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पुलिस कांस्टेबल भर्ती: फिजिकल टेस्ट में 4.8 किमी दौड़ कैसे निकालें? मानक व कट-ऑफ ट्रेंड्स

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वरुण कश्यप
रक्षा एवं सरकारी भर्ती विश्लेषक

विगत 8 वर्षों से यूपी पुलिस, एसएससी जीडी (SSC GD), रेलवे पुलिस और अर्धसैनिक बलों की चयन प्रक्रियाओं, फिजिकल ट्रेनिंग मानकों और कट-ऑफ एनालिसिस पर निरंतर ग्राउंड रिपोर्टिंग।

⚡ त्वरित उत्तर (Quick Answer)

पुलिस कांस्टेबल भर्ती के फिजिकल टेस्ट (PET/PST) में पुरुष उम्मीदवारों को 25 मिनट में 4.8 किलोमीटर (4800 मीटर यानी 400 मीटर के 12 चक्कर) और महिला उम्मीदवारों को 14 मिनट में 2.4 किलोमीटर (2400 मीटर यानी 6 चक्कर) दौड़ पूरी करनी होती है। दौड़ की टाइमिंग और लैप्स को रिकॉर्ड करने के लिए उम्मीदवार के पैर में इलेक्ट्रॉनिक RFID चिप बांधी जाती है। दौड़ के अलावा सामान्य/ओबीसी/एससी पुरुष के लिए न्यूनतम 168 सेमी हाइट और 79-84 सेमी चेस्ट का विस्तार अनिवार्य है।

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📌 मुख्य विशेषताएं व आवश्यक बिंदु

  • 4.8 किमी रनिंग टाइम टेबल: पुरुष अभ्यर्थियों के लिए 25 मिनट और महिला अभ्यर्थियों के लिए 14 मिनट में 2.4 किमी की क्वालीफाइंग दौड़।
  • आरएफआईडी (RFID) चिप तकनीक: पैर में बंधी डिजिटल चिप मैट पर पैर पड़ते ही मिलीसेकंड का समय और चक्कर गिन लेती है, कोई मानवीय पक्षपात संभव नहीं।
  • शारीरिक मानक (PST): जनरल/ओबीसी/एससी पुरुष वर्ग के लिए न्यूनतम 168 सेमी लंबाई और 5 सेमी का अनिवार्य सीना फुलाव (79 से 84 सेमी)।
  • 30 दिन का स्टैमिना प्लान: पहले 10 दिन धीमी लंबी दौड़, अगले 10 दिन पेस मेंटेनेंस और अंतिम 10 दिन 400 मीटर ट्रैक पर टाइम-ट्रायल स्ट्रैटेजी।
  • डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन (DV) चेकलिस्ट: जाति प्रमाण पत्र, निवास प्रमाण पत्र, 10वीं-12वीं की मूल मार्कशीट और 6 पासपोर्ट साइज फोटो का सेट।
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पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड (Police Recruitment Board)
कांस्टेबल भर्ती शारीरिक मानक (PST) व दक्षता (PET) प्रोफाइल 2026
मापदंड / चरण पुरुष उम्मीदवार (सामान्य/OBC/SC) महिला उम्मीदवार (सामान्य/OBC/SC) एसटी (ST) वर्ग छूट काम की टिप
ऊंचाई (Height) न्यूनतम 168 सेमी (डिजिटल सेंसर द्वारा माप) न्यूनतम 152 सेमी पुरुष: 160 सेमी / महिला: 147 सेमी हाइट नापते समय रीढ़ की हड्डी सीधी रखें और एड़ियां जमीन पर पूरी तरह सटाकर खड़े हों।
सीना (Chest माप) बिना फुलाए 79 सेमी, फुलाकर 84 सेमी (5 सेमी विस्तार) लागू नहीं (Not Applicable) बिना फुलाए 77 सेमी, फुलाकर 82 सेमी दैनिक 40 से 50 पुश-अप्स लगाएं और गहरी सांस रोककर सीना फुलाने की प्रैक्टिस करें।
वजन (Weight) लंबाई व उम्र के बीएमआई (BMI) अनुपात में न्यूनतम 40 किलोग्राम अनिवार्य महिला अभ्यर्थियों के लिए 40 किग्रा अनिवार्य कम वजन वाली लड़कियां डाइट में केला, दूध और दलिया शामिल कर वजन 42-43 किग्रा तक ले जाएं।
दौड़ दूरी व समय (PET) 4.8 किलोमीटर (4800 मीटर) - अधिकतम 25 मिनट 2.4 किलोमीटर (2400 मीटर) - अधिकतम 14 मिनट समान मानक (दौड़ में कोई वर्ग छूट नहीं) शुरुआती 3 चक्कर में तेज न दौड़ें, अपनी सांस और रिदम पर ध्यान केंद्रित रखें।
ट्रैक चक्कर (400m Track) पूरे 12 चक्कर + 400 मीटर मैट क्रॉसिंग पूरे 6 चक्कर + मैट क्रॉसिंग समान चक्कर हर चक्कर के बाद अपनी कलाई में रबर बैंड बदलकर चक्कर की सटीक गिनती रखें।
🎯 यह गाइड किन अभ्यर्थियों के लिए अनिवार्य है?

यूपी पुलिस कांस्टेबल, एसएससी जीडी (SSC GD), बिहार पुलिस, दिल्ली पुलिस और राजस्थान पुलिस की लिखित परीक्षा दे चुके या तैयारी कर रहे अभ्यर्थी, जिन्हें 4.8 किमी या 2.4 किमी फिजिकल रनिंग टेस्ट और डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन (DV/PST) पास करना है।

आधिकारिक भर्ती बोर्ड पोर्टल
उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड (UPPRPB): uppbpb.gov.in
फिजिकल एडमिट कार्ड, ग्राउंड वेन्यू लिस्ट और मानक नियमों की आधिकारिक अधिसूचना यहां देखें।

1. लिखित परीक्षा के बाद फिजिकल का चरण: कौन से उम्मीदवार फिजिकल के लिए बुलाए जाएंगे?

सीधा उत्तर: लिखित परीक्षा की उत्तर कुंजी (Answer Key) और नॉर्मलाइज्ड स्कोर जारी होने के बाद भर्ती बोर्ड कुल रिक्त पदों के लगभग 2.5 से 3 गुना अभ्यर्थियों को मेरिट के आधार पर डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन (DV) और शारीरिक मानक परीक्षण (PST) के लिए बुलाता है। डीवी/पीएसटी पास करने वाले सभी सफल अभ्यर्थियों को अगले ही दिन या निर्धारित तिथि पर शारीरिक दक्षता परीक्षा (PET रनिंग) के ग्राउंड पर भेजा जाता है।

पुलिस भर्ती में लाखों नौजवान लिखित परीक्षा की तैयारी में दिन-रात एक कर देते हैं। लेकिन हकीकत यह है कि हर साल 30% से 40% उम्मीदवार लिखित परीक्षा में 220+ नंबर लाने के बावजूद केवल फिजिकल टेस्ट की दौड़ या चेस्ट नापने के चरण में बाहर हो जाते हैं।

यदि आपने आंसर की मिला ली है और आपके नंबर अपनी कैटेगरी की संभावित कट-ऑफ से 5-10 नंबर ऊपर बन रहे हैं, तो रिजल्ट आने का इंतजार न करें। रिजल्ट और फिजिकल टेस्ट के बीच बोर्ड कभी भी 15 से 20 दिन से ज्यादा का समय नहीं देता। स्टैमिना एक हफ्ते में नहीं बनता; फेफड़ों की क्षमता और पैरों की मांसपेशियों को 4.8 किमी की रगड़ झेलने लायक बनाने में कम से कम एक महीने का पसीना बहाना पड़ता है।

2. शारीरिक मानक परीक्षण (PST): हाइट, चेस्ट और वजन नापने के सख्त नियम

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सीधा उत्तर: शारीरिक मानक परीक्षण (PST) में डिजिटल सेंसरयुक्त उपकरणों से माप ली जाती है। सामान्य/ओबीसी/एससी पुरुष अभ्यर्थियों के लिए न्यूनतम ऊंचाई 168 सेमी तथा सीने की माप बिना फुलाए 79 सेमी और फुलाकर न्यूनतम 84 सेमी (कम से कम 5 सेमी का फुलाव अनिवार्य) होनी चाहिए। महिला अभ्यर्थियों के लिए न्यूनतम ऊंचाई 152 सेमी और वजन न्यूनतम 40 किलोग्राम होना अनिवार्य है।

भर्ती सेंटर पर एंट्री होते ही सबसे पहला चरण पीएसटी (PST) का होता है। अब पहले की तरह लकड़ी के सांचे से हाइट नहीं नापी जाती, बल्कि हाई-टेक डिजिटल अल्ट्रासोनिक स्केल से नाप होती है, जहाँ मिलीमीटर का भी फर्क कंप्यूटर स्क्रीन पर साफ दिखाई देता है:

  • हाइट की माप: जब आप मशीन पर खड़े हों, तो गर्दन झुकाने या ज्यादा तनने की गलती न करें। कंधे सामान्य रखें, नजर सामने रखें और पैरों की एड़ियां फर्श पर चिपकाकर रखें। सिर के पिछले हिस्से को वर्टिकल पोल से सटाकर रखें।
  • सीने का फुलाव (Chest Expansion): कई लड़कों का सीना बिना फुलाए 82 या 84 सेमी होता है, लेकिन वे फुलाने पर केवल 2-3 सेमी ही बढ़ा पाते हैं और रिजेक्ट हो जाते हैं। याद रखें, प्रारंभिक सीना चाहे कितना भी हो, फुलाव पूरे 5 सेमी का होना ही चाहिए। इसके लिए गहरी सांस पेट के बजाय पसलियों में भरने का अभ्यास करें।
  • महिला अभ्यर्थियों का वजन: पुलिस नियमावली के तहत महिला कांस्टेबल के लिए वजन का मानक न्यूनतम 40 किलोग्राम तय है। 39.5 किग्रा वजन होने पर भी बाहर कर दिया जाता है। इसलिए वजन कम होने पर तुरंत अपनी डाइट सुधारें।

3. शारीरिक दक्षता परीक्षा (PET): 25 मिनट में 4.8 किमी (पुरुष) और 14 मिनट में 2.4 किमी (महिला) दौड़

सीधा उत्तर: शारीरिक दक्षता परीक्षा (PET) विशुद्ध रूप से क्वालीफाइंग प्रकृति की होती है, इसके कोई अतिरिक्त नंबर मेरिट में नहीं जुड़ते। पुरुष उम्मीदवारों को 4800 मीटर की दौड़ अधिकतम 25 मिनट 00 सेकंड में और महिला उम्मीदवारों को 2400 मीटर की दौड़ अधिकतम 14 मिनट 00 सेकंड में पूरी करनी होती है। यदि कोई पुरुष 25 मिनट 01 सेकंड में भी फिनिश लाइन पार करता है, तो सिस्टम उसे 'Disqualified' घोषित कर देता है।

यह 100 मीटर की स्प्रिंट नहीं है, यह एक लंबी दूरी की सहनशक्ति दौड़ (Endurance Race) है। 400 मीटर के मानक ग्राउंड पर पुरुष अभ्यर्थियों को कुल 12 चक्कर पूरे करने होते हैं। 12 चक्करों का गणित कुछ इस प्रकार है:

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प्रति चक्कर का आदर्श समय (Pace): 25 मिनट में 12 चक्कर लगाने के लिए हर चक्कर अधिकतम 2 मिनट 05 सेकंड में पूरा होना चाहिए। सुरक्षित रहने के लिए आपका टारगेट 1 मिनट 50 सेकंड प्रति चक्कर होना चाहिए, जिससे आप 22 से 23 मिनट में दौड़ पूरी कर लें।
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महिला अभ्यर्थियों का पेस: 14 मिनट में 6 चक्कर का मतलब है कि हर 400 मीटर का चक्कर 2 मिनट 20 सेकंड के भीतर आना चाहिए।

4. ग्राउंड पर सांस फूलने और स्टैमिना बढ़ाने का 30 दिन का वर्कआउट प्लान

सीधा उत्तर: 30 दिन के प्लान को 3 चरणों में बांटें: दिन 1-10 में बिना घड़ी देखे 5 से 6 किमी धीमी गति से जॉगिंग करें ताकि पैरों की मांसपेशियां मजबूत हों। दिन 11-20 में टेम्पो रनिंग और 800 मीटर के 4 रिपीटिशन करें। दिन 21-30 में हफ्ते में दो बार स्टॉपवॉच लगाकर 400 मीटर ट्रैक पर पूरे 12 चक्कर की टाइम ट्रायल दौड़ लगाएं। दौड़ते समय नाक से सांस लेकर मुंह से हल्की फूंक छोड़कर सांस का संतुलन बनाएं।

अक्सर नए लड़के ग्राउंड पर जाते ही पहले ही दिन 400 मीटर स्प्रिंट मार देते हैं। तीसरे दिन उनके घुटनों और पिंडलियों में इतना दर्द हो जाता है कि वे 10 दिन तक बिस्तर पकड़ लेते हैं। दौड़ने की सही वैज्ञानिक तकनीक अपनाएं:

  1. सप्ताह 1 (फाउंडेशन व एयरोबिक बेस): रोज सुबह 30 से 35 मिनट तक बहुत धीमी गति से लगातार दौड़ें। गति की चिंता न करें, बस पैर चलाते रहें और रुकें नहीं। शाम को 15 मिनट वार्म-अप, कोर एक्सरसाइज (प्लैंक, क्रंचेज) और 50 स्क्वैट्स करें।
  2. सप्ताह 2 (पेस और ब्रीदिंग कंट्रोल): 4 किमी की रनिंग करें। इसमें 1 किमी वार्म अप, फिर 2 किमी मॉडरेट पेस और आखिरी 1 किमी तेज दौड़ें। मुंह खुला रखकर केवल गले से सांस न लें; नाक से गहरी सांस लें और होंठों को गोल करके नियंत्रित गति से कार्बन डाईऑक्साइड बाहर छोड़ें।
  3. सप्ताह 3 (इंटरवल ट्रेनिंग): हफ्ते में 3 दिन 800 मीटर के 4 सेट लगाएं। हर 800 मीटर का सेट 3 मिनट 30 सेकंड में पूरा करें और बीच में 2 मिनट वॉक करके सांस सामान्य करें। यह आपके फेफड़ों की ऑक्सीजन ग्रहण क्षमता (VO2 Max) को दोगुना कर देगा।
  4. सप्ताह 4 (सिमुलेशन व टेस्ट): ग्राउंड पर ठीक उसी समय (जैसे सुबह 8 या 9 बजे जब आपकी भर्ती की दौड़ हो सकती है) 12 चक्कर की पूरी दौड़ लगाएं। हर चक्कर का समय नोट करें और देखें कि किस चक्कर में आपकी स्पीड धीमी हो रही है।

5. पैर में बंधी आरएफआईडी (RFID) चिप कैसे चक्कर और मिलीसेकंड रिकॉर्ड करती है?

सीधा उत्तर: भर्ती बोर्ड द्वारा प्रत्येक अभ्यर्थी के दोनों एंकल्स (टखनों) पर एक वेल्क्रो स्ट्रैप से आरएफआईडी (Radio-Frequency Identification) चिप बांधी जाती है। ट्रैक की शुरुआती रेखा पर इलेक्ट्रॉनिक टाइमिंग मैट्स (Mats) बिछी होती हैं। जब अभ्यर्थी मैट के ऊपर से गुजरता है, तो चिप में लगे एंटीना से सिग्नल मैट के रिसीवर तक जाता है और उसका सटीक सेकंड व मिलीसेकंड कंप्यूटर सर्वर में स्वतः रिकॉर्ड हो जाता है।

फिजिकल टेस्ट में किसी भी तरह की धांधली या मानवीय भूल को खत्म करने के लिए पूरी तरह ऑटोमेटेड आरएफआईडी चिप सिस्टम लागू है। इसके बारे में ये बातें जरूर जान लें:

  • नेट टाइम बनाम गन टाइम: आपका समय तब शुरू नहीं होता जब सीटी बजती है या आगे का लड़का दौड़ता है; आपका समय ठीक उस मिलीसेकंड में शुरू होता है जब आपका पैर टाइमिंग मैट पर पड़ता है। इसलिए पीछे खड़े होने पर घबराएं नहीं और न ही मैट पर कूदने या धक्का-मुक्की करने की कोशिश करें।
  • हर चक्कर में मैट पर पैर रखना अनिवार्य: ग्राउंड के चारों तरफ दौड़ने के बाद जब भी आप अपना चक्कर पूरा करें, तो टाइमिंग मैट के ऊपर से ही गुजरें। यदि आप मैट को लांघकर या किनारे से निकल गए, तो चिप सिग्नल नहीं पकड़ेगी और आपका वह चक्कर कंप्यूटर में काउंट नहीं होगा!
  • चक्कर भूलने की समस्या (Lap Amnesia): दौड़ते समय जब थकान चरम पर होती है, तो दिमाग सुन्न हो जाता है और 7वें या 8वें चक्कर के बाद अभ्यर्थी भूल जाते हैं कि 8 चक्कर हुए या 9। इसके लिए सबसे अचूक देसी नुस्खा: अपनी कलाई में 12 रबर बैंड (रबर के छल्ले) पहनें। जैसे ही एक चक्कर पूरा हो, एक रबर बैंड दूसरी कलाई में सरका लें या नीचे गिरा दें।

6. डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन (DV) में लगने वाले मूल दस्तावेज़ों की पूरी चेकलिस्ट

सीधा उत्तर: डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन के लिए आवश्यक चेकलिस्ट: (1) 10वीं व 12वीं की मूल मार्कशीट व प्रमाण पत्र, (2) निर्धारित कट-ऑफ डेट से पहले का मूल निवास प्रमाण पत्र (Domicile), (3) वित्तीय वर्ष का वैध ओबीसी (नॉन-क्रीमी लेयर) / ईडब्ल्यूएस / एससी / एसटी जाति प्रमाण पत्र, (4) आधार कार्ड व पैन कार्ड, (5) आवेदन फॉर्म का प्रिंटआउट व एडमिट कार्ड, और (6) 6 पासपोर्ट साइज नवीनतम फोटोग्राफ।

दस्तावेज़ सत्यापन (DV) में जरा सी लापरवाही सीधे उम्मीदवारी रद्द करवा सकती है। सभी मूल दस्तावेज़ों के साथ कम से कम 2 सेट स्वप्रमाणित (Self-Attested) फोटोकॉपी जरूर लेकर जाएं:

  • जाति प्रमाण पत्र की वैधता: पुलिस भर्ती बोर्ड विज्ञापन में एक निश्चित समय सीमा तय करता है (जैसे- आवेदन वर्ष के 1 अप्रैल के बाद का बना ओबीसी नॉन-क्रीमी लेयर प्रमाण पत्र)। यदि आपका सर्टिफिकेट उस तारीख के बाद का या पुराना है, तो आपको तुरंत जनरल कैटेगरी में डाल दिया जाएगा।
  • नाम और स्पेलिंग की गलतियां: यदि आपके पिता के नाम या आपके नाम में 10वीं की मार्कशीट और आधार कार्ड में स्पेलिंग का मामूली अंतर (जैसे Singh या Shingh) है, तो परेशान न हों। कचहरी से प्रथम श्रेणी मजिस्ट्रेट या नोटरी से 100 रुपये के स्टांप पेपर पर शपथ पत्र (Affidavit) बनवा लें।
  • एनओसी (NOC): यदि आप पहले से किसी सरकारी विभाग या होमगार्ड/एक्स-सर्विसमैन हैं, तो नियोक्ता से जारी अनापत्ति प्रमाण पत्र (NOC) मूल रूप में प्रस्तुत करना अनिवार्य है।

7. ग्राउंड पर होने वाली 4 घातक गलतियां और उनके समाधान (शिन पेन, डिहाइड्रेशन)

⚠️ रनिंग ग्राउंड पर दौड़ से बाहर होने से बचाने वाले 4 मेडिकल व फिजिकल टिप्स
गलती 1: जूते के नीचे कठोर सोल और सड़क पर तेज दौड़ने से शिन पेन (Shin Splints)

समाधान: कभी भी पक्की डामर सड़क पर स्प्रिंट न मारें। हमेशा मिट्टी के ग्राउंड या घास पर दौड़ें। ऐसे रनिंग शूज चुनें जिनमें ईवा (EVA) कुशनिंग हो। यदि पिंडली की हड्डी में तेज दर्द हो, तो बर्फ से सिकाई करें और सरसों के तेल में लहसुन पकाकर मालिश करें।

गलती 2: दौड़ से ठीक पहले खूब सारा पानी या एनर्जी ड्रिंक पीना

समाधान: दौड़ने से 45 मिनट पहले आधा गिलास पानी पिएं। पेट में पानी हिलने से दौड़ते वक्त पेट के निचले हिस्से में तेज मरोड़ (साइड स्टिच) उठता है और दौड़ना नामुमकिन हो जाता है। मुंह सूखने पर केवल एक घूंट पानी से कुल्ला करके थूकें।

गलती 3: पहले ही चक्कर में आगे निकलने की होड़ में पूरी ताकत झोंक देना

समाधान: 12 चक्कर की दौड़ में पहले 2 चक्कर हमेशा वार्म-अप की तरह मध्यम गति से काटें। जब शरीर का तापमान बढ़ जाए और फेफड़े खुल जाएं, तब 4थे से 10वें चक्कर तक एक समान स्थिर गति (Steady Pace) बनाए रखें। आखिरी 2 चक्कर में अपनी बची हुई पूरी जान झोंकें।

गलती 4: धूप में खड़े रहने से शरीर का खाली पेट सुस्त पड़ जाना

समाधान: अक्सर फिजिकल टेस्ट सुबह 7 बजे शुरू होकर दोपहर 12 बजे तक चलता है। अपने बैग में ओआरएस (ORS) का पानी, 2 केले और भुने हुए चने जरूर रखें। जब आपकी दौड़ का बैच अनाउंस होने में 1 घंटा बचा हो, तब एक केला खा लें ताकि शरीर में तुरंत ग्लूकोज मिल सके।

8. अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)

Q1. क्या पुलिस कांस्टेबल फिजिकल टेस्ट (PET) में कोई नंबर या मेरिट मिलती है?

नहीं। यूपी पुलिस और अधिकांश राज्य पुलिस भर्तियों में शारीरिक दक्षता परीक्षा (रनिंग) पूरी तरह क्वालीफाइंग (Qualifying) होती है। चाहे आप 4.8 किमी की दौड़ 17 मिनट में पूरी करें या 24 मिनट 55 सेकंड में, दोनों को बराबर माना जाता है। अंतिम चयन सूची केवल लिखित परीक्षा में प्राप्त अंकों के आधार पर ही बनती है।

Q2. यदि दौड़ते समय आरएफआईडी चिप खुल जाए या गिर जाए तो क्या होगा?

चिप को बहुत मजबूत वेल्क्रो स्ट्रैप और केबल टाई से बांधा जाता है, इसलिए इसके गिरने की संभावना 0.01% होती है। लेकिन यदि चिप ढीली हो जाए या गिर जाए, तो रुकें नहीं; दौड़ते रहें और मैट पार करते समय हाथ उठाकर तुरंत ट्रैक पर तैनात मार्शल या पीटीआई को सूचित करें। सीसीटीवी कैमरों की रिकॉर्डिंग देखकर ऐसे मामलों में बोर्ड दोबारा मौका या मैनुअल टाइमिंग का लाभ देता है।

Q3. नंगे पैर दौड़ना बेहतर है या जूते पहनकर?

यदि ग्राउंड पूरी तरह साफ मिट्टी या घास का है और आपने पिछले एक महीने से नंगे पैर दौड़ने का अभ्यास किया है, तो आप नंगे पैर दौड़ सकते हैं। लेकिन यदि ट्रैक पर गिट्टी, कंकड़ या कोयले की राख (Cinder Track) है, तो नंगे पैर दौड़ने से पैर में छाले या कट लग सकते हैं। इसलिए हल्के वजन वाले अच्छे रनिंग शूज पहनकर दौड़ना ही सबसे सुरक्षित माना जाता है।

Q4. क्या हाइट या चेस्ट की नाप में अपील करने का अधिकार होता है?

जी हाँ, बिल्कुल! यदि आपको लगता है कि आपकी हाइट 168 सेमी है लेकिन कमेटी ने आपको 167.8 सेमी दिखाकर बाहर कर दिया है, तो उसी समय ग्राउंड पर मौजूद नोडल पुलिस अधीक्षक (SP) या बोर्ड के अध्यक्ष के समक्ष तुरंत लिखित अपील दर्ज करें। उसी दिन वरिष्ठ डॉक्टरों और अधिकारियों के पैनल के सामने आपकी दोबारा डिजिटल माप कराई जाएगी। एक बार ग्राउंड से बाहर जाने के बाद अपील स्वीकार नहीं की जाती।

❓ अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)

Q. क्या पुलिस कांस्टेबल फिजिकल टेस्ट (PET) में कोई नंबर या मेरिट मिलती है?

A. नहीं। शारीरिक दक्षता परीक्षा पूरी तरह क्वालीफाइंग होती है। चाहे आप दौड़ 18 मिनट में पूरी करें या 24 मिनट 50 सेकंड में, दोनों को बराबर माना जाता है। अंतिम मेरिट केवल लिखित परीक्षा के अंकों से बनती है।

Q. यदि दौड़ते समय आरएफआईडी चिप खुल जाए या गिर जाए तो क्या होगा?

A. चिप वेल्क्रो स्ट्रैप से सुरक्षित बंधी होती है। फिर भी यदि चिप गिर जाए, तो रुकें नहीं; दौड़ जारी रखें और मैट पार करते समय मार्शल को सूचित करें। सीसीटीवी फुटेज देखकर बोर्ड उम्मीदवार को दोबारा मौका या समय सत्यापन की सुविधा देता है।

Q. नंगे पैर दौड़ना बेहतर है या जूते पहनकर?

A. ग्राउंड पर कंकड़ या खुरदरे सिंडर ट्रैक होने के जोखिम से बचने के लिए हल्के वजन वाले अच्छे कुशनिंग रनिंग शूज पहनकर दौड़ना ही सबसे सुरक्षित और बेहतर विकल्प है।

Q. क्या हाइट या चेस्ट की नाप में अपील करने का अधिकार होता है?

A. जी हाँ। यदि आपको डिजिटल माप पर संदेह है, तो उसी समय सेंटर इंचार्ज/एसपी के समक्ष लिखित अपील करें। बोर्ड के वरिष्ठ अधिकारियों के पैनल के सामने उसी दिन आपकी दोबारा माप की जाती है।

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