1. रबी सीजन 2026-27 के लिए राष्ट्रीय उत्पादन लक्ष्य तालिका
कृषि मंत्रालय द्वारा तय किए गए फसल-वार उत्पादन लक्ष्य इस प्रकार हैं:
| प्रमुख रबी फसल (Crop) | 2026-27 का राष्ट्रीय लक्ष्य (लाख टन) | मुख्य उत्पादक राज्य | प्रमुख रणनीति व उपाय |
|---|---|---|---|
| गेहूं (Wheat) | 1,150.00 लाख टन | उप्र, मप्र, पंजाब, हरियाणा, राजस्थान | गर्मी सहने वाली (Climate-Resilient) किस्मों की बुवाई |
| चना (Gram / Chana) | 136.50 लाख टन | मप्र, महाराष्ट्र, राजस्थान, कर्नाटक | अंतर-फसली खेती व उन्नत रोगरोधी बीजों का प्रयोग |
| सरसों व तोरिया (Rapeseed & Mustard) | 138.50 लाख टन | राजस्थान, मप्र, हरियाणा, उप्र | चावल के बाद खाली खेतों (Rice Fallow) में सरसों का विस्तार |
| मसूर व अन्य दलहन (Pulses) | 32.00 लाख टन | मप्र, उप्र, बिहार, प. बंगाल | शून्य-जुताई (Zero-Tillage) पद्धति से सीधी बुवाई |
| जौ (Barley) | 22.50 लाख टन | राजस्थान, उप्र, पंजाब | औद्योगिक मांग व पशु आहार हेतु संवर्धित खेती |
2. उर्वरक (Fertilizer) प्रबंधन और नैनो टेक्नोलॉजी का प्रसार
सम्मेलन में रबी बुवाई के दौरान खाद की कालाबाजारी और किल्लत रोकने के लिए कड़े प्रशासनिक निर्देश जारी किए गए:
- पीक सीजन बफर स्टॉक: केंद्र सरकार ने अक्टूबर और नवंबर महीनों के लिए राज्यों को उनकी मांग के अनुसार डीएपी (DAP) और एमओपी (MOP) का कोटा अग्रिम रूप से आवंटित कर दिया है।
- नैनो यूरिया व नैनो डीएपी को बढ़ावा: पारंपरिक बोरियों की ढुलाई और मृदा क्षरण से बचने के लिए ड्रोन तकनीक से नैनो लिक्विड डीएपी के छिड़काव को प्रोत्साहित किया जा रहा है।
- डिजिटल पीओएस निगरानी: सभी प्राथमिक कृषि साख समितियों (PACS) और खाद दुकानों पर पीओएस (PoS) मशीनों से केवल आधार सत्यापन द्वारा ही उचित मूल्य पर खाद की बिक्री होगी।
3. जलवायु परिवर्तन से बचाव: नई तकनीकों का समावेश
कृषि वैज्ञानिकों ने चेतावनी दी है कि नवंबर-दिसंबर में बढ़ते तापमान का असर गेहूं की बालियों पर न पड़े, इसके लिए किसानों को ये सलाह दी गई है:
- जल्दी बुवाई (Early Sowing): 25 अक्टूबर से 10 नवंबर के बीच गेहूं की बुवाई पूरी करने का प्रयास करें।
- पीएम फसल बीमा योजना (PMFBY): बुवाई के तुरंत बाद राष्ट्रीय फसल बीमा पोर्टल या 'Crop Insurance App' के माध्यम से अपनी फसल का बीमा अवश्य कराएं ताकि बेमौसम बारिश या ओलावृष्टि की स्थिति में 72 घंटे में क्लेम मिल सके।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)
सवाल 1: किसानों को सरकारी बीज मिनीकिट कैसे मिलेंगे?
उत्तर: बीज मिनीकिट का वितरण ब्लॉक स्तर के कृषि विज्ञान केंद्रों (KVK) और ग्राम पंचायत स्तर पर कृषि विभाग के स्थानीय कृषि समन्वयकों के जरिए पारदर्शी रूप से किया जाता है।
सवाल 2: क्या इस बार रबी फसलों के न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) में वृद्धि की गई है?
उत्तर: हां, केंद्र सरकार ने बुवाई शुरू होने से पूर्व ही गेहूं, चना, सरसों और मसूर के एमएसपी में आकर्षक बढ़ोतरी की घोषणा की है ताकि किसानों को लागत का कम से कम 50% शुद्ध मुनाफा मिल सके।
सवाल 3: खाद की कमी या अधिक दाम वसूलने पर किसान कहां शिकायत कर सकते हैं?
उत्तर: किसान अपने जिले के जिला कृषि अधिकारी (DAO) कार्यालय या केंद्र सरकार के किसान कॉल सेंटर के टोल-फ्री नंबर 1800-180-1551 पर सीधी शिकायत दर्ज करा सकते हैं।
आधिकारिक संदर्भ व महत्वपूर्ण लिंक्स
- कृषि एवं किसान कल्याण विभाग: agricoop.nic.in
- राष्ट्रीय फसल बीमा पोर्टल: pmfby.gov.in
- संबंधित पिलर लेख: PM Fasal Bima Yojana 72-Hour Claim Rules
- संबंधित किसान लेख: PM Kisan Samman Nidhi Yojana Complete Guide