📰 ताज़ा खबरें ⏱️ 15 मिनट पढ़ें 📅 29 सितंबर 2026

National Conference on Rabi Campaign 2026: कृषि मंत्रालय ने तय किए गेहूं, चना और सरसों के रिकॉर्ड उत्पादन लक्ष्य, बीज व डीएपी खाद की नई व्यवस्था

RM
राजेश कुमार मीना
नीति, ग्रामीण विकास & डिजिटल पेमेंट विशेषज्ञ

विगत 8 वर्षों से केंद्र व राज्य सरकारों की कल्याणकारी योजनाओं, प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (DBT), ग्रामीण विकास एवं डिजिटल भुगतान प्रणालियों पर निरंतर शोधपरक विश्लेषण।

त्वरित उत्तर (Quick Answer)

**रबी अभियान राष्ट्रीय सम्मेलन 2026** में केंद्रीय कृषि मंत्रालय ने आगामी रबी मौसम के लिए 16.48 करोड़ टन खाद्यान्न और रिकॉर्ड गेहूं उत्पादन का लक्ष्य निर्धारित किया है। सम्मेलन में किसानों को गुणवत्तापूर्ण प्रमाणित बीजों की समय पर उपलब्धता, नैनो उर्वरकों का संवर्धन और फसल नुकसान से बचाव के लिए डिजिटल क्रॉप इंश्योरेंस तथा मौसम पूर्वानुमान सेवाओं के विस्तार की व्यापक कार्ययोजना को मंजूरी दी गई।

OFFICIAL CHANNEL GoForDigitalIndia WhatsApp चैनल

सरकारी योजनाओं, नई भर्तियों, एडमिट कार्ड और रिजल्ट्स के ताज़ा अपडेट्स सबसे पहले अपने WhatsApp पर पाएं।

👉 चैनल से जुड़ें (Join WhatsApp)

मुख्य विशेषताएं व आवश्यक बिंदु

  • राष्ट्रीय सम्मेलन संपन्न: केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय द्वारा नई दिल्ली के एनएएससी कॉम्प्लेक्स में आयोजित दो दिवसीय 'नेशनल कॉन्फ्रेंस ऑन रबी कैम्पेन 2026' (28-29 सितंबर) सफलतापूर्वक संपन्न हुई।
  • खाद्यान्न उत्पादन का महा-लक्ष्य: रबी सीजन 2026-27 के लिए देश में कुल 16.48 करोड़ टन खाद्यान्न उत्पादन का राष्ट्रीय लक्ष्य निर्धारित किया गया, जिसमें गेहूं का लक्ष्य 11.50 करोड़ टन तय किया गया है।
  • तिलहन व दलहन पर विशेष फोकस: खाद्य तेलों के आयात पर निर्भरता घटाने के लिए सरसों/तोरिया का उत्पादन 1.38 करोड़ टन और चना उत्पादन 1.36 करोड़ टन तक पहुंचाने का रोडमैप जारी।
  • बीज मिनीकिट व जलवायु-सहिष्णु किस्में: देश के 1 करोड़ से अधिक लघु व सीमांत किसानों को उच्च उत्पादकता वाले प्रमाणित बीज मिनीकिट (Seed Minikits) 100% निःशुल्क वितरित किए जाएंगे।
  • डीएपी व नैनो यूरिया की पर्याप्त आपूर्ति: राज्यों के साथ समन्वय कर रबी बुवाई के पीक समय (अक्टूबर-नवंबर) के लिए डीएपी (DAP), एनपीके और नैनो लिक्विड यूरिया का अग्रिम बफर स्टॉक तैयार किया गया।
प्रमुख रबी फसल (Crop) 2026-27 का राष्ट्रीय लक्ष्य (लाख टन) मुख्य उत्पादक राज्य प्रमुख रणनीति व उपाय
गेहूं (Wheat) 1,150.00 लाख टन उप्र, मप्र, पंजाब, हरियाणा, राजस्थान गर्मी सहने वाली (Climate-Resilient) किस्मों की बुवाई
चना (Gram / Chana) 136.50 लाख टन मप्र, महाराष्ट्र, राजस्थान, कर्नाटक अंतर-फसली खेती व उन्नत रोगरोधी बीजों का प्रयोग
सरसों व तोरिया (Rapeseed & Mustard) 138.50 लाख टन राजस्थान, मप्र, हरियाणा, उप्र चावल के बाद खाली खेतों (Rice Fallow) में सरसों का विस्तार
मसूर व अन्य दलहन (Pulses) 32.00 लाख टन मप्र, उप्र, बिहार, प. बंगाल शून्य-जुताई (Zero-Tillage) पद्धति से सीधी बुवाई
जौ (Barley) 22.50 लाख टन राजस्थान, उप्र, पंजाब औद्योगिक मांग व पशु आहार हेतु संवर्धित खेती

1. रबी सीजन 2026-27 के लिए राष्ट्रीय उत्पादन लक्ष्य तालिका

कृषि मंत्रालय द्वारा तय किए गए फसल-वार उत्पादन लक्ष्य इस प्रकार हैं:

प्रमुख रबी फसल (Crop) 2026-27 का राष्ट्रीय लक्ष्य (लाख टन) मुख्य उत्पादक राज्य प्रमुख रणनीति व उपाय
गेहूं (Wheat) 1,150.00 लाख टन उप्र, मप्र, पंजाब, हरियाणा, राजस्थान गर्मी सहने वाली (Climate-Resilient) किस्मों की बुवाई
चना (Gram / Chana) 136.50 लाख टन मप्र, महाराष्ट्र, राजस्थान, कर्नाटक अंतर-फसली खेती व उन्नत रोगरोधी बीजों का प्रयोग
सरसों व तोरिया (Rapeseed & Mustard) 138.50 लाख टन राजस्थान, मप्र, हरियाणा, उप्र चावल के बाद खाली खेतों (Rice Fallow) में सरसों का विस्तार
मसूर व अन्य दलहन (Pulses) 32.00 लाख टन मप्र, उप्र, बिहार, प. बंगाल शून्य-जुताई (Zero-Tillage) पद्धति से सीधी बुवाई
जौ (Barley) 22.50 लाख टन राजस्थान, उप्र, पंजाब औद्योगिक मांग व पशु आहार हेतु संवर्धित खेती

2. उर्वरक (Fertilizer) प्रबंधन और नैनो टेक्नोलॉजी का प्रसार

सम्मेलन में रबी बुवाई के दौरान खाद की कालाबाजारी और किल्लत रोकने के लिए कड़े प्रशासनिक निर्देश जारी किए गए:

  1. पीक सीजन बफर स्टॉक: केंद्र सरकार ने अक्टूबर और नवंबर महीनों के लिए राज्यों को उनकी मांग के अनुसार डीएपी (DAP) और एमओपी (MOP) का कोटा अग्रिम रूप से आवंटित कर दिया है।
  2. नैनो यूरिया व नैनो डीएपी को बढ़ावा: पारंपरिक बोरियों की ढुलाई और मृदा क्षरण से बचने के लिए ड्रोन तकनीक से नैनो लिक्विड डीएपी के छिड़काव को प्रोत्साहित किया जा रहा है।
  3. डिजिटल पीओएस निगरानी: सभी प्राथमिक कृषि साख समितियों (PACS) और खाद दुकानों पर पीओएस (PoS) मशीनों से केवल आधार सत्यापन द्वारा ही उचित मूल्य पर खाद की बिक्री होगी।

3. जलवायु परिवर्तन से बचाव: नई तकनीकों का समावेश

कृषि वैज्ञानिकों ने चेतावनी दी है कि नवंबर-दिसंबर में बढ़ते तापमान का असर गेहूं की बालियों पर न पड़े, इसके लिए किसानों को ये सलाह दी गई है:

  • जल्दी बुवाई (Early Sowing): 25 अक्टूबर से 10 नवंबर के बीच गेहूं की बुवाई पूरी करने का प्रयास करें।
  • पीएम फसल बीमा योजना (PMFBY): बुवाई के तुरंत बाद राष्ट्रीय फसल बीमा पोर्टल या 'Crop Insurance App' के माध्यम से अपनी फसल का बीमा अवश्य कराएं ताकि बेमौसम बारिश या ओलावृष्टि की स्थिति में 72 घंटे में क्लेम मिल सके।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)

सवाल 1: किसानों को सरकारी बीज मिनीकिट कैसे मिलेंगे?

उत्तर: बीज मिनीकिट का वितरण ब्लॉक स्तर के कृषि विज्ञान केंद्रों (KVK) और ग्राम पंचायत स्तर पर कृषि विभाग के स्थानीय कृषि समन्वयकों के जरिए पारदर्शी रूप से किया जाता है।

सवाल 2: क्या इस बार रबी फसलों के न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) में वृद्धि की गई है?

उत्तर: हां, केंद्र सरकार ने बुवाई शुरू होने से पूर्व ही गेहूं, चना, सरसों और मसूर के एमएसपी में आकर्षक बढ़ोतरी की घोषणा की है ताकि किसानों को लागत का कम से कम 50% शुद्ध मुनाफा मिल सके।

सवाल 3: खाद की कमी या अधिक दाम वसूलने पर किसान कहां शिकायत कर सकते हैं?

उत्तर: किसान अपने जिले के जिला कृषि अधिकारी (DAO) कार्यालय या केंद्र सरकार के किसान कॉल सेंटर के टोल-फ्री नंबर 1800-180-1551 पर सीधी शिकायत दर्ज करा सकते हैं।


आधिकारिक संदर्भ व महत्वपूर्ण लिंक्स

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)

Q. किसानों को सरकारी बीज मिनीकिट कैसे मिलेंगे?

A. बीज मिनीकिट का वितरण ब्लॉक स्तर के कृषि विज्ञान केंद्रों (KVK) और ग्राम पंचायत स्तर पर कृषि विभाग के स्थानीय कृषि समन्वयकों के जरिए पारदर्शी रूप से किया जाता है।

Q. क्या इस बार रबी फसलों के न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) में वृद्धि की गई है?

A. हां, केंद्र सरकार ने बुवाई शुरू होने से पूर्व ही गेहूं, चना, सरसों और मसूर के एमएसपी में आकर्षक बढ़ोतरी की घोषणा की है ताकि किसानों को लागत का कम से कम 50% शुद्ध मुनाफा मिल सके।

Q. खाद की कमी या अधिक दाम वसूलने पर किसान कहां शिकायत कर सकते हैं?

A. किसान अपने जिले के जिला कृषि अधिकारी (DAO) कार्यालय या केंद्र सरकार के किसान कॉल सेंटर के टोल-फ्री नंबर **1800-180-1551** पर सीधी शिकायत दर्ज करा सकते हैं।

क्या यह जानकारी आपके लिए उपयोगी रही?

अपने दोस्तों, परिजनों और ग्रुप्स में इस महत्वपूर्ण जानकारी को तुरंत शेयर करें:

💬 WhatsApp पर शेयर करें 📢 चैनल जॉइन करें
💬 WhatsApp शेयर WhatsApp चैनल जॉइन करें