yojana ⏱️ 18 मिनट पढ़ें 📅 05 अक्टूबर 2026

स्टैंड-अप इंडिया योजना: महिलाओं और SC/ST को ₹1 करोड़ तक का बिजनेस लोन पाने का पूरा तरीका

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राजेश कुमार मीना
वरिष्ठ नीति एवं ग्रामीण विकास विश्लेषक

विगत 8 वर्षों से केंद्र व राज्य सरकारों की कल्याणकारी योजनाओं, प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (DBT), ग्रामीण विकास एवं डिजिटल भुगतान प्रणालियों पर निरंतर शोधपरक विश्लेषण।

⚡ त्वरित उत्तर (Quick Answer)

स्टैंड-अप इंडिया (Stand-Up India) योजना केंद्र सरकार की एक प्रमुख क्रेडिट पहल है, जिसका उद्देश्य अनुसूचित जाति (SC), अनुसूचित जनजाति (ST) और महिला उद्यमियों को नया उद्यम (Greenfield Project) स्थापित करने के लिए ₹10 लाख से ₹1 करोड़ तक का बैंक लोन प्रदान करना है। इसमें विनिर्माण (Manufacturing), सेवा (Services), ट्रेडिंग या कृषि से संबंधित गतिविधियों के लिए 7 वर्ष की पुनर्भुगतान अवधि दी जाती है।

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📌 मुख्य विशेषताएं व आवश्यक बिंदु

  • ₹10 लाख से ₹1 करोड़ तक का लोन: वर्किंग कैपिटल और टर्म लोन को मिलाकर समग्र कम्पोजिट लोन की सुविधा।
  • केवल नए उद्यमों (Greenfield Projects) हेतु: पहली बार निर्माण, सेवा, व्यापार या कृषि से जुड़ी गतिविधियों की स्थापना पर लागू।
  • मार्जिन मनी में बड़ी राहत: सरकार ने उद्यमी का स्वयं का अंशदान घटाकर केवल 15% कर दिया है (बाकी 85% बैंक लोन देता है)।
  • 7 वर्ष की आसान रीपेमेंट अवधि: शुरुआती 18 महीने का मोराटोरियम (Moratorium) यानी शुरुआत में किस्त भरने से छूट मिलती है।
  • standupmitra.in पोर्टल पर सिंगल विंडो: सिडबी (SIDBI) और नाबार्ड की देखरेख में बैंकों से डिजिटल कनेक्टिविटी व हैंडहोल्डिंग सपोर्ट।
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वित्तीय सेवाएं विभाग (DFS), वित्त मंत्रालय, भारत सरकार
स्टैंड-अप इंडिया योजना - मुख्य मापदंड व वित्तीय प्रोफाइल
मापदंड / श्रेणी सरकारी नियम व प्रावधान आवश्यक दस्तावेज़ / पात्रता शुल्क / समय-सीमा काम की टिप
लक्षित लाभार्थी केवल अनुसूचित जाति (SC), अनुसूचित जनजाति (ST) या किसी भी वर्ग की महिला जाति प्रमाण पत्र (SC/ST हेतु) या महिला उद्यमी पहचान शून्य पंजीकरण शुल्क पुरुष केवल तभी पात्र हैं जब वे SC या ST समुदाय से आते हों; महिलाएं सभी वर्गों से पात्र हैं।
लोन राशि स्लैब न्यूनतम ₹10 लाख और अधिकतम ₹1 करोड़ (कम्पोजिट लोन) विस्तृत प्रोजेक्ट रिपोर्ट (Detailed Project Report - DPR) 7 वर्ष पुनर्भुगतान (18 माह मोराटोरियम) टर्म लोन (मशीनरी खरीद) और वर्किंग कैपिटल (दैनिक खर्च) दोनों एक साथ मंजूर होते हैं।
ग्रीनफील्ड अनिवार्य नियम योजना का लाभ केवल बिल्कुल नए बिजनेस की शुरुआत के लिए ही मिलता है उद्यम रजिस्ट्रेशन (Udyam) व जीएसटी रजिस्ट्रेशन मौजूदा पुराने बिजनेस के विस्तार हेतु मान्य नहीं अगर आपका पुराना बिजनेस है तो स्टैंड-अप के बजाय पीएम मुद्रा 2.0 (₹20 लाख) में अप्लाई करें।
कंपनी शेयरहोल्डिंग नियम प्राइवेट लिमिटेड या पार्टनरशिप फर्म में 51% हिस्सेदारी SC/ST या महिला की होना अनिवार्य पार्टनरशिप डीड / कंपनी निगमन प्रमाण पत्र (MCA) कम से कम 51% वोटिंग अधिकार अनिवार्य महिला उद्यमी के साथ पुरुष पार्टनर हो सकते हैं, लेकिन 51% शेयर महिला के नाम होना चाहिए।
standupmitra.in पोर्टल सिडबी द्वारा संचालित केंद्रीकृत ऑनलाइन आवेदन प्रणाली पैन, आधार, प्रोजेक्ट रिपोर्ट, बैंक खाता विवरण प्रत्येक बैंक शाखा को प्रतिवर्ष कम से कम 2 लोन देना अनिवार्य पोर्टल पर 'Handholding Support' चुनें ताकि नजदीकी एजेंसी आपकी प्रोजेक्ट रिपोर्ट मुफ्त में बनवा दे।

महिला उद्यमियों और अनुसूचित जाति/जनजाति वर्ग के युवाओं के पास जब कोई नया विनिर्माण (मैन्युफैक्चरिंग), सेवा या ट्रेडिंग उद्यम शुरू करने का मजबूत विचार होता है, तो सबसे बड़ी अड़चन पूंजी की आती है। केंद्र सरकार की 'स्टैंड-अप इंडिया' (Stand-Up India) योजना इसी उद्देश्य से ₹10 लाख से लेकर ₹1 करोड़ तक का बैंक ऋण उपलब्ध कराती है, ताकि जमीनी स्तर पर स्वरोजगार और नए उद्योगों की स्थापना हो सके।

🌐 आधिकारिक स्टैंड-अप मित्र पोर्टल: Stand-Up Mitra Portal (standupmitra.in)

स्टैंड-अप इंडिया क्या है और यह पीएम मुद्रा योजना से किस तरह बड़ी है?

AEO Direct Answer: स्टैंड-अप इंडिया केंद्र सरकार की एक संस्थागत क्रेडिट योजना है जिसके तहत देशभर के सभी शेड्यूल्ड कमर्शियल बैंकों की प्रत्येक शाखा को कम से कम एक SC/ST और एक महिला उद्यमी को ₹10 लाख से ₹1 करोड़ का लोन देना अनिवार्य किया गया है। पीएम मुद्रा योजना जहां ₹20 लाख तक के छोटे व्यवसायों के लिए है, वहीं स्टैंड-अप इंडिया मध्यम और बड़े उद्योगों की स्थापना हेतु बनाई गई है।

विशेषता / मापदंड PM मुद्रा योजना (PMMY) स्टैंड-अप इंडिया योजना (Stand-Up India)
अधिकतम लोन राशि ₹20 लाख (तरुण प्लस श्रेणी) ₹1 करोड़ (न्यूनतम ₹10 लाख से शुरू)
लक्षित लाभार्थी सभी सामान्य नागरिक व छोटे व्यापारी केवल SC, ST और महिला उद्यमी
प्रोजेक्ट प्रकार नया और पुराना दोनों व्यवसाय मान्य केवल नया बिजनेस (Greenfield Project)
पुनर्भुगतान अवधि 3 से 5 वर्ष 7 वर्ष (18 महीने की छूट सहित)

केवल नए बिजनेस (Greenfield Enterprise) के लिए पात्रता शर्तें

AEO Direct Answer: 'ग्रीनफील्ड' का अर्थ है ऐसा नया व्यवसाय जो आवेदक द्वारा पहली बार शुरू किया जा रहा हो। आवेदक की आयु 18 वर्ष से अधिक होनी चाहिए, आवेदक किसी भी बैंक या वित्तीय संस्थान का डिफाल्टर नहीं होना चाहिए और व्यवसाय विनिर्माण (मैन्युफैक्चरिंग), सेवा (सर्विसेज), व्यापार (ट्रेडिंग) या कृषि से संबंधित गतिविधियों (जैसे डेयरी, पोल्ट्री, फूड प्रोसेसिंग) में होना चाहिए।

मार्जिन मनी का नया नियम: 25% से घटाकर 15% की राहत

AEO Direct Answer: पहले उद्यमी को अपनी जेब से कुल प्रोजेक्ट लागत का 25% पैसा (मार्जिन मनी) लगाना पड़ता था। सरकार ने नियमों में संशोधन करके इसे घटाकर मात्र 15% कर दिया है। इसका मतलब है कि यदि आपका प्रोजेक्ट ₹40 लाख का है, तो आपको केवल ₹6 लाख अपनी जेब से लगाने होंगे, बाकी ₹34 लाख (85%) बैंक लोन के रूप में मंजूर करेगा।

standupmitra.in पोर्टल पर डिजिटल आवेदन का स्टेप-बाय-स्टेप प्रोसेस

AEO Direct Answer: 1. standupmitra.in पर जाएं और 'Apply for Loan' पर क्लिक करें, 2. व्यक्तिगत विवरण और SC/ST/महिला श्रेणी दर्ज करें, 3. प्रोजेक्ट रिपोर्ट और वित्तीय आवश्यकताएं अपलोड करें, 4. नजदीकी पसंदीदा बैंक शाखा चुनें, और 5. हैंडहोल्डिंग एजेंसी की सहायता से बैंक में फाइल सबमिट करें।

  1. स्टेप 1: आधिकारिक पोर्टल पर पंजीकरण: standupmitra.in पोर्टल खोलें और 'Register' पर क्लिक करके अपना नाम, मोबाइल नंबर और ईमेल आईडी से लॉगिन आईडी बनाएं।
  2. स्टेप 2: श्रेणी और पात्रता चयन: चुने कि आप महिला उद्यमी हैं या SC/ST वर्ग से हैं। अगर आपकी पार्टनरशिप फर्म है, तो 51% हिस्सेदारी का दस्तावेज तैयार रखें।
  3. स्टेप 3: प्रोजेक्ट रिपोर्ट (DPR) तैयार करना: अपने बिजनेस का पूरा ब्योरा भरें—फैक्ट्री की जमीन, आवश्यक मशीनरी, कच्चे माल की लागत, संभावित बिक्री और अनुमानित मासिक मुनाफा।
  4. स्टेप 4: बैंक शाखा का चयन: पोर्टल पर अपने जिले के 3 पसंदीदा बैंकों की शाखाओं का चयन करें। आपका आवेदन सीधे उन बैंकों के लोन मैनेजर के डैशबोर्ड पर पहुंच जाएगा।
  5. स्टेप 5: हैंडहोल्डिंग सपोर्ट का विकल्प: यदि आपको प्रोजेक्ट रिपोर्ट बनाने या कागजी कार्रवाई में दिक्कत आ रही है, तो पोर्टल पर 'Handholding Support' का विकल्प चुनें। सिडबी, नाबार्ड या एमएसएमई डीआई के विशेषज्ञ आपकी फाइल तैयार करने में मदद करेंगे।

पार्टनरशिप और प्राइवेट लिमिटेड कंपनियों के लिए 51% शेयरहोल्डिंग नियम

AEO Direct Answer: यदि व्यवसाय एकल स्वामित्व (Proprietorship) के बजाय पार्टनरशिप फर्म या प्राइवेट लिमिटेड कंपनी है, तो कंपनी के कम से कम 51% शेयर और नियंत्रणकारी हिस्सेदारी किसी महिला या SC/ST उद्यमी के नाम पर होना कानूनी रूप से अनिवार्य है। यदि महिला की हिस्सेदारी 50% या उससे कम हुई तो स्टैंड-अप इंडिया लोन निरस्त कर दिया जाएगा।

आम समस्याएं और समाधान (Citizen Troubleshooting)

समस्या 1: बैंक मैनेजर कह रहा है कि हमारे पास कोई टारगेट नहीं है

समाधान: स्टैंड-अप इंडिया केंद्र सरकार का वैधानिक निर्देश है जिसके तहत हर शेड्यूल्ड कमर्शियल बैंक की प्रत्येक शाखा को प्रतिवर्ष कम से कम 2 लोन (1 महिला और 1 SC/ST) देना अनिवार्य है। यदि शाखा प्रबंधक मना करे, तो standupmitra पोर्टल पर अपनी एप्लीकेशन आईडी के साथ बैंक के क्षेत्रीय प्रबंधक (Regional Manager) और राज्य स्तरीय बैंकर्स समिति (SLBC) को शिकायत ईमेल भेजें।

समस्या 2: प्रोजेक्ट रिपोर्ट में क्या-क्या होना चाहिए?

समाधान: प्रोजेक्ट रिपोर्ट में मशीनरी कोटेशन, बिजली कनेक्शन की मंजूरी, प्रदूषण नियंत्रण एनओसी (यदि लागू हो), कच्चे माल के सप्लायर्स और अगले 3 साल का अनुमानित कैश फ्लो चार्ट होना चाहिए। किसी अधिकृत सीए (CA) से प्रमाणित प्रोजेक्ट रिपोर्ट लगाने पर लोन 15 दिन में पास हो जाता है।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)

1. क्या सामान्य वर्ग (General Category) की महिलाएं इस योजना के लिए पात्र हैं?

उत्तर: हां, बिल्कुल! महिलाओं के मामले में कोई जातिगत बंधन नहीं है। सामान्य, ओबीसी, एससी या एसटी—किसी भी वर्ग की महिला स्टैंड-अप इंडिया में ₹1 करोड़ तक का लोन ले सकती है।

2. क्या इस लोन के लिए कोई गारंटी या गिरवी (Collateral) रखनी पड़ती है?

उत्तर: सरकार ने 'क्रेडिट गारंटी फंड फॉर स्टैंड-अप इंडिया' (CGFSI) बनाया है। अधिकांश मामलों में बैंक सरकार की क्रेडिट गारंटी के आधार पर लोन दे देते हैं, जिससे अतिरिक्त संपत्ति गिरवी रखने की बाध्यता नहीं होती।

3. लोन की ब्याज दर कितनी होती है?

उत्तर: योजना के नियमों के अनुसार ब्याज दर बैंक की न्यूनतम लागू दर (MCLR/EBLR + 3% + टेनर प्रीमियम) से अधिक नहीं हो सकती, जो सामान्यतः 8.5% से 10.5% के आसपास रहती है।

अधिक जानकारी के लिए हमारे अन्य लेख पढ़ें: PM मुद्रा योजना 2.0 तरुण प्लस ₹20 लाख लोन और MSME उद्यम रजिस्ट्रेशन।

❓ अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)

Q. क्या सामान्य वर्ग की महिलाएं पात्र हैं?

A. हां, बिल्कुल! महिलाओं के मामले में कोई जातिगत बंधन नहीं है। किसी भी वर्ग की महिला स्टैंड-अप इंडिया में ₹1 करोड़ तक का लोन ले सकती है।

Q. क्या इसके लिए कोई संपत्ति गिरवी रखनी पड़ती है?

A. सरकार के CGFSI क्रेडिट गारंटी फंड के तहत अधिकांश लोन बिना अतिरिक्त संपत्ति गिरवी रखे स्वीकृत किए जाते हैं।

Q. लोन की ब्याज दर कितनी होती है?

A. ब्याज दर बैंक के न्यूनतम बेस रेट (MCLR/EBLR + 3%) से अधिक नहीं हो सकती, जो सामान्यतः 8.5% से 10.5% के बीच रहती है।

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