सरकारी भर्ती ⏱️ 14 मिनट पढ़ें 📅 16 सितंबर 2026

MPPSC राज्य सेवा परीक्षा 2026: अधिसूचना, प्रारंभिक व मुख्य परीक्षा का नवीन पैटर्न, संपूर्ण सिलेबस एवं पोस्टवार रणनीति

राजेश त्रिपाठी
राजेश त्रिपाठी
वरिष्ठ करियर एवं भर्ती परामर्शदाता

राजेश त्रिपाठी मध्य प्रदेश लोक सेवा आयोग (MPPSC) एवं राज्य स्तरीय प्रशासनिक परीक्षाओं के जाने-माने विशेषज्ञ हैं, जो पिछले 14 वर्षों से अभ्यर्थियों का मार्गदर्शन कर रहे हैं।

⚡ त्वरित उत्तर (Quick Answer)

MPPSC राज्य सेवा परीक्षा (SSE) 2026 मध्य प्रदेश के सर्वोच्च प्रशासनिक पदों जैसे डिप्टी कलेक्टर, उप पुलिस अधीक्षक (DSP), वाणिज्यिक कर अधिकारी एवं नायब तहसीलदार के चयन हेतु आयोजित त्रि-स्तरीय परीक्षा है। इसमें प्रारंभिक परीक्षा (400 अंक, 2 पेपर, वस्तुनिष्ठ, कोई नकारात्मक अंकन नहीं), मुख्य परीक्षा (1500 अंक, 6 वर्णनात्मक प्रश्नपत्र) और व्यक्तित्व परीक्षण/साक्षात्कार (185 अंक) शामिल हैं। अंतिम चयन मुख्य परीक्षा एवं साक्षात्कार के कुल 1685 अंकों के आधार पर तैयार मेरिट सूची से होता है। किसी भी मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय से स्नातक उत्तीर्ण या अंतिम वर्ष के अभ्यर्थी इसमें आवेदन कर सकते हैं।

📌 मुख्य विशेषताएं व आवश्यक बिंदु

  • प्रारंभिक परीक्षा में 2 प्रश्नपत्र (सामान्य अध्ययन 200 अंक + सामान्य अभिरुचि 200 अंक), परीक्षा में कोई नेगेटिव मार्किंग नहीं।
  • मुख्य परीक्षा में नवीन पैटर्न के तहत 6 प्रश्नपत्र (कुल 1500 अंक) वर्णनात्मक रूप में आयोजित होते हैं।
  • साक्षात्कार (Personality Test) कुल 185 अंकों का होता है, जिससे कुल प्राप्तांक 1685 निर्धारित हैं।
  • प्रारंभिक और मुख्य परीक्षा दोनों में मध्य प्रदेश सामान्य ज्ञान (MP GK) का वेटेज 35% से 40% तक अत्यंत निर्णायक रहता है।

📌 MPPSC राज्य सेवा परीक्षा (SSE) 2026: मुख्य तथ्य एवं अवलोकन तालिका

भर्ती संस्था:मध्य प्रदेश लोक सेवा आयोग (MPPSC), इंदौर
परीक्षा का नाम:राज्य सेवा परीक्षा (State Service Examination - SSE) 2026
सर्वोच्च पद:डिप्टी कलेक्टर (राज्य प्रशासनिक सेवा), उप पुलिस अधीक्षक (राज्य पुलिस सेवा)
न्यूनतम शैक्षणिक अर्हता:किसी भी विषय में स्नातक डिग्री (Final Year वाले भी पात्र)
आयु सीमा (गैर-वर्दीधारी):21 से 40 वर्ष (आरक्षित वर्गों एवं महिला अभ्यर्थियों को 5 वर्ष की छूट)
आयु सीमा (वर्दीधारी DSP):21 से 33 वर्ष (नियमानुसार आरक्षित छूट देय)
चयन के चरण:1. प्रारंभिक परीक्षा (Screening) 2. मुख्य परीक्षा (1500 अंक) 3. साक्षात्कार (185 अंक)
अंतिम मेरिट आधार:मुख्य परीक्षा + साक्षात्कार (कुल 1685 अंक)
आधिकारिक पोर्टल:mppsc.mp.gov.in

📑 विषय सूची (Table of Contents)

1. MPPSC राज्य सेवा परीक्षा 2026: परिचय एवं पद संरचना

मध्य प्रदेश लोक सेवा आयोग (MPPSC) द्वारा प्रत्येक वर्ष आयोजित की जाने वाली राज्य सेवा परीक्षा (State Service Examination - SSE) राज्य की सबसे प्रतिष्ठित प्रतियोगी परीक्षा है। इस परीक्षा के माध्यम से मध्य प्रदेश शासन के विभिन्न प्रशासनिक विभागों में प्रथम श्रेणी एवं द्वितीय श्रेणी राजपत्रित (Gazetted) तथा तृतीय श्रेणी कार्यपालिक अधिकारियों का चयन किया जाता है।

राज्य सेवा परीक्षा के अंतर्गत प्रमुख रूप से निम्नलिखित महत्वपूर्ण संवर्गों के पदों पर भर्तियां की जाती हैं:

  • डिप्टी कलेक्टर (राज्य प्रशासनिक सेवा): अनुविभागीय दंडाधिकारी (SDM) के रूप में कानून व्यवस्था, राजस्व प्रशासन एवं विकास योजनाओं का संचालन।
  • उप पुलिस अधीक्षक - DSP (राज्य पुलिस सेवा): अनुभाग स्तर पर पुलिस बल का नेतृत्व, अपराध नियंत्रण एवं शांति व्यवस्था संधारण।
  • अधीक्षक, जिला जेल: कारागार प्रशासन एवं सुरक्षा व्यवस्था का पर्यवेक्षण।
  • वाणिज्यिक कर अधिकारी (Commercial Tax Officer): राज्य के जीएसटी एवं राजस्व संग्रहण का दायित्व।
  • जिला पंजीयक (District Registrar): स्टाम्प एवं अचल संपत्ति निबंधन विभाग।
  • नायब तहसीलदार: तहसील स्तर पर भूमि नामांतरण, बंटवारा, सीमांकन एवं दंडाधिकारीय दायित्व।
  • मुख्य नगर पालिका अधिकारी (CMO): नगरीय निकायों के प्रशासनिक प्रमुख।
MPPSC सिविल सेवा परीक्षा की एकाग्र तैयारी और संदर्भ अध्ययन
चित्र: मध्य प्रदेश लोक सेवा आयोग (MPPSC) की तैयारी हेतु एकाग्रता, मानक संदर्भ ग्रंथों का अध्ययन और निरंतर अभ्यास अनिवार्य है।

2. पात्रता मानदंड: शैक्षणिक योग्यता, आयु सीमा एवं आरक्षण छूट

MPPSC राज्य सेवा परीक्षा 2026 में सम्मिलित होने हेतु अभ्यर्थियों को आयोग द्वारा निर्धारित निम्नलिखित विहित अर्हताओं को पूर्ण करना अनिवार्य है:

क. शैक्षणिक योग्यता (Educational Qualification)

  • अभ्यर्थी भारत में विधि द्वारा स्थापित किसी भी मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय से किसी भी विषय (Arts, Science, Commerce, Engineering, Medical आदि) में स्नातक (Graduation) उत्तीर्ण होना चाहिए।
  • अंतिम वर्ष के छात्र: जो अभ्यर्थी स्नातक अंतिम वर्ष/अंतिम सेमेस्टर की परीक्षा में सम्मिलित हो रहे हैं, वे भी प्रारंभिक परीक्षा हेतु प्रोविजनल आवेदन कर सकते हैं। हालांकि, मुख्य परीक्षा के आवेदन की अंतिम तिथि तक स्नातक उत्तीर्ण होने की अंकसूची प्रस्तुत करना अनिवार्य होता है।

ख. आयु सीमा एवं छूट नियम (आयु गणना 1 जनवरी 2026 के संदर्भ में)

संवर्ग (Category) गैर-वर्दीधारी पद (Non-Uniformed) वर्दीधारी पद (Uniformed - DSP/Jail) अधिकतम आयु छूट
सामान्य वर्ग (अनारक्षित - पुरुष) 21 से 40 वर्ष 21 से 33 वर्ष कोई छूट नहीं
मध्य प्रदेश के SC / ST / OBC / EWS वर्ग 21 से 45 वर्ष 21 से 38 वर्ष 5 वर्ष की अतिरिक्त छूट
सभी वर्गों की महिला अभ्यर्थी (मध्य प्रदेश मूल निवासी) 21 से 45 वर्ष 21 से 38 वर्ष 5 वर्ष की अतिरिक्त छूट
शासकीय/निगम/मंडल कर्मचारी एवं दिव्यांगजन 21 से 45 वर्ष लागू नियमों के अनुसार 5 वर्ष की विहित छूट
मध्य प्रदेश रोजगार पंजीयन अनिवार्यता: अन्य राज्यों के अभ्यर्थियों को प्रारंभिक आवेदन के समय मध्य प्रदेश रोजगार कार्यालय में जीवित पंजीयन की आवश्यकता से माननीय उच्च न्यायालय के आदेशानुसार छूट दी गई है, किंतु मध्य प्रदेश के मूल निवासियों के पास समग्र आईडी आधारित जीवित पंजीयन होना अनिवार्य है।

3. प्रारंभिक परीक्षा (Prelims): स्वरूप, दोनों पेपर एवं मार्किंग सिस्टम

प्रारंभिक परीक्षा केवल एक स्क्रीनिंग (छंटनी) परीक्षा है। इसके प्राप्तांक अंतिम चयन मेरिट में नहीं जोड़े जाते हैं, किंतु मुख्य परीक्षा में प्रवेश का यही एकमात्र प्रवेश द्वार है।

प्रश्नपत्र विषय (Subject) प्रश्नों की संख्या पूर्णांक (Marks) समय अवधि प्रकृति (Nature)
प्रथम प्रश्नपत्र (Paper 1) सामान्य अध्ययन (General Studies) 100 प्रश्न (वस्तुनिष्ठ OMR) 200 अंक (प्रत्येक 2 अंक) 2 घंटे (प्रातः 10 से 12) मेरिट निर्धारक (राज्य प्रशासनिक सेवा हेतु)
द्वितीय प्रश्नपत्र (Paper 2) सामान्य अभिरुचि परीक्षण (CSAT) 100 प्रश्न (वस्तुनिष्ठ OMR) 200 अंक (प्रत्येक 2 अंक) 2 घंटे (अपराह्न 2:15 से 4:15) क्वालिफाइंग (न्यूनतम 40%, SC/ST/OBC हेतु 30%)

प्रारंभिक परीक्षा के मुख्य नियम:

  1. कोई नकारात्मक अंकन नहीं (No Negative Marking): MPPSC की प्रारंभिक परीक्षा में गलत उत्तर देने पर कोई अंक नहीं काटा जाता। इसलिए अभ्यर्थियों को सभी 100 प्रश्नों के उत्तर अनिवार्य रूप से हल करने चाहिए।
  2. राज्य वन सेवा के अभ्यर्थियों हेतु विशेष नियम: जो अभ्यर्थी राज्य सेवा के साथ-साथ राज्य वन सेवा (Forest Service) हेतु भी आवेदन करते हैं, उनकी प्रारंभिक मेरिट दोनों पेपरों (पेपर 1 + पेपर 2 = 400 अंक) के योग से बनती है।

4. मध्य प्रदेश सामान्य ज्ञान (MP Special GK) का निर्णायक वेटेज

MPPSC की प्रारंभिक एवं मुख्य दोनों ही परीक्षाओं में सफलता की कुंजी मध्य प्रदेश विशेष सामान्य ज्ञान पर आपकी मजबूत पकड़ है। विगत 5 वर्षों के प्रश्नपत्रों के सूक्ष्म विश्लेषण से यह स्पष्ट होता है कि प्रारंभिक परीक्षा के प्रथम प्रश्नपत्र (GS-1) के 100 प्रश्नों में से 35 से 42 प्रश्न सीधे मध्य प्रदेश संदर्भ से पूछे जाते हैं।

MP GK के प्रमुख उच्च-प्राथमिकता वाले टॉपिक:

  • मध्य प्रदेश का इतिहास, संस्कृति एवं साहित्य: प्रमुख राजवंश (गोंड, होल्कर, सिंधिया, चंदेल, परमार), स्वतंत्रता आंदोलन में MP का योगदान, जनजातीय व्यक्तित्व (टंट्या भील, भीमा नायक, रानी दुर्गावती), लोक नृत्य, लोक नाट्य, प्रमुख मेले एवं पर्व।
  • मध्य प्रदेश का भूगोल: वन संपदा, राष्ट्रीय उद्यान एवं अभयारण्य, नर्मदा, चंबल, बेतवा आदि नदी अपवाह तंत्र, प्रमुख बहुउद्देशीय सिंचाई परियोजनाएं, खनिज संसाधन एवं जलवायु।
  • मध्य प्रदेश की राज्य व्यवस्था एवं अर्थव्यवस्था: पंचायती राज व्यवस्था, 73वां संविधान संशोधन, मध्य प्रदेश विधानसभा, राज्यपाल, उच्च न्यायालय, जनसांख्यिकी (जनगणना 2011), प्रमुख कल्याणकारी योजनाएं एवं औद्योगिक परिदृश्य।
  • मध्य प्रदेश की जनजातियां: भील, गोंड, बैगा, सहरिया, भारिया की सामाजिक संरचना, विवाह पद्धतियां, उपजातियां एवं उनके विशिष्ट सांस्कृतिक रीति-रिवाज।

5. मुख्य परीक्षा (Mains): नवीन पाठ्यक्रम एवं 6 प्रश्नपत्रों का विश्लेषण

MPPSC मुख्य परीक्षा कुल 1500 अंकों की होती है, जिसमें कुल 6 पारंपरिक वर्णनात्मक (Descriptive) प्रश्नपत्र आयोजित किए जाते हैं। सभी प्रश्नपत्रों में उत्तर हस्तलिखित रूप से उत्तर-पुस्तिका (Question-cum-Answer Booklet) में शब्द सीमा के भीतर लिखने होते हैं।

प्रश्नपत्र विषय वस्तु (Subjects Covered) पूर्णांक समय माध्यम
प्रथम प्रश्नपत्र (GS Paper 1) इतिहास एवं भूगोल (खंड अ: इतिहास 150 अंक, खंड ब: भूगोल 150 अंक) 300 अंक 3 घंटे हिंदी अथवा अंग्रेजी
द्वितीय प्रश्नपत्र (GS Paper 2) राजनीति, अर्थशास्त्र एवं समाजशास्त्र (खंड अ: संविधान/शासन, खंड ब: समाजशास्त्र) 300 अंक 3 घंटे हिंदी अथवा अंग्रेजी
तृतीय प्रश्नपत्र (GS Paper 3) विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी तथा आधुनिक तकनीक 300 अंक 3 घंटे हिंदी अथवा अंग्रेजी
चतुर्थ प्रश्नपत्र (GS Paper 4) दर्शनशास्त्र, मनोविज्ञान एवं लोक प्रशासन में नैतिकता (Ethics) एवं केस स्टडी 300 अंक 3 घंटे हिंदी अथवा अंग्रेजी
पंचम प्रश्नपत्र (Paper 5) सामान्य हिंदी एवं व्याकरण (संधि, समास, मुहावरे, संक्षेपण, पल्लवन) 200 अंक 2 घंटे केवल हिंदी
षष्ठम प्रश्नपत्र (Paper 6) हिंदी निबंध लेखन, प्रारूप लेखन एवं समसामयिक विषय 100 अंक 2.5 घंटे केवल हिंदी

6. मुख्य परीक्षा उत्तर लेखन कला: 20 शब्द, 50 शब्द एवं दीर्घ उत्तरीय प्रारूप

मुख्य परीक्षा में केवल ज्ञान का होना पर्याप्त नहीं है, बल्कि निर्धारित समय में सटीक और प्रभावशाली उत्तर प्रस्तुत करना ही रैंक तय करता है। MPPSC के नवीन प्रश्न प्रारूप में शब्द सीमाओं का कड़ाई से पालन करना अनिवार्य है:

उत्तर लेखन के तीन प्रमुख प्रारूप:

  1. अति लघु उत्तरीय प्रश्न (Very Short Answers - 20 शब्द / 2 अंक):

    इनमें कोई भूमिका या निष्कर्ष नहीं लिखना होता। सीधे 2 से 3 बुलेट पॉइंट्स में तथ्यात्मक जानकारी दें। उदाहरण: यदि पूछा जाए कि 'भीमा नायक' कौन थे? तो लिखें: 1. 1857 की क्रांति के निमाड़ क्षेत्र के महानायक, 2. ब्रिटिश सरकार द्वारा 'निमाड़ का रॉबिनहुड' उपनाम, 3. पोर्ट ब्लेयर (अंडमान) में शहादत।

  2. लघु उत्तरीय प्रश्न (Short Answers - 50 शब्द / 7 अंक):

    1 पंक्ति की परिचयात्मक शुरुआत, मुख्य भाग में 4-5 व्यवस्थित बिंदु, आवश्यकतानुसार छोटा फ्लोचार्ट या रेखाचित्र, और 1 पंक्ति का सारगर्भित निष्कर्ष।

  3. दीर्घ उत्तरीय प्रश्न (Long Answers - 200 शब्द / 10 या 11 अंक):

    संतुलित संरचना अनिवार्य है। 15% प्रस्तावना, 70% विश्लेषणात्मक मुख्य भाग (पक्ष, विपक्ष, संवैधानिक/कानूनी प्रावधान, मध्य प्रदेश का प्रासंगिक उदाहरण), और 15% भविष्योन्मुखी समाधानकारी निष्कर्ष।

7. व्यक्तित्व परीक्षण/साक्षात्कार (185 अंक) एवं अंतिम मेरिट निर्माण

मुख्य परीक्षा में सफल अभ्यर्थियों को आयोग के इंदौर स्थित मुख्यालय में साक्षात्कार हेतु आमंत्रित किया जाता है।

  • साक्षात्कार का पूर्णांक: कुल 185 अंक।
  • उद्देश्य: यह ज्ञान की पुनः परीक्षा नहीं है, बल्कि अभ्यर्थी की प्रशासनिक अभिरुचि, निर्णय क्षमता, मानसिक सजगता, सत्यनिष्ठा, नेतृत्व गुण और दबाव में शांत रहने की क्षमता का परीक्षण है।
  • कुल मेरिट योग: 1500 (मुख्य परीक्षा) + 185 (साक्षात्कार) = कुल 1685 अंक
  • इस 1685 अंकों में से प्राप्त अंकों के आधार पर अंतिम राज्य स्तरीय संवर्गवार मेरिट सूची घोषित की जाती है, जिसके आधार पर डिप्टी कलेक्टर एवं डीएसपी जैसे पदों का आवंटन होता है।

8. अनुशंसित प्रमाणिक पुस्तकें एवं अध्ययन सामग्री की संपूर्ण सूची

बाजार में उपलब्ध भ्रामक और निम्न-स्तरीय गाइड पुस्तकों से बचें। MPPSC टॉपर्स द्वारा अनुशंसित मानक संदर्भ पुस्तकें निम्नलिखित हैं:

विषय (Subject) प्रामाणिक संदर्भ ग्रंथ / लेखक
मध्य प्रदेश विशेष (MP GK) मध्य प्रदेश हिंदी ग्रंथ अकादमी की पुस्तकें / मुकेश माहेश्वरी अथवा टीएमएच
भारतीय राजव्यवस्था एवं संविधान एम. लक्ष्मीकांत (M. Laxmikanth)
इतिहास (प्राचीन, मध्य, आधुनिक) एनसीईआरटी (11वीं-12वीं) + बिपिन चंद्र / स्पेक्ट्रम (आधुनिक भारत)
भूगोल (भारत एवं विश्व) माजिद हुसैन / डॉ. खुल्लर + ओरिएंट ब्लैकस्वान एटलस
भारतीय अर्थव्यवस्था रमेश सिंह + मध्य प्रदेश एवं केंद्रीय बजट तथा आर्थिक सर्वेक्षण
नीतिशास्त्र एवं सत्यनिष्ठा (Ethics) लेक्सिकॉन (Lexicon) + सुब्बा राव
सामान्य हिंदी व्याकरण डॉ. वासुदेवनंदन प्रसाद अथवा पृथ्वीनाथ पांडेय

9. 12 माह की चरणबद्ध एकीकृत (Integrated) अध्ययन समय-सारिणी

MPPSC की तैयारी कभी भी केवल प्रीलिम्स से शुरू नहीं करनी चाहिए। सफल रणनीति हमेशा Mains-First (मुख्य परीक्षा आधारित) होती है:

  • माह 1 से 6 (Mains Core Foundation): पेपर 1, 2, 4 और हिंदी व्याकरण का गहन अध्ययन। प्रतिदिन कम से कम 2 से 3 उत्तर लिखने का अभ्यास। स्वयं के संक्षिप्त सिनॉप्सिस नोट्स तैयार करना।
  • माह 7 से 9 (MP Special & GS-3 Focus): मध्य प्रदेश के सभी आयामों पर महारत हासिल करना। विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी (GS-3) के तकनीकी खंडों का रिवीजन।
  • माह 10 से 12 (Prelims Specific Sprint): परीक्षा से 90 दिन पूर्व पूर्ण रूप से प्रीलिम्स मोड में आना। प्रतिदिन 100 वस्तुनिष्ठ प्रश्नों की टेस्ट सीरीज लगाना, गलतियों की समीक्षा और OMR भरने की आदत डालना।

10. MP Online पोर्टल से आवेदन प्रक्रिया एवं त्रुटि सुधार नियम

अभ्यर्थी आयोग की आधिकारिक वेबसाइट mppsc.mp.gov.in अथवा mponline.gov.in के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। आवेदन प्रक्रिया के मुख्य चरण:

  1. पोर्टल पर जाकर 'State Service Examination 2026' लिंक पर क्लिक करें।
  2. व्यक्तिगत विवरण, शैक्षणिक योग्यता एवं मध्य प्रदेश रोजगार पंजीयन क्रमांक दर्ज करें।
  3. हाल ही में खिंचवाया गया श्वेत पृष्ठभूमि (White Background) वाला पासपोर्ट साइज फोटो (20KB - 50KB) एवं हस्ताक्षर अपलोड करें।
  4. आवेदन शुल्क का भुगतान नेट बैंकिंग/क्रेडिट/डेबिट कार्ड अथवा एमपी ऑनलाइन कियोस्क के माध्यम से करें।
  5. त्रुटि सुधार (Correction Window): आवेदन की अंतिम तिथि के उपरांत 3 से 5 दिनों का सुधार समय दिया जाता है, जिसके लिए ₹50 प्रति संशोधन पोर्टल शुल्क देय होता है।

11. 5 गंभीर गलतियां जिनसे हर MPPSC अभ्यर्थी को बचना चाहिए

  1. केवल प्रीलिम्स पढ़ते रहना: प्रीलिम्स पास करने के बाद मेन्स के लिए केवल 3-4 माह मिलते हैं, जिसमें 6 पेपरों की तैयारी असंभव हो जाती है। तैयारी हमेशा मेन्स ओरिएंटेड रखें।
  2. उत्तर लेखन (Answer Writing) को टालना: केवल किताबें पढ़ने से चयन नहीं होता। जब तक आप अपने विचारों को समय सीमा में कागज पर नहीं उतारेंगे, तब तक मुख्य परीक्षा में अच्छे अंक नहीं मिलेंगे।
  3. MP GK को नजरअंदाज करना: मध्य प्रदेश के इतिहास, कला, संस्कृति और भूगोल पर कमांड न होना असफलता का सबसे बड़ा कारण बनता है।
  4. अत्यधिक अध्ययन सामग्री का संचय: 10 अलग-अलग किताबों को एक बार पढ़ने की जगह, 1 मानक प्रामाणिक किताब को 10 बार रिवाइज करें।
  5. पुराने प्रश्नपत्रों (PYQs) की उपेक्षा: पिछले 10 वर्षों के हल प्रश्नपत्रों का विश्लेषण किए बिना परीक्षा के ट्रेंड और आयोग के मिजाज को नहीं समझा जा सकता।

❓ अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)

Q. क्या अन्य राज्यों (Non-MP) के अभ्यर्थी MPPSC में आवेदन कर सकते हैं?

A. हाँ, भारत का कोई भी नागरिक MPPSC राज्य सेवा परीक्षा में आवेदन कर सकता है। अन्य राज्यों के अभ्यर्थियों को सामान्य (अनारक्षित) श्रेणी के अंतर्गत माना जाता है और उन्हें आरक्षण का लाभ देय नहीं होता।

Q. क्या MPPSC प्रारंभिक परीक्षा में नेगेटिव मार्किंग (ऋणात्मक अंकन) होती है?

A. नहीं, MPPSC राज्य सेवा प्रारंभिक परीक्षा में कोई नेगेटिव मार्किंग नहीं होती है। प्रत्येक सही उत्तर के 2 अंक मिलते हैं और गलत उत्तर पर कोई कटौती नहीं की जाती।

Q. क्या ग्रेजुएशन के अंतिम वर्ष (Final Year) में अध्ययनरत छात्र आवेदन कर सकते हैं?

A. हाँ, स्नातक अंतिम वर्ष या अंतिम सेमेस्टर के छात्र प्रारंभिक परीक्षा के लिए प्रोविजनल आवेदन करने के पात्र हैं। मुख्य परीक्षा के आवेदन तक स्नातक उत्तीर्णता का प्रमाण देना आवश्यक होता है।

Q. डीएसपी (DSP) पद हेतु क्या न्यूनतम शारीरिक ऊंचाई मापदंड अनिवार्य हैं?

A. हाँ, उप पुलिस अधीक्षक (DSP) पद हेतु पुरुष अभ्यर्थियों के लिए न्यूनतम ऊंचाई 168 सेमी तथा सीना 84 सेमी (फुलाकर 89 सेमी) और महिला अभ्यर्थियों के लिए न्यूनतम ऊंचाई 155 सेमी अनिवार्य है।

Q. MPPSC मुख्य परीक्षा का माध्यम क्या रहता है?

A. मुख्य परीक्षा के प्रथम चार प्रश्नपत्र (GS 1, 2, 3 और 4) अभ्यर्थी अपनी इच्छानुसार हिंदी अथवा अंग्रेजी किसी भी एक माध्यम में लिख सकते हैं। पांचवां और छठा प्रश्नपत्र केवल हिंदी भाषा में ही अनिवार्य रूप से लिखना होता है।