अगर आपका सैलरी या सामान्य बचत खाता भारतीय स्टेट बैंक (SBI) में है, तो अब हर महीने एटीएम से पैसे निकालते वक्त ट्रांजैक्शन की गिनती ध्यान में रखनी होगी। बैंक ने दूसरे बैंकों के एटीएम से मुफ्त कैश निकालने की सीमा को 10 से घटाकर 5 कर दिया है। वहीं अगर बेसिक सेविंग्स बैंक डिपॉजिट (BSBD) या जनधन खाता है, तो महीने में चार बार निकासी के बाद पांचवीं बार से हर बार ₹15 और जीएसटी कटेगा। इसके अलावा 15 अक्टूबर से लागू हो रहे यूपीआई मर्चेंट नियमों को लेकर भी कई भ्रांतियां हैं, जिनका सच समझना हर खाताधारक के लिए जरूरी है।
1. SBI ने ATM ट्रांजैक्शन नियमों में क्या बदलाव किया है?
स्टेट बैंक ने सैलरी पैकेज खाताधारकों के लिए दूसरे बैंकों के ATM पर मिलने वाले 10 मुफ्त लेनदेन घटाकर 5 कर दिए हैं। BSBD खातों में 4 फ्री लिमिट के बाद ₹15 प्लस टैक्स का चार्ज लगेगा।
अगर आपकी कंपनी या विभाग का सैलरी अकाउंट SBI में है, तो अब तक आप बड़े आराम से किसी भी बैंक के एटीएम में जाकर महीने में 10 बार तक बिना किसी चार्ज के पैसे निकाल लेते थे। लेकिन अब ऐसा नहीं चलेगा। स्टेट बैंक ने नया सर्कुलर जारी करके साफ कर दिया है कि सैलरी पैकेज वालों को भी अब आम ग्राहकों की तरह दूसरे बैंकों के एटीएम पर केवल 5 बार ही मुफ्त नकद निकालने की छूट मिलेगी। अगर आप दिल्ली, मुंबई, कोलकाता, चेन्नई जैसे 6 बड़े मेट्रो शहरों में रहते हैं, तो दूसरे बैंक के एटीएम पर यह छूट केवल 3 बार ही मिलेगी। इसके बाद हर बार पैसे निकालने पर सीधे ₹20 प्लस जीएसटी आपके खाते से कट जाएगा।
दूसरी बड़ी चोट बेसिक सेविंग्स बैंक डिपॉजिट (BSBD) खातों और जनधन खाताधारकों पर पड़ी है। पहले इन खातों में बैंक शाखा जाकर पैसे निकालने पर कोई सख्ती नहीं थी। लेकिन अब बैंक ने तय किया है कि पूरे महीने में चाहे आप बैंक की शाखा के काउंटर पर जाएं, एटीएम का इस्तेमाल करें या कैश जमा करने वाली मशीन (CDM) से पैसे निकालें—कुल मिलाकर सिर्फ 4 बार ही नकद निकासी फ्री होगी। जैसे ही आप पांचवीं बार कैश निकालेंगे, तुरंत ₹15 और उस पर 18% जीएसटी (यानी कुल ₹17.70) कट जाएगा।
2. 15 अक्टूबर से UPI पेमेंट पर क्या असर पड़ेगा?
आम जनता के लिए UPI हमेशा की तरह फ्री रहेगा। केवल ₹2,000 से अधिक के बड़े मर्चेंट (दुकानदार) पेमेंट्स पर 0.4% तक का मर्चेंट डिस्काउंट रेट (MDR) बैंकों द्वारा लिया जाएगा।
व्हाट्सएप और सोशल मीडिया पर कई दिनों से यह अफवाह उड़ाई जा रही थी कि अब फोनपे या गूगल पे से किसी को पैसे भेजने पर सरकार टैक्स या चार्ज काटेगी। सच यह है कि एक व्यक्ति जब अपने दोस्त, परिवार, मकान मालिक या किसी साथी को पैसे भेजता है, तो उस पर आज भी 1 रुपया भी चार्ज नहीं लगता और आगे भी नहीं लगेगा। यह पूरी तरह फ्री है।
तो फिर 15 अक्टूबर वाला नियम क्या है? दरअसल यह नियम केवल बड़े दुकानदारों और कंपनियों के लिए है। जब आप किसी बड़े मॉल, इलेक्ट्रॉनिक शोरूम, होटल या पेट्रोल पंप पर ₹2,000 से ऊपर का पेमेंट मर्चेंट क्यूआर कोड (P2M) स्कैन करके करेंगे, तो बैंक उस दुकानदार से 0.4% का सर्विस चार्ज (MDR) लेंगे, जो अधिकतम ₹300 तक होगा। यह पैसा दुकानदार के मुनाफे से कटेगा, ग्राहक की जेब से नहीं। इसलिए अगर कोई दुकानदार आपसे कहे कि यूपीआई से पेमेंट करने पर 2% एक्स्ट्रा लगेगा, तो तुरंत मना कर दीजिए क्योंकि यह गैर-कानूनी है।
3. 5-कॉलम डेटा टेबल: बैंक नियम और अतिरिक्त चार्ज
नीचे दी गई अधिकृत तालिका में विभिन्न खाता श्रेणियों पर लागू फ्री लिमिट, उसके बाद लगने वाले शुल्क और उनसे बचने के व्यावहारिक उपाय दर्ज हैं।
| मापदंड / श्रेणी | सरकारी / बैंक नियम | आवश्यक पात्रता | शुल्क / समय-सीमा | काम की टिप |
|---|---|---|---|---|
| SBI सैलरी पैकेज ATM | दूसरे बैंक के ATM पर हर महीने अधिकतम 5 फ्री निकासी। | SBI में एक्टिव सैलरी खाता। | 5 ट्रांजैक्शन के बाद तय चार्ज। | महीने के अंत में सिर्फ SBI के अपने ATM का उपयोग करें। |
| BSBD (बेसिक सेविंग्स) | महीने में केवल 4 कैश विड्रॉल फ्री (ब्रांच + ATM मिलाकर)। | बेसिक बचत खाताधारक। | 4 के बाद ₹15 + GST प्रति विड्रॉल। | कैश की जगह UPI और नेट बैंकिंग से लेन-देन करें। |
| UPI P2M ट्रांजैक्शन | ₹2,000 से बड़े मर्चेंट लेनदेन पर 0.4% MDR (अधिकतम ₹300)। | क्यूआर कोड/मर्चेंट आईडी। | 15 अक्टूबर से लागू। | सामान्य व्यक्ति-से-व्यक्ति (P2P) ट्रांसफर 100% फ्री है। |
| बल्क एफडी दरें | ₹3 करोड़ व उससे ऊपर की जमा दरों का रोज़ सुबह 10 बजे ऑनलाइन प्रकाशन। | सभी संस्थागत/बड़े जमाकर्ता। | 1 अक्टूबर से प्रभावी। | अधिक रिटर्न के लिए सीधे बैंक पोर्टल पर लाइव शीट देखें। |
4. अतिरिक्त चार्ज से बचने के 4 आसान तरीके
एटीएम पेनल्टी से बचने के लिए अपने बैंक के नेटवर्क का उपयोग करें, कैश के बजाय यूपीआई लाइट या रुपे कार्ड चुनें और मिनी स्टेटमेंट के लिए व्हाट्सएप बैंकिंग का प्रयोग करें।
बिना बात के हर महीने ₹100-₹200 का बैंक चार्ज कटने से बचाना चाहते हैं? बस इन 4 आसान बातों को अपनी आदत बना लीजिए:
- सिर्फ SBI का ही एटीएम खोजें: अगर आपका खाता एसबीआई में है, तो सड़क पर चलते हुए किसी भी बैंक के एटीएम में घुसने की जल्दबाजी न करें। अगर आपके खाते में महीने का औसत बैलेंस ₹25,000 से ऊपर रहता है, तो एसबीआई के अपने एटीएम पर आपको असीमित फ्री ट्रांजैक्शन मिलते हैं। इसलिए जब भी संभव हो, सिर्फ एसबीआई एटीएम का ही इस्तेमाल करें।
- बैलेंस चेक करने के लिए एटीएम न जाएं: बहुत से लोग पैसे निकालने से पहले बैलेंस चेक करते हैं और फिर मिनी स्टेटमेंट निकालते हैं। याद रखिए, दूसरे बैंक के एटीएम पर बैलेंस चेक करना भी 1 फ्री ट्रांजैक्शन के रूप में गिन लिया जाता है। बैलेंस चेक करना हो तो अपने फोन से 90226 90226 पर व्हाट्सएप पर 'Hi' भेजें या YONO ऐप खोलें।
- बार-बार छुट्टे पैसे निकालने की आदत छोड़ें: कई लोग हफ्ते में तीन बार ₹500-₹500 निकालने एटीएम पहुंचते हैं। इससे 10 दिन में ही फ्री कोटा खत्म हो जाता है। पूरे महीने के घरेलू खर्च का एक बजट बनाएं और महीने में सिर्फ 1 या 2 बार में ही सारा जरूरी कैश निकाल लें।
- छोटे खर्चों के लिए UPI Lite चलाएं: चाय, पान, ऑटो और सब्जी के ₹10-₹50 के भुगतानों के लिए जेब में नकद रखने की जरूरत ही नहीं है। अपने फोनपे या गूगल पे में UPI Lite एक्टिवेट कर लें। इसमें बिना पिन डाले 1 सेकंड में पेमेंट हो जाता है और बैंक स्टेटमेंट में 50 फालतू की एंट्रीज भी नहीं भरतीं।
5. नागरिक ट्रबलशूटिंग: गलत चार्ज कट जाए तो क्या करें?
यदि बैंक ने फ्री सीमा के भीतर ही गलत चार्ज काट लिया है, तो 24 घंटे के भीतर बैंक के ग्रीवेंस पोर्टल cms.sbi.co.in पर टिकट दर्ज कराएं या 14448 पर शिकायत करें।
कई बार बैंक के कंप्यूटर सिस्टम में गड़बड़ी की वजह से फ्री लिमिट बची होने पर भी पैसे कट जाते हैं। अगर आपके साथ ऐसा हुआ है, तो चुपचाप नुकसान सहने की जरूरत नहीं है। यह 3-स्टेप तरीका अपनाएं:
- ट्रांजैक्शन का मैसेज और स्क्रीनशॉट संभालें: जो मैसेज आपके फोन पर आया है, उसमें देखें कि क्या लिखा है। अगर 'ATM TXN CHG' लिखा है, तो तुरंत अपनी पासबुक या YONO ऐप से स्टेटमेंट डाउनलोड कर लें।
- एसबीआई सीएमएस पर ऑनलाइन टिकट बनाएं: बैंक शाखा जाकर लाइन में लगने की ज़रूरत नहीं है। अपने फोन या कंप्यूटर पर cms.sbi.co.in खोलें। वहां 'Raise Complaint' पर जाकर अपना खाता नंबर डालें। कैटेगरी में 'ATM Related Charges' चुनकर लिख दें कि मेरी फ्री लिमिट बची हुई थी फिर भी चार्ज काटा गया। 48 से 72 घंटे में बैंक की टीम जांच करके पैसा वापस क्रेडिट कर देती है।
- अगर 30 दिन में समाधान न हो तो RBI लोकपाल: अगर बैंक आपकी शिकायत अनसुनी कर दे, तो सीधे रिज़र्व बैंक के पोर्टल (cms.rbi.org.in) पर ऑनलाइन केस दर्ज कर दें। आरबीआई के सख्त नियमों के चलते बैंक को न सिर्फ आपका पैसा लौटाना पड़ेगा, बल्कि देरी होने पर हर्जाना भी देना होगा।
6. अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)
क्या एसबीआई एटीएम से बैलेंस चेक करने पर भी चार्ज कटता है?
एसबीआई के अपने एटीएम पर बैलेंस चेक करना पूरी तरह फ्री है। लेकिन दूसरे बैंकों के एटीएम पर महीने में 5 फ्री ट्रांजैक्शन की सीमा पार होने के बाद बैलेंस चेक करने पर भी ₹8 से ₹10 प्लस जीएसटी का चार्ज काटा जाता है।
क्या 15 अक्टूबर से Google Pay या PhonePe से पैसे भेजने पर चार्ज लगेगा?
बिल्कुल नहीं। सामान्य नागरिक जब अपने दोस्त, रिश्तेदार या किसी अन्य व्यक्ति को बैंक खाते या यूपीआई आईडी पर पैसे भेजते हैं (P2P), तो वह हमेशा की तरह 100% निशुल्क रहेगा। शुल्क केवल ₹2,000 से ऊपर के मर्चेंट पेमेंट्स पर दुकानदारों पर लागू होगा।
जनधन और BSBD खातों में महीने में कितनी बार फ्री नकद निकाल सकते हैं?
बेसिक बचत और जनधन खातों में बैंक शाखा के काउंटर, एटीएम और सीडीएम मशीन मिलाकर एक महीने में अधिकतम 4 बार ही मुफ्त नकद निकासी की अनुमति है। पांचवीं बार से ₹15 + GST प्रति विड्रॉल चार्ज लगेगा।
अगर एटीएम में पैसे नहीं निकले लेकिन खाते से कट गए तो क्या करें?
आरबीआई के नियमों के अनुसार, ऐसे फेल्ड ट्रांजैक्शन का पैसा बैंक को 5 कार्यदिवसों (T+5) के भीतर स्वतः ग्राहक के खाते में वापस करना होता है। यदि 5 दिनों के बाद भी पैसा न आए, तो बैंक को प्रति दिन ₹100 का जुर्माना ग्राहक को देना पड़ता है।