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PM आवास योजना ग्रामीण नई लिस्ट 2026 में अपना नाम कैसे देखें: rhreporting.nic.in पर FTO स्टेटस व ₹1.20 लाख सहायता की 5-चरणीय SOP

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📌 पीएम आवास योजना ग्रामीण (PMAY-G) 2026: मुख्य बिंदु व तुरंत सारांश (Key Highlights)

  • आधिकारिक रिपोर्टिंग पोर्टल: ग्रामीण विकास मंत्रालय भारत सरकार का आधिकारिक डैशबोर्ड rhreporting.nic.in तथा pmayg.nic.in है, जहाँ बिना पासवर्ड या लॉग इन के कोई भी ग्रामीण नागरिक अपने गांव की लिस्ट देख सकता है।
  • कुल वित्तीय सहायता: मैदानी क्षेत्रों में ₹1,20,000 तथा पूर्वोत्तर/पहाड़ी/दुर्गम क्षेत्रों में ₹1,30,000 की सीधी DBT वित्तीय सहायता सीधे बैंक खाते में दी जाती है।
  • अतिरिक्त कन्वर्जेंस लाभ: स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के तहत शौचालय निर्माण के लिए ₹12,000 अतिरिक्त तथा मनरेगा (MGNREGA) के तहत 90 से 95 दिनों की अकुशल मजदूरी (लगभग ₹22,000 से ₹28,000) अतिरिक्त बैंक खाते में आती है (कुल सहायता ₹1.55 लाख से अधिक)।
  • किस्तों का आवंटन (3 Stages): प्रथम किस्त (₹40,000) नींव/प्लिंथ स्तर पर, द्वितीय किस्त (₹70,000) लिंटेल/छत स्तर पर, तथा तृतीय किस्त (₹10,000) प्लास्टर, रंगाई व दरवाज़ा लगाने पर जारी होती है।
  • जियो-टैगिंग अनिवार्यता: AwaasApp मोबाइल एप्लिकेशन के माध्यम से ग्राम रोज़गार सेवक/पंचायत सचिव द्वारा प्रत्येक किस्त से पूर्व जीपीएस आधारित लाइव फोटो व जियो-टैग अनिवार्य है।

देश के करोड़ों ग्रामीण परिवारों का सबसे बड़ा सपना अपने परिवार के लिए एक सुरक्षित, पक्का और पक्की छत वाला आशियाना बनाना होता है। केंद्र सरकार की फ्लैगशिप योजना प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण (Pradhan Mantri Awas Yojana - Gramin / PMAY-G) के तहत वर्ष 2026-2027 के लिए नए लाभार्थियों की पंचायत-वार संशोधित सूची जारी कर दी गई है। अक्सर ग्रामीण नागरिकों को पंचायत भवन या ब्लॉक कार्यालय के चक्कर लगाने पड़ते हैं, जहाँ बिचौलिए या दलाल सूची में नाम देखने या किस्त पास कराने के नाम पर अनुचित मांग करते हैं। सच्चाई यह है कि भारत सरकार के ग्रामीण विकास मंत्रालय ने rhreporting.nic.in पोर्टल पर पूरी प्रक्रिया को 100% पारदर्शी, सार्वजनिक और ऑनलाइन कर दिया है। आप अपने मोबाइल फोन से मात्र 2 मिनट में अपने राज्य, जिले, ब्लॉक और ग्राम पंचायत का चयन करके यह जांच सकते हैं कि आपका नाम वित्तीय वर्ष 2026 की स्वीकृत सूची में शामिल है या नहीं, आपका Registration Number (PMAYG ID) क्या है, और आपकी पहली, दूसरी या तीसरी किस्त का Fund Transfer Order (FTO) किस तारीख को बैंक भेजा गया है।

1. rhreporting.nic.in क्या है और ग्रामीण आवास सूची की संरचना

RHReporting (Rural Housing Reporting System) ग्रामीण विकास मंत्रालय द्वारा संचालित एक अत्यंत सशक्त मैनेजमेंट इन्फॉर्मेशन सिस्टम (MIS) है। यह पोर्टल नेशनल इन्फॉर्मेटिक्स सेंटर (NIC) द्वारा विकसित किया गया है, जिसका मुख्य उद्देश्य देश के सभी राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों में ग्रामीण आवास के भौतिक (Physical) और वित्तीय (Financial) प्रवाह की रियल-टाइम मॉनिटरिंग करना है। इस पोर्टल पर प्रत्येक लाभार्थी का रिकॉर्ड डिजिटली सुरक्षित रहता है, जिसमें उसका SECC 2011 डेटा, आवास प्लस (Awaas+) सर्वे आईडी, आधार सीडिंग स्थिति, बैंक खाता सत्यापन (PFMS Status), और निर्माण के विभिन्न चरणों की जियो-टैग तस्वीरें सार्वजनिक रूप से उपलब्ध रहती हैं।

ग्रामीण आवास योजना 2026 के अंतर्गत उन सभी बेघर परिवारों और कच्चे व जीर्ण-शीर्ण मकानों में रहने वाले परिवारों को प्राथमिकता दी गई है, जिनका नाम सामाजिक-आर्थिक जाति जनगणना (SECC) अथवा वर्ष 2018-2019 और 2024 के विस्तारित Awaas+ 2.0 सर्वे में दर्ज किया गया था। इस योजना की सबसे बड़ी खूबी इसका Direct Benefit Transfer (DBT) मॉडल है। इसमें किसी भी नकद भुगतान या चेक का प्रावधान नहीं है; पैसा सीधे PFMS के माध्यम से लाभार्थी के आधार-सीडेड बैंक खाते (Aadhaar Payment Bridge System - APBS) में प्रेषित होता है।

2. राज्य-वार वित्तीय सहायता, मनरेगा मजदूरी व कुल लाभ तुलना मैट्रिक्स 2026

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PMAY-G के तहत केंद्र और राज्य सरकारों के बीच 60:40 (मैदानी राज्यों में) तथा 90:10 (पूर्वोत्तर और पहाड़ी राज्यों में) के अनुपात में वित्तीय साझेदारी होती है। नीचे दी गई 5-कॉलम तालिका में प्रमुख राज्यों में मिलने वाली कुल सहायता का विस्तृत ब्यौरा प्रस्तुत है:

राज्य/क्षेत्र (State/Region) मूल आवास सहायता (Base Grant) मनरेगा मजदूरी (MGNREGA Wages) शौचालय प्रोत्साहन (SBM Toilet) कुल प्रभावी लाभ (Total Benefit)
उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) ₹1,20,000 (3 किस्तें) ₹21,330 (90 दिन @ ₹237) ₹12,000 (SBM-G DBT) ₹1,53,330
बिहार (Bihar) ₹1,20,000 (3 किस्तें) ₹22,325 (95 दिन @ ₹235) ₹12,000 (लोहिया स्वच्छ योजना) ₹1,54,325
मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) ₹1,20,000 (3 किस्तें) ₹22,140 (90 दिन @ ₹246) ₹12,000 (स्वच्छ भारत मिशन) ₹1,54,140
राजस्थान (Rajasthan) ₹1,20,000 (3 किस्तें) ₹24,390 (90 दिन @ ₹271) ₹12,000 (SBM-G) ₹1,56,390
झारखंड (Jharkhand) ₹1,20,000 (3 किस्तें) ₹22,325 (95 दिन @ ₹235) ₹12,000 (SBM-G) ₹1,54,325
उत्तराखंड व हिमाचल (Hilly States) ₹1,30,000 (दुर्गम क्षेत्र दर) ₹22,800 (95 दिन @ ₹240) ₹12,000 (SBM-G) ₹1,64,800
असम व पूर्वोत्तर राज्य (North East) ₹1,30,000 (विशेष श्रेणी 90:10) ₹23,750 (95 दिन @ ₹250) ₹12,000 (SBM-G) ₹1,65,750

3. rhreporting.nic.in पर नई लिस्ट 2026 में नाम देखने की 5-चरणीय मानक संचालन प्रक्रिया (SOP)

यदि आप घर बैठे अपने स्मार्टफोन या कंप्यूटर पर अपने पूरे गांव की पीएम आवास योजना ग्रामीण सूची देखना चाहते हैं, तो नीचे दिए गए 5 तकनीकी चरणों का अक्षरशः पालन करें:

1 चरण 1: आधिकारिक RHReporting पोर्टल खोलें

अपने मोबाइल या कंप्यूटर के ब्राउज़र में आधिकारिक यूआरएल https://rhreporting.nic.in दर्ज करें। होमपेज खुलने पर मुख्य मेनू में दिए गए "Awaassoft" टैब पर क्लिक करें और ड्रॉपडाउन मेनू से "Report" विकल्प का चयन करें। इससे आपके सामने रिपोर्टिंग डैशबोर्ड (rhreporting.nic.in/netiay/newreport.aspx) खुल जाएगा।

2 चरण 2: सोशल ऑडिट रिपोर्ट (Section H) पर जाएं

रिपोर्ट पेज पर विभिन्न सेक्शन्स (A से लेकर H तक) दिखाई देंगे। पेज को नीचे स्क्रॉल करें और सबसे अंतिम सेक्शन "H. Social Audit Reports" पर पहुंचे। यहाँ आपको लिंक नंबर 1 मिलेगा: "Beneficiary details for verification"। इस लिंक पर क्लिक करें। यह लिंक सीधे ग्राम-पंचायत स्तर की सत्यापन रिपोर्ट पर ले जाता है।

3 चरण 3: राज्य, जिला, ब्लॉक व ग्राम पंचायत फ़िल्टर चुनें

अब स्क्रीन पर बाईं ओर Selection Filters दिखाई देंगे। क्रमानुसार निम्नलिखित विकल्पों का चयन करें:
• पहला ड्रॉपडाउन: अपना राज्य चुनें (जैसे Uttar Pradesh, Bihar, MP आदि)।
• दूसरा ड्रॉपडाउन: अपना जिला (District) चुनें।
• तीसरा ड्रॉपडाउन: अपना विकास खंड/तहसील (Block) चुनें।
• चौथा ड्रॉपडाउन: अपनी ग्राम पंचायत (Gram Panchayat) चुनें।
• पांचवां ड्रॉपडाउन: वित्तीय वर्ष में "2025-2026" अथवा "2026-2027" चुनें।
• छठा ड्रॉपडाउन: योजना के नाम में "Pradhan Mantri Awaas Yojana Gramin" चुनें।
• नीचे दिए गए गणितीय कैप्चा कोड (जैसे 45 - 12 = 33) को बॉक्स में हल करके "Submit" बटन पर क्लिक करें।

4 चरण 4: ग्राम पंचायत बेनिफिशियरी लिस्ट व रजिस्ट्रेशन नंबर देखें

सबमिट करते ही आपकी ग्राम पंचायत के सभी स्वीकृत, प्रक्रियाधीन और प्राथमिकता सूची वाले परिवारों की पूरी तालिका खुल जाएगी। इस तालिका में:
• Registration Number: यह आपका यूनिक आवास नंबर होता है (जैसे UP123456789)। इसे नोट करके रख लें।
• Beneficiary Name & Father/Spouse Name: लाभार्थी और पिता/पति का नाम।
• Scheme Name & Priority: प्राथमिकता क्रम (SECC या Awaas+)।
• Sanction Number & Sanctioned Amount: आवास स्वीकृति आदेश संख्या तथा कुल स्वीकृत राशि (₹1.20 लाख)।
• Installment Released: अब तक कितनी किस्तें जारी हुई हैं (0, 1, 2, या 3)।
आप चाहें तो ऊपर दिए गए "Download Excel" या "Download PDF" बटन पर क्लिक करके पूरी सूची अपने फोन में सेव कर सकते हैं।

5 चरण 5: रजिस्ट्रेशन नंबर से FTO स्टेटस व जियो-टैग फोटो ट्रैक करें

यदि आप अपने मकान की किस्त का सटीक बैंक ट्रांसफर स्टेटस (FTO) देखना चाहते हैं, तो pmayg.nic.in के मुख्य मेनू में "Stakeholders" विकल्प पर क्लिक करें और "IAY/PMAYG Beneficiary" चुनें। अपना रजिस्ट्रेशन नंबर दर्ज करके सबमिट करें। आपके सामने आपकी पूरी व्यक्तिगत जन्मकुंडली खुल जाएगी:
• बैंक का नाम, ब्रांच IFSC कोड और खाता संख्या।
• PFMS स्टेटस (PFMS Verified या Pending)।
• जियो-टैग की गई तस्वीरें (कच्चा मकान, प्लिंथ स्तर, लिंटेल स्तर और पूर्ण मकान)।
• FTO नंबर, यूटीआर नंबर (UTR No.), और बैंक खाते में किस्त क्रेडिट होने की सही तारीख व समय।

4. जियो-टैगिंग के 4 चरण और किस्तों के भुगतान का नियम (Geo-tagging Workflow)

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प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण में किसी भी अधिकारी या कर्मचारी द्वारा कागजों पर हेराफेरी रोकना सुनिश्चित करने के लिए Space Technology & Geotagging का इस्तेमाल किया जाता है। केंद्र सरकार की सख्त गाइडलाइंस के अनुसार किस्त जारी होने से पहले ग्राम रोजगार सेवक (GRS) को मौके पर जाकर AwaasApp से फोटो लेनी होती है:

  • जियो-टैग स्टेज 1 (Existing Site / Kuccha House): आवेदन स्वीकृत होने के बाद पुराने कच्चे घर या खाली भूखंड पर लाभार्थी को खड़ा करके अक्षांश-देशांतर (Latitude-Longitude) सहित फोटो खींची जाती है। इस फोटो के अप्रूव होने पर प्रथम किस्त (₹40,000) बैंक खाते में भेजी जाती है।
  • जियो-टैग स्टेज 2 (Plinth Level - कुर्सी स्तर): पहली किस्त मिलने के बाद लाभार्थी को नींव की खुदाई और प्लिंथ (कुर्सी) तक चिनाई करानी होती है। कुर्सी स्तर तैयार होने पर दूसरा जियो-टैग होता है, जिसके सत्यापन के बाद द्वितीय किस्त (₹70,000 या ₹75,000) जारी होती है।
  • जियो-टैग स्टेज 3 (Lintel & Roof Level - लिंटेल व छत ढलाई): दीवारें खिड़कियों और लिंटेल स्तर तक पहुंचने और आरसीसी छत ढलने के बाद तीसरा जियो-टैग किया जाता है।
  • जियो-टैग स्टेज 4 (Complete House with PMAY-G Logo): छत ढलने के बाद जब घर में दरवाजे-खिड़कियां लग जाती हैं, प्लास्टर व पुताई हो जाती है, और दीवार पर PMAY-G लोगो, लाभार्थी का नाम, वित्तीय वर्ष व लागत पेंट कर दी जाती है, तब अंतिम जियो-टैग होता है और तृतीय किस्त (₹10,000) ट्रांसफर की जाती है।

5. PFMS रिजेक्शन, FTO अटकाव व खाता सुधार (Common Troubleshooting)

कई बार लाभार्थी का नाम सूची में तो स्वीकृत हो जाता है, लेकिन महीनों तक खाते में पैसा नहीं आता। इसका 90% कारण PFMS (Public Financial Management System) द्वारा बैंक खाते को रिजेक्ट कर देना होता है। प्रमुख रिजेक्शन कारणों का समाधान निम्नलिखित है:

⚠️ प्रमुख PFMS रिजेक्शन कोड और उनका समाधान:

1. "Account Closed or Inactive" / "Invalid IFSC Code": यदि आपका बैंक हाल ही में किसी अन्य बैंक में मर्ज हो गया है (जैसे इलाहाबाद बैंक, सिंडिकेट बैंक, आंध्रा बैंक), तो आपका पुराना IFSC पोर्टल पर अमान्य हो जाता है। तुरंत अपनी बैंक पासबुक की कॉपी लेकर ब्लॉक कार्यालय के आवास ऑपरेटर के पास जाएं और Awaassoft में नया IFSC अपडेट करवाएं।

2. "Aadhaar Not Seeded with NPCI / Inactive DBT": आवास योजना का पैसा केवल उसी बैंक खाते में जाता है जो बैंक में आधार से NPCI मैपर पर लिंक्ड हो। अपने मुख्य बैंक में जाकर Aadhaar DBT Mandate Form भरें और 24 से 48 घंटे में NPCI लिंकिंग एक्टिव कराएं।

3. "Name Mismatch in Bank and PMAYG Portal": यदि आधार कार्ड में नाम और बैंक पासबुक में नाम के अक्षरों में अंतर है, तो बैंक शाखा प्रबंधक से मिलकर नाम सुधार करवाएं या ब्लॉक में सहायक विकास अधिकारी (ADO पंचायत) को शपथ पत्र दें।

6. महिला सशक्तिकरण व संयुक्त मालिकाना हक के अनिवार्य कानूनी नियम (Women Ownership Rules)

प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण केवल ईंट-सीमेंट का मकान बनाने की योजना नहीं है, बल्कि यह ग्रामीण भारत में महिलाओं को संपत्ति का कानूनी मालिकाना हक दिलाने का एक ऐतिहासिक सामाजिक सुधार है। केंद्र सरकार की वैधानिक गाइडलाइंस के अनुसार:

  • अनिवार्य महिला नाम: यदि लाभार्थी विवाहित है, तो आवास की प्रशासनिक स्वीकृति आदेश (Sanction Order) में परिवार की महिला मुखिया (पत्नी) का नाम अनिवार्य रूप से पहले स्थान पर या पति के साथ संयुक्त (Joint Ownership) रूप से दर्ज किया जाता है।
  • पैतृक जमीन व वरासत का मामला: यदि भूखंड या कच्चा मकान वर्तमान में ससुर या पूर्वजों के नाम दर्ज है, तो ग्राम पंचायत सचिव और लेखपाल द्वारा मौके पर जांच करके सहमति पत्र (NOC) लिया जाता है। लाभार्थी परिवार को जमीन पर कब्जा और वारिस होने का प्रमाण पत्र देना होता है ताकि स्वीकृति में कोई अड़चन न आए।
  • एकल महिला व दिव्यांगजन प्राथमिकता: विधवा महिलाओं, परित्यक्ता महिलाओं, दिव्यांगजनों और अकेले रहने वाले बुजुर्गों को ग्राम सभा की प्राथमिकता सूची में सर्वोच्च वरीयता (Top Priority) दी जाती है। इनके आवास का आवंटन शत-प्रतिशत महिला के एकल नाम से होता है।

7. AwaasPlus 2.0 नया रजिस्ट्रेशन: अपात्रता के 13 मानक व स्वयं जांच सूची (Exclusion Criteria)

यदि आपका नाम वर्तमान सूची में नहीं है और आप नए सर्वे (AwaasPlus 2.0) के माध्यम से अपना नाम जुड़वाना चाहते हैं, तो केंद्र सरकार द्वारा निर्धारित 13 अपात्रता मानकों (Automatic Exclusion Criteria) की जांच अवश्य कर लें। यदि आपके परिवार में निम्नलिखित में से कोई भी एक स्थिति है, तो आपका आवेदन निरस्त कर दिया जाएगा:

  1. परिवार के पास मोटर चालित तिपहिया या चार पहिया वाहन (कार, जीप, वैन) होना।
  2. परिवार के पास यंत्रीकृत तीन/चार पहिया कृषि उपकरण जैसे ट्रैक्टर या हार्वेस्टर होना।
  3. मत्स्य पालन हेतु 50,000 रुपये या उससे अधिक ऋण सीमा वाला किसान क्रेडिट कार्ड (KCC)।
  4. परिवार का कोई भी सदस्य केंद्र या राज्य सरकार, सार्वजनिक उपक्रम या स्वायत्त संस्था में नियमित सरकारी कर्मचारी होना।
  5. परिवार का कोई सदस्य गैर-कृषि उद्यम में सरकार के पास पंजीकृत होना।
  6. परिवार का कोई भी सदस्य आयकर (Income Tax) का भुगतान करता हो।
  7. परिवार का कोई सदस्य व्यावसायिक कर (Professional Tax) का भुगतान करता हो।
  8. परिवार के पास 10,000 रुपये या उससे अधिक का लैंडलाइन फोन कनेक्शन होना।
  9. परिवार के पास पहले से 2 या उससे अधिक कमरों का पक्का मकान (पक्की छत व पक्की दीवारें) होना।
  10. परिवार के पास कम से कम एक सिंचाई उपकरण के साथ 2.5 एकड़ या उससे अधिक सिंचित भूमि होना।
  11. परिवार के पास 5 एकड़ या उससे अधिक असिंचित भूमि का मालिकाना हक होना।
  12. परिवार के किसी सदस्य की मासिक आय ₹15,000 से अधिक होना।
  13. परिवार के किसी सदस्य द्वारा पिछले 10 वर्षों में किसी अन्य सरकारी योजना के तहत पक्के आवास का लाभ लिया जा चुका होना।

8. अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (Frequently Asked Questions - FAQs)

Q1. पीएम आवास योजना ग्रामीण 2026 की नई लिस्ट में यदि नाम न दिखे तो क्या करें?

यदि 2026 की नई सूची में आपका नाम नहीं है, तो सबसे पहले वित्तीय वर्ष को "2024-2025" या "All Years" करके सर्च करें। यदि आपका नाम तब भी नहीं मिलता, तो इसका अर्थ है कि आपका नाम SECC 2011 सूची में नहीं था। ऐसी स्थिति में आपको ग्राम पंचायत की खुली बैठक में प्रस्ताव पारित करवाकर Awaas+ सर्वे 2.0 में नए पंजीकरण हेतु ग्राम प्रधान या पंचायत सचिव से संपर्क करना होगा।

Q2. क्या बिना रजिस्ट्रेशन नंबर के केवल नाम से आवास लिस्ट में नाम खोजा जा सकता है?

हाँ, बिल्कुल। rhreporting.nic.in पोर्टल पर जाकर "Stakeholders" मेनू में "IAY/PMAYG Beneficiary" पर क्लिक करें। वहां "Advanced Search" का बटन मिलेगा। Advanced Search में अपना राज्य, जिला, ब्लॉक, पंचायत चुनें और "Search by Beneficiary Name" या "Father/Husband Name" विकल्प में अपना नाम दर्ज करके सबमिट करें। आपके नाम से मिलते-जुलते सभी लाभार्थियों की सूची आ जाएगी।

Q3. आवास की प्रथम किस्त स्वीकृत होने के कितने दिनों बाद बैंक खाते में आती है?

प्रशासनिक स्वीकृति (Sanction Order) जारी होने और पहले जियो-टैग के अप्रूव होने के बाद ब्लॉक स्तर से 3 से 7 कार्यदिवसों के भीतर Fund Transfer Order (FTO) जनरेट किया जाता है। FTO जनरेट होने के बाद PFMS और NPCI के माध्यम से 24 से 48 घंटे के भीतर ₹40,000 की पहली किस्त सीधे बैंक खाते में क्रेडिट हो जाती है।

Q4. क्या आवास योजना के साथ शौचालय निर्माण के ₹12,000 अलग से मिलते हैं?

हाँ, पीएम आवास योजना ग्रामीण के ₹1.20 लाख के अलावा स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के तहत ₹12,000 की अतिरिक्त प्रोत्साहन राशि शौचालय निर्माण हेतु दी जाती है। इसके लिए अलग से कोई फॉर्म नहीं भरना होता; आवास निर्माण के साथ ही ब्लॉक कोऑर्डिनेटर (SBM) द्वारा इसका सत्यापन करके राशि लाभार्थी के बैंक खाते में भेज दी जाती है।

Q5. मनरेगा (MGNREGA) के 90 दिनों की मजदूरी का पैसा कैसे मिलता है?

PMAY-G का मकान बनाते समय लाभार्थी स्वयं अपने मकान में अकुशल मजदूर के रूप में कार्य कर सकता है। इसके लिए अपने जॉब कार्ड (Job Card) की संख्या ग्राम रोजगार सेवक को दें। रोजगार सेवक आवास निर्माण के लिए 90 से 95 दिनों का मस्टर रोल (Muster Roll) भरेगा, जिसकी मजदूरी सीधे आपके मनरेगा-सीडेड बैंक खाते में ट्रांसफर कर दी जाएगी।

Q6. यदि ग्राम रोजगार सेवक या सचिव जियो-टैगिंग करने में देरी करे तो क्या करें?

यदि निर्माण स्तर (प्लिंथ या लिंटेल) पूर्ण होने के 15 दिनों बाद भी कर्मचारी जियो-टैग नहीं करता है, तो आप अपने ब्लॉक के सहायक विकास अधिकारी (ADO Panchayat) या खंड विकास अधिकारी (BDO) से लिखित शिकायत कर सकते हैं। इसके अलावा ग्रामीण विकास मंत्रालय के राष्ट्रीय हेल्पलाइन नंबर 1800-11-6446 या 011-23063285 पर कॉल करके सीधी शिकायत दर्ज कराई जा सकती है।

Q7. क्या परिवार में दोपहिया वाहन या फ्रिज होने पर आवास योजना से नाम कट सकता है?

संशोधित Awaas+ 2.0 दिशानिर्देशों के तहत दोपहिया वाहन (मोटरसाइकिल) या साधारण गैर-व्यावसायिक रेफ्रिजरेटर होने पर परिवार स्वतः अपात्र नहीं होता। हालांकि, यदि परिवार के पास चौपहिया वाहन (कार/ट्रैक्टर), पक्का 3-कमरों का मकान, 5 एकड़ से अधिक सिंचित भूमि, या परिवार का कोई सदस्य सरकारी नौकरी/आयकर दाता है, तो वे आवास योजना के लिए अपात्र माने जाते हैं।

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