documents ⏱️ 5 मिनट पढ़ें 📅 16 सितंबर 2026

शस्त्र लाइसेंस (Arms License / Gun License) ऑनलाइन आवेदन कैसे करें: NDAL-ALIS पोर्टल, पुलिस जांच व DM नियम पूरी गाइड

अमित कुमार
अमित कुमार
वरिष्ठ विधिक एवं लोक सेवा सलाहकार

विधि स्नातक (LL.B.) और प्रशासनिक नियमों (DoPT, नागरिक अधिकार चार्टर, राजस्व संहिता) के विशेषज्ञ। विगत 8 वर्षों से ई-डिस्ट्रिक्ट सेवाओं, सिविल प्रमाण पत्रों, जाति, आय, निवास, और भूमि रिकॉर्ड प्रक्रियाओं पर प्रामाणिक तथ्य-जांच व विधिक मार्गदर्शन दे रहे हैं।

⚡ त्वरित उत्तर (Quick Answer)

शस्त्र लाइसेंस बनवाने के लिए गृह मंत्रालय के राष्ट्रीय पोर्टल <strong>ndal-alis.gov.in</strong> पर अथवा राज्य के गृह विभाग/ई-डिस्ट्रिक्ट पोर्टल पर ऑनलाइन आवेदन किया जाता है। आवेदन में 'Form A-1' भरा जाता है, जिसमें आत्मरक्षा का ठोस कारण (Threat Perception), आपराधिक इतिहास न होने का हलफनामा, संपत्ति का ब्यौरा (हैसियत) और मेडिकल फिटनेस प्रमाण पत्र (Form S-3) संलग्न किया जाता है। आवेदन के बाद स्थानीय थाना पुलिस और एलआईयू (LIU / CID) आवेदक के चरित्र, पड़ोसियों के बयान और खतरे की गंभीरता की गोपनीय जांच करती है। इसके बाद आवेदक को मान्यता प्राप्त शूटिंग केंद्र से बेसिक आर्म्स ट्रेनिंग सर्टिफिकेट लेना होता है। अंत में जिलाधिकारी (DM) या पुलिस कमिश्नर व्यक्तिगत साक्षात्कार (Interview) लेते हैं। संतुष्ट होने पर 18-अंकों का UIN युक्त डिजिटल शस्त्र लाइसेंस स्वीकृत कर दिया जाता है।

पैरामीटरआधिकारिक विवरण
दस्तावेज़ का नामशस्त्र अनुज्ञप्ति पुस्तिका / लाइसेंस (Arms License Book / Smart Card)
सर्वोच्च नियामक मंत्रालयगृह मंत्रालय (Ministry of Home Affairs - MHA), भारत सरकार
लाइसेंसिंग प्राधिकारीजिलाधिकारी (District Magistrate - DM) / पुलिस आयुक्त (Police Commissioner)
राष्ट्रीय डेटाबेस पोर्टलndal-alis.gov.in (National Database on Arms Licenses)
विशिष्ट पहचान कोडUIN (Unique Identification Number) - 18 अंकों का राष्ट्रीय कोड
अधिकतम शस्त्र सीमा2019 संशोधन के अनुसार एक व्यक्ति अधिकतम 2 हथियार रख सकता है
पात्रता आयुन्यूनतम 21 वर्ष (मानसिक रूप से स्वस्थ, कोई आपराधिक रिकॉर्ड न हो)
वैधता अवधि (Validity)2019 संशोधन के बाद शस्त्र लाइसेंस की वैधता 5 वर्ष कर दी गई है
अनिवार्य प्रशिक्षणअधिकृत शूटिंग रेंज/पुलिस लाइन से शस्त्र संचालन एवं सुरक्षा प्रशिक्षण प्रमाण पत्र अनिवार्य
गृह मंत्रालय (MHA) आधिकारिक कानूनी व्यवस्था: भारत में आग्नेयास्त्र (रिवॉल्वर, पिस्टल, डीबीबीएल, राइफल) रखना कोई मौलिक अधिकार (Fundamental Right) नहीं बल्कि राज्य द्वारा दी जाने वाली एक अत्यधिक विनियमित कानूनी विशेषाधिकार (Privilege) है। आयुध अधिनियम 1959 (Arms Act) और शस्त्र नियमावली 2016 (संशोधित 2019) के अनुसार, एक भारतीय नागरिक अपने जीवन की आत्मरक्षा (Self Defense) अथवा खेल शूटिंग (Sports) हेतु अधिकतम 2 शस्त्र (Maximum 2 Firearms) ही रख सकता है। केंद्रीय गृह मंत्रालय ने शस्त्र लाइसेंसिंग प्रणाली को पारदर्शी बनाने और फर्जी लाइसेंसों पर रोक लगाने हेतु राष्ट्रीय डेटाबेस NDAL-ALIS (ndal-alis.gov.in) अनिवार्य कर दिया है। प्रत्येक वैध लाइसेंस को एक 18-अंकों का विशिष्ट पहचान नंबर (UIN) आवंटित किया जाता है।

1. आयुध अधिनियम 2019 के नए नियम: 2 हथियार सीमा व 5 साल वैधता {#1-नए-संशोधित-नियम}

शस्त्र लाइसेंस (Arms License / Gun License) ऑनलाइन आवेदन कैसे करें: NDAL-ALIS पोर्टल, पुलिस जांच व DM नियम पूरी गाइड
चित्र: शस्त्र लाइसेंस (Arms License / Gun License) ऑनलाइन आवेदन कैसे करें: NDAL-ALIS पोर्टल, पुलिस जांच व DM नियम पूरी गाइड बनवाने की आधिकारिक सरकारी प्रक्रिया एवं आवश्यक दस्तावेजों की वैधानिक गाइड।

संसद द्वारा पारित आयुध (संशोधन) अधिनियम 2019 ने नियमों में महत्वपूर्ण परिवर्तन किए हैं:

  • शस्त्रों की संख्या घटी: पहले एक व्यक्ति अधिकतम 3 हथियार रख सकता था; अब यह सीमा घटाकर अधिकतम 2 हथियार कर दी गई है।
  • वैधता बढ़ाई गई: लाइसेंस नवीनीकरण की अवधि 3 वर्ष से बढ़ाकर 5 वर्ष कर दी गई है।
  • हर्ष फायरिंग पर जेल: शादी-विवाह या धार्मिक जुलूसों में हर्ष फायरिंग (Celebratory Firing) करने पर लाइसेंस तुरंत रद्द होगा और 2 साल तक की जेल व ₹1 लाख का जुर्माना लगेगा।
  • हथियार छीनने या अवैध रखने पर कठोर दंड: अवैध हथियार रखने पर 7 से 14 वर्ष तक का कठोर कारावास।

2. शस्त्र लाइसेंस हेतु आवश्यक पात्रता मापदंड (Eligibility) {#2-पात्रता-मापदंड}

शस्त्र लाइसेंस केवल उन्हीं नागरिकों को जारी किया जाता है जो निम्नलिखित शर्तें पूरी करते हैं:

  1. आयु: आवेदक की आयु कम से कम 21 वर्ष पूरी होनी चाहिए।
  2. मानसिक व शारीरिक सक्षमता: आवेदक मानसिक रूप से स्थिर हो, गंभीर नेत्र दोष से मुक्त हो और नशे का आदी न हो।
  3. आपराधिक पृष्ठभूमि से मुक्त: आवेदक के विरुद्ध आईपीसी/बीएनएस या किसी अन्य कानून के तहत कोई संगीन आपराधिक मुकदमा (विशेषकर हिंसा, दंगा या धोखाधड़ी) दर्ज न हो।
  4. वास्तविक खतरे का साक्ष्य (Genuineness of Threat): आवेदक को यह सिद्ध करना होता है कि उसके जीवन, परिवार या संपत्ति को वास्तव में कोई सुरक्षा खतरा है (जैसे बड़ा कारोबारी, ज्वैलर, बैंक कैशियर, जमींदार, या किसी आपराधिक रंजिश का शिकार)।
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3. अनिवार्य दस्तावेज और मेडिकल फिटनेस (Form S-3) {#3-आवश्यक-दस्तावेज}

आवेदन पत्र के साथ निम्नलिखित औपचारिक दस्तावेज संलग्न करने होते हैं:

  1. पहचान व निवास प्रमाण: आधार कार्ड, पासपोर्ट, वोटर आईडी कार्ड।
  2. आयु प्रमाण पत्र: जन्म प्रमाण पत्र अथवा 10वीं बोर्ड की मार्कशीट।
  3. मेडिकल फिटनेस प्रमाण पत्र (Form S-3): सरकारी जिला अस्पताल के मुख्य चिकित्सा अधिकारी (CMO) द्वारा जारी प्रमाण पत्र, जिसमें दृष्टि (Eyesight), मानसिक संतुलन और शारीरिक फिटनेस प्रमाणित हो।
  4. वित्तीय सक्षमता साक्ष्य: पिछले 3 वर्षों का ITR, सैलरी स्लिप, अथवा राजस्व विभाग द्वारा जारी हैसियत प्रमाण पत्र (Solvency Certificate)।
  5. ₹100 के स्टाम्प पेपर पर नोटरीकृत शपथ पत्र: कोई आपराधिक मुकदमा दर्ज न होने और हर्ष फायरिंग न करने की कानूनी शपथ।
  6. सुरक्षित लॉकर का प्रमाण पत्र: घर में हथियार को बच्चों की पहुंच से दूर रखने हेतु स्टील की तिजोरी/लॉकर (Safe Storage) का बिल या फोटो।
  7. 4 रंगीन पासपोर्ट साइज फोटो।

4. NDAL-ALIS पोर्टल पर ऑनलाइन आवेदन की चरणबद्ध प्रक्रिया {#4-ऑनलाइन-आवेदन-प्रक्रिया}

```mermaid

graph TD

A[गृह मंत्रालय NDAL-ALIS / राज्य पोर्टल पर Form A-1 ऑनलाइन भरना] --> B[मेडिकल फिटनेस Form S-3, हैसियत व शपथ पत्र अपलोड करना]

B --> C[लाइसेंसिंग अथॉरिटी DM / पुलिस कमिश्नर को पत्रावली प्रेषण]

C --> D[स्थानीय थाना पुलिस व LIU द्वारा गुप्त चरित्र व खतरा सत्यापन]

D --> E[मान्यता प्राप्त शूटिंग रेंज से हथियार सुरक्षा व फायरिंग प्रशिक्षण]

E --> F[जिलाधिकारी DM द्वारा व्यक्तिगत साक्षात्कार Interview]

F --> G[18-अंकों का UIN जनरेट व 5 वर्ष हेतु शस्त्र लाइसेंस जारी]

```

  1. पोर्टल खोलें: ndal-alis.gov.in पर जाएं और 'Apply Online' पर क्लिक करें।
  2. श्रेणी का चयन: Category of Applicant में 'Individual' चुनें और Purpose में 'Self Defense' (आत्मरक्षा) चुनें।
  3. हथियार का प्रकार चुनें: आप किस प्रकार का हथियार चाहते हैं—जैसे Revolver / Pistol (हैंडगन) अथवा 12 Bore Gun / DBBL अथवा Rifle
  4. विवरण भरें: आवेदक का पूरा नाम, पता, पेशा, वार्षिक आय, और आत्मरक्षा की आवश्यकता का विस्तृत विवरण।
  5. दस्तावेज अपलोड करें: मेडिकल प्रमाण पत्र, आधार, फोटो और शपथ पत्र पीडीएफ में अपलोड करें।
  6. शुल्क भुगतान: निर्धारित सरकारी आवेदन शुल्क (सामान्यतः ₹1,000 से ₹2,000) का ऑनलाइन चालान भरें।
  7. प्रिंटआउट जमा करें: ऑनलाइन फॉर्म का प्रिंट निकालकर सभी मूल साक्ष्यों के साथ कलेक्ट्रेट स्थित शस्त्र अनुभाग (Arms Section) में जमा करें।

5. पुलिस सत्यापन (Police & LIU Verification) और साक्षात्कार {#5-पुलिस-जांच-व-साक्षात्कार}

शस्त्र लाइसेंस में सबसे निर्णायक भूमिका पुलिस और एलआईयू की होती है:

  • थाना पुलिस जांच: स्थानीय थाने का दरोगा घर आकर देखता है कि आवेदक का मोहल्ले में व्यवहार कैसा है, क्या उसका पड़ोसियों से कोई झगड़ा है, और उसके परिवार का कोई आपराधिक इतिहास तो नहीं है।
  • लोकल इंटेलिजेंस यूनिट (LIU): एलआईयू एक स्वतंत्र गोपनीय रिपोर्ट तैयार करती है कि क्या आवेदक किसी असामाजिक तत्व के संपर्क में है या क्या उसे वास्तव में जान का खतरा है।
  • डीएम का साक्षात्कार (DM Interview): दोनों रिपोर्ट सकारात्मक आने पर जिलाधिकारी (DM) आवेदक को कलेक्ट्रेट में बुलाकर व्यक्तिगत साक्षात्कार लेते हैं। डीएम यह परखते हैं कि आवेदक शांत स्वभाव का है या गुस्सैल, और क्या वह आपातकाल में संयम से हथियार का उपयोग कर सकेगा।

6. अनिवार्य शस्त्र प्रशिक्षण और सेफ लॉकर (Safe Storage) नियम {#6-शस्त्र-प्रशिक्षण-लॉकर}

आयुध नियमावली 2016 के नियम 10 के अनुसार:

  • प्रत्येक नए लाइसेंस धारक को हथियार खरीदने से पहले पुलिस लाइन या गृह मंत्रालय द्वारा अधिकृत शूटिंग रेंज से 'हथियार सुरक्षा प्रशिक्षण (Safe Handling of Firearms)' का कोर्स पूरा करना अनिवार्य है।
  • इसमें हथियार को लोड-अनलोड करना, लॉक लगाना, सफाई करना और आपातकालीन फायरिंग का बुनियादी प्रशिक्षण दिया जाता है।
  • हथियार को घर में हमेशा एक मजबूत ताले वाली अलमारी या इलेक्ट्रॉनिक गन सेफ (Gun Safe Locker) में रखना अनिवार्य है; इसे खुले में या तकिए के नीचे रखना कानूनी अपराध है।

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  • Discover Recommended Image: 1200x675px (16:9), गृह मंत्रालय का आधिकारिक प्रतीक, डिजिटल आर्म्स लाइसेंस स्मार्ट कार्ड का प्रारूप, सुरक्षित गन सेफ लॉकर और कलेक्ट्रेट शस्त्र अनुभाग का दृश्य।

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❓ अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)

Q. लाइसेंस स्वीकृत होने के बाद हथियार कितने दिनों में खरीदना होता है?

A. जिलाधिकारी द्वारा लाइसेंस स्वीकृत होने की तिथि से 2 वर्ष के भीतर आवेदक को किसी अधिकृत सरकारी गन डीलर से नया हथियार खरीदना और उसे लाइसेंस पुस्तिका व पुलिस थाने के रजिस्टर में दर्ज (Endorsement) कराना अनिवार्य होता है। यदि 2 वर्ष में हथियार नहीं खरीदा जाता, तो लाइसेंस स्वतः समाप्त (Lapse) हो जाता है।

Q. क्या एक जिले का शस्त्र लाइसेंस पूरे भारत में मान्य होता है?

A. सामान्यतः जिलाधिकारी केवल अपने जिले (District Validity) अथवा अपने राज्य (State Validity) के लिए ही लाइसेंस जारी करते हैं। यदि किसी व्यापारी या सैन्य अधिकारी को पूरे देश में हथियार ले जाने की आवश्यकता है, तो उसे गृह मंत्रालय (MHA) अथवा राज्य के गृह सचिव को विशेष आवेदन देकर अपने लाइसेंस का अधिकार क्षेत्र 'ऑल इंडिया (All India Validity)' स्वीकृत कराना पड़ता है।

Q. क्या पिता के जीवित रहते या मृत्यु के बाद उनका लाइसेंसी हथियार बेटे के नाम ट्रांसफर हो सकता है?

A. हाँ, पारिवारिक विरासत (Family Heirloom) नीति के तहत यदि पिता की आयु 70 वर्ष से अधिक हो गई है या उनका निधन हो गया है, तो उनका हथियार उनके कानूनी वारिस (पुत्र, पुत्री या पत्नी) के नाम ट्रांसफर हो सकता है। हालांकि, वारिस को भी सामान्य नए आवेदक की तरह मेडिकल, पुलिस जांच और पात्रता की सभी शर्तें पूरी करनी होती हैं।

Q. क्या शस्त्र लाइसेंस (Arms License / Gun License) आवेदन कैसे करें को डिजिलॉकर (DigiLocker) में रखना कानूनी रूप से मान्य है?

A. हाँ, सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम 2000 और आईटी नियम 2016 के नियम 9A के तहत डिजिलॉकर में उपलब्ध डिजिटल दस्तावेज को मूल भौतिक कागजात के बराबर 100% कानूनी मान्यता प्राप्त है।

Q. इस प्रमाण पत्र / कार्ड की आधिकारिक वैधता (Validity) कितने समय की होती है?

A. अधिकांश सरकारी पहचान और सिविल प्रमाण पत्र (जैसे आधार, जन्म, जाति, निवास) आजीवन (Lifetime) मान्य होते हैं, जबकि आय प्रमाण पत्र सामान्यतः 3 वर्ष और ईडब्ल्यूएस 1 वित्तीय वर्ष के लिए मान्य होता है।