1. GeM पोर्टल क्या है और सरकारी खरीद में इसकी क्या भूमिका है?
पूर्व में सरकारी विभागों द्वारा टेंडर जारी करने और खरीद करने की प्रक्रिया में भारी कागजी कार्रवाई, बिचौलियों और पारदर्शिता के अभाव की शिकायतें आती थीं। 2016 में भारत सरकार ने जनरल फाइनेंशियल रूल्स (GFR 2017) के नियम 149 के तहत गवर्नमेंट ई-मार्केटप्लेस (GeM Portal) की स्थापना की।
GeM एक अत्यधिक सुरक्षित और पारदर्शी ऑनलाइन बाज़ार है जहाँ सरकारी अधिकारी (खरीदार) और निजी व्यापारी (विक्रेता) सीधे जुड़ते हैं। वित्तीय वर्ष 2024-25 में GeM का संचयी सकल व्यापारिक मूल्य (GMV) ₹4 लाख करोड़ के ऐतिहासिक आंकड़े को पार कर चुका है। आज एक छोटी स्टेशनरी की दुकान से लेकर बड़ी सॉफ्टवेयर कंपनी तक कोई भी भारतीय उद्यमी GeM के माध्यम से सीधे राष्ट्रपति भवन, प्रधानमंत्री कार्यालय, भारतीय थल सेना या इसरो (ISRO) को अपने उत्पाद और सेवाएं बेच सकता है।
2. कौन हैं खरीदार? (रेलवे, रक्षा, केंद्रीय मंत्रालय और पीएसयू)
GeM पर खरीदार कोई आम उपभोक्ता नहीं होते, बल्कि वे वित्तीय अधिकार प्राप्त सरकारी प्राधिकारी होते हैं:
- केंद्रीय मंत्रालय व विभाग: गृह, रक्षा, वित्त, स्वास्थ्य, शिक्षा, अंतरिक्ष और परमाणु ऊर्जा विभाग।
- सार्वजनिक उपक्रम (PSUs): इंडियन ऑयल (IOCL), ओएनजीसी (ONGC), भेल (BHEL), एनटीपीसी (NTPC) और कोल इंडिया।
- सशस्त्र बल व अर्धसैनिक बल: थल सेना, नौसेना, वायु सेना, सीआरपीएफ (CRPF), बीएसएफ (BSF)।
- राज्य सरकारें: 30+ राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के नगर निगम, जिला कलेक्ट्रेट, पुलिस मुख्यालय और सरकारी अस्पताल।
3. विक्रेता प्रकार: ओरिजिनल इक्विपमेंट मैन्युफैक्चरर (OEM) बनाम पुनर्विक्रेता (Reseller)
GeM पोर्टल पर दो प्रमुख प्रकार के विक्रेता पंजीकृत होते हैं:
- ओरिजिनल इक्विपमेंट मैन्युफैक्चरर (OEM): जो खुद उत्पाद का निर्माण करते हैं अथवा ब्रांड के आधिकारिक ट्रेडमार्क मालिक हैं। ओईएम को भारतीय गुणवत्ता परिषद (QCI) द्वारा वेंडर असेसमेंट कराना होता है और वे पोर्टल पर नए उत्पाद मॉडल सूचीबद्ध करते हैं।
- पुनर्विक्रेता (Reseller): जो ओईएम के अधिकृत डिस्ट्रीब्यूटर, डीलर या रिटेलर हैं। रीसेलर पहले से कैटलॉग में मौजूद उत्पादों पर 'Pairing' करके अपनी प्रतिस्पर्धी कीमतें उद्धृत कर सकते हैं।
- सर्विस प्रोवाइडर (Service Providers): जो मैनपावर, वाहन रेंटल, सुरक्षा गार्ड, आईटी परामर्श, हाउसकीपिंग या इवेंट मैनेजमेंट जैसी सेवाएं प्रदान करते हैं।
4. जेम पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन के लिए आवश्यक दस्तावेज और पात्रता
विक्रेता पंजीकरण प्रारंभ करने से पहले आपके पास निम्नलिखित विवरण तैयार होने चाहिए:
- पैन कार्ड (PAN Card): प्रोप्राइटरशिप फर्म के लिए व्यक्तिगत पैन, अथवा पार्टनरशिप/कंपनी का व्यावसायिक पैन।
- आधार कार्ड: अधिकृत हस्ताक्षरकर्ता का आधार (जिससे मोबाइल नंबर लिंक हो)।
- जीएसटी पहचान संख्या (GSTIN): सक्रिय जीएसटी पंजीकरण (केवल अनरजिस्टर्ड या कंपोजिशन वाले कुछ विशेष उत्पादों को छूट)।
- उद्यम पंजीकरण (Udyam Registration): एमएसएमई लाभ और टेंडर में बयाना राशि (EMD) छूट पाने के लिए अनिवार्य।
- बैंक करंट अकाउंट: बैंक का नाम, खाता संख्या और IFSC कोड (पीएफएमएस सत्यापन हेतु)।
- आयकर रिटर्न (ITR): पिछले 3 वर्षों का आईटीआर और सकल वार्षिक टर्नओवर (Gross Annual Turnover) का ब्यौरा।
5. सेलर (विक्रेता) अकाउंट बनाने की स्टेप-बाय-स्टेप ऑनलाइन प्रक्रिया
- GeM के आधिकारिक पोर्टल gem.gov.in पर जाएं।
- ऊपर दाईं ओर 'Sign Up' पर क्लिक करें और 'Seller' का चयन करें।
- नियम व शर्तें (Terms & Conditions) स्वीकार करें।
- अपने संगठन का प्रकार चुनें (Proprietorship, Firm, Private Limited, LLP, अथवा Society/Trust)।
- कंपनी/फर्म का नाम और पैन कार्ड नंबर दर्ज करें। सिस्टम सीबीडीटी (CBDT) डेटाबेस से पैन को तुरंत सत्यापित करेगा।
- अधिकृत व्यक्ति का आधार नंबर दर्ज करें और मोबाइल ओटीपी से ई-साइन (Aadhaar e-KYC) पूरा करें।
- सक्रिय ईमेल आईडी दर्ज करें और ईमेल पर आए एक्टिवेशन लिंक से पासवर्ड बनाएं।
- प्रोफाइल पूर्णता (Profile Completion): लॉगिन करने के बाद प्रोफाइल डैशबोर्ड में जाएं:
- पैन व आधार विवरण सत्यापित करें।
- कंपनी का पूरा पंजीकृत पता दर्ज करें।
- बैंक खाता विवरण भरें (₹1 का परीक्षण लेनदेन करके बैंक सत्यापित होता है)।
- उद्यम पंजीकरण नंबर और श्रेणी (Micro / Small / Medium) दर्ज करें।
- प्रोफाइल स्कोर 100% होते ही आपका सेलर अकाउंट सक्रिय हो जाता है।
6. कॉशन मनी (Caution Money) नियम: टर्नओवर के आधार पर कितनी राशि जमा करनी होगी?
गंभीर और प्रामाणिक विक्रेताओं को ही पोर्टल पर बनाए रखने और धोखाधड़ी रोकने के लिए GeM ने कॉशन मनी (Caution Money) अनिवार्य की है:
- टर्नओवर ₹1 करोड़ से कम (Micro Enterprises): ₹5,000 की सावधि जमा।
- टर्नओवर ₹1 करोड़ से ₹10 करोड़ तक (Small Enterprises): ₹10,000 की सावधि जमा।
- टर्नओवर ₹10 करोड़ से अधिक (Medium & Large): ₹25,000 की सावधि जमा।
यह राशि पोर्टल पर सुरक्षित जमा रहती है और कोई गलती न होने पर जब आप अकाउंट बंद करते हैं तो पूर्णतः वापस (Refundable) कर दी जाती है।
7. प्रोडक्ट और सर्विस कैटलॉग अपलोड करने व कीमत तय करने की विधि
खाता सक्रिय होने के बाद अपने उत्पादों को पोर्टल पर प्रदर्शित करना होता है:
- कैटलॉग में सर्च: यदि आप किसी ब्रांडेड आइटम (उदा. HP प्रिंटर, गोदरेज अलमारी) के रीसेलर हैं, तो कैटलॉग में वह मॉडल खोजें और 'Sell this item' (Pairing) पर क्लिक करें। आपको अलग से फोटो या विवरण नहीं डालना पड़ता।
- नई लिस्टिंग (New Product): यदि आप खुद निर्माता हैं, तो प्रोडक्ट की उच्च गुणवत्ता वाली तस्वीरें, विनिर्देश (Technical Specifications), आईएसओ/बीआईएस मानक और अधिकतम खुदरा मूल्य (MRP) भरें।
- GeM ऑफर प्राइस: आपकी GeM विक्रय मूल्य किसी भी अन्य सार्वजनिक या निजी ई-कॉमर्स साइट (Amazon/Flipkart) से कम या बराबर होनी चाहिए। सरकार को अधिक मूल्य पर सामान बेचना अनुबंध उल्लंघन माना जाता है।
8. सरकारी आर्डर पाने के तरीके: डायरेक्ट परचेज, L1 कम्पैरिजन और ई-टेंडरिंग
GeM पर सरकारी खरीदार तीन तरीकों से आर्डर जारी करते हैं:
- डायरेक्ट परचेज (Direct Purchase - ₹25,000 तक): किसी भी सरकारी विभाग का अधिकारी बिना किसी तुलना के ₹25,000 तक का कोई भी सामान सीधे कार्ट में जोड़कर खरीद सकता है।
- L1 तुलना (L1 Comparison - ₹25,000 से ₹5 लाख तक): खरीदार को कम से कम 3 अलग-अलग निर्माताओं के उत्पादों की तुलना करनी होती है। जो विक्रेता सबसे न्यूनतम मूल्य (L1) प्रदान करता है, सिस्टम स्वतः उसे आर्डर जारी कर देता है।
- कस्टम बिडिंग व रिवर्स ऑक्शन (Bids / RA - ₹5 लाख से अधिक): बड़े आर्डर के लिए पोर्टल पर ई-टेंडर (Bids) जारी किए जाते हैं। आप 'Bids' टैब में जाकर अपनी पात्रता अनुसार तकनीकी और वित्तीय बोली (Technical & Financial Bid) जमा कर सकते हैं।
9. भुगतान सुरक्षा और पीएफएमएस (PFMS) समय-सीमा
पारंपरिक सरकारी ठेकों में सबसे बड़ा डर भुगतान अटकने का होता था। GeM ने इस व्यवस्था को पूरी तरह पारदर्शी बनाया है:
- सामान प्राप्त होने पर खरीदार को 10 दिनों के भीतर CRAC (Consignee Receipt and Acceptance Certificate) जारी करना होता है।
- सीआरएसी जारी होने के 10 से 30 कार्य दिवसों के भीतर पब्लिक फाइनेंशियल मैनेजमेंट सिस्टम (PFMS) के जरिए विक्रेता के बैंक खाते में सीधा भुगतान क्रेडिट हो जाता है।
- यदि कोई सरकारी विभाग तय समय से अधिक देरी करता है, तो पोर्टल पर ऑटो-एस्केलेशन और ब्याज देयता का कड़ा नियम लागू होता है।
10. जेम सहाय (GeM Sahay): सरकारी आर्डर पर तुरंत बिजनेस लोन
एमएसएमई विक्रेताओं की कार्यशील पूंजी (Working Capital) की समस्या को हल करने के लिए GeM Sahay 2.0 मोबाइल ऐप प्रारंभ किया गया है:
- जैसे ही आपको किसी सरकारी विभाग से परचेज आर्डर (PO) मिलता है, GeM Sahay ऐप पर पंजीकृत वित्तीय संस्थान (SBI, SIDBI, Kotak, Lendingkart) आपको उस आर्डर के विरुद्ध तुरंत ऋण ऑफर करते हैं।
- बिना किसी संपत्ति गारंटी के, 10 मिनट के भीतर आर्डर मूल्य का 70% से 80% तक ऋण सीधे आपके खाते में वितरित कर दिया जाता है।
- सरकारी विभाग से भुगतान प्राप्त होते ही ऋण का स्वतः निपटान हो जाता है।
11. जेम हेल्पलाइन, ट्रेनिंग वेबिनार व शिकायत निवारण
- राष्ट्रीय टोल-फ्री हेल्पलाइन: 1800-419-3436 / 1800-102-3436 (सुबह 8:00 से रात 8:00 बजे तक)
- ईमेल सहायता: helpdesk-gem@gov.in
- लाइव चैट एवं टिकट सिस्टम: gem.gov.in पर लॉगिन करके 'Incident Management' से शिकायत दर्ज करें।
- निःशुल्क विक्रेता प्रशिक्षण: GeM द्वारा प्रत्येक सप्ताह बुधवार और शुक्रवार को नए विक्रेताओं के लिए इंटरैक्टिव लाइव वेबिनार आयोजित किए जाते हैं।