documents ⏱️ 5 मिनट पढ़ें 📅 16 सितंबर 2026

फार्मासिस्ट रजिस्ट्रेशन व मेडिकल स्टोर ड्रग लाइसेंस (Drug License) ऑनलाइन कैसे लें: Form 20, 21 व पूरी गाइड

अमित कुमार
अमित कुमार
वरिष्ठ विधिक एवं लोक सेवा सलाहकार

विधि स्नातक (LL.B.) और प्रशासनिक नियमों (DoPT, नागरिक अधिकार चार्टर, राजस्व संहिता) के विशेषज्ञ। विगत 8 वर्षों से ई-डिस्ट्रिक्ट सेवाओं, सिविल प्रमाण पत्रों, जाति, आय, निवास, और भूमि रिकॉर्ड प्रक्रियाओं पर प्रामाणिक तथ्य-जांच व विधिक मार्गदर्शन दे रहे हैं।

⚡ त्वरित उत्तर (Quick Answer)

1. <strong>फार्मासिस्ट रजिस्ट्रेशन:</strong> डी.फार्मा/बी.फार्मा पास करने और सरकारी अस्पताल में 500 घंटे (3 माह) का व्यावहारिक प्रशिक्षण पूरा करने के बाद राज्य फार्मेसी काउंसिल (State Pharmacy Council) के पोर्टल पर ऑनलाइन आवेदन करें। विश्वविद्यालय से डिप्लोमा/डिग्री सत्यापन के बाद काउंसिल द्वारा <strong>'Registered Pharmacist Certificate (रजिस्ट्रेशन नंबर व ग्रीन बुक)'</strong> जारी किया जाता है। 2. <strong>ड्रग लाइसेंस (Medical Store License):</strong> राज्य औषधि नियंत्रण विभाग के पोर्टल (जैसे e-Aushadhi / e-Sugam / FDA पोर्टल) पर जाएं। दुकान का न्यूनतम 10 वर्ग मीटर का स्वीकृत नक्शा, किरायानामा, रेफ्रिजरेटर खरीद बिल, और फार्मासिस्ट का शपथ पत्र अपलोड करें। ₹3,000 का सरकारी चालान भरें। औषधि निरीक्षक (Drug Inspector - DI) दुकान का भौतिक निरीक्षण कर जांचता है कि फ्रीज चालू है और रैक व्यवस्थित हैं। रिपोर्ट सही मिलने पर लाइसेंसिंग प्राधिकारी द्वारा <strong>Form 20 और 21</strong> का डिजिटल रिटेल ड्रग लाइसेंस जारी कर दिया जाता है।

पैरामीटरआधिकारिक विवरण
दस्तावेज़ 1: फार्मासिस्ट पंजीकरणराज्य फार्मेसी काउंसिल पंजीकरण प्रमाण पत्र (Pharmacist Green Book)
दस्तावेज़ 2: ड्रग लाइसेंस (दवा लाइसेंस)खुदरा दवा बिक्री लाइसेंस (Retail Drug License - Form 20 एवं Form 21)
दस्तावेज़ 3: थोक दवा लाइसेंसथोक दवा बिक्री लाइसेंस (Wholesale Drug License - Form 20B एवं Form 21B)
नियामक संस्थाएंफार्मेसी काउंसिल ऑफ इंडिया (PCI) एवं राज्य खाद्य व औषधि प्रशासन (FDA / Drug Control Dept)
शैक्षणिक योग्यतापीसीआई अनुमोदित कॉलेज से न्यूनतम D.Pharm (2 वर्ष + 500 घंटे अस्पताल प्रशिक्षण) अथवा B.Pharm
दुकान का न्यूनतम क्षेत्रफलकेवल रिटेल मेडिकल स्टोर: न्यूनतम 10 वर्ग मीटर \रिटेल + थोक दोनों: न्यूनतम 15 वर्ग मीटर
अनिवार्य उपकरण24x7 बिजली बैकअप वाला रेफ्रिजरेटर (फ्रीज) - वैक्सीन/इंसुलिन स्टोरेज तापमान (2°C से 8°C) हेतु
ड्रग लाइसेंस वैधता5 वर्ष (5 Years Validity) - इसके बाद प्रति 5 वर्ष में नवीनीकरण अनिवार्य

📑 विषय सूची (Table of Contents)

फार्मेसी काउंसिल ऑफ इंडिया (PCI) एवं खाद्य व औषधि प्रशासन (FDA) वैधानिक दिशा-निर्देश: भारत में किसी भी मान्यता प्राप्त संस्थान से डी.फार्मा (D.Pharm) या बी.फार्मा (B.Pharm) करने के बाद मेडिकल स्टोर (Chemist Shop), थोक दवा व्यापार (Wholesale), अथवा अस्पताल में दवा वितरण करने के लिए दो-स्तरीय कानूनी प्रक्रिया से गुजरना अनिवार्य होता है। सर्वप्रथम, फार्मेसी अधिनियम 1948 के तहत राज्य फार्मेसी काउंसिल से 'फार्मासिस्ट पंजीकरण प्रमाण पत्र (Registered Pharmacist Certificate / Green Book)' प्राप्त करना होता है। इसके बाद औषधि एवं प्रसाधन सामग्री अधिनियम 1940 (Drugs and Cosmetics Act) के तहत राज्य के औषधि नियंत्रण विभाग (FDA) से दवा बिक्री लाइसेंस (Retail & Wholesale Drug License - Form 20, 21, 20B, 21B) जारी कराया जाता है। बिना ड्रग लाइसेंस या बिना योग्य फार्मासिस्ट के दवा बेचना गैर-जमानती अपराध है।

1. फार्मेसी अधिनियम 1948: फार्मासिस्ट बनने के नियम और 500 घंटे की ट्रेनिंग {#1-फार्मासिस्ट-बनने-के-नियम}

फार्मासिस्ट रजिस्ट्रेशन व मेडिकल स्टोर ड्रग लाइसेंस (Drug License) ऑनलाइन कैसे लें: Form 20, 21 व पूरी गाइड
चित्र: फार्मासिस्ट रजिस्ट्रेशन व मेडिकल स्टोर ड्रग लाइसेंस (Drug License) ऑनलाइन कैसे लें: Form 20, 21 व पूरी गाइड बनवाने की आधिकारिक सरकारी प्रक्रिया एवं आवश्यक दस्तावेजों की वैधानिक गाइड।
  • शैक्षणिक अर्हता: पीसीआई से मान्यता प्राप्त संस्थान से डी.फार्मा (डिप्लोमा) अथवा बी.फार्मा (डिग्री)।
  • 500 घंटे का व्यावहारिक अस्पताल प्रशिक्षण (Practical Training):
  • डी.फार्मा उत्तीर्ण करने के बाद किसी सरकारी जिला अस्पताल अथवा मान्यता प्राप्त अस्पताल के फार्मेसी विभाग में कम से कम 3 महीने में 500 घंटे की ट्रेनिंग करनी होती है।
  • इसमें डॉक्टर के पर्चे पढ़ना, दवाइयों का वितरण, और कोल्ड स्टोरेज का रखरखाव सिखाया जाता है।
  • मुख्य चिकित्सा अधीक्षक (CMS) द्वारा हस्ताक्षरित 'Practical Training Contract Form (Apprentice Certificate)' मिलता है।

2. फार्मेसी काउंसिल में ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन की चरणबद्ध प्रक्रिया {#2-फार्मेसी-काउंसिल-प्रक्रिया}

```mermaid

graph TD

A[राज्य फार्मेसी काउंसिल State Pharmacy Council पोर्टल पर लॉगिन] --> B[10वीं, 12वीं, डी/बी.फार्मा मार्कशीट व 500 घंटे ट्रेनिंग फॉर्म अपलोड]

B --> C[निर्धारित काउंसिल रजिस्ट्रेशन फीस का ऑनलाइन भुगतान]

C --> D[काउंसिल द्वारा संबंधित कॉलेज/विश्वविद्यालय को सत्यापन प्रेषण]

D --> E[काउंसिल कार्यालय में व्यक्तिगत उपस्थिति व मूल दस्तावेज स्क्रूटनी]

E --> F[पंजीकृत फार्मासिस्ट प्रमाण पत्र Registered Pharmacist Certificate जारी]

```

  1. पोर्टल पर जाएं: अपने राज्य की फार्मेसी काउंसिल (जैसे UP Pharmacy Council, Delhi Pharmacy Council आदि) की वेबसाइट पर जाएं।
  2. दस्तावेज अपलोड करें: 10वीं, 12वीं की मार्कशीट, डी.फार्मा/बी.फार्मा के सभी वर्षों की मार्कशीट, प्रोविजनल सर्टिफिकेट, और अस्पताल का 500 घंटे का ट्रेनिंग फॉर्म अपलोड करें।
  3. फीस भुगतान: लगभग ₹1,500 से ₹3,000 की सरकारी फीस जमा करें।
  4. दस्तावेज सत्यापन: काउंसिल आपकी मार्कशीट को संबंधित विश्वविद्यालय या बोर्ड (जैसे BTEUP) को भेजकर उसकी प्रामाणिकता जांचती है।
  5. प्रमाण पत्र प्राप्ति: सत्यापन पूरा होते ही काउंसिल द्वारा डिजिटल हस्ताक्षरित Pharmacist Registration Certificate जारी कर दिया जाता है।

ड्रग रूल्स के अनुसार किसी भी दुकान को मेडिकल स्टोर बनाने से पहले ये भौतिक मानक पूरे होने चाहिए:

  • न्यूनतम क्षेत्रफल (Minimum Carpet Area):
  • केवल खुदरा दुकान (Retail Chemist): न्यूनतम 10 वर्ग मीटर (लगभग 108 वर्ग फीट)
  • केवल थोक दुकान (Wholesale): न्यूनतम 10 वर्ग मीटर
  • खुदरा + थोक संयुक्त दुकान (Retail + Wholesale): न्यूनतम 15 वर्ग मीटर (लगभग 162 वर्ग फीट)
  • दुकान की ऊंचाई न्यूनतम 2.6 मीटर (8.5 फीट) होनी चाहिए।
  • रेफ्रिजरेटर (Cold Chain Equipment): दुकान में 24x7 चलने वाला घरेलू या कमर्शियल फ्रीज होना अनिवार्य है, जिसके अंदर थर्मामीटर लगा हो और तापमान 2°C से 8°C के बीच बना रहे। (इसके बिना लाइसेंस कभी नहीं मिलता)।
  • दुकान का प्रकार: दुकान पक्की, सीलन-मुक्त और रोशनी व हवादार होनी चाहिए।
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4. ड्रग लाइसेंस के प्रकार (Form 20, 21, 20B, 21B) में क्या अंतर है? {#4-ड्रग-लाइसेंस-प्रकार}

ड्रग्स एंड कॉस्मेटिक्स रूल्स के तहत दवाओं के स्वभाव के आधार पर अलग-अलग फॉर्म जारी होते हैं:

फॉर्म नंबरलाइसेंस का प्रकारकिन दवाओं की बिक्री हेतु?
Form 20खुदरा (Retail Drug License)सामान्य एलोपैथिक दवाएं (General Allopathic Drugs)
Form 21खुदरा (Retail Drug License)शेड्यूल C और C(1) दवाएं (जैविक उत्पाद, एंटीबायोटिक्स, सीरम, वैक्सीन)
Form 20Bथोक (Wholesale Drug License)थोक व्यापार हेतु सामान्य एलोपैथिक दवाएं
Form 21Bथोक (Wholesale Drug License)थोक व्यापार हेतु शेड्यूल C और C(1) जैविक दवाएं

नोट: मेडिकल स्टोर खोलने के लिए Form 20 और Form 21 दोनों एक साथ जारी किए जाते हैं।

5. e-Aushadhi पोर्टल पर ऑनलाइन ड्रग लाइसेंस आवेदन प्रक्रिया {#5-ड्रग-लाइसेंस-आवेदन}

  1. राज्य FDA पोर्टल खोलें: अपने राज्य के औषधि प्रशासन पोर्टल (जैसे उत्तर प्रदेश में e-aushadhi, महाराष्ट्र में xlm-fda) पर जाएं।
  2. 'Apply for New Retail Drug License' पर क्लिक करें।
  3. दुकान व मालिक का विवरण: दुकान का व्यापारिक नाम, सटीक पता, मालिक का पैन और आधार कार्ड भरें।
  4. फार्मासिस्ट विवरण: पंजीकृत फार्मासिस्ट का नाम, उसका फार्मेसी काउंसिल रजिस्ट्रेशन नंबर दर्ज करें और उसका शपथ पत्र अपलोड करें।
  5. दस्तावेज अपलोड करें:
  • दुकान का ले-आउट प्लान (Blue Print Drawing - अधिकृत ड्राफ्ट्समैन द्वारा प्रमाणित)।
  • दुकान का मालिकाना हक (बिजली बिल या पंजीकृत किरायानामा)।
  • रेफ्रिजरेटर (फ्रीज) की खरीद का मूल जीएसटी बिल।
  • फार्मासिस्ट की योग्यता व काउंसिल प्रमाण पत्र।
  1. ट्रेजरी चालान: ₹3,000 का सरकारी शुल्क ऑनलाइन जमा करें।

6. औषधि निरीक्षक (Drug Inspector) का स्थलीय निरीक्षण और सत्यापन {#6-ड्रग-इंस्पेक्टर-निरीक्षण}

आवेदन जमा होने के बाद क्षेत्रीय औषधि निरीक्षक (Drug Inspector - DI) दुकान पर भौतिक निरीक्षण हेतु आता है:

  • वह फीते (Inch Tape) से दुकान की लंबाई और चौड़ाई नापता है कि क्या वह वास्तव में 10 वर्ग मीटर है।
  • वह रेफ्रिजरेटर को खोलकर देखता है कि वह चालू है या नहीं।
  • वह फार्मासिस्ट से व्यक्तिगत रूप से मिलकर उसके मूल प्रमाण पत्रों का मिलान करता है और उसका बयान दर्ज करता है कि वह दुकान पर पूर्णकालिक उपस्थित रहेगा।
  • औषधि निरीक्षक अपनी अनुकूल रिपोर्ट सहायक औषधि नियंत्रक (ADC / Licensing Authority) को भेजता है, जहां से डिजिटल ड्रग लाइसेंस जारी कर दिया जाता है।

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  • Discover Recommended Image: 1200x675px (16:9), सुसज्जित आधुनिक मेडिकल स्टोर (केमिस्ट शॉप), फार्मासिस्ट ग्रीन बुक, दवा लाइसेंस (Form 20/21) और कोल्ड स्टोरेज रेफ्रिजरेटर का संयोजन।

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```

❓ अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)

Q. क्या कोई गैर-फार्मासिस्ट (नॉन-फार्मासिस्ट) व्यक्ति मेडिकल स्टोर का मालिक बन सकता है?

A. हाँ, बिल्कुल। कोई भी सामान्य नागरिक किसी मेडिकल स्टोर या दवा कंपनी का मालिक (Proprietor/Investor) बन सकता है। लेकिन कानूनन शर्त यह है कि उसे अपनी दुकान पर दवा वितरण हेतु किसी राज्य फार्मेसी काउंसिल में पंजीकृत फार्मासिस्ट को पूर्णकालिक कर्मचारी (Competent Person / Pharmacist) के रूप में नियुक्त करना होगा।

Q. क्या एक फार्मासिस्ट का रजिस्ट्रेशन एक साथ दो दुकानों पर लग सकता है?

A. बिल्कुल नहीं। यह एक गंभीर कानूनी अपराध है जिसे 'रेंटिंग ऑफ लाइसेंस (License Lending)' कहते हैं। एक फार्मासिस्ट एक समय में केवल एक ही मेडिकल स्टोर पर पंजीकृत हो सकता है। यदि कोई फार्मासिस्ट अपना प्रमाण पत्र किसी दुकान को देकर खुद किसी अन्य जगह नौकरी करता है, तो दोनों के विरुद्ध एफआईआर दर्ज होती है और फार्मासिस्ट का लाइसेंस आजीवन रद्द कर दिया जाता है।

Q. ड्रग लाइसेंस की समय सीमा (Validity) कितनी होती है?

A. भारत सरकार के औषधि नियमों के तहत ड्रग लाइसेंस जारी होने की तिथि से 5 वर्ष के लिए वैध रहता है। 5 वर्ष पूरे होने से पूर्व पोर्टल पर निर्धारित नवीनीकरण शुल्क (Retention Fee) भरकर इसे अगले 5 वर्षों हेतु नवीनीकृत करा लिया जाता है।

Q. क्या फार्मासिस्ट रजिस्ट्रेशन व मेडिकल स्टोर ड्रग लाइसेंस (Drug License) कैसे लें को डिजिलॉकर (DigiLocker) में रखना कानूनी रूप से मान्य है?

A. हाँ, सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम 2000 और आईटी नियम 2016 के नियम 9A के तहत डिजिलॉकर में उपलब्ध डिजिटल दस्तावेज को मूल भौतिक कागजात के बराबर 100% कानूनी मान्यता प्राप्त है।

Q. इस प्रमाण पत्र / कार्ड की आधिकारिक वैधता (Validity) कितने समय की होती है?

A. अधिकांश सरकारी पहचान और सिविल प्रमाण पत्र (जैसे आधार, जन्म, जाति, निवास) आजीवन (Lifetime) मान्य होते हैं, जबकि आय प्रमाण पत्र सामान्यतः 3 वर्ष और ईडब्ल्यूएस 1 वित्तीय वर्ष के लिए मान्य होता है।