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कंपोजिट क्लेम फॉर्म (Composite Claim Form) क्या है? आधार बनाम नॉन-आधार फॉर्म, बिना कंपनी के हस्ताक्षर के पीएफ निकासी नियम

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श्रम एवं पेंशन विधिक डेस्क
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⚡ त्वरित उत्तर (Quick Answer)

कंपोजिट क्लेम फॉर्म (CCF) ईपीएफओ का एक एकीकृत सिंगल-विंडो फॉर्म है जो पूर्व के फॉर्म 19 (पूर्ण पीएफ निकासी), फॉर्म 10C (पेंशन निकासी) और फॉर्म 31 (पीएफ एडवांस) तीनों को एक साथ समाहित करता है। 'Composite Claim Form (Aadhaar)' में नियोक्ता (कंपनी) के किसी हस्ताक्षर या मुहर की आवश्यकता नहीं होती; सदस्य सीधे ऑनलाइन या एक पेज का फॉर्म भरकर स्वयं अपने आधार सत्यापन से क्लेम कर सकता है। 'Composite Claim Form (Non-Aadhaar)' केवल उन मामलों में उपयोग होता है जहां आधार यूएएन से लिंक नहीं है, और इसमें कंपनी के हस्ताक्षर अनिवार्य होते हैं।

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कंपोजिट क्लेम फॉर्म (Composite Claim Form) क्या है और इसे क्यों लाया गया?

त्वरित उत्तर: 2017 से पहले जब किसी कर्मचारी को पीएफ का पैसा निकालना होता था, तो उसे तीन अलग-अलग फॉर्म भरने पड़ते थे: भविष्य निधि के लिए फॉर्म 19, पेंशन विड्रॉल के लिए फॉर्म 10C और नौकरी में रहते हुए बीमारी या शादी के एडवांस के लिए फॉर्म 31। हर फॉर्म के लिए अलग-अलग दस्तावेज और कंपनी के मालिकों के पास जाकर दस्तखत व मुहर की मिन्नतें करनी पड़ती थीं।

कर्मचारियों की इस पीड़ा को समाप्त करने के लिए ईपीएफओ ने सभी पुराने फॉर्म्स को समाप्त करके एक एकल कंपोजिट क्लेम फॉर्म (Composite Claim Form) लागू किया। अब सदस्य को केवल एक ही फॉर्म में टिक करना होता है कि वह पीएफ निकालना चाहता है, पेंशन निकालना चाहता है या एडवांस लेना चाहता है। सबसे बड़ा बदलाव यह किया गया कि आधार-लिंक्ड सदस्यों को कंपनी (मालिक) के हस्ताक्षर कराने की बाध्यता से पूरी तरह मुक्त कर दिया गया।

💡 आधार आधारित फॉर्म: नियोक्ता (कंपनी) के दखल से 100% आजादी

यदि आपका यूएएन आपके आधार और बैंक खाते से लिंक है, तो आप 'कंपोजिट क्लेम फॉर्म (आधार)' के पात्र हैं। इसमें आपकी कंपनी के एचआर या मालिक की भूमिका शून्य हो जाती है। आप सीधे ईपीएफओ के मेंबर पोर्टल पर लॉगिन करके क्लेम सबमिट कर सकते हैं, और ईपीएफओ बिना कंपनी से पूछे सीधे आपके बैंक खाते में पैसा ट्रांसफर कर देता है।

कंपोजिट क्लेम फॉर्म (Aadhaar) बनाम कंपोजिट क्लेम फॉर्म (Non-Aadhaar): तुलना

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नीचे दी गई तालिका से समझें कि दोनों प्रारूपों में क्या अंतर है और आपको किसका उपयोग करना चाहिए:

मापदंड कंपोजिट क्लेम फॉर्म (Aadhaar) कंपोजिट क्लेम फॉर्म (Non-Aadhaar) ईपीएफओ का वरीयता क्रम
आवेदन का माध्यम 100% ऑनलाइन (यूएएन पोर्टल / उमंग ऐप) अथवा 1 पेज का भौतिक फॉर्म केवल ऑफलाइन (कागजी फॉर्म ईपीएफओ दफ्तर में जमा) आधार आधारित फॉर्म ही सर्वोत्तम
कंपनी के हस्ताक्षर व मुहर शून्य आवश्यकता (No Employer Attestation) कंपनी के अधिकृत हस्ताक्षरकर्ता के दस्तखत अनिवार्य आधार फॉर्म में कंपनी की जरूरत नहीं
यूएएन-आधार लिंकिंग अनिवार्य रूप से वेरिफाइड होना चाहिए लागू नहीं (बिना आधार लिंक खातों के लिए) आधार फॉर्म
बैंक खाता सत्यापन पोर्टल पर पहले से डिजिटली अप्रूव्ड कैंसिल्ड चेक की मूल प्रति फॉर्म के साथ अटैच करना आधार फॉर्म
निस्तारण की समयसीमा 3 से 7 कार्यदिवस (ऑटो-मोड में 72 घंटे) 20 से 30 कार्यदिवस (मैनुअल प्रोसेसिंग) आधार फॉर्म 5 गुना तेज है

कंपोजिट क्लेम फॉर्म में शामिल 3 प्रमुख सुविधाएं

एक ही फॉर्म के जरिए आप निम्नलिखित तीन में से किसी भी सेवा का चयन कर सकते हैं:

  1. 1. पूर्ण पीएफ निपटान (Final PF Settlement - पूर्व फॉर्म 19): नौकरी छोड़ने के कम से कम 60 दिन (2 महीने) बाद कर्मचारी और नियोक्ता दोनों का पूरा भविष्य निधि अंशदान ब्याज सहित एकमुश्त निकाला जा सकता है।
  2. 2. पेंशन विड्रॉल बेनिफिट (Pension Withdrawal Benefit - पूर्व फॉर्म 10C): यदि आपकी कुल सेवा 10 वर्ष से कम है, तो आप पेंशन फंड में जमा पूरा पैसा टेबल डी के अनुसार एकमुश्त निकाल सकते हैं। (यदि सेवा 10 वर्ष से अधिक है तो 58 वर्ष की आयु पर फॉर्म 10D के जरिए मासिक पेंशन मिलती है)।
  3. 3. आंशिक पीएफ एडवांस (Partial PF Advance - पूर्व फॉर्म 31): नौकरी में रहते हुए बीमारी, शादी, उच्च शिक्षा या मकान निर्माण के लिए गैर-वापसी योग्य अग्रिम राशि निकाली जा सकती है।

यदि कंपनी बंद हो चुकी है और आधार लिंक नहीं है, तो Non-Aadhaar फॉर्म कैसे भरें?

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यदि दुर्भाग्यवश आपका आधार यूएएन से लिंक नहीं है और आपकी पुरानी कंपनी बंद (Defunct Establishment) हो चुकी है या मालिक भाग चुका है, तो ईपीएफओ के नियमों के तहत आप निम्नलिखित अधिकारियों में से किसी एक से फॉर्म सत्यापित कराकर सीधे ईपीएफओ में जमा कर सकते हैं:

  • जिस बैंक में आपका बचत खाता है, उस राष्ट्रीयकृत बैंक के शाखा प्रबंधक (Bank Manager)।
  • प्रथम श्रेणी के न्यायिक मजिस्ट्रेट या कार्यपालक दंडाधिकारी (SDM / Tehsildar)।
  • स्थानीय नगर निगम के पार्षद, महापौर या ग्राम पंचायत प्रधान।
  • संसद सदस्य (MP) या विधान सभा सदस्य (MLA)।
  • श्रम प्रवर्तन अधिकारी (Labour Officer) या डाकघर के पोस्टमास्टर।

⚠️ नौकरी छोड़ने के बाद 2 महीने का अनिवार्य कूलिंग पीरियड (Rule of 60 Days)

ईपीएफ योजना 1952 के पैराग्राफ 69 के अनुसार, यदि कोई कर्मचारी इस्तीफा देता है, तो वह फाइनल पीएफ (Full & Final Settlement) का क्लेम नौकरी छोड़ने की तारीख से ठीक 60 दिन पूरे होने के बाद ही दाखिल कर सकता है। यदि आप 59वें दिन भी क्लेम करेंगे, तो सिस्टम उसे ऑटो-रिजेक्ट कर देगा। (केवल महिलाएं शादी के बाद नौकरी छोड़ने पर या विदेश में स्थायी निवास के लिए जाने वाले नागरिक बिना 2 महीने के इंतजार के तुरंत क्लेम कर सकते हैं)।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs - PAA)

1. क्या कंपोजिट क्लेम फॉर्म ऑनलाइन भरने पर मुझे कोई भौतिक कागज ईपीएफओ भेजना पड़ता है?

नहीं। यदि आप यूएएन पोर्टल पर ऑनलाइन कंपोजिट क्लेम सबमिट करते हैं, तो यह प्रक्रिया 100% पेपरलेस और डिजिटल होती है। आपको किसी भी ईपीएफओ कार्यालय या कंपनी के दफ्तर में कोई भी कागज या रसीद डाक से भेजने की जरूरत नहीं होती।

2. क्या मैं एक ही फॉर्म में पीएफ और पेंशन दोनों का पैसा एक साथ क्लेम कर सकता हूं?

हां, जब आप पोर्टल पर 'Claim' सेक्शन में जाते हैं, तो पहले 'Form 19' (पीएफ विड्रॉल) भरकर सबमिट करें और उसके तुरंत बाद उसी दिन 'Form 10C' (पेंशन विड्रॉल) भी सबमिट कर दें। ईपीएफओ दोनों क्लेम को एक साथ प्रोसेस करता है और दोनों का पैसा एक ही बैंक खाते में भेजता है।

3. क्या कंपोजिट क्लेम फॉर्म से पैसा निकालने के लिए बैंक पासबुक अपलोड करना जरूरी है?

हां, क्लेम भरते समय अपने बैंक खाते के पर्सनलाइज्ड कैंसिल्ड चेक की फोटो या बैंक प्रबंधक द्वारा हस्ताक्षरित व मुहर लगी पासबुक की साफ फोटो (100 KB से 500 KB) अपलोड करना अनिवार्य होता है ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि पैसा सही व्यक्ति के खाते में जा रहा है।

4. अगर मेरी सेवा 5 साल से कम है, तो क्या कंपोजिट फॉर्म के साथ फॉर्म 15G लगाना होगा?

हां, यदि आपकी कुल सेवा 5 साल से कम है और आपकी कुल पीएफ निकासी राशि ₹50,000 या उससे अधिक है, तो 10% से 34% टीडीएस कटने से बचने के लिए कंपोजिट क्लेम फॉर्म भरते समय स्क्रीन पर फॉर्म 15G (वरिष्ठ नागरिकों के लिए 15H) की हस्ताक्षरित पीडीएफ अपलोड करना अनिवार्य होता है।

5. क्या मैं नई कंपनी जॉइन करने के बाद भी पुरानी कंपनी का कंपोजिट क्लेम भर सकता हूं?

नहीं! यदि आपने नई कंपनी जॉइन कर ली है, तो आप पुरानी कंपनी का पीएफ 'विड्रॉ' नहीं कर सकते; आपको अनिवार्य रूप से 'फॉर्म 13' भरकर पुराना पीएफ नए खाते में 'ट्रांसफर' करना होगा। यदि आप नई नौकरी में रहते हुए पुरानी कंपनी का पीएफ निकालते हैं, तो यह ईपीएफ नियमों का उल्लंघन माना जाता है।

6. क्लेम पास होने के बाद पैसा बैंक में आने में कितना समय लगता है?

जैसे ही पोर्टल पर क्लेम स्टेटस 'Claim Settled' दिखाई देता है, ईपीएफओ का पेमेंट गेटवे एनपीसीआई/आरबीआई के एनईएफटी नेटवर्क को फंड भेजता है। आमतौर पर क्लेम सेटल होने के 24 से 48 बैंकिंग घंटों के भीतर पैसा सीधे आपके बचत खाते में क्रेडिट हो जाता है।

🌍 अंतरराष्ट्रीय कामगारों (International Workers - IW) के लिए कंपोजिट क्लेम फॉर्म

यदि कोई विदेशी नागरिक भारत में किसी ईपीएफओ-पंजीकृत कंपनी में काम करता है या कोई भारतीय नागरिक विदेश जाकर किसी विदेशी प्रतिष्ठान में काम करता है, तो उसके लिए विशेष नियम लागू होते हैं:

  • आईडब्ल्यू (International Worker) की परिभाषा: कोई भी विदेशी पासपोर्ट धारक जो भारत में ईपीएफ का सदस्य बनता है, वह 'इंटरनेशनल वर्कर' कहलाता है।
  • निकासी की शर्तें: सामान्य भारतीय कर्मचारियों के लिए जहां 2 महीने का इंतजार अनिवार्य है, वहीं यदि विदेशी कर्मचारी का देश भारत के साथ सामाजिक सुरक्षा समझौते (SSA) के तहत आता है, तो वह भारत में नौकरी समाप्त होते ही तुरंत अपने पूरे पीएफ और पेंशन का क्लेम कंपोजिट फॉर्म के जरिए कर सकता है और पैसा सीधे उसके विदेशी बैंक खाते में भेजा जा सकता है।
  • एसएसए देशों की सूची: वर्तमान में भारत के 21 से अधिक देशों (जैसे जर्मनी, फ्रांस, स्विट्जरलैंड, नीदरलैंड, कनाडा, जापान, दक्षिण कोरिया आदि) के साथ द्विपक्षीय समझौते प्रभावी हैं।

⚖️ यदि कंपनी ने गलत जॉइनिंग या एग्जिट डेट दर्ज की हो तो कंपोजिट क्लेम का निस्तारण

कई बार सदस्य जब कंपोजिट क्लेम फॉर्म भरता है, तो सिस्टम एरर देता है कि 'Date of Exit prior to Date of Joining' या 'Service overlapping'। ऐसी स्थिति में समाधान का क्रम इस प्रकार है:

  1. स्टेप 1 (चरण 1) - सर्विस हिस्ट्री डाउनलोड करें: यूएएन पोर्टल पर 'View > Service History' खोलें और देखें कि किस कंपनी के रिकॉर्ड में तारीख गलत है।
  2. स्टेप 2 (चरण 2) - ऑनलाइन जॉइंट डिक्लेरेशन (Joint Declaration SOP v3.0): 'Manage > Joint Declaration' में जाएं और सही सर्विस सर्टिफिकेट या इस्तीफा पत्र अपलोड करके तारीख ठीक कराएं।
  3. स्टेप 3 (चरण 3) - तारीख दुरुस्त होते ही कंपोजिट फॉर्म सबमिट करें: जैसे ही क्षेत्रीय कार्यालय से तारीख का संशोधन अप्रूव हो जाए, उसी दिन ऑनलाइन कंपोजिट फॉर्म (Form 19 & 10C) सबमिट कर दें। क्लेम बिना किसी मानवीय बाधा के मात्र 3 से 5 दिनों में प्रोसेस हो जाएगा।

💡 कंपोजिट क्लेम पास होने के बाद मोबाइल पर आने वाले 3 आधिकारिक SMS अलर्ट्स

ईपीएफओ पारदर्शिता के लिए क्लेम के हर चरण पर सदस्य को एसएमएस भेजता है:

  • पहला एसएमएस (Claim Received): 'Dear Member, your claim Form-XX has been received at EPFO Field Office on DD/MM/YYYY'।
  • दूसरा एसएमएस (Claim Settled): 'Dear Member, your claim Form-XX for ₹XX,XXX has been settled on DD/MM/YYYY. Cheque/NEFT will be sent to your bank account'।
  • तीसरा एसएमएस (Payment Dispatched): 'Payment of ₹XX,XXX vide UTR No. XXXXXXXXXXXX has been credited to your bank account on DD/MM/YYYY'।

🏢 ईपीएफओ फील्ड ऑफिस में जाकर ऑफलाइन कंपोजिट फॉर्म जमा करने की एसओपी

यदि किसी अपरिहार्य कारणवश आप ऑनलाइन क्लेम नहीं कर पा रहे हैं और आपको ईपीएफओ के क्षेत्रीय कार्यालय (Field Office) में जाकर भौतिक फॉर्म जमा करना है, तो इस प्रक्रिया का पालन करें:

  1. स्टेप 1 (चरण 1) - एकल पृष्ठीय फॉर्म भरें: ईपीएफओ की वेबसाइट से केवल 1 पेज का 'Composite Claim Form (Aadhaar)' प्रिंट करें। इसमें केवल अपना यूएएन नंबर, आधार नंबर, बैंक खाता संख्या, आईएफएससी कोड और नौकरी छोड़ने की तारीख भरें।
  2. स्टेप 2 (चरण 2) - केवल अपने हस्ताक्षर करें: फॉर्म के नीचे केवल सदस्य के हस्ताक्षर की जगह होती है। इस पर कंपनी के किसी दस्तखत या सील की कोई आवश्यकता नहीं है।
  3. स्टेप 3 (चरण 3) - मूल कैंसिल्ड चेक संलग्न करें: फॉर्म के साथ अपने बैंक का एक मूल कैंसिल्ड चेक स्टेपल करें जिस पर आपका नाम छपा हो। इसके साथ आधार कार्ड और पैन कार्ड की फोटोकॉपी लगाएं।
  4. स्टेप 4 (चरण 4) - पीआरओ काउंटर पर पावती लें: ईपीएफओ कार्यालय के 'PRO Counter' या 'Facilitation Centre' पर फॉर्म जमा करें। क्लर्क आपको सिस्टम से जनरेट की गई एक बारकोड युक्त रसीद (Inward Receipt) देगा। इस रसीद संख्या से आप घर बैठे अपने क्लेम की स्थिति ट्रैक कर सकते हैं।

💡 संयुक्त बैंक खाते (Joint Account) के कारण क्लेम अटकने से कैसे बचें?

ईपीएफओ के कड़े नियमों के अनुसार पीएफ का पैसा केवल सदस्य के व्यक्तिगत बचत खाते (Single Account) में या केवल पति/पत्नी के साथ संयुक्त खाते (Joint Account with Spouse) में ही भेजा जा सकता है। माता-पिता, भाई-बहन या बच्चों के साथ संयुक्त खाते में क्लेम का पैसा कभी ट्रांसफर नहीं होता और क्लेम सीधे रिजेक्ट कर दिया जाता है। क्लेम दाखिल करने से पहले हमेशा केवल अपने अकेले नाम वाले बैंक खाते को ही यूएएन में लिंक करें।

📑 कंपोजिट क्लेम फॉर्म में Form 10C (पेंशन) भरते समय 2 बड़े विकल्प

जब आप नौकरी छोड़ने के बाद कंपोजिट क्लेम फॉर्म भरते हैं और 10 वर्ष से कम की सेवा है, तो स्क्रीन पर पेंशन के लिए दो विकल्प आते हैं:

  • विकल्प 'A' - विड्रॉल बेनिफिट (Withdrawal Benefit): पेंशन फंड का पूरा पैसा नकद निकालकर बैंक खाते में मंगाना। यह विकल्प केवल तभी चुनें जब आप भविष्य में कभी किसी संगठित कंपनी में नौकरी नहीं करना चाहते।
  • विकल्प 'B' - स्कीम सर्टिफिकेट (Scheme Certificate): नकद पैसा न निकालकर सेवा को सुरक्षित रखना। यदि आपकी उम्र 50 वर्ष से कम है और आप भविष्य में दोबारा नौकरी करने वाले हैं, तो हमेशा स्कीम सर्टिफिकेट चुनें ताकि आपकी पुरानी सेवा नई सेवा में जुड़कर 10 वर्ष पूरे होने पर आपको आजीवन पेंशन का पात्र बना सके।

🛠️ ऑनलाइन कंपोजिट क्लेम भरते समय आने वाले तकनीकी ग्लिच और उनके उपाय

पोर्टल पर क्लेम भरते समय आने वाली 3 सबसे सामान्य तकनीकी समस्याओं का समाधान:

  1. 'Session Timed Out / Unexpected Error': यह अक्सर ब्राउज़र कुकीज के कारण होता है। हमेशा Google Chrome के 'Incognito Mode' में पोर्टल खोलें और क्लेम भरें।
  2. 'Invalid XML / Signature Error': इसका अर्थ है कि आपके आधार के रिकॉर्ड में कोई विशेष वर्ण (जैसे कॉमा या डैश) है जो पोर्टल स्वीकार नहीं कर रहा। यूआईडीएआई पोर्टल पर जाकर आधार प्रोफाइल की जांच करें।
  3. 'Server Busy (502 / 504)': महीने की पहली और आखिरी तारीख को पीएफ सर्वर पर भारी ट्रैफिक होता है। हमेशा सुबह 8 बजे से पहले या रात 9 बजे के बाद क्लेम सबमिट करें, इस समय सर्वर अत्यंत तेज गति से काम करता है।

निष्कर्ष: कंपोजिट क्लेम फॉर्म ने पीएफ निकासी की पूरी नौकरशाही व्यवस्था को खत्म करके आम कर्मचारियों के हाथ में पूर्ण वित्तीय स्वायत्तता दे दी है। सही जानकारी और आधार-लिंक्ड प्रोफाइल के साथ आप बिना किसी दलाल के घर बैठे अपने पैसों का निपटारा कर सकते हैं।

🏛️ ईपीएफ अपीलीय अधिकरण (CGIT) के समक्ष अनुचित दावों के रिजेक्शन की अपील

यदि ईपीएफओ का क्षेत्रीय कार्यालय कंपोजिट क्लेम फॉर्म को किसी दुर्भावनापूर्ण या अवैध आधार पर खारिज करता है, तो कर्मचारी के पास निम्नलिखित कानूनी रास्ते उपलब्ध हैं:

  • केंद्रीय औद्योगिक न्यायाधिकरण (CGIT / EPF Appellate Tribunal): कर्मचारी भविष्य निधि अधिनियम, 1952 की धारा 7-I के तहत कर्मचारी क्षेत्रीय आयुक्त के किसी भी प्रतिकूल आदेश के विरुद्ध औद्योगिक अधिकरण में वैधानिक अपील दायर कर सकता है।
  • रिट याचिका (Writ Petition u/Article 226): यदि पीएफ अधिकारी स्पष्ट नियमों के बावजूद क्लेम का भुगतान नहीं कर रहे हैं, तो संबंधित राज्य के उच्च न्यायालय में 'Mandamus' (परमादेश) की रिट याचिका दायर करके तत्काल फंड रिलीज और 12% ब्याज का न्यायिक आदेश प्राप्त किया जा सकता है।
  • डिजिटल समाधान की सुगमता: हालांकि, 99% मामलों में यदि कंपोजिट फॉर्म को आधार और पैन के साथ सही ढंग से ऑनलाइन भरा जाए, तो किसी भी कोर्ट-कचहरी की जरूरत नहीं पड़ती और क्लेम 7 दिनों के भीतर स्वतः बैंक में आ जाता है।

📱 ईपीएफओ के डिजिटल सुधारों का लाभ: बिचौलियों और दलालों से पूर्ण मुक्ति

कंपोजिट क्लेम फॉर्म के आधार-आधारित होने का सबसे बड़ा सामाजिक और वित्तीय प्रभाव यह हुआ है कि अब किसी भी कर्मचारी को अपने खुद के पैसे निकालने के लिए किसी पीएफ सलाहकार, दलाल या भ्रष्ट बिचौलिए को 5% या 10% कमीशन देने की बिल्कुल जरूरत नहीं रही:

  • प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (Direct Benefit Transfer - DBT): ईपीएफओ का कम्प्यूटरीकृत सिस्टम किसी भी तीसरे पक्ष के बैंक खाते में पैसा ट्रांसफर करने की अनुमति ही नहीं देता। पैसा केवल और केवल सदस्य के आधार-सत्यापित बैंक खाते में आरटीजीएस द्वारा पहुंचता है।
  • रीयल-टाइम एसएमएस ट्रैकिंग: क्लेम सबमिट होने से लेकर बैंक में क्रेडिट होने तक हर कदम पर सदस्य को उसके रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर आधिकारिक एसएमएस मिलता है।
  • ईपीएफओ का सीधा संदेश: किसी भी अनधिकृत व्यक्ति या साइबर कैफे वाले को अपना यूएएन पासवर्ड या आधार ओटीपी न सौंपें। कंपोजिट फॉर्म को स्वयं अपने मोबाइल से भरें और अपने पैसों के पूर्ण स्वामी बनें।
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