documents ⏱️ 5 मिनट पढ़ें 📅 16 सितंबर 2026

लीगल मेट्रोलॉजी पैकेज्ड कमोडिटीज (LMPC) सर्टिफिकेट: नियम, ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन, लेबलिंग नियम व कस्टम क्लीयरेंस गाइड

अमित कुमार
अमित कुमार
वरिष्ठ विधिक एवं लोक सेवा सलाहकार

विधि स्नातक (LL.B.) और प्रशासनिक नियमों (DoPT, नागरिक अधिकार चार्टर, राजस्व संहिता) के विशेषज्ञ। विगत 8 वर्षों से ई-डिस्ट्रिक्ट सेवाओं, सिविल प्रमाण पत्रों, जाति, आय, निवास, और भूमि रिकॉर्ड प्रक्रियाओं पर प्रामाणिक तथ्य-जांच व विधिक मार्गदर्शन दे रहे हैं।

⚡ त्वरित उत्तर (Quick Answer)

<strong>LMPC सर्टिफिकेट क्या है?</strong> <strong>LMPC (Legal Metrology Packaged Commodities) रजिस्ट्रेशन</strong>, उपभोक्ता मामले विभाग (Department of Consumer Affairs, MoCA) द्वारा <strong>लीगल मेट्रोलॉजी (पैकेज्ड कमोडिटीज) रूल्स, 2011 के नियम 27</strong> के तहत जारी किया जाने वाला एक अनिवार्य वैधानिक पंजीकरण प्रमाणपत्र है। भारत में किसी भी पूर्व-पैक वस्तु (Pre-packaged Commodity) का आयात (Import), निर्माण (Manufacture) या री-पैकेजिंग करने वाले प्रत्येक व्यक्ति या कंपनी को आयात या वाणिज्यिक बिक्री शुरू होने के <strong>90 दिनों के भीतर</strong> यह सर्टिफिकेट प्राप्त करना कानूनी रूप से अनिवार्य है। इसके बिना भारतीय सीमा शुल्क (Customs/ICEGATE) बंदरगाहों पर विदेशी कंसाइनमेंट को क्लीयर करने की अनुमति नहीं देता है।

पैरामीटरआधिकारिक विनिर्देश (Official Specifications)
दस्तावेज़ का नामलीगल मेट्रोलॉजी पैकेज्ड कमोडिटीज रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट (LMPC Certificate / Packer-Importer Registration)
नियामक अधिनियम व नियमLegal Metrology Act, 2009 (Sec 18 & 36) एवं Legal Metrology (Packaged Commodities) Rules, 2011 (Rule 27)
जारीकर्ता प्राधिकरणDirector / Controller of Legal Metrology, Department of Consumer Affairs, MoCA (केंद्र सरकार) अथवा राज्य लीगल मेट्रोलॉजी विंग
आधिकारिक वेब पोर्टलe-map.gov.in एवं National Single Window System (nsws.gov.in)
आवेदन की वैधानिक सीमानिर्माण, पैकिंग या आयात प्रारंभ करने के 90 दिनों के भीतर
प्रमाणपत्र की वैधता (Validity)आजीवन (Lifetime) — बशर्ते कंपनी के नाम, पते या उत्पाद श्रेणी में कोई संशोधन न हो
सरकारी शुल्क₹500 (केंद्रीय आयातक रजिस्ट्रेशन - Rule 27), राज्य स्तरीय शुल्क ₹100 से ₹1,000 (राज्यानुसार भिन्न)
कस्टम्स अनिवार्यताDGFT एवं CBIC सर्कुलर संख्या 10/2014-Customs के तहत सभी पूर्व-पैक माल के क्लीयरेंस हेतु अनिवार्य

title: "Legal Metrology Packaged Commodities (LMPC) Registration Certificate: Apply Online, Rules, Mandatory Declarations & Customs Clearance Guide"

description: "Complete legal guide to LMPC Registration under Rule 27 of Legal Metrology (Packaged Commodities) Rules 2011. Learn portal application process, mandatory label declarations, state vs central jurisdiction, customs clearance, fees, and penalties."

category: "सरकारी दस्तावेज़"

sub_category: "व्यापार, आयात एवं उपभोक्ता संरक्षण दस्तावेज़"

author: "GoForDigitalIndia Research Bureau"

last_updated: "2026-09-16"

language: "Hindi & English (Bilingual Informational)"

tags: ["LMPC Certificate", "Legal Metrology Registration", "Packaged Commodities Rules 2011", "Customs Clearance LMPC", "e-Map Portal", "NSWS Consumer Affairs"]

# लीगल मेट्रोलॉजी पैकेज्ड कमोडिटीज (LMPC) सर्टिफिकेट: नियम, ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन, लेबलिंग नियम व कस्टम क्लीयरेंस गाइड

2. LMPC सर्टिफिकेट किसके लिए अनिवार्य है? (Who Requires LMPC Registration?)

लीगल मेट्रोलॉजी पैकेज्ड कमोडिटीज (LMPC) सर्टिफिकेट: नियम, ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन, लेबलिंग नियम व कस्टम क्लीयरेंस गाइड
चित्र: लीगल मेट्रोलॉजी पैकेज्ड कमोडिटीज (LMPC) सर्टिफिकेट: नियम, ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन, लेबलिंग नियम व कस्टम क्लीयरेंस गाइड बनवाने की आधिकारिक सरकारी प्रक्रिया एवं आवश्यक दस्तावेजों की वैधानिक गाइड।

लीगल मेट्रोलॉजी एक्ट की धारा 18 के अनुसार, भारत में बेची जाने वाली किसी भी सीलबंद या पूर्व-पैक सामग्री पर उपभोक्ता के हित में मानक घोषणाएं होना अनिवार्य है। निम्नलिखित श्रेणियों को LMPC प्रमाणन लेना होगा:

  1. व्यावसायिक आयातक (Importers): जो विदेशों से रेडी-टू-सेल पैकेज्ड सामान भारत में लाते हैं। कस्टम्स बिल ऑफ एंट्री (Bill of Entry) फाइल करते समय LMPC नंबर अनिवार्य है।
  2. निर्माता (Manufacturers): जो भारत में उपभोक्ता वस्तुओं का उत्पादन कर उन्हें डिब्बों, बोतलों, पाउच या कंटेनरों में पैक करते हैं।
  3. थोक पैकर (Packers & Brand Owners): जो बल्क में सामग्री खरीदकर अपने ब्रांड नाम के तहत छोटी रिटेल पैकेजिंग करते हैं।
  4. ई-कॉमर्स सेलर्स (E-Commerce Sellers/Vendors): जो Amazon, Flipkart आदि प्लेटफॉर्म्स पर निजी लेबल के तहत पैकेज्ड उत्पाद बेचते हैं।
किसे छूट प्राप्त है (Exemptions):
- 25 किलोग्राम या 25 लीटर से अधिक वजन वाले औद्योगिक पैकेज (औद्योगिक उपभोक्ताओं को सीधे बिक्री हेतु)।
- 50 किलोग्राम से अधिक पैकेज्ड सीमेंट और कृषि उर्वरक।
- संस्थागत उपभोक्ता (Institutional consumers जैसे रेलवे, एयरलाइंस, अस्पताल) को दी जाने वाली विशेष पैकेजिंग जो सामान्य खुदरा बाजार में नहीं बिकती।

3. पैकेट पर 8 अनिवार्य घोषणाएं (8 Mandatory Declarations on Pre-Packaged Goods)

Rule 6 के अनुसार, प्रत्येक पैकेज पर स्पष्ट, पठनीय और अमिट स्याही में निम्नलिखित घोषणाएं प्रदर्शित होनी चाहिए:

```

+-----------------------------------------------------------------------------------+

MANDATORY PACKAGING DECLARATION LABEL
2. Generic / Common Name of the Commodity contained inside
3. Net Quantity in terms of Standard Unit of Weight or Measure (kg, g, L, ml, N)
4. Month and Year of Manufacture / Packing / Import
5. Best Before / Use By / Expiry Date (Mandatory for food, cosmetics, chemicals)
6. Maximum Retail Price (MRP) Rs. XX.XX (Inclusive of all taxes)
7. Country of Origin (विदेशी आयातित वस्तुओं के लिए अनिवार्य)
8. Consumer Care Details (Name, Address, Helpline No., & Email of Grievance Off.)

+-----------------------------------------------------------------------------------+

```

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4. केंद्रीय बनाम राज्य LMPC रजिस्ट्रेशन (Central vs State Jurisdiction)

पैरामीटरकेंद्रीय LMPC (Central Registration)राज्य LMPC (State Registration)
अधिकार क्षेत्रसंपूर्ण भारत में माल का आयात (Import) या 2 से अधिक राज्यों में अंतरराज्यीय व्यापारकेवल संबंधित एक राज्य के भीतर निर्माण एवं वितरण
आवेदन पोर्टलNSWS पोर्टल (nsws.gov.in) / e-Maap Portalसंबंधित राज्य का e-District / श्रम एवं लीगल मेट्रोलॉजी पोर्टल
निर्णायक प्राधिकारीDirector of Legal Metrology, Krishi Bhawan, New DelhiController of Legal Metrology / Assistant Controller
मुख्य उपयोगCustoms Clearance (ICEGATE), नेशनल डिस्ट्रीब्यूशन, ई-कॉमर्सलोकल रिटेल स्टोर सप्लाई, इंट्रा-स्टेट मैन्युफैक्चरिंग

5. आवश्यक दस्तावेज़ सूची (Document Checklist)

  1. संस्था का कानूनी पहचान प्रमाण:
  • प्रोपराइटर/डायरेक्टर का पैन कार्ड और आधार कार्ड।
  • पार्टनरशिप डीड / कंपनी इनकॉर्पोरेशन सर्टिफिकेट (COI) तथा MoA & AoA.
  1. आयात/व्यवसाय पहचान:
  • DGFT द्वारा जारी वैध इम्पोर्ट एक्सपोर्ट कोड (IEC Code)।
  • जीएसटी रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट (GST REG-06).
  1. परिसर का पता प्रमाण:
  • गोदाम (Warehouse) / विनिर्माण इकाई का लीज डीड, रेंट एग्रीमेंट या बिजली बिल।
  • नगर निगम ट्रेड लाइसेंस / फैक्ट्री लाइसेंस / पॉल्यूशन NOC.
  1. उत्पाद एवं लेबलिंग साक्ष्य:
  • उत्पाद का सैंपल लेबल डिज़ाइन (Artwork Specimen) जिस पर 8 अनिवार्य घोषणाएं मुद्रित हों।
  • आयातित वस्तुओं के मामले में कमर्शियल इनवॉइस और पैकिंग लिस्ट (Packing List)।

6. LMPC ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया (Step-by-Step Application via NSWS)

```

[NSWS पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन] --> [LMPC - Rule 27 फॉर्म का चयन] --> [कंपनी, IEC व वेयरहाउस विवरण भरना]

v

[अधिकारियों द्वारा स्क्रूटनी] <-- [₹500 शुल्क ऑनलाइन भुगतान] <-- [लेबल स्पेसिमेन व दस्तावेज अपलोड]

+--> [क्वेरी/आपत्ति] --> [7 दिनों में स्पष्टीकरण]

v

[डिजिटल हस्ताक्षरित LMPC रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट जारी (3-7 कार्यदिवस)]

```

चरण 1: NSWS पोर्टल पर लॉगिन व प्रोफाइल निर्माण

  1. नेशनल सिंगल विंडो सिस्टम पोर्टल (nsws.gov.in) पर जाएं।
  2. कंपनी के पैन और ऑथराइज्ड सिग्नेटरी के आधार ई-केवाईसी से लॉगिन बनाएं।
  3. "All Approvals" में जाकर "Registration under Rule 27 of Legal Metrology (Packaged Commodities) Rules, 2011" चुनें।

चरण 2: कंपनी व उत्पाद विवरण दर्ज करना

  1. आयातकों के लिए अपना 10-अंकीय IEC कोड दर्ज करें; डेटा DGFT सर्वर से स्वतः सिंक हो जाएगा।
  2. अपने रजिस्टर्ड ऑफिस और कस्टम्स वेयरहाउस/गोदाम का पूरा पता दर्ज करें।
  3. आयात या पैक किए जाने वाले सामानों की सामान्य श्रेणियां (Generic Commodity Names) सूची में जोड़ें।

चरण 3: लेबल आर्टवर्क अपलोड करना

  1. प्रस्तावित रिटेल पैकेजिंग का ग्राफिक लेआउट (PDF/JPG) अपलोड करें। सुनिश्चित करें कि MRP (सभी कर सहित), निर्माता/आयातक का नाम, शुद्ध मात्रा और कंज्यूमर हेल्पलाइन नंबर लीगल मेट्रोलॉजी के निर्धारित फॉन्ट साइज में हो।

चरण 4: सरकारी फीस भुगतान व ट्रैकिंग

  1. भारतकोश (Bharatkosh) पेमेंट गेटवे के माध्यम से ₹500 की निर्धारित फीस का भुगतान करें।
  2. शुल्क रसीद और जनरेटेड एप्लीकेशन एक्नॉलेजमेंट नंबर सुरक्षित रखें।

चरण 5: सर्टिफिकेट जारी होना

  1. लीगल मेट्रोलॉजी निदेशालय के उप-निदेशक (Deputy Director) द्वारा आवेदन की समीक्षा की जाती है।
  2. यदि लेबल विनिर्देश नियमों के अनुरूप हैं, तो 3 से 7 कार्यदिवसों के भीतर डिजिटल हस्ताक्षरित LMPC सर्टिफिकेट डाउनलोड के लिए उपलब्ध करा दिया जाता है।

7. कस्टम्स में LMPC का महत्व (Importance at Customs & ICEGATE Clearance)

कस्टम्स क्लीयरेंस के समय LMPC की भूमिका अत्यंत संवेदनशील होती है:

  1. पोर्टल मैपिंग: ICEGATE पर बिल ऑफ एंट्री दाखिल करते समय आयातक को अपना LMPC रजिस्ट्रेशन नंबर और जारी होने की तिथि दर्ज करनी होती है।
  2. कस्टम्स इंस्पेक्शन (100% Label Checking): यदि कंटेनर निरीक्षण के दौरान किसी आयातित पैकेट पर भारत में आयात के बाद चिपकाया गया स्टिकर (Over-stickering) अनाधिकृत पाया गया, या आयातक का नाम/हेल्पलाइन गायब रही, तो कस्टम्स एक्ट की धारा 111(d) के तहत कंसाइनमेंट को तुरंत सीज़ (Seize) कर दिया जाता है।
  3. बॉन्डेड वेयरहाउस स्टिकरिंग: यदि विदेश से माल बिना भारतीय लेबल के आया है, तो आयातक को कस्टम्स बॉन्डेड वेयरहाउस में ले जाकर LMPC अनुपालन स्टिकर लगाने के लिए कमिश्नर ऑफ कस्टम्स से अनुमति लेनी पड़ती है, जिसमें भारी पेनल्टी और डिमरेज (Demurrage) शुल्क लगता है।

8. उल्लंघन व दंड प्रावधान (Penalties for Non-Compliance)

लीगल मेट्रोलॉजी एक्ट, 2009 की धारा 36 के अनुसार:

  • धारा 36(1) - गैर-पंजीकृत बिक्री या मानक घोषणा के बिना वितरण:
  • प्रथम अपराध: ₹25,000 तक का आर्थिक जुर्माना।
  • द्वितीय अपराध: ₹50,000 तक का जुर्माना।
  • पुनरावृत्ति (Subsequent offences): ₹1,00,000 तक का जुर्माना अथवा 1 वर्ष तक का कारावास अथवा दोनों।
  • कम तोलने या गलत नेट क्वांटिटी दिखाने पर: धारा 30 के तहत अभियोजन और माल की जब्ती।
  • अधिकतम खुदरा मूल्य (MRP) से अधिक वसूलने पर: प्रति पैकेट ₹2,000 से ₹5,000 का ऑन-द-स्पॉट चालान।

10. निष्कर्ष व नागरिक सुझाव (Expert Advice)

GoForDigitalIndia एक्सपर्ट एडवाइस:
यदि आप कोई नया उत्पाद आयात करने की योजना बना रहे हैं, तो विदेशी सप्लायर को खरीद आदेश (Purchase Order) देने से पहले ही अपने पैकेजिंग बॉक्स का आर्टवर्क तैयार करवाकर LMPC सर्टिफिकेट के लिए आवेदन करें। भारतीय बंदरगाहों पर कंसाइनमेंट पहुंचने के बाद LMPC के अभाव में प्रतिदिन ₹5,000 से ₹20,000 तक का कंटेनर डिटेंशन और वेयरहाउस चार्ज लग सकता है। आवेदन केवल सरकारी NSWS पोर्टल (nsws.gov.in) के माध्यम से सीधे ₹500 की आधिकारिक सरकारी फीस पर करें।

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}

]

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```

❓ अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)

Q. क्या LMPC सर्टिफिकेट को हर साल रिन्यू कराना पड़ता है?

A. नहीं। केंद्रीय लीगल मेट्रोलॉजी निदेशालय द्वारा जारी आयातक रजिस्ट्रेशन (Rule 27) आजीवन वैध (Lifetime Validity) रहता है। जब तक आपके पते, डायरेक्टरशिप या उत्पाद की मूल प्रकृति में कोई बदलाव न हो, नवीनीकरण की आवश्यकता नहीं होती।

Q. क्या हम विदेश से माल आने के बाद भारत में स्टिकर चिपका सकते हैं?

A. सामान्यतः सभी घोषणाएं विनिर्माण के समय ही प्रिंट होनी चाहिए। हालांकि, आयातक केवल "आयातक का नाम व पता", "उपभोक्ता सहायता केंद्र", "देश का नाम" और "एमआरपी" के लिए कस्टम्स क्लीयरेंस से पूर्व बॉन्डेड वेयरहाउस के भीतर अधिकृत लेबल स्टिकर लगा सकते हैं, बशर्ते मूल निर्माता का नाम छुपाया न गया हो।

Q. क्या LMPC और BIS (ISI/CRS) रजिस्ट्रेशन एक ही हैं?

A. बिल्कुल नहीं। BIS (Bureau of Indian Standards) उत्पाद की तकनीकी गुणवत्ता और सुरक्षा मानकों को प्रमाणित करता है, जबकि LMPC वजन, माप, पैकेजिंग सत्यता और उपभोक्ता को दी जाने वाली मूल्य/मात्रा की घोषणाओं को नियंत्रित करता है। दोनों अलग-अलग मंत्रालयों के तहत आते हैं।

Q. यदि हम केवल कच्चा माल (Raw Material) आयात कर रहे हैं तो क्या LMPC जरूरी है?

A. नहीं। यदि आयातित माल अंतिम उपभोक्ता को रिटेल में नहीं बेचा जाना है और वह केवल औद्योगिक विनिर्माण (Captive Consumption / Industrial Input) के लिए 25 किग्रा से बड़े बैग्स में है, तो LMPC रजिस्ट्रेशन से छूट प्राप्त है।

Q. क्या लीगल मेट्रोलॉजी पैकेज्ड कमोडिटीज (LMPC) सर्टिफिकेट को डिजिलॉकर (DigiLocker) में रखना कानूनी रूप से मान्य है?

A. हाँ, सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम 2000 और आईटी नियम 2016 के नियम 9A के तहत डिजिलॉकर में उपलब्ध डिजिटल दस्तावेज को मूल भौतिक कागजात के बराबर 100% कानूनी मान्यता प्राप्त है।