📌 पीएम आवास योजना शहरी 2.0 (PMAY-U 2.0): मुख्य बिंदु व तुरंत सारांश (Key Highlights)
- आधिकारिक शहरी पोर्टल: आवासन और शहरी कार्य मंत्रालय (MoHUA) का आधिकारिक पोर्टल
pmay-urban.gov.inहै, जहाँ नागरिक स्वयं या CSC केंद्र से सीधे ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। - कैबिनेट मंजूरी व लक्ष्य: केंद्रीय मंत्रिमंडल द्वारा स्वीकृत PMAY-U 2.0 के तहत अगले 5 वर्षों में शहरी क्षेत्रों के 1 करोड़ गरीब व मध्यम वर्गीय परिवारों को ₹2.50 लाख तक की वित्तीय सहायता/सब्सिडी प्रदान करने का लक्ष्य रखा गया है।
- ब्याज सब्सिडी योजना (ISS): EWS/LIG और मध्यम वर्ग (MIG - आय ₹9 लाख तक) के परिवारों को ₹35 लाख तक के गृह ऋण (Home Loan) पर 4% की दर से अधिकतम ₹2,50,000 की upfront ब्याज सब्सिडी मिलती है।
- व्यक्तिगत निर्माण (BLC घटक): अपनी खाली जमीन पर नया पक्का मकान बनाने वाले EWS परिवारों को ₹2.50 लाख की एकमुश्त सीधी सरकारी सहायता (DBT) 3 किस्तों में दी जाती है।
- अनिवार्य पात्रता शर्त: लाभार्थी परिवार के किसी भी सदस्य के नाम पूरे भारत में कहीं भी कोई पक्का मकान पंजीकृत नहीं होना चाहिए, तथा EWS/LIG श्रेणी में घर का स्वामित्व परिवार की महिला सदस्य के नाम (एकल या संयुक्त) होना अनिवार्य है।
महानगरों, टियर-2 और टियर-3 शहरों में रहने वाले किरायेदार परिवारों और मध्यम वर्गीय वेतनभोगियों के लिए अपना पक्का फ्लैट या खुद की जमीन पर मकान बनाना हमेशा से एक बड़ी आर्थिक चुनौती रहा है। आसमान छूती रियल एस्टेट कीमतें और बैंकों की भारी होम लोन ईएमआई (EMI) आम आदमी के बजट को बिगाड़ देती हैं। इसी समस्या के स्थाई समाधान के रूप में भारत सरकार के आवासन और शहरी कार्य मंत्रालय (Ministry of Housing and Urban Affairs - MoHUA) ने प्रधानमंत्री आवास योजना शहरी 2.0 (PMAY-U 2.0) को देश भर के सभी वैधानिक कस्बों (Statutory Towns) और नगर निगम क्षेत्रों में लागू कर दिया है। इस नए चरण में आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (EWS) और निम्न आय वर्ग (LIG) के साथ-साथ ₹9 लाख वार्षिक आय वाले मध्यम वर्गीय (MIG) परिवारों को भी ₹2.50 लाख तक की भारी होम लोन ब्याज सब्सिडी का लाभ दिया जा रहा है। यदि आप भी शहरी सीमा में अपना आशियाना खरीदने या बनाने की योजना बना रहे हैं, तो इस विस्तृत 5-चरणीय SOP गाइड में जानें कि आधिकारिक पोर्टल pmay-urban.gov.in पर ऑनलाइन आवेदन कैसे करें, किन दस्तावेजों की आवश्यकता होगी, और म्यूनिसिपल सत्यापन को बिना किसी रुकावट के कैसे पास करें।
1. PMAY-U 2.0 के 4 प्रमुख घटक (Four Core Verticals Explained)
प्रधानमंत्री आवास योजना शहरी 2.0 को शहरी आबादी की विविध आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए 4 अलग-अलग वर्टिकल्स (घटकों) में विभाजित किया गया है। आवेदन करने से पहले यह समझना अत्यंत आवश्यक है कि आप किस घटक के अंतर्गत पात्र हैं:
- 1. ब्याज सब्सिडी योजना (Interest Subsidy Scheme - ISS): यह मध्यम वर्गीय और वेतनभोगी परिवारों के लिए सबसे लोकप्रिय घटक है। यदि आप बैंक या हाउसिंग फाइनेंस कंपनी (HFC) से नया फ्लैट या मकान खरीदने के लिए होम लोन ले रहे हैं, तो सरकार आपके लोन खाते में ₹2.50 लाख तक की ब्याज सब्सिडी सीधे क्रेडिट करती है। इससे आपकी मासिक ईएमआई तुरंत कम हो जाती है। यह लाभ ₹35 लाख तक के लोन और ₹45 लाख तक के प्रॉपर्टी मूल्य पर लागू है।
- 2. लाभार्थी-आधारित व्यक्तिगत निर्माण (Beneficiary-led Construction - BLC): यदि आपके पास शहरी निकाय (Nagar Nigam / Nagar Palika) क्षेत्र में अपनी खुद की रजिस्ट्रीकृत खाली जमीन या पुराना कच्चा मकान है, तो नया पक्का मकान बनाने के लिए सरकार सीधे आपके बैंक खाते में ₹2.50 लाख का नकद अनुदान (Grant) तीन चरणों में देती है।
- 3. भागीदारी में किफायती आवास (Affordable Housing in Partnership - AHP): राज्य सरकारों के विकास प्राधिकरण (जैसे DDA, LDA, BDA, MHADA) या निजी बिल्डरों द्वारा बनाए गए किफायती हाउसिंग प्रोजेक्ट्स में EWS परिवारों को फ्लैट आवंटित किए जाते हैं, जहाँ फ्लैट की कुल कीमत में से ₹2.50 लाख की सरकारी छूट सीधे कम कर दी जाती है।
- 4. किफायती किराये के आवास परिसर (Affordable Rental Housing Complexes - ARHC): शहरी प्रवासियों, औद्योगिक श्रमिकों, रेहड़ी-पटरी वालों और छात्रों के लिए अत्यधिक कम किराये पर बने-बनाए आधुनिक छात्रावास/फ्लैट उपलब्ध कराए जाते हैं।
2. PMAY-U 2.0 पात्रता वर्ग, आय सीमा, प्रॉपर्टी मूल्य व सब्सिडी संरचना मैट्रिक्स
शहरी आवास 2.0 योजना में आय प्रमाणन और प्रॉपर्टी के आकार को सख्त मानकों से जोड़ा गया है। नीचे दी गई 5-कॉलम तालिका में विभिन्न आय वर्गों के लिए निर्धारित दिशा-निर्देशों का तुलनात्मक अध्ययन प्रस्तुत है:
| योजना घटक (Vertical) | वार्षिक पारिवारिक आय सीमा (Income) | अधिकतम कारपेट एरिया (Carpet Area) | सरकारी सहायता / सब्सिडी (Subsidy) | महिला स्वामित्व शर्त (Female Ownership) |
|---|---|---|---|---|
| ISS (आर्थिक कमजोर - EWS) | ₹3,00,000 तक प्रति वर्ष | अधिकतम 30 वर्ग मीटर (323 वर्गफुट) | ₹2,50,000 (ब्याज सब्सिडी 4.0%) | 100% अनिवार्य (एकल या संयुक्त) |
| ISS (निम्न आय वर्ग - LIG) | ₹3,00,001 से ₹6,00,000 | अधिकतम 60 वर्ग मीटर (645 वर्गफुट) | ₹2,50,000 (ब्याज सब्सिडी 4.0%) | 100% अनिवार्य (महिला सह-मालिक) |
| ISS (मध्यम आय वर्ग - MIG) | ₹6,00,001 से ₹9,00,000 | अधिकतम 90 वर्ग मीटर (968 वर्गफुट) | ₹2,10,000 से ₹2,50,000 | वैकल्पिक परंतु प्राथमिकता |
| BLC (व्यक्तिगत निर्माण) | ₹3,00,000 तक (EWS परिवार) | न्यूनतम 30 वर्ग मीटर कारपेट एरिया | ₹2,50,000 (सीधी नकद सहायता) | अनिवार्य (जमीन पर महिला का नाम) |
| AHP (साझेदारी में आवास) | ₹3,00,000 तक प्रति वर्ष | 30 वर्ग मीटर तक का फ्लैट | ₹2,50,000 (फ्लैट मूल्य में छूट) | अनिवार्य (आवंटन महिला के नाम) |
3. pmay-urban.gov.in पर ऑनलाइन आवेदन की 5-चरणीय मानक संचालन प्रक्रिया (SOP)
PMAY-U 2.0 के तहत ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया पूरी तरह पेपरलेस और पारदर्शी है। नागरिक अपने आधार कार्ड और बैंक खाते के विवरण के साथ नीचे दिए गए 5 तकनीकी चरणों का पालन करके खुद आवेदन कर सकते हैं:
1 चरण 1: PMAY-U 2.0 पोर्टल खोलें व Citizen Assessment चुनें
आवासन और शहरी कार्य मंत्रालय के आधिकारिक पोर्टल https://pmay-urban.gov.in पर जाएं। होमपेज के मुख्य नेविगेशन बार में दिए गए "Citizen Assessment" विकल्प पर क्लिक करें। ड्रॉपडाउन सूची में से "Apply Online (PMAY-U 2.0)" का चयन करें। (यदि आप स्लम क्षेत्र में रहते हैं, तो "For Slum Dwellers" चुनें, अन्यथा "Benefit under other 3 components" चुनें)।
2 चरण 2: आधार कार्ड व बायोमेट्रिक/ओटीपी सत्यापन (Aadhaar e-KYC)
स्क्रीन पर आधार सत्यापन फॉर्म खुलेगा। अपना 12 अंकों का आधार नंबर और आधार कार्ड पर दर्ज सटीक नाम अंग्रेजी में लिखें। चेकबॉक्स पर टिक करके "Check & Verify" पर क्लिक करें। आपके आधार से लिंक मोबाइल नंबर पर 6 अंकों का OTP आएगा। OTP दर्ज करके सत्यापित करें। यदि परिवार में महिला मुखिया है, तो महिला के आधार से ही सत्यापन करना अनिवार्य है।
3 चरण 3: शहरी स्थानीय निकाय (ULB) व पारिवारिक आय विवरण भरें
सफल आधार सत्यापन के बाद मुख्य आवेदन पत्र (Application Format B) खुल जाएगा:
• स्थान विवरण: अपना राज्य, जिला, शहर (City/Town), और संबंधित नगर निगम/नगर पालिका (ULB) तथा वार्ड संख्या का चयन करें।
• योजना घटक: आप किस वर्टिकल में आवेदन कर रहे हैं (ISS - होम लोन ब्याज छूट, या BLC - खुद की जमीन पर निर्माण)।
• परिवार के सदस्यों का विवरण: पति, पत्नी, अविवाहित बच्चों के नाम, आयु, और उनके आधार नंबर दर्ज करें।
• पारिवारिक आय व रोजगार: वेतनभोगी, स्वरोजगार, या दैनिक मजदूर चुनकर वार्षिक आय दर्ज करें। आय प्रमाण पत्र की जारी संख्या और जारी तिथि भरें।
4 चरण 4: बैंक खाता, जमीन/प्रॉपर्टी विवरण व स्व-घोषणा शपथ पत्र
अगले खंड में निम्नलिखित महत्वपूर्ण विवरण दर्ज करें:
• बैंक खाता संख्या व IFSC: सक्रिय बचत बैंक खाते का विवरण दें जो आधार से NPCI मैप्ड हो।
• BLC हेतु जमीन का स्वामित्व: यदि खुद का मकान बना रहे हैं, तो खसरा संख्या, रजिस्ट्री संख्या, या नगर पालिका नामांतरण रसीद संख्या दर्ज करें।
• ISS हेतु होम लोन विवरण: बैंक का नाम, लोन स्वीकृति शाखा, लोन आवेदन संख्या (Loan Application No.) या सैंक्शन लेटर संख्या दर्ज करें।
• नो-पक्का-हाउस शपथ पत्र: स्क्रीन पर दिए गए डिक्लेरेशन पर टिक करें कि आपके या आपके परिवार के किसी भी सदस्य के नाम देश में कोई पक्का घर नहीं है।
5 चरण 5: आवेदन सबमिट करें व असेसमेंट आईडी (Application No.) प्रिंट करें
सभी विवरणों की दोबारा समीक्षा करने के बाद "Save & Submit" बटन पर क्लिक करें। सबमिट होते ही आपकी स्क्रीन पर एक Assessment ID (Application Number) जनरेट हो जाएगी (जैसे 26UP987654321)।
• आवेदन का प्रिंटआउट लें: "Print Application" पर क्लिक करके फॉर्म की प्रति निकालें।
• ULB भौतिक सत्यापन: फॉर्म की हार्डकॉपी के साथ आय प्रमाण पत्र, आधार कार्ड और जमीन/लोन के दस्तावेजों को अपने नगर निगम/नगर पालिका के PMAY सेल में जमा करें। वहां का म्यूनिसिपल सर्वेक्षक मौके पर आकर भौतिक सत्यापन और जियो-टैगिंग करेगा।
4. आवश्यक दस्तावेजों की संपूर्ण चेकलिस्ट (Required Documents Checklist)
आवेदन करते समय और म्यूनिसिपल सत्यापन के समय निम्नलिखित दस्तावेजों की मूल और स्व-प्रमाणित (self-attested) छायाप्रतियां तैयार रखें:
- पहचान व निवास प्रमाण: परिवार के सभी सदस्यों के आधार कार्ड, वोटर आईडी कार्ड, और राशन कार्ड या परिवार रजिस्टर की नकल।
- आय प्रमाण पत्र (Income Certificate): सक्षम राजस्व प्राधिकारी (तहसीलदार / SDM) द्वारा जारी डिजिटल आय प्रमाण पत्र (पिछले 6 माह के भीतर जारी)। वेतनभोगी कर्मचारी फॉर्म 16 और 3 माह की सैलरी स्लिप संलग्न करें।
- बैंक खाता पासबुक: मुख्य आवेदक के आधार-सीडेड बैंक खाते की पासबुक का प्रथम पृष्ठ जिसमें स्पष्ट नाम, खाता संख्या, बैंक सील और IFSC कोड अंकित हो।
- जमीन/प्लॉट स्वामित्व दस्तावेज (BLC हेतु): रजिस्ट्री (Sale Deed), खतौनी/पट्टा, नगर निगम दाखिल-खारिज रसीद, या नगर निकाय द्वारा स्वीकृत नक्शा।
- होम लोन सैंक्शन लेटर (ISS घटक हेतु): बैंक या हाउसिंग फाइनेंस कंपनी (HFC) द्वारा जारी लोन सैंक्शन लेटर और बिल्डर के साथ एग्रीमेंट टू सेल (Agreement for Sale)।
- शपथ पत्र (Affidavit): ₹10 या ₹100 के नॉन-ज्यूडिशियल स्टांप पेपर पर नोटरी द्वारा सत्यापित शपथ पत्र कि आवेदक के नाम भारत में कहीं भी कोई पक्का मकान नहीं है।
5. होम लोन ब्याज सब्सिडी (ISS) का गणितीय कैलकुलेशन व बचत उदाहरण
समझिए कि ₹2.50 लाख की ब्याज सब्सिडी आपके लोन पर कैसे काम करती है: मान लीजिए कि एक LIG परिवार ₹25 लाख का होम लोन 8.50% की ब्याज दर पर 20 वर्षों के लिए लेता है। PMAY-U 2.0 के तहत सरकार लोन की शुरुआती ₹8 लाख की मूल राशि पर 4% की ब्याज सब्सिडी (Net Present Value - NPV) कैलकुलेट करती है, जो लगभग ₹2,50,000 होती है।
यह ₹2.50 लाख की राशि सीधे आपके होम लोन खाते के मूलधन (Principal Balance) में घटा दी जाती है। नतीजतन, आपका वास्तविक होम लोन ₹25 लाख से घटकर तुरंत ₹22.50 लाख रह जाता है। इससे आपकी मासिक ईएमआई में लगभग ₹2,200 से ₹2,600 प्रति माह की शुद्ध बचत होती है, और 20 वर्षों की अवधि में ब्याज के रूप में लाखों रुपये बचते हैं।
6. बिल्डर फ्लैट व निजी हाउसिंग प्रोजेक्ट में PMAY-U 2.0 सब्सिडी क्लेम करने की RERA प्रक्रिया (Builder Projects SOP)
यदि आप किसी निजी बिल्डर, हाउसिंग सोसाइटी या विकास प्राधिकरण (जैसे DDA, MHADA, NOIDA, या JDA) से निर्माणाधीन (under-construction) या रेडी-टू-मूव फ्लैट खरीद रहे हैं, तो सब्सिडी प्राप्त करने के लिए निम्नलिखित कानूनी प्रक्रिया अनिवार्य है:
- RERA पंजीकरण व कारपेट एरिया सर्टिफिकेशन: संबंधित हाउसिंग प्रोजेक्ट अनिवार्य रूप से राज्य रेरा (RERA) में पंजीकृत होना चाहिए। बिल्डर को अपने लेटरहेड पर अधिकृत आर्किटेक्ट द्वारा प्रमाणित कारपेट एरिया सर्टिफिकेट (EWS हेतु 30 वर्ग मीटर, LIG हेतु 60 वर्ग मीटर, MIG हेतु 90 वर्ग मीटर तक) जारी करना होगा।
- होम लोन आवेदन में PMAY एनैक्सचर (Annexure): जब आप अपने होम लोन बैंक (जैसे SBI, HDFC, ICICI, PNB Housing आदि) में फाइल लगाएं, तो बैंक के होम लोन ऑफिसर को स्पष्ट निर्देश दें कि यह लोन PMAY-U 2.0 Interest Subsidy Scheme (ISS) के अंतर्गत प्रोसेस किया जाए। बैंक से PMAY डिक्लेरेशन फॉर्म और परिवार विवरण भरवाएं।
- UIN (Unique Identification Number) जनरेशन: बैंक द्वारा लोन की पहली किस्त वितरित होने के बाद बैंक अधिकारी केंद्रीय नोडल एजेंसी (जैसे NHB या HUDCO) के पोर्टल पर आपका डाटा अपलोड करेगा। वहां से आपका एक यूनिक PMAY UIN जनरेट होता है, जिसकी एसएमएस सूचना आपके मोबाइल पर प्राप्त होती है।
- निर्माण-आधारित भुगतान (CLP) में ब्याज बचत: यदि आपका फ्लैट निर्माणाधीन है, तो सब्सिडी राशि सीधे आपके लोन खाते में एडजस्ट होती है, जिससे प्री-ईएमआई (Pre-EMI) का मासिक बोझ लगभग आधा हो जाता है।
7. महिला स्वामित्व में छूट, संयुक्त लोन व विशेष श्रेणियों के वैधानिक नियम (Special Exemptions & Joint Ownership Rules)
शहरी आवास 2.0 के अंतर्गत महिला सशक्तिकरण को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई है, लेकिन कुछ विशेष कानूनी परिस्थितियों में केंद्र सरकार द्वारा स्पष्ट छूट प्रदान की गई है:
- अनिवार्य सह-स्वामित्व (Joint Ownership): EWS और LIG श्रेणी के अंतर्गत नया फ्लैट खरीदते समय प्रॉपर्टी की सेल डीड (Sale Deed) में परिवार की बालिग महिला सदस्य (पत्नी/माता) का नाम सह-मालिक (Co-owner) के रूप में होना 100% अनिवार्य है। यदि लोन पति के नाम पर भी है, तब भी रजिस्ट्री में महिला का नाम होना आवश्यक है।
- महिला सदस्य न होने पर छूट: यदि परिवार में कोई वयस्क महिला सदस्य मौजूद ही नहीं है (जैसे विधुर पुरुष, अविवाहित अनाथ युवक, या तलाकशुदा एकल पिता), तो आवेदक को स्थानीय नगर निकाय (ULB) और बैंक में नोटरी शपथ पत्र प्रस्तुत करना होगा। शपथ पत्र की जांच के बाद एकल पुरुष के नाम पर भी सब्सिडी पूर्ण रूप से स्वीकृत की जाती है।
- दिव्यांगजन, वरिष्ठ नागरिक व ट्रांसजेंडर व्यक्तियों को वरीयता: परिवार में 40% या अधिक दिव्यांगता वाले सदस्य होने पर या वरिष्ठ नागरिक (60 वर्ष से अधिक) होने पर बहुमंजिला इमारतों में ग्राउंड फ्लोर (भू-तल) आवंटन में कानूनी प्राथमिकता दी जाती है। ट्रांसजेंडर समुदाय के नागरिकों को एकल परिवार मानकर EWS श्रेणी में पूर्ण पात्रता प्रदान की गई है।
8. अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (Frequently Asked Questions - FAQs)
Q1. क्या अविवाहित वयस्क बेटा या बेटी PMAY-U 2.0 में अलग से मकान के लिए आवेदन कर सकते हैं?
PMAY-U 2.0 दिशानिर्देशों के अनुसार 'परिवार' का अर्थ पति, पत्नी और उनके अविवाहित बच्चे हैं। यदि कोई अविवाहित बेटा या बेटी बालिग और नौकरीपेशा है, तब भी जब तक वह अविवाहित है, उसे माता-पिता के परिवार का ही हिस्सा माना जाएगा। यदि माता-पिता के नाम पक्का मकान है, तो अविवाहित संतान अलग से आवास सब्सिडी के लिए पात्र नहीं होगी। केवल विवाहित संतान, जिसके पास अलग परिवार है, पात्र मानी जाएगी।
Q2. क्या पहले से लिए जा चुके पुराने होम लोन पर भी PMAY-U 2.0 सब्सिडी मिल सकती है?
नहीं, PMAY-U 2.0 की ब्याज सब्सिडी केवल योजना के नए कैबिनेट नोटिफिकेशन (1 सितंबर 2024 के बाद) के तहत स्वीकृत नए होम लोन पर ही लागू होती है। यदि आपका लोन 2024 से पहले का है और आपने उस समय CLSS सब्सिडी के लिए क्लेम नहीं किया था, तो पुराने बंद हो चुके लोन पर पूर्वव्यापी (retrospective) लाभ नहीं दिया जा सकता।
Q3. अपने ऑनलाइन आवेदन की स्थिति (Application Status) कैसे ट्रैक करें?
अपने आवेदन का स्टेटस चेक करने के लिए pmay-urban.gov.in पर जाएं। "Citizen Assessment" मेनू में "Track Your Assessment Status" पर क्लिक करें। वहां दो विकल्प मिलेंगे: (1) By Name, Father's Name & Mobile No., अथवा (2) By Assessment ID। अपना असेसमेंट आईडी दर्ज करके सबमिट करें। आपके आवेदन की वर्तमान स्थिति (जैसे Submitted, ULB Verification Pending, Approved, या Rejected) तुरंत दिख जाएगी।
Q4. यदि परिवार में कोई वयस्क महिला सदस्य न हो, तो क्या मकान पुरुष के नाम हो सकता है?
हाँ। PMAY-U 2.0 के नियमों के तहत यदि परिवार में कोई वयस्क महिला सदस्य मौजूद ही नहीं है (जैसे विधुर पुरुष, अविवाहित अनाथ पुरुष, या एकल पिता), तो विशेष छूट के तहत मकान का पूर्ण स्वामित्व और आवंटन परिवार के पुरुष सदस्य के नाम पर किया जा सकता है। इसके लिए स्थानीय नगर निकाय को शपथ पत्र देना होता है।
Q5. होम लोन सब्सिडी का पैसा कितने दिनों में बैंक खाते में एडजस्ट होता है?
बैंक द्वारा होम लोन की पहली किस्त जारी (disburse) करने के बाद, बैंक आपकी PMAY-U 2.0 फाइल को केंद्रीय नोडल एजेंसी (CNA - जैसे HUDCO, NHB, या SBI) को ऑनलाइन पोर्टल (CNA Portal) के जरिए भेजता है। केंद्रीय नोडल एजेंसी द्वारा सत्यापन के बाद 3 से 6 महीने के भीतर ₹2.50 लाख तक की सब्सिडी राशि आपके होम लोन खाते में क्रेडिट कर दी जाती है और लोन स्टेटमेंट में दिखने लगती है।
Q6. BLC घटक के तहत ₹2.50 लाख की सहायता किन किस्तों में मिलती है?
BLC (व्यक्तिगत निर्माण) के तहत सहायता 3 किस्तों में दी जाती है: प्रथम किस्त (₹1,00,000) नींव/कुर्सी स्तर (Plinth Level) की पहली जियो-टैगिंग के बाद; द्वितीय किस्त (₹1,00,000) दीवारों और छत ढलाई (Roof Cast) के सत्यापन के बाद; और तृतीय अंतिम किस्त (₹50,000) प्लास्टर, रंगाई, शौचालय निर्माण और मकान के पूर्ण होने के बाद जारी होती है।
Q7. आवेदन निरस्त (Reject) होने पर शिकायत या अपील कहाँ दर्ज करें?
यदि नगर निकाय या बैंक द्वारा आपका आवेदन किसी तकनीकी त्रुटि (जैसे आय प्रमाण पत्र अस्पष्ट होना या वार्ड गलत चुनना) के कारण अस्वीकृत किया गया है, तो आप अपने नगर निगम के PMAY प्रोजेक्ट डायरेक्टर से मिलकर 'Correction Request' दे सकते हैं। यदि कोई अधिकारी रिश्वत की मांग करे या अनुचित कारण से निरस्त करे, तो केंद्र सरकार के लोक शिकायत पोर्टल pgportal.gov.in (CPGRAMS) अथवा राष्ट्रीय टोल-फ्री हेल्पलाइन 1800-11-3116 और 1800-11-6163 पर तुरंत ऑनलाइन शिकायत दर्ज करें।