आधिकारिक परिणाम घोषणा: संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) ने सिविल सेवा (प्रधान) परीक्षा 2026 का लिखित परिणाम आधिकारिक रूप से घोषित कर दिया है। इस प्रतिष्ठित परीक्षा में शामिल हुए लगभग 14,000 अभ्यर्थियों में से कुल 2,526 उम्मीदवारों ने भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS), भारतीय पुलिस सेवा (IPS), भारतीय विदेश सेवा (IFS) और केंद्रीय ग्रुप 'ए' व 'बी' सेवाओं में प्रवेश के अंतिम चरण यानी व्यक्तित्व परीक्षण (इंटरव्यू) के लिए सफलता प्राप्त की है।
UPSC मेन्स 2026 परिणाम: मुख्य बिंदु एवं चयन आंकड़े
संघ लोक सेवा आयोग द्वारा आयोजित सिविल सेवा परीक्षा देश की सबसे चुनौतीपूर्ण बौद्धिक और प्रशासनिक चयन प्रक्रिया मानी जाती है। तीन चरणों—प्रारंभिक परीक्षा, मुख्य परीक्षा और व्यक्तित्व परीक्षण—में विभाजित इस परीक्षा में हर साल लगभग 10 से 12 लाख अभ्यर्थी भाग लेते हैं। मुख्य परीक्षा में कुल 9 विवरणात्मक प्रश्नपत्र (Descriptive Papers) होते हैं, जिनमें से 7 प्रश्नपत्रों के 1750 अंक अंतिम योग्यता सूची में गिने जाते हैं।
आयोग द्वारा 5 नवंबर 2026 को जारी अधिसूचना के अनुसार, इस वर्ष कुल 2,526 उम्मीदवारों को धौलपुर हाउस, नई दिल्ली में आयोजित होने वाले इंटरव्यू के लिए अनंतिम रूप से (Provisionally) पात्र घोषित किया गया है। इन अभ्यर्थियों का चयन लगभग 1,000 से 1,050 अनुमानित प्रशासनिक रिक्तियों के विरुद्ध 1:2.5 के अनुपात में किया गया है। सफल अभ्यर्थियों के रोल नंबर और नामवार सूची आयोग के पोर्टल पर उपलब्ध करा दी गई है।
UPSC सिविल सेवा 2026 मुख्य परिणाम का संक्षिप्त विवरण
- परीक्षा संचालक संस्था: संघ लोक सेवा आयोग (UPSC)
- लिखित मुख्य परीक्षा की तारीख: सितंबर 2026
- परिणाम घोषणा की तारीख: 5 नवंबर 2026
- इंटरव्यू के लिए कुल चयनित अभ्यर्थी: 2,526 उम्मीदवार
- अगला अनिवार्य चरण: विस्तृत आवेदन पत्र (DAF-II) ऑनलाइन सबमिशन
- इंटरव्यू स्थल: UPSC कार्यालय, धौलपुर हाउस, शाहजहां रोड, नई दिल्ली - 110069
- आधिकारिक वेबसाइट: upsc.gov.in एवं upsconline.nic.in
श्रेणीवार अनुमानित कटऑफ, रिक्तियां व चयन अनुपात (5-कॉलम तालिका)
यद्यपि आधिकारिक कटऑफ अंतिम परिणाम जारी होने के बाद ही सार्वजनिक की जाती है, लेकिन प्रश्नपत्रों की कठिनाई के स्तर और पूर्व वर्षों के रुझानों के आधार पर विभिन्न श्रेणियों के लिए मुख्य परीक्षा के अनुमानित कटऑफ और रिक्तियों का विस्तृत विश्लेषण नीचे दी गई 5-कॉलम तालिका में दिया गया है:
| अभ्यर्थी श्रेणी | अनुमानित रिक्तियां | मेन्स अनुमानित कटऑफ (1750 अंक) | इंटरव्यू हेतु चयनित संख्या | अंतिम अनुमानित कटऑफ (2025 अंक) |
|---|---|---|---|---|
| सामान्य (General / Unreserved) | 420 - 440 | 740 - 750 अंक | लगभग 1,020 अभ्यर्थी | 955 - 965 अंक |
| आर्थिक कमजोर वर्ग (EWS) | 100 - 105 | 705 - 715 अंक | लगभग 255 अभ्यर्थी | 920 - 930 अंक |
| अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC Non-Creamy) | 270 - 285 | 710 - 720 अंक | लगभग 680 अभ्यर्थी | 925 - 935 अंक |
| अनुसूचित जाति (SC) | 150 - 160 | 690 - 700 अंक | लगभग 370 अभ्यर्थी | 890 - 905 अंक |
| अनुसूचित जनजाति (ST) | 80 - 85 | 685 - 695 अंक | लगभग 201 अभ्यर्थी | 885 - 895 अंक |
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upsc.gov.in से रिजल्ट PDF डाउनलोड करने का आधिकारिक SOP
अपना परिणाम और रोल नंबर जांचने के लिए आयोग द्वारा निर्धारित सीधा और आधिकारिक तरीका निम्नलिखित है:
- आधिकारिक पोर्टल खोलें: इंटरनेट ब्राउज़र में संघ लोक सेवा आयोग की मुख्य वेबसाइट upsc.gov.in पर जाएं।
- व्हाट्स न्यू / लिखित परिणाम सेक्शन देखें: होमपेज पर दाईं ओर स्क्रॉल हो रहे "What's New" सेक्शन में जाएं अथवा नीचे दिए गए "Written Results" आइकॉन पर क्लिक करें।
- सिविल सेवा मुख्य परीक्षा परिणाम लिंक चुनें: सूची में "Written Result: Civil Services (Main) Examination, 2026" शीर्षक वाले लिंक पर क्लिक करें।
- PDF दस्तावेज डाउनलोड करें: स्क्रीन पर लगभग 15 से 20 पृष्ठों की आधिकारिक PDF फाइल खुलेगी। इस फाइल को अपने सिस्टम या मोबाइल में सुरक्षित डाउनलोड कर लें।
- रोल नंबर सर्च करें (Ctrl + F): फाइल को एक्रोबैट रीडर या ब्राउज़र में खोलें। कीबोर्ड पर Ctrl + F दबाएं और सर्च बॉक्स में अपना 7 अंकों का रोल नंबर सावधानीपूर्वक टाइप करें।
- नामवार सूची का मिलान: आयोग द्वारा रोल नंबर सूची के साथ-साथ नामवार (Name-wise) मेरिट लिस्ट भी जारी की जाती है। यदि आपका रोल नंबर सूची में प्रदर्शित हो रहा है, तो नामवार सूची में अपने नाम और वर्तनी का भी मिलान कर लें।
DAF-II (विस्तृत आवेदन पत्र) भरने की चरण-दर-चरण प्रक्रिया
मुख्य परीक्षा उत्तीर्ण करने वाले प्रत्येक उम्मीदवार के लिए **विस्तृत आवेदन पत्र-II (DAF-II)** भरना अनिवार्य है। यह फॉर्म आपके पूरे व्यक्तित्व, करियर वरीयताओं और पृष्ठभूमि का आईना होता है, जिसके आधार पर इंटरव्यू बोर्ड के सदस्य आपसे प्रश्न पूछते हैं:
- पोर्टल लॉगिन: आयोग के ऑनलाइन आवेदन पोर्टल upsconline.nic.in पर जाएं और "DAF-II for Civil Services Examination 2026" पर क्लिक करें।
- वन टाइम रजिस्ट्रेशन (OTR) क्रेडेंशियल: अपनी OTR आईडी और पासवर्ड से लॉगिन करें तथा पंजीकृत मोबाइल व ईमेल पर प्राप्त ओटीपी दर्ज करें।
- व्यक्तिगत व शैक्षणिक विवरण की समीक्षा: DAF-I में भरी गई जानकारी स्वतः प्रदर्शित होगी। इसमें अपनी उच्च शैक्षणिक डिग्रियों या हाल के पेशेवर अनुभव का विवरण अपडेट करें।
- सेवाओं का वरीयता क्रम (Service Allocation Preference): उपलब्ध 24 से अधिक सिविल सेवाओं (IAS, IFS, IPS, IRS-IT, IRS-Customs, IAAS, IDAS आदि) को अपनी व्यक्तिगत रुचि के आधार पर 1 से 24 तक की प्राथमिकता संख्या दें।
- कैडर वरीयता (Cadre Preference): अखिल भारतीय सेवाओं (IAS एवं IPS) के लिए 5 जोनों में विभाजित 26 राज्यों व केंद्र शासित प्रदेशों के कैडरों का वरीयता क्रम भरें।
- हॉबी एवं पाठ्येतर गतिविधियां (Extracurricular & Hobbies): अपनी वास्तविक हॉबी, खेलकूद, एनसीसी, पुरस्कार और सामाजिक नेतृत्व के अनुभवों को स्पष्टता से दर्ज करें। अतिशयोक्ति या झूठे दावों से बचें क्योंकि बोर्ड गहन क्रॉस-क्वेश्चनिंग करता है।
- दस्तावेज अपलोड व फाइनल सबमिशन: सभी अनिवार्य प्रमाणपत्रों की स्कैन की गई PDF अपलोड करें। फॉर्म का पूर्वावलोकन (Preview) जांचें और अंतिम सबमिट करके रसीद व भरे हुए DAF-II की 3 प्रतियां प्रिंट निकालें।
सेवा एवं कैडर वरीयता (IAS, IPS, IFS) भरने के महत्वपूर्ण नियम
कैडर आवंटन नीति 2017 के तहत देश के सभी राज्यों को 5 जोनों में बांटा गया है। अभ्यर्थियों को प्रत्येक जोन में से कम से कम एक राज्य चुनते हुए अपना संपूर्ण वरीयता क्रम तैयार करना होता है:
कैडर आवंटन के 5 भौगोलिक जोन
- जोन 1 (उत्तरी जोन): एजीएमयूटी (AGMUT - दिल्ली, गोवा, मिजोरम व केंद्र शासित प्रदेश), हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, पंजाब, राजस्थान, उत्तराखंड।
- जोन 2 (मध्य जोन): बिहार, झारखंड, मध्य प्रदेश, ओडिशा, उत्तर प्रदेश।
- जोन 3 (पश्चिमी जोन): गुजरात, महाराष्ट्र, छत्तीसगढ़।
- जोन 4 (दक्षिणी जोन): आंध्र प्रदेश, कर्नाटक, केरल, तमिलनाडु, तेलंगाना।
- जोन 5 (पूर्वोत्तर जोन): असम-मेघालय, मणिपुर, नागालैंड, त्रिपुरा, सिक्किम, पश्चिम बंगाल।
महत्वपूर्ण नियम: यदि कोई अभ्यर्थी किसी सेवा या कैडर के आगे '0' या खाली छोड़ देता है, तो माना जाता है कि वह उस सेवा में जाने का इच्छुक नहीं है। इसलिए सभी उपलब्ध विकल्पों को व्यवस्थित क्रम में भरना चाहिए।
इंटरव्यू के लिए अनिवार्य मूल दस्तावेजों की चेकलिस्ट
धौलपुर हाउस में इंटरव्यू के दिन सुबह सबसे पहले मूल दस्तावेजों का भौतिक सत्यापन किया जाता है। अभ्यर्थियों को निम्नलिखित सभी दस्तावेज मूल (Original) रूप में और 2-2 स्व-प्रमाणित फोटोकॉपी सेट के साथ ले जाना अनिवार्य है:
- जन्मतिथि प्रमाण: 10वीं कक्षा (मैट्रिकुलेशन) का मूल प्रमाणपत्र या अंकसूची जिसमें जन्मतिथि स्पष्ट रूप से अंकित हो।
- शैक्षणिक योग्यता: स्नातक (Graduation) की मूल डिग्री अथवा विश्वविद्यालय द्वारा जारी प्रोविजनल प्रमाणपत्र तथा सभी वर्षों की अंकसूचियां।
- आरक्षण प्रमाणपत्र (यदि लागू हो):
- SC/ST प्रमाणपत्र: सक्षम राजस्व प्राधिकारी (एसडीएम या तहसीलदार) द्वारा जारी निर्धारित प्रारूप में।
- OBC-NCL प्रमाणपत्र: अधिसूचना में उल्लिखित वित्तीय वर्ष के आधार पर जारी वैध नॉन-क्रीमी लेयर प्रमाण।
- EWS प्रमाणपत्र: चालू वित्तीय वर्ष के आय एवं संपत्ति का वैध प्रमाण।
- PwBD प्रमाणपत्र: अधिकृत सरकारी चिकित्सा बोर्ड द्वारा जारी 40% या अधिक दिव्यांगता का प्रमाणपत्र।
- पहचान पत्र: मूल आधार कार्ड, मतदाता पहचान पत्र, पासपोर्ट अथवा ड्राइविंग लाइसेंस।
- पासपोर्ट साइज फोटो: हाल ही में खींची गई 4 रंगीन पासपोर्ट साइज तस्वीरें (वही जो DAF-II में अपलोड की गई हों)।
राज्य स्तरीय पुलिस परीक्षा अपडेट: यूपी पुलिस कांस्टेबल परीक्षा परिणाम और शारीरिक दक्षता टेस्ट नियमों के लिए देखें: UP Police Constable 60,244 Result & DV/PST Physical Test Guide
धौलपुर हाउस इंटरव्यू की संरचना (275 अंक) व मूल्यांकन मानदंड
UPSC का व्यक्तित्व परीक्षण किसी अभ्यर्थी के ज्ञान की परीक्षा नहीं है (ज्ञान की परीक्षा मुख्य परीक्षा में हो चुकी है), बल्कि यह उनके प्रशासनिक स्वभाव, ईमानदारी, संकट प्रबंधन और निर्णय लेने की क्षमता का समग्र आंकलन है:
- बोर्ड की संरचना: इंटरव्यू बोर्ड की अध्यक्षता संघ लोक सेवा आयोग के एक सम्मानीय सदस्य द्वारा की जाती है। उनके साथ 4 अन्य प्रतिष्ठित विषय विशेषज्ञ (सेवानिवृत्त वरिष्ठ आईएएस/आईपीएस अधिकारी, राजनयिक, शिक्षाविद व मनोवैज्ञानिक) शामिल होते हैं।
- समय-सीमा: प्रत्येक अभ्यर्थी का साक्षात्कार सामान्यतः 30 से 45 मिनट तक चलता है।
- मूल्यांकन के मुख्य क्षेत्र:
- बौद्धिक स्पष्टता और तार्किक संवाद क्षमता।
- राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय समसामयिक घटनाओं पर संतुलित और निष्पक्ष दृष्टिकोण।
- दबाव और विपरीत परिस्थितियों में धैर्य तथा शिष्टाचार।
- सामाजिक संवेदनशीलता और संवैधानिक मूल्यों के प्रति अटूट प्रतिबद्धता।
इंटरव्यू की समग्र तैयारी रणनीति एवं अनिवार्य मेडिकल परीक्षण नियम
मुख्य परीक्षा उत्तीर्ण करने के बाद अभ्यर्थियों के पास व्यक्तित्व परीक्षण की तैयारी के लिए सामान्यतः 40 से 60 दिनों का समय होता है। इस अवधि का अधिकतम सदुपयोग सुनिश्चित करने के लिए निम्नलिखित रणनीति अपनाई जानी चाहिए:
1. DAF-केंद्रित तैयारी (DAF Analysis)
साक्षात्कार में 60% से 70% प्रश्न अभ्यर्थी के DAF में भरे गए विवरणों से ही उत्पन्न होते हैं। अपने गृह राज्य (Home State), गृह जिले के इतिहास, संस्कृति, प्रमुख सामाजिक-आर्थिक समस्याओं और पर्यटन स्थलों पर गहन अध्ययन करें। इसके अतिरिक्त अपने स्नातक विषय (Graduation Subject) के मूलभूत सिद्धांतों और उसके वर्तमान प्रशासनिक अनुप्रयोगों पर स्पष्ट समझ विकसित करें।
2. राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय समसामयिक मुद्दों पर संतुलित विचार
विवादास्पद मुद्दों (जैसे चुनाव सुधार, एक देश एक चुनाव, भू-राजनीतिक तनाव, कृत्रिम बुद्धिमत्ता के नैतिक पहलू) पर एकतरफा या उग्र राय देने से बचें। एक सिविल सेवक के रूप में आपका दृष्टिकोण हमेशा संविधान सम्मत, व्यावहारिक और जनहितैषी होना चाहिए। समस्या उठाने के साथ-साथ व्यावहारिक समाधान प्रस्तुत करने की आदत डालें।
3. अनिवार्य मेडिकल परीक्षण (Medical Examination Schedule)
इंटरव्यू समाप्त होने के ठीक अगले दिन सुबह अभ्यर्थियों को नई दिल्ली के निर्धारित केंद्रीय सरकारी अस्पतालों (जैसे सफदरजंग अस्पताल, डॉ. राम मनोहर लोहिया अस्पताल, सुचेता कृपलानी अस्पताल या लोक नायक जय प्रकाश अस्पताल) में मेडिकल फिटनेस टेस्ट के लिए उपस्थित होना होता है:
- दृष्टि परीक्षण (Vision Test): मायोपिया, हाइपरमेट्रोपिया और कलर ब्लाइंडनेस की जांच (IPS और रेलवे सुरक्षा सेवाओं के लिए सख्त दृष्टि मानक लागू होते हैं)।
- शारीरिक माप (Physical Measurements): आईपीएस, दानिप्स और रेलवे सुरक्षा बल हेतु पुरुष अभ्यर्थियों के लिए न्यूनतम ऊंचाई 165 सेमी (ST हेतु 160 सेमी) और छाती 84 सेमी (5 सेमी फुलाव) तथा महिला अभ्यर्थियों के लिए न्यूनतम ऊंचाई 150 सेमी आवश्यक है।
- पैथोलॉजिकल टेस्ट: रक्त, मूत्र, ईसीजी और छाती का एक्स-रे परीक्षण ताकि किसी गंभीर असाध्य रोग की अनुपस्थिति सुनिश्चित की जा सके।
अभ्यर्थियों के सामान्य प्रश्न, तकनीकी अड़चनें व विसंगति समाधान
मेन्स परिणाम के उपरांत सामने आने वाली 5 सबसे गंभीर समस्याओं और उनके आधिकारिक समाधान निम्नलिखित हैं:
समस्या 1: मुख्य परीक्षा का रोल नंबर सूची में न होना (Not Qualified)
समाधान: यदि आपका रोल नंबर 2,526 चयनित अभ्यर्थियों की सूची में नहीं है, तो इसका अर्थ है कि आपके कुल अंक श्रेणीवार कटऑफ सीमा से कम रहे हैं। आयोग मुख्य परीक्षा के अंक अभी जारी नहीं करता। व्यक्तिगत मार्कशीट अंतिम चयन प्रक्रिया (फाइनल रिजल्ट) घोषित होने के बाद ही पोर्टल पर प्रदर्शित की जाएगी।
समस्या 2: DAF-II सबमिशन के समय सर्वर टाइम-आउट या पेमेंट/ओटीपी एरर आना
समाधान: अंतिम 2 दिनों की प्रतीक्षा किए बिना फॉर्म प्रारंभिक दिनों में ही भरें। यदि फॉर्म सबमिट करते समय स्क्रीन फ्रीज हो जाए, तो सिस्टम से लॉग आउट करें, ब्राउज़र की कैशे साफ़ करें और दोबारा लॉगिन करें। यदि समस्या बनी रहे, तो आयोग के तकनीकी सेल (upsc-support@gov.in) पर तत्काल ईमेल भेजकर शिकायत संदर्भ संख्या प्राप्त करें।
समस्या 3: 10वीं के प्रमाणपत्र और ग्रेजुएशन डिग्री में नाम की स्पेलिंग में अंतर होना
समाधान: यह एक सामान्य लिपिकीय त्रुटि है। इसके लिए प्रथम श्रेणी न्यायिक मजिस्ट्रेट (First Class Judicial Magistrate) या नोटरी पब्लिक से एक शपथ पत्र (Affidavit) बनवाएं, जिसमें स्पष्ट लिखा हो कि दोनों दस्तावेजों में उल्लिखित नाम एक ही व्यक्ति के हैं। इंटरव्यू के दिन इस मूल एफिडेविट को साथ रखें।
समस्या 4: क्या मेडिकल या विश्वविद्यालय परीक्षा के कारण इंटरव्यू की तारीख बदली जा सकती है?
समाधान: आयोग अत्यंत विरल और वैध परिस्थितियों में ही तारीख परिवर्तन पर विचार करता है। यदि ऐसी कोई अनिवार्यता है, तो संबंधित विश्वविद्यालय या अस्पताल के प्रामाणिक दस्तावेजों के साथ आयोग के सचिव को लिखित आवेदन स्पीड पोस्ट और ईमेल द्वारा तुरंत भेजें।
समस्या 5: ओबीसी-एनसीएल या ईडब्ल्यूएस प्रमाणपत्र का फॉर्मेट केंद्र सरकार के प्रारूप से अलग होना
समाधान: राज्य सरकार के प्रारूप केंद्रीय सेवाओं में स्वीकार नहीं किए जाते। प्रमाणपत्र पर स्पष्ट रूप से "For appointment to posts under the Government of India" लिखा होना अनिवार्य है। यदि आपका प्रमाणपत्र राज्य प्रारूप में है, तो तत्काल अपने जिला मजिस्ट्रेट या तहसीलदार कार्यालय जाकर केंद्र सरकार के निर्धारित प्रोफार्मा पर नवीन प्रमाणपत्र बनवाएं।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)
प्र. UPSC सिविल सेवा मुख्य परीक्षा 2026 के व्यक्तिगत अंक कब जारी किए जाएंगे?
उ. UPSC के स्थापित नियमों के अनुसार, मुख्य परीक्षा और प्रारंभिक परीक्षा में शामिल सभी अभ्यर्थियों (चयनित और गैर-चयनित दोनों) के प्राप्तांक पत्र (Mark Sheet) और श्रेणीवार आधिकारिक कटऑफ मार्क्स अंतिम परिणाम (इंटरव्यू समाप्त होने के बाद) घोषित होने के 15 दिनों के भीतर पोर्टल पर अपलोड किए जाते हैं।
प्र. क्या DAF-II फॉर्म भरना अनिवार्य है? यदि कोई इसे न भरे तो क्या होगा?
उ. हाँ, मुख्य परीक्षा में सफल प्रत्येक अभ्यर्थी के लिए DAF-II को निर्धारित समय-सीमा के भीतर ऑनलाइन जमा करना 100% अनिवार्य है। यदि कोई उम्मीदवार निर्धारित तिथि तक DAF-II सबमिट नहीं करता है, तो आयोग द्वारा उसकी उम्मीदवारी तत्काल रद्द कर दी जाती है और उसे इंटरव्यू के लिए ई-समन लेटर जारी नहीं किया जाता।
प्र. UPSC इंटरव्यू में कुल कितने अंक होते हैं और क्या इसमें कोई न्यूनतम पासिंग मार्क्स हैं?
उ. सिविल सेवा परीक्षा में पर्सनैलिटी टेस्ट (इंटरव्यू) कुल 275 अंकों का होता है। इसमें कोई न्यूनतम अर्हक या पासिंग मार्क्स निर्धारित नहीं होते हैं। बोर्ड द्वारा दिए गए अंक मुख्य परीक्षा के 1750 लिखित अंकों में जुड़कर कुल 2025 अंकों में से अंतिम अखिल भारतीय रैंक (AIR) निर्धारित करते हैं।
प्र. क्या इंटरव्यू का माध्यम (Medium) मुख्य परीक्षा के माध्यम से अलग चुना जा सकता है?
उ. हाँ, DAF-II में अभ्यर्थियों को यह सुविधा दी जाती है कि वे अपने व्यक्तित्व परीक्षण का माध्यम हिंदी, अंग्रेजी या संविधान की 8वीं अनुसूची में शामिल किसी भी आधिकारिक क्षेत्रीय भाषा में चुन सकते हैं, भले ही उन्होंने मुख्य परीक्षा के निबंध या जीएस पेपर किसी अन्य भाषा में लिखे हों।
प्र. यदि किसी अभ्यर्थी के पास ईडब्ल्यूएस या ओबीसी-एनसीएल का मूल प्रमाणपत्र तय तारीख के बाद का हो तो क्या होगा?
उ. आयोग श्रेणी प्रमाणपत्रों की वैधता को लेकर अत्यंत सख्त है। ओबीसी (नॉन-क्रीमी लेयर) और ईडब्ल्यूएस प्रमाणपत्र प्रारंभिक परीक्षा की अधिसूचना में उल्लिखित वित्तीय वर्ष के अनुरूप ही होना चाहिए। विसंगति होने पर अभ्यर्थी को सामान्य (General) श्रेणी में स्थानांतरित किया जा सकता है या उम्मीदवारी निरस्त की जा सकती है।
प्र. इंटरव्यू के लिए ई-समन पत्र (E-Summon Letter) कब तक डाउनलोड के लिए उपलब्ध होंगे?
उ. DAF-II जमा करने की प्रक्रिया पूरी होने के बाद, आयोग चरणबद्ध रूप से विस्तृत इंटरव्यू कार्यक्रम (Roll Number Wise Schedule) जारी करेगा। संबंधित अभ्यर्थियों के ई-समन पत्र उनके निर्धारित इंटरव्यू की तारीख से लगभग 2 से 3 सप्ताह पूर्व upsc.gov.in पर लाइव कर दिए जाएंगे।
प्र. क्या इंटरव्यू की निर्धारित तारीख या बोर्ड को बदलने का कोई अनुरोध स्वीकार किया जाता है?
उ. सामान्य परिस्थितियों में इंटरव्यू की तारीख, समय या बोर्ड में परिवर्तन का कोई अनुरोध स्वीकार नहीं किया जाता है। केवल गंभीर चिकित्सा आपातकाल या अप्रत्याशित अपरिहार्य परिस्थितियों में ही आयोग के सक्षम प्राधिकारी के विवेकाधिकार पर अत्यंत दुर्लभ मामलों में विचार किया जा सकता है।