New vs Old Tax Regime: ₹7.75 लाख पर शून्य टैक्स का पूरा गणित और आपके लिए सही रिजीम
न्यू टैक्स रिजीम (New Tax Regime) के तहत ₹7 लाख तक की आय पर धारा 87A के तहत पूरी टैक्स छूट (Rebate) और ₹75,000 की स्टैंडर्ड डिडक्शन को मिलाकर ₹7.75 लाख तक की कुल आय पर वेतनभोगियों के लिए टैक्स देनदारी शून्य हो जाती है। यदि आपके पास होम लोन ब्याज (24b), HRA और 80C के तहत ₹3.75 लाख से अधिक की कटौतियां नहीं हैं, तो न्यू टैक्स रिजीम अधिकांश करदाताओं के लिए अधिक फायदेमंद है।
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📑 विषय सूची (Table of Contents)
- 1. आयकर का नया ढांचा: न्यू टैक्स रिजीम डिफॉल्ट क्यों है?
- 2. वित्तीय वर्ष के नए टैक्स स्लैब और दरें
- 3. ₹7.75 लाख तक जीरो टैक्स कैसे बनता है? (Standard Deduction ₹75,000 + 87A Rebate)
- 4. ओल्ड टैक्स रिजीम कब चुनना चाहिए? (Breakeven Point एनालिसिस)
- 5. न्यू रिजीम में मिलने वाली एकमात्र स्वीकृत कटौतियां
- 6. स्विचिंग रूल्स: क्या नौकरीपेशा हर साल अपनी टैक्स रिजीम बदल सकते हैं?
- 7. अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)
Q. क्या न्यू टैक्स रिजीम में 80C छूट मिलती है?
A. नहीं, न्यू रिजीम में 80C, 80D और HRA जैसी छूट समाप्त कर दी गई हैं।
Q. होम लोन वालों के लिए कौन सी रिजीम बेहतर है?
A. यदि होम लोन ब्याज ₹2 लाख और 80C दोनों हैं, तो ओल्ड रिजीम में ज्यादा बचत हो सकती है।
Q. क्या नौकरीपेशा हर साल रिजीम बदल सकते हैं?
A. हां, वेतनभोगी कर्मचारी हर साल अपनी सुविधानुसार रिजीम बदल सकते हैं।
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