स्वास्थ्य मंत्रालय का बड़ा फैसला: भारत सरकार ने आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (AB-PMJAY) का ऐतिहासिक दायरा बढ़ाते हुए देश के सभी वरिष्ठ नागरिकों (70 वर्ष और उससे अधिक आयु) के लिए 'आयुष्मान वय वंदना कार्ड' शुरू कर दिया है। सबसे राहत भरी बात यह है कि इस योजना में कोई भी आय सीमा (Income Limit) या जातिगत बंधन नहीं रखा गया है। चाहे परिवार बीपीएल हो, मध्यमवर्गीय हो या उच्च आय वर्ग का—यदि माता-पिता या दादा-दादी की उम्र 70 वर्ष हो चुकी है, तो उन्हें हर साल ₹5 लाख तक का कैशलेस स्वास्थ्य कवच मिलेगा। इस गाइड में जानिए कि घर बैठे मोबाइल से बिना किसी दलाल के 5 मिनट में यह कार्ड कैसे बनाएं।
🏛️ आधिकारिक पोर्टल व मोबाइल ऐप डायरेक्ट लिंक
कार्ड बनवाने के लिए किसी को पैसे न दें, यह प्रक्रिया सरकार द्वारा 100% निःशुल्क रखी गई है:
- आधिकारिक पोर्टल: beneficiary.nha.gov.in
- आधिकारिक मोबाइल ऐप: Google Play Store से "Ayushman App" (National Health Authority द्वारा विकसित)
- हेल्पलाइन नंबर: 14555 (टोल-फ्री 24x7) या 1800-11-4477
1. काम की बात: आयुष्मान वय वंदना कार्ड क्या है और किन बुजुर्गों को मिलेगा?
डायरेक्ट उत्तर: आयुष्मान वय वंदना कार्ड 70 वर्ष और उससे अधिक आयु के सभी भारतीय नागरिकों के लिए एक विशेष स्वास्थ्य सुरक्षा कार्ड है। इसमें लाभार्थी बुजुर्ग को प्रति वर्ष ₹5 लाख का कैशलेस अस्पताल भर्ती कवर मिलता है। इसमें पहले से मौजूद बीमारियां (Pre-existing diseases जैसे बीपी, शुगर, हार्ट, कैंसर) पहले ही दिन से कवर होती हैं। इसके लिए राशन कार्ड में नाम होना अनिवार्य नहीं है, केवल आधार कार्ड होना पर्याप्त है।
ज़मीनी स्तर पर अक्सर देखा गया है कि 65 से 70 साल की उम्र के बाद प्राइवेट इंश्योरेंस कंपनियां या तो बुजुर्गों को पॉलिसी देने से मना कर देती हैं, या फिर सालाना ₹40,000 से ₹80,000 का भारी-भरकम प्रीमियम मांगती हैं। उसमें भी 20% से 30% को-पेमेंट (Co-payment) और पहले से मौजूद बीमारियों पर 2 से 4 साल का लंबा वेटिंग पीरियड लगा दिया जाता है।
सरकार की इस नई योजना ने देश के 6 करोड़ से अधिक वरिष्ठ नागरिकों को इस मानसिक और वित्तीय तनाव से पूरी तरह मुक्त कर दिया है। इस कार्ड में अस्पताल में भर्ती होने से 3 दिन पहले की जांचें और डिस्चार्ज होने के 15 दिन बाद तक की दवाइयां पूरी तरह पैकेज में शामिल होती हैं।
2. क्या परिवार में पहले से 5 लाख का कार्ड होने पर अलग से ₹5 लाख मिलेंगे?
डायरेक्ट उत्तर: हाँ, बिल्कुल। यदि आपका परिवार पहले से ही सामान्य आयुष्मान भारत योजना में पंजीकृत है और पूरे परिवार को ₹5 लाख का फ्लोटर कवर मिल रहा है, तो 70 वर्ष या उससे अधिक आयु के बुजुर्ग को परिवार के ₹5 लाख के साथ साझा (Share) नहीं करना होगा। उन्हें केवल अपने स्वयं के इलाज के लिए अलग से ₹5 लाख का एक्सक्लूसिव टॉप-अप कवर दिया जाएगा।
इसे एक सीधे और आसान उदाहरण से समझें:
- स्थिति 1 (सामान्य परिवार कार्ड): मान लीजिए आपके परिवार में 5 सदस्य हैं—माता-पिता (उम्र 72 और 68 वर्ष), बेटा, बहू और पोता। अब तक पूरे परिवार के लिए केवल ₹5 लाख का कुल फंड होता था। यदि किसी एक सदस्य की बीमारी में ₹4 लाख खर्च हो जाते थे, तो बाकी सदस्यों के लिए केवल ₹1 लाख बचता था।
- स्थिति 2 (नए नियम के बाद): अब 72 वर्षीय पिता को अलग से **₹5 लाख का वय वंदना कार्ड** मिल जाएगा। परिवार के बाकी 4 सदस्यों के लिए मूल ₹5 लाख का पारिवारिक कवर पहले की तरह सुरक्षित रहेगा। यानी परिवार के पास कुल मिलाकर ₹10 लाख का सालाना स्वास्थ्य कवच उपलब्ध हो जाएगा।
- यदि परिवार में 70+ के दो सदस्य हों: यदि दादा (उम्र 75) और दादी (उम्र 72) दोनों 70 पार हैं, तो उन दोनों बुजुर्गों के बीच यह ₹5 लाख का विशेष सीनियर सिटीजन कवर साझा रहेगा।
3. मोबाइल से 5 मिनट में Ayushman App द्वारा फेस ऑथेंटिकेशन से कार्ड बनाने का तरीका
डायरेक्ट उत्तर: गूगल प्ले स्टोर से "Ayushman App" डाउनलोड करें। "Beneficiary" विकल्प चुनकर अपना मोबाइल नंबर दर्ज करें और ओटीपी से लॉगिन करें। राज्य और योजना में "PMJAY" चुनें, सर्च बाई में "Aadhaar" का चयन करें और बुजुर्ग का 12 अंकों का आधार नंबर भरें। ई-केवाईसी के लिए "Aadhaar Face RD" से चेहरे को कैमरे के सामने स्कैन करें या मोबाइल ओटीपी दर्ज करें। विवरण सत्यापित होते ही तुरंत कार्ड स्क्रीन पर आ जाएगा जिसे पीडीएफ में डाउनलोड कर सकते हैं।
घर बैठे कार्ड बनाने के आसान स्टेप्स:
- स्टेप 1: प्ले स्टोर से दो आधिकारिक ऐप्स इंस्टॉल करें—पहला "Ayushman App" और दूसरा यूआईडीएआई का "AadhaarFaceRD"।
- स्टेप 2: आयुष्मान ऐप खोलें और लॉगिन स्क्रीन पर "Beneficiary" रेडियो बटन पर टिक करें। अपना चालू मोबाइल नंबर डालें और 'Verify' पर दबाकर एसएमएस से आया ओटीपी भरें।
- स्टेप 3: अगले पेज पर अपना राज्य (State) चुनें। स्कीम में PMJAY चुनें और 'Search By' में Aadhaar Number चुनें।
- स्टेप 4: बुजुर्ग का 12 अंकों का आधार नंबर दर्ज करके 'Search' पर क्लिक करें। यदि बुजुर्ग 70 वर्ष के हैं, तो स्क्रीन पर उनका नाम पीले रंग में दिखाई देगा और सामने "e-KYC Pending" लिखा होगा।
- स्टेप 5: 'e-KYC' बटन पर टैप करें। चार विकल्प मिलेंगे—Aadhaar OTP, Fingerprint, IRIS Scan और Face Auth। सबसे आसान तरीका "Face Auth" चुनना है।
- स्टेप 6: बुजुर्ग को रोशनी वाली जगह पर बैठाएं और फोन का फ्रंट कैमरा उनके चेहरे के सामने रखें। स्क्रीन पर हरा गोला बनने पर उन्हें एक बार आंखें झपकाने (Blink) को कहें।
- स्टेप 7: फोटो मैच होते ही उनकी वर्तमान फोटो स्क्रीन पर आ जाएगी। उनका मोबाइल नंबर और पिन कोड दर्ज करें और 'Submit' दबाएं।
- स्टेप 8: 1 मिनट के भीतर कार्ड अप्रूव हो जाएगा और नीचे "Download Card" का विकल्प आ जाएगा। इसे डाउनलोड करके लैमिनेशन करवा लें।
सीएससी या अस्पताल से बनवाने का तरीका: यदि घर पर स्मार्टफोन नहीं है या बुजुर्ग का चेहरा स्कैन नहीं हो पा रहा है, तो नजदीकी सरकारी अस्पताल के 'आयुष्मान भारत हेल्पडेस्क' (Ayushman Mitra) या कॉमन सर्विस सेंटर (CSC) जाएं। वहां ऑपरेटर बिना किसी शुल्क के फिंगरप्रिंट मशीन से कार्ड बना देगा।
4. 5-कॉलम पात्रता, अस्पताल नेटवर्क, बीमारी कवरेज व दस्तावेज चेकलिस्ट टेबल
योजना के सभी नियमों, सीमाओं और अस्पताल सुविधाओं को समझने के लिए यह आधिकारिक मापदंड तालिका देखें:
| मापदंड / श्रेणी | सरकारी नियम व शर्त | आवश्यक दस्तावेज़ | कवरेज व सीमाएं | काम की ज़मीनी टिप |
|---|---|---|---|---|
| आयु सीमा | 70 वर्ष या उससे अधिक (उम्र पूरी होनी चाहिए) | मूल आधार कार्ड (Original Aadhaar) | आधार में जन्म का वर्ष या पूरी तारीख मान्य | यदि आधार में केवल वर्ष लिखा है (जैसे 1956), तो 1 जनवरी 1956 मानकर उम्र गिनी जाती है। |
| आय व संपत्ति सीमा | कोई सीमा नहीं (Zero Income Criteria) | कोई आय प्रमाण पत्र नहीं चाहिए | अमीर, गरीब, पेंशनर सभी समान रूप से पात्र | राशन कार्ड की कोई आवश्यकता नहीं है। सिर्फ आधार ही एकमात्र प्रमाण है। |
| कवर की राशि | ₹5,00,000 प्रति वर्ष (कैशलेस) | आयुष्मान वय वंदना कार्ड की कॉपी | हर साल 1 अप्रैल को ₹5 लाख का फंड रिन्यू होता है | यदि साल भर में कोई क्लेम न हो, तो यह लैप्स हो जाता है, कैरी-फॉरवर्ड नहीं होता। |
| बीमारियों का दायरा | 1,900+ सूचीबद्ध मेडिकल व सर्जिकल पैकेज | डॉक्टर की पर्ची व भर्ती की सलाह | हार्ट सर्जरी, घुटना प्रत्यारोपण, कैंसर, डायलिसिस आदि | डे-केयर सर्जरी (जैसे मोतियाबिंद) भी पूरी तरह कवर हैं, 24 घंटे भर्ती रहना जरूरी नहीं। |
| अस्पताल नेटवर्क | देशभर के 29,000+ इम्पैनल्ड अस्पताल | आयुष्मान कार्ड + फोटो पहचान पत्र | पूरे भारत में पोर्टेबल (किसी भी राज्य में मान्य) | पोर्टल पर "Find Hospital" से पहले ही देख लें कि उस अस्पताल में संबंधित विभाग इम्पैनल्ड है या नहीं। |
5. CGHS, ECHS और रेलवे स्वास्थ्य योजना वाले बुजुर्गों के लिए क्या नियम हैं?
डायरेक्ट उत्तर: यदि कोई वरिष्ठ नागरिक पहले से ही केंद्र सरकार की अन्य सार्वजनिक स्वास्थ्य योजनाओं जैसे सीजीएचएस (CGHS), पूर्व सैनिक स्वास्थ्य योजना (ECHS), या रेलवे स्वास्थ्य सेवा (Railway Medical Scheme) के लाभार्थी हैं, तो उन्हें दोनों में से किसी एक योजना को चुनने का स्पष्ट विकल्प (Option to Choose) दिया गया है। वे या तो अपनी मौजूदा योजना जारी रख सकते हैं या आयुष्मान वय वंदना कार्ड में माइग्रेट कर सकते हैं। दोनों का लाभ एक साथ नहीं लिया जा सकता।
रिटायर्ड कर्मचारियों के लिए सही निर्णय लेने की व्यावहारिक सलाह:
- यदि आप बड़े मेट्रो शहर में रहते हैं: जहाँ सीजीएचएस की अपनी वेलनेस डिस्पेंसरी हैं और बड़े सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल (जैसे मेदांता, अपोलो, मैक्स) सीजीएचएस पैनल पर हैं, तो CGHS जारी रखना ज्यादा फायदेमंद है क्योंकि सीजीएचएस में ओपीडी (OPD) की दवाइयां भी फ्री मिलती हैं, जबकि आयुष्मान में केवल अस्पताल में भर्ती (IPD) होने पर ही कवर मिलता है।
- यदि आप छोटे शहर या गांव में रहते हैं: जहाँ कोई सीजीएचएस या ईसीएचएस पॉलीक्लिनिक नहीं है और इलाज के लिए 100-200 किमी दूर जाना पड़ता है, तो आयुष्मान वय वंदना कार्ड चुनना अधिक समझदारी है क्योंकि आयुष्मान का नेटवर्क कस्बों और जिला स्तर के प्राइवेट अस्पतालों तक फैला हुआ है।
6. प्राइवेट हेल्थ इंश्योरेंस बनाम आयुष्मान वय वंदना: क्या प्राइवेट पॉलिसी बंद कर देनी चाहिए?
डायरेक्ट उत्तर: यदि आपके माता-पिता के पास पहले से कोई प्राइवेट हेल्थ इंश्योरेंस पॉलिसी चल रही है, तो सरकार के इस नियम के अनुसार वे आयुष्मान वय वंदना कार्ड भी पूरी तरह बनवा सकते हैं। प्राइवेट इंश्योरेंस होने से आयुष्मान कार्ड की पात्रता रद्द नहीं होती। हालांकि, विशेषज्ञों की सलाह है कि अपनी चल रही पुरानी प्राइवेट पॉलिसी को तुरंत बंद न करें, बल्कि दोनों को मिलाकर उपयोग करें।
दोनों को एक साथ चलाने की समझदारी भरी रणनीति:
- पहले ₹5 लाख का इलाज आयुष्मान से कराएं: सामान्य सर्जरी, पथरी, मोतियाबिंद, हर्निया या इन्फेक्शन जैसी बीमारियों में आयुष्मान कार्ड का उपयोग करें जिससे प्राइवेट पॉलिसी का 'नो क्लेम बोनस' (NCB) सुरक्षित रहेगा।
- बड़े खर्चों में प्राइवेट पॉलिसी का बैकअप: यदि कोई बहुत बड़ी और जटिल बीमारी (जैसे ऑर्गन ट्रांसप्लांट या गंभीर न्यूरो सर्जरी) आ जाए जिसका बिल ₹15-20 लाख तक पहुंच जाए, तो पहले ₹5 लाख आयुष्मान से और बाकी की राशि अपनी प्राइवेट पॉलिसी से क्लेम की जा सकती है।
- कम प्रीमियम वाला टॉप-अप लें: यदि प्राइवेट पॉलिसी का बेस प्रीमियम बहुत भारी पड़ रहा है, तो बेस कवर को घटाकर ₹5 लाख कर लें और साथ में एक सस्ता 'सुपर टॉप-अप' ले लें। इससे सालाना ₹30,000 से ₹40,000 की सीधी बचत होगी।
7. अस्पताल में कैशलेस भर्ती, पैकेज दरें और क्लेम की जमीनी प्रक्रिया
डायरेक्ट उत्तर: अस्पताल में कैशलेस इलाज कराने के लिए मरीज को भर्ती कराते समय रिसेप्शन पर बने 'आयुष्मान मित्र हेल्पडेस्क' पर अपना आयुष्मान वय वंदना कार्ड और मरीज का आधार कार्ड दिखाना होता है। आयुष्मान मित्र पोर्टल पर मरीज का बायोमेट्रिक सत्यापन करता है और सीधे नेशनल हेल्थ अथॉरिटी से प्री-ऑथराइजेशन (Pre-authorization) अप्रूवल लेता है। मरीज या तीमारदार को अस्पताल में एक भी रुपया एडवांस जमा नहीं करना पड़ता।
अस्पताल में भर्ती के दौरान इन 3 बातों का विशेष ध्यान रखें:
- अस्पताल द्वारा पैसे मांगने पर विरोध करें: सरकारी दिशा-निर्देशों के अनुसार सूचीबद्ध पैकेज में डॉक्टर की फीस, बेड चार्ज, नर्सिंग, जांचें, दवाइयां, भोजन और इम्प्लांट का खर्च सब कुछ शामिल होता है। अस्पताल मरीज से बाहर से दवा लाने या अतिरिक्त पैसे मांगने का हकदार नहीं है।
- डिस्चार्ज स्लिप पर हस्ताक्षर से पहले जांचें: डिस्चार्ज होते समय अस्पताल जो बिल समरी देता है, उसे ध्यान से पढ़ें कि जो इलाज वास्तव में हुआ है, केवल वही पैकेज बुक किया गया है।
- शिकायत निवारण: यदि कोई पैनल वाला अस्पताल आयुष्मान कार्ड लेने से इनकार करे या बहाने बनाए, तो तुरंत अस्पताल परिसर से ही टोल-फ्री नंबर 14555 पर कॉल करें। नेशनल हेल्थ अथॉरिटी की टीम तुरंत अस्पताल प्रशासन से बात करके मरीज को भर्ती कराती है।
8. अगर आधार में उम्र 70 वर्ष से कम दर्ज है या जन्मतिथि गलत है तो क्या करें?
डायरेक्ट उत्तर: आयुष्मान भारत का सर्वर केवल यूआईडीएआई (UIDAI) के आधार डेटाबेस में दर्ज जन्मतिथि को ही स्वीकार करता है। यदि बुजुर्ग की वास्तविक उम्र 70 वर्ष हो चुकी है लेकिन आधार में गलती से 68 या 69 वर्ष दर्ज है, तो सिस्टम उन्हें अपात्र दिखाएगा। इसके समाधान के लिए नजदीकी आधार सेवा केंद्र जाकर वोटर आईडी, पैन कार्ड या मैट्रिकुलेशन सर्टिफिकेट दिखाकर जन्मतिथि को सही कराना होगा।
आधार में उम्र सुधारने की आसान प्रक्रिया:
- मान्य जन्म प्रमाण पत्र: 70+ बुजुर्गों के मामले में पुराना बर्थ सर्टिफिकेट मिलना मुश्किल होता है। ऐसी स्थिति में वोटर आईडी कार्ड (EPIC), पैन कार्ड, या राजपत्रित अधिकारी (Gazetted Officer) द्वारा प्रमाणित यूआईडीएआई का मानक प्रारूप फॉर्म (Standard Certificate Format) मान्य होता है।
- अपडेट का समय: आधार केंद्र पर बायोमेट्रिक फिंगरप्रिंट देकर जन्मतिथि अपडेट कराने के बाद 48 से 72 घंटे में नया आधार जनरेट हो जाता है। आधार अपडेट होते ही उसी दिन आयुष्मान पोर्टल पर कार्ड बनवाया जा सकता है।
9. अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)
Q1. क्या 70+ बुजुर्गों के लिए कोई वेटिंग पीरियड या मेडिकल टेस्ट जरूरी है?
उत्तर: बिल्कुल नहीं। आयुष्मान वय वंदना कार्ड में किसी भी प्रकार का प्री-मेडिकल टेस्ट (Pre-medical checkup) नहीं होता और न ही कोई वेटिंग पीरियड होता है। कार्ड बनते ही उसी दिन से पहले से मौजूद सभी पुरानी व गंभीर बीमारियों का इलाज पूरी तरह शुरू हो जाता है।
Q2. क्या ओपीडी में डॉक्टर को दिखाने और क्लिनिक की दवाइयों का खर्च भी मिलेगा?
उत्तर: नहीं। आयुष्मान भारत योजना मूलतः अस्पताल में भर्ती (In-patient / IPD) और डे-केयर सर्जरी के लिए बनाई गई है। सामान्य सर्दी-जुकाम या ओपीडी में डॉक्टर की फीस इसमें शामिल नहीं होती। हालांकि अस्पताल में भर्ती होने से 3 दिन पहले और डिस्चार्ज के 15 दिन बाद की सभी दवाइयां व जांचें पैकेज में मुफ्त मिलती हैं।
Q3. क्या यह कार्ड केवल अपने गृह राज्य में ही चलेगा या दूसरे राज्यों में भी मान्य है?
उत्तर: यह कार्ड 100% पोर्टेबल (All-India Portable) है। उदाहरण के लिए, यदि बुजुर्ग बिहार या उत्तर प्रदेश के निवासी हैं और वे इलाज के लिए दिल्ली, मुंबई, चेन्नई या बेंगलुरु के किसी भी सूचीबद्ध अस्पताल में जाते हैं, तो वहां भी यह कार्ड पूरी तरह मान्य होगा।
Q4. क्या कार्ड बनवाने के लिए किसी शुल्क या सालाना रिन्यूअल फीस की जरूरत है?
उत्तर: यह पूरी तरह निःशुल्क है। न तो कार्ड बनवाने की कोई फीस है और न ही हर साल रिन्यू कराने का कोई चार्ज। सरकार हर वित्तीय वर्ष में ₹5 लाख का फंड स्वतः एक्टिवेट कर देती है।
10. आयुष्मान मित्र हेल्पडेस्क, 14555 टोल-फ्री व नोडल अस्पताल डायरेक्टरी
यदि कार्ड बनवाने या अस्पताल में कैशलेस इलाज पाने में किसी भी प्रकार की रुकावट आए, तो इन आधिकारिक संपर्क सूत्रों पर तुरंत संपर्क करें:
| हेल्पडेस्क / सेवा का नाम | संपर्क सूत्र / टोल-फ्री नंबर | कार्यप्रणाली व सुविधा |
|---|---|---|
| राष्ट्रीय आयुष्मान कॉल सेंटर | 14555 / 1800-11-4477 | 24 घंटे सातों दिन (हिंदी, अंग्रेजी व क्षेत्रीय भाषाओं में सहायता) |
| अस्पताल खोजक (Hospital Locator) | hospitals.pmjay.gov.in | अपने जिले के सभी सूचीबद्ध प्राइवेट व सरकारी अस्पतालों की लाइव लिस्ट |
| ऑनलाइन शिकायत पोर्टल (Grievance Portal) | cgrms.pmjay.gov.in | अस्पताल द्वारा पैसे मांगने या इलाज से मना करने पर ऑनलाइन शिकायत दर्ज करें |
11. अस्पताल में भर्ती होने पर पैकेज कोड व प्री-ऑथराइजेशन रिजेक्शन से बचने के 4 नियम
डायरेक्ट उत्तर: आयुष्मान भारत के TMS 2.0 (ट्रांजेक्शन मैनेजमेंट सिस्टम) पोर्टल पर प्री-ऑथराइजेशन रिजेक्शन से बचने के लिए अस्पताल में भर्ती होने के 24 घंटे के भीतर 'इमरजेंसी इंटिमेशन' दर्ज कराना अनिवार्य है। डॉक्टर की क्लिनिकल हिस्ट्री में स्पष्ट लिखा होना चाहिए कि मरीज को अस्पताल में भर्ती करके इलाज की सख्त जरूरत है। किसी भी प्री-ऑथराइजेशन क्वेरी का जवाब 12 घंटे के भीतर देने पर क्लेम कभी रिजेक्ट नहीं होता।
ज़मीनी स्तर पर अक्सर देखा गया है कि प्राइवेट अस्पताल के क्लर्क सही मेडिकल पैकेज कोड नहीं चुनते, जिससे राज्य नोडल एजेंसी से क्वेरी लग जाती है। मरीज के परिजनों को इन 4 बातों का ध्यान रखना चाहिए:
- इमरजेंसी एडमिशन नियम: यदि बुजुर्ग को रात में दिल का दौरा, सांस फूलना या अचानक गंभीर स्थिति में अस्पताल लाया जाता है, तो अस्पताल कार्ड अप्रूवल का इंतजार किए बिना तुरंत इलाज शुरू करने के लिए बाध्य है। प्री-ऑथराइजेशन अगले 24 घंटे में भी भेजा जा सकता है।
- पैकेज में दवाओं की पूरी सूची: पैकेज के तहत आईसीयू, वेंटिलेटर, ऑक्सीजन, एंटीबायोटिक्स और सर्जिकल ग्लव्स तक सब कुछ शामिल होता है। अस्पताल अलग से 'कंज्यूमेबल्स' (Consumables) का बिल नहीं बना सकता।
12. राज्यवार अंतर: दिल्ली, पश्चिम बंगाल और ओडिशा के बुजुर्गों के लिए क्या नियम हैं?
डायरेक्ट उत्तर: आयुष्मान भारत योजना केंद्र और राज्यों के 60:40 अनुपात से चलती है। अधिकांश राज्यों में यह पूरी तरह लागू है। जिन राज्यों ने पहले योजना लागू नहीं की थी, वहां केंद्र सरकार ने 70+ बुजुर्गों के लिए विशेष प्रावधान किए हैं। उदाहरण के लिए, ओडिशा और अन्य राज्यों में अब इसे राज्य की स्थानीय योजनाओं के साथ एकीकृत (Integrate) कर दिया गया है ताकि किसी भी बुजुर्ग को लाभ से वंचित न रहना पड़े।