महात्मा गाँधी कैसे बन गए राष्ट्रपिता
मोहनदास करम चंद गाँधी (महात्मा गाँधी) भारत के राष्ट्र पिता के नाम से मशहूर है लेकिन क्या कोई जनता है कैसे मोहनदास का बेटा भारत जैसे बड़े देश का राष्ट्र पिता बन गए यह तो सबको पता है गाँधी जी ने बहुत आंदोलन चलाये लेकिन क्या कोई बता सकता महात्मा गाँधी जी का जन्म कब कहा हुआ था कैसे महात्मा गाँधी जी भारत गुलाम होने के बाबजूद बिदेश पढ़ाई करते रहे साथ ही ये भी बतायेगे महात्मा गाँधी जी ने कोन कोन से आंदोजन कब और किस लिए चलाये थे और किसने गांघी जी को मारा था आगे पड़े
महात्मा गाँधी जी का जन्म कब हुआ
जी का जन्म 2 अक्टूबर 1869 को वर्तमान गुजरात राज्य के पोरबंदर जिले के मध्यमवर्गीय परिवार में हुआ था।महात्मा गाँधी जी के पिता का मोहनदास था और उनकी माता का नाम पुतलीबाई थी मध्यबर्गी परिबार होने की बजह से उनके पिता को दूसरे के घेर काम केलिए जाना पड़ता था गाँधी जी अपने पिता की चौथी पत्नी के पुत्र थे शुरुबती शिक्षा गाँधी जी ने पोरबंदर में ही की गाँधी जी छोटे से ही बहुत शर्मीले और सीधे स्वभाव के थे अपनी माता के आदर्शो पर चलते थे
महात्मा गाँधी जी का छात्र जीवन
कक्षा 8 तक की पढ़ाई के बाद 9 बी में दाखिला लेने के लिए गुजरात चले गए पढ़ाई में महात्मा गाँधी जी को ज़्यदा intrest नहीं था सुरु से ही सत्यबादी थे और 12 साल की छोटी उम्र में ना चाहते हुए भी महात्मा गाँधी जी को शादी करनी पड़ी हाईस्कूल की पढ़ाई हो जाने के बाद गाँधी जी बिदेश में पढ़ना चाहते थेl
लेकिन देश अग्रेजो का गुलाम होने की बजह उनको जाने नहीं मिल रहा था लेकिन महात्मा गाँधी कहाँ हार मानने वाले थे बहुत परेशानियों यातनाओ के बाद आखिर कर सफल हो गए और बिदेश जाने मिल गया डिग्री लेने केलिए यूनिवर्सिटी कॉलेज, लन्दन चले गए और वहा कॉलेज की पढ़ाई पूरी जिसमे उनको बहुत परेशानियों का सामना करना पड़ा
महात्मा गाँधी जी के द्वारा चलाये गये आंदोलन
महात्मा गाँधी जी द्वारा चलाये गए प्रमुख आंदोलन जो इस प्रकार है
चंपारण सत्याग्रह आंदोलन
यह आंदोलन गाँधी की अगुवाई में 1917 में शुरू किया गया था यह आंदोलन महात्मा गाँधी जी ने बिर्टिस सर्कार के खिलाफ किया था जिसमे बहुत लोगो की जान गई इसी बीच विद्रोह हो गया जिसके बाद सरे लोग संत पड़ गए और महात्मा गाँधी जी कोआंदोलन बापिस लेना पड़ा।
असहयोग आन्दोलन
असहयोग आन्दोलन गाँधी जी ने 1920 से लेकर 1922 तक चलाया जिसका मुख्य उद्देश्य बिना हिंसा करे आग्रेज के कानूनों को तोडना था जिसमे बहुत परेशानिया आ रही थी जिसके बाद गाँधी जी को आंदोलन बापिस लेना पढ़ा लेकिन इस आंदोलन के बाद गाँधी जी बहुत लोकप्रिय नेता बन गए जिसके बाद इस लड़ाई में देश से बहुत लोग आगे आये।
दलित आंदोलन
यह आंदोलन महात्मा गाँधी जी ने 1933 में चलाया इस आंदोलन के माधयम से गाँधी जी ने देश में फैले छुआछूत दूर करने के लिए चलाया था जिसमे वो कामयाब भी हुए और देश में कुछ हद तक छुआछूत भी कम हो गया गांधी जी ने अखिल भारतीय छुआछूत विरोधी लीग की स्थापना 1932 में की थी।
भारत छोड़ो आंदोलन (1942)
भारत छोड़ो आंदोलन अग्रेजो के खिलाफ चलाया था और इस आंदोलन के माध्यम से बिर्टिस सरकार को चेतावनी दी थी जल्दी भारत को आजद कर दो जिस पर अग्रेजो कोई जबाब नहीं दिया और बिद्रोह बाद जाने के बाद अग्रेजो ने लोगो को मरना सुरु कर बिगड़ते हालत देखर गाँधी जी ने अवज्ञा आंदोलन करो या मारो की शुरुबात की जिसके बाद आजादी की नीव डल गई।
5 साल लड़ाई चलती रही सारे देश में क्रांति आ गई थी लाखो लोग मर रहे जिसके बाद मजबूरन अंग्रेजो को देश स्वत्र करना पड़ा 14 ऑग्सट 1947 को यह खबर आ गई थी की देश आजाद हो गया है 15 औगेस्ट को भारत पूड रूप से आजाद हो गया आजाद होने के बाद पुरे देश में खुशी का माहौल था धीरे धीरे समय बढ़ता गया और देश में लोग मिलजुल के रहने लगे गाँधी जी को भारत का नेतृतभ करने की बजह से देश का राष्ट्रपिता बना दिया गया और गांघी जी भारत में बहुत बड़े नेता बन गए।
महात्मा गाँधी जी की हत्या
आजादी के बाद जब देश में लड़ाई चल रही थी तोह एक सभा में गाँधी जी भी गए थे तो वहा पर गांघी जी ने हिन्दू और मुसलमान एक साथ रहने की की बात कही उनका ही साथी जो नाथूराम गोड़ जो गाँधी के फेसलो से खुश नहीं था उसने और ८ लोगो ने मिलकर योजना बनाई और 30 junbary 1948 में नाथूराम गोड़ ने गाँधी जी को गोली मर दी और गाँधी जी की मर्त्यु हो गई।
जिसके बाद पुरे देश में आशांति फैल गई औरभारत का बिभाजन हो गया लेकिन मरते मरते गाँधी जी शिक्षा दे गए की बिना अहिंसा किये भी लड़ाई जीती जा सकती है उसके बाद तोह गाँधी जी पुरे देश में पूजने लगे और उनको राष्ट्रपिता का दर्जा दिया गया।
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