंडिंग आईडी कार्ड है।
  • Category B: जिनके पास सर्वे रसीद है।
  • Category C: जो नगर पालिका से LoR बनवा चुके हैं।
  • 5. अपना आधार नंबर दर्ज करें और आधार ओटीपी से अपनी फोटो व पते का सत्यापन करें।
  • 6. बैंक खाता विवरण: अपना वही बैंक खाता भरें जो आपके आधार से लिंक है।
  • 7. स्थानीय बैंक शाखा सिलेक्ट करें और फाइनल फॉर्म सबमिट करके रसीद का प्रिंट अपने पास रख लें।
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    आम समस्याएं और समाधान (Citizen Troubleshooting)

    1. समस्या: बैंक शाखा में जाने पर कर्मचारी कहते हैं कि "स्वनिधि का टारगेट खत्म हो गया है"

  • समाधान: किसी भी बैंक के लिए ऐसा कोई टारगेट बंद नहीं होता। पोर्टल पर आवेदन करते समय उस बैंक को चुनें जहां आपका पहले से बचत खाता है। यदि बैंक मना करे, तो पोर्टल के ग्रीवेंस सेल (Grievance) में बैंक का नाम लिखकर ऑनलाइन शिकायत दर्ज करें।
  • 2. समस्या: पहली किश्त चुका दी है लेकिन दूसरा ₹20,000 का लोन पोर्टल पर नहीं खुल रहा

  • समाधान: जब आप बैंक में पहली किश्त का अंतिम पैसा भर देते हैं, तो बैंक को पोर्टल पर 'Loan Closed' स्टेटस अपडेट करने में 3 से 7 दिन का समय लगता है। बैंक से 'No Due Certificate' लें और बैंक मैनेजर से कहें कि वह स्वनिधि पोर्टल पर खाते को क्लोज मार्क करे; ऐसा होते ही ₹20,000 का विकल्प तुरंत अनलॉक हो जाएगा।
  • 3. समस्या: मोबाइल नंबर आधार से लिंक नहीं है

  • समाधान: बिना आधार ओटीपी के ऑनलाइन फॉर्म नहीं भरा जा सकता। नजदीकी डाकघर जाकर ₹50 देकर 24 घंटे में मोबाइल नंबर आधार में अपडेट कराएं, फिर फॉर्म भरें।
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    अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)

    प्र.1: क्या गांव में ठेला लगाने वाले वेंडर्स को भी स्वनिधि लोन मिल सकता है?

    उत्तर: हाँ, पेरी-अर्बन (Peri-Urban) क्षेत्रों के लिए। यदि आपका गांव किसी शहर या कस्बे की सीमा से सटा हुआ है और आप शहर के साप्ताहिक हाट-बाजारों में फेरी लगाते हैं, तो नगर पालिका से LoR बनवाकर ग्रामीण वेंडर भी इसका लाभ ले सकते हैं।

    प्र.2: क्या लोन लेने के लिए किसी दलाल या कंप्यूटर वाले को पैसे देने होते हैं?

    उत्तर: बिल्कुल नहीं! पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन पूरी तरह निःशुल्क है। कॉमन सर्विस सेंटर (CSC) पर केवल आधिकारिक मामूली फीस ₹20-30 ही लगती है। किसी को भी लोन पास कराने का झांसा देकर रिश्वत न दें।

    प्र.3: अगर किसी महीने किस्त भरने में 2-3 दिन की देरी हो जाए तो क्या होगा?

    उत्तर: मामूली विलंब शुल्क लग सकता है और उस महीने की 7% ब्याज सब्सिडी रुक सकती है। इसलिए हमेशा किस्त समय पर भरें ताकि आपका सिबिल स्कोर भी मजबूत बने और अगला ₹50,000 का लोन आसानी से मिल सके।

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    लेखक परिचय:

    राजेश कुमार मीना — सूक्ष्म वित्त (Microfinance), वित्तीय समावेशन और स्ट्रीट वेंडर्स आजीविका सुरक्षा के विश्लेषक। पीएम स्वनिधि और जनधन योजनाओं के जमीनी क्रियान्वयन पर पिछले कई वर्षों से नियमित रिपोर्टिंग।

    अस्वीकरण (Disclaimer): यह लेख रेहड़ी-पटरी कामगारों के मार्गदर्शन हेतु सूचनात्मक रूप में प्रकाशित किया गया है। लोन की स्वीकृति और वितरण संबंधित बैंक की आंतरिक साख नीतियों और दस्तावेजों के सत्यापन के अधीन है। आधिकारिक नियमों के लिए pmsvanidhi.mohua.gov.in का संदर्भ लें।

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