title: "Legal Metrology Packaged Commodities (LMPC) Registration Certificate: Apply Online, Rules, Mandatory Declarations & Customs Clearance Guide"
description: "Complete legal guide to LMPC Registration under Rule 27 of Legal Metrology (Packaged Commodities) Rules 2011. Learn portal application process, mandatory label declarations, state vs central jurisdiction, customs clearance, fees, and penalties."
category: "सरकारी दस्तावेज़"
sub_category: "व्यापार, आयात एवं उपभोक्ता संरक्षण दस्तावेज़"
author: "GoForDigitalIndia Research Bureau"
last_updated: "2026-09-16"
language: "Hindi & English (Bilingual Informational)"
tags: ["LMPC Certificate", "Legal Metrology Registration", "Packaged Commodities Rules 2011", "Customs Clearance LMPC", "e-Map Portal", "NSWS Consumer Affairs"]
# लीगल मेट्रोलॉजी पैकेज्ड कमोडिटीज (LMPC) सर्टिफिकेट: नियम, ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन, लेबलिंग नियम व कस्टम क्लीयरेंस गाइड
2. LMPC सर्टिफिकेट किसके लिए अनिवार्य है? (Who Requires LMPC Registration?)
लीगल मेट्रोलॉजी एक्ट की धारा 18 के अनुसार, भारत में बेची जाने वाली किसी भी सीलबंद या पूर्व-पैक सामग्री पर उपभोक्ता के हित में मानक घोषणाएं होना अनिवार्य है। निम्नलिखित श्रेणियों को LMPC प्रमाणन लेना होगा:
- व्यावसायिक आयातक (Importers): जो विदेशों से रेडी-टू-सेल पैकेज्ड सामान भारत में लाते हैं। कस्टम्स बिल ऑफ एंट्री (Bill of Entry) फाइल करते समय LMPC नंबर अनिवार्य है।
- निर्माता (Manufacturers): जो भारत में उपभोक्ता वस्तुओं का उत्पादन कर उन्हें डिब्बों, बोतलों, पाउच या कंटेनरों में पैक करते हैं।
- थोक पैकर (Packers & Brand Owners): जो बल्क में सामग्री खरीदकर अपने ब्रांड नाम के तहत छोटी रिटेल पैकेजिंग करते हैं।
- ई-कॉमर्स सेलर्स (E-Commerce Sellers/Vendors): जो Amazon, Flipkart आदि प्लेटफॉर्म्स पर निजी लेबल के तहत पैकेज्ड उत्पाद बेचते हैं।
3. पैकेट पर 8 अनिवार्य घोषणाएं (8 Mandatory Declarations on Pre-Packaged Goods)
Rule 6 के अनुसार, प्रत्येक पैकेज पर स्पष्ट, पठनीय और अमिट स्याही में निम्नलिखित घोषणाएं प्रदर्शित होनी चाहिए:
```
+-----------------------------------------------------------------------------------+
| MANDATORY PACKAGING DECLARATION LABEL |
|---|
| 2. Generic / Common Name of the Commodity contained inside |
| 3. Net Quantity in terms of Standard Unit of Weight or Measure (kg, g, L, ml, N) |
| 4. Month and Year of Manufacture / Packing / Import |
| 5. Best Before / Use By / Expiry Date (Mandatory for food, cosmetics, chemicals) |
| 6. Maximum Retail Price (MRP) Rs. XX.XX (Inclusive of all taxes) |
| 7. Country of Origin (विदेशी आयातित वस्तुओं के लिए अनिवार्य) |
| 8. Consumer Care Details (Name, Address, Helpline No., & Email of Grievance Off.) |
+-----------------------------------------------------------------------------------+
```
4. केंद्रीय बनाम राज्य LMPC रजिस्ट्रेशन (Central vs State Jurisdiction)
| पैरामीटर | केंद्रीय LMPC (Central Registration) | राज्य LMPC (State Registration) |
|---|---|---|
| अधिकार क्षेत्र | संपूर्ण भारत में माल का आयात (Import) या 2 से अधिक राज्यों में अंतरराज्यीय व्यापार | केवल संबंधित एक राज्य के भीतर निर्माण एवं वितरण |
| आवेदन पोर्टल | NSWS पोर्टल (nsws.gov.in) / e-Maap Portal | संबंधित राज्य का e-District / श्रम एवं लीगल मेट्रोलॉजी पोर्टल |
| निर्णायक प्राधिकारी | Director of Legal Metrology, Krishi Bhawan, New Delhi | Controller of Legal Metrology / Assistant Controller |
| मुख्य उपयोग | Customs Clearance (ICEGATE), नेशनल डिस्ट्रीब्यूशन, ई-कॉमर्स | लोकल रिटेल स्टोर सप्लाई, इंट्रा-स्टेट मैन्युफैक्चरिंग |
5. आवश्यक दस्तावेज़ सूची (Document Checklist)
- संस्था का कानूनी पहचान प्रमाण:
- प्रोपराइटर/डायरेक्टर का पैन कार्ड और आधार कार्ड।
- पार्टनरशिप डीड / कंपनी इनकॉर्पोरेशन सर्टिफिकेट (COI) तथा MoA & AoA.
- आयात/व्यवसाय पहचान:
- DGFT द्वारा जारी वैध इम्पोर्ट एक्सपोर्ट कोड (IEC Code)।
- जीएसटी रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट (GST REG-06).
- परिसर का पता प्रमाण:
- गोदाम (Warehouse) / विनिर्माण इकाई का लीज डीड, रेंट एग्रीमेंट या बिजली बिल।
- नगर निगम ट्रेड लाइसेंस / फैक्ट्री लाइसेंस / पॉल्यूशन NOC.
- उत्पाद एवं लेबलिंग साक्ष्य:
- उत्पाद का सैंपल लेबल डिज़ाइन (Artwork Specimen) जिस पर 8 अनिवार्य घोषणाएं मुद्रित हों।
- आयातित वस्तुओं के मामले में कमर्शियल इनवॉइस और पैकिंग लिस्ट (Packing List)।
6. LMPC ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया (Step-by-Step Application via NSWS)
```
[NSWS पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन] --> [LMPC - Rule 27 फॉर्म का चयन] --> [कंपनी, IEC व वेयरहाउस विवरण भरना]
v
[अधिकारियों द्वारा स्क्रूटनी] <-- [₹500 शुल्क ऑनलाइन भुगतान] <-- [लेबल स्पेसिमेन व दस्तावेज अपलोड]
+--> [क्वेरी/आपत्ति] --> [7 दिनों में स्पष्टीकरण]
v
[डिजिटल हस्ताक्षरित LMPC रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट जारी (3-7 कार्यदिवस)]
```
चरण 1: NSWS पोर्टल पर लॉगिन व प्रोफाइल निर्माण
- नेशनल सिंगल विंडो सिस्टम पोर्टल (nsws.gov.in) पर जाएं।
- कंपनी के पैन और ऑथराइज्ड सिग्नेटरी के आधार ई-केवाईसी से लॉगिन बनाएं।
- "All Approvals" में जाकर "Registration under Rule 27 of Legal Metrology (Packaged Commodities) Rules, 2011" चुनें।
चरण 2: कंपनी व उत्पाद विवरण दर्ज करना
- आयातकों के लिए अपना 10-अंकीय IEC कोड दर्ज करें; डेटा DGFT सर्वर से स्वतः सिंक हो जाएगा।
- अपने रजिस्टर्ड ऑफिस और कस्टम्स वेयरहाउस/गोदाम का पूरा पता दर्ज करें।
- आयात या पैक किए जाने वाले सामानों की सामान्य श्रेणियां (Generic Commodity Names) सूची में जोड़ें।
चरण 3: लेबल आर्टवर्क अपलोड करना
- प्रस्तावित रिटेल पैकेजिंग का ग्राफिक लेआउट (PDF/JPG) अपलोड करें। सुनिश्चित करें कि MRP (सभी कर सहित), निर्माता/आयातक का नाम, शुद्ध मात्रा और कंज्यूमर हेल्पलाइन नंबर लीगल मेट्रोलॉजी के निर्धारित फॉन्ट साइज में हो।
चरण 4: सरकारी फीस भुगतान व ट्रैकिंग
- भारतकोश (Bharatkosh) पेमेंट गेटवे के माध्यम से ₹500 की निर्धारित फीस का भुगतान करें।
- शुल्क रसीद और जनरेटेड एप्लीकेशन एक्नॉलेजमेंट नंबर सुरक्षित रखें।
चरण 5: सर्टिफिकेट जारी होना
- लीगल मेट्रोलॉजी निदेशालय के उप-निदेशक (Deputy Director) द्वारा आवेदन की समीक्षा की जाती है।
- यदि लेबल विनिर्देश नियमों के अनुरूप हैं, तो 3 से 7 कार्यदिवसों के भीतर डिजिटल हस्ताक्षरित LMPC सर्टिफिकेट डाउनलोड के लिए उपलब्ध करा दिया जाता है।
7. कस्टम्स में LMPC का महत्व (Importance at Customs & ICEGATE Clearance)
कस्टम्स क्लीयरेंस के समय LMPC की भूमिका अत्यंत संवेदनशील होती है:
- पोर्टल मैपिंग: ICEGATE पर बिल ऑफ एंट्री दाखिल करते समय आयातक को अपना LMPC रजिस्ट्रेशन नंबर और जारी होने की तिथि दर्ज करनी होती है।
- कस्टम्स इंस्पेक्शन (100% Label Checking): यदि कंटेनर निरीक्षण के दौरान किसी आयातित पैकेट पर भारत में आयात के बाद चिपकाया गया स्टिकर (Over-stickering) अनाधिकृत पाया गया, या आयातक का नाम/हेल्पलाइन गायब रही, तो कस्टम्स एक्ट की धारा 111(d) के तहत कंसाइनमेंट को तुरंत सीज़ (Seize) कर दिया जाता है।
- बॉन्डेड वेयरहाउस स्टिकरिंग: यदि विदेश से माल बिना भारतीय लेबल के आया है, तो आयातक को कस्टम्स बॉन्डेड वेयरहाउस में ले जाकर LMPC अनुपालन स्टिकर लगाने के लिए कमिश्नर ऑफ कस्टम्स से अनुमति लेनी पड़ती है, जिसमें भारी पेनल्टी और डिमरेज (Demurrage) शुल्क लगता है।
8. उल्लंघन व दंड प्रावधान (Penalties for Non-Compliance)
लीगल मेट्रोलॉजी एक्ट, 2009 की धारा 36 के अनुसार:
- धारा 36(1) - गैर-पंजीकृत बिक्री या मानक घोषणा के बिना वितरण:
- प्रथम अपराध: ₹25,000 तक का आर्थिक जुर्माना।
- द्वितीय अपराध: ₹50,000 तक का जुर्माना।
- पुनरावृत्ति (Subsequent offences): ₹1,00,000 तक का जुर्माना अथवा 1 वर्ष तक का कारावास अथवा दोनों।
- कम तोलने या गलत नेट क्वांटिटी दिखाने पर: धारा 30 के तहत अभियोजन और माल की जब्ती।
- अधिकतम खुदरा मूल्य (MRP) से अधिक वसूलने पर: प्रति पैकेट ₹2,000 से ₹5,000 का ऑन-द-स्पॉट चालान।
10. निष्कर्ष व नागरिक सुझाव (Expert Advice)
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"name": "Department of Consumer Affairs, Ministry of Consumer Affairs, Food and Public Distribution, Government of India",
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"feesAndCommissionsSpecification": "₹500 for Central Rule 27 Registration (Importers)",
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"text": "नहीं। केंद्रीय लीगल मेट्रोलॉजी निदेशालय द्वारा जारी आयातक रजिस्ट्रेशन आजीवन वैध (Lifetime Validity) रहता है जब तक कि कंपनी के नाम या पते में कोई कानूनी बदलाव न हो।"
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"name": "क्या कच्चा माल आयात करने पर LMPC रजिस्ट्रेशन अनिवार्य है?",
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"text": "नहीं, 25 किलोग्राम या 25 लीटर से अधिक के पैकेज जो औद्योगिक उपयोग या कच्चे माल के रूप में सीधे विनिर्माण हेतु आयात किए जाते हैं, वे LMPC पैकेजिंग नियमों से मुक्त हैं।"
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