documents ⏱️ 5 मिनट पढ़ें 📅 16 सितंबर 2026

नाम बदलने की कानूनी प्रक्रिया: भारत का राजपत्र (Central Gazette Notification) कैसे करवाएं, 3-चरणबद्ध पूरी गाइड

अमित कुमार
अमित कुमार
वरिष्ठ विधिक एवं लोक सेवा सलाहकार

विधि स्नातक (LL.B.) और प्रशासनिक नियमों (DoPT, नागरिक अधिकार चार्टर, राजस्व संहिता) के विशेषज्ञ। विगत 8 वर्षों से ई-डिस्ट्रिक्ट सेवाओं, सिविल प्रमाण पत्रों, जाति, आय, निवास, और भूमि रिकॉर्ड प्रक्रियाओं पर प्रामाणिक तथ्य-जांच व विधिक मार्गदर्शन दे रहे हैं।

⚡ त्वरित उत्तर (Quick Answer)

कानूनी रूप से नाम बदलने के लिए 3 अनिवार्य चरणों का पालन करना होता है: 1. <strong>शपथ पत्र (Affidavit):</strong> ₹10 या ₹100 के नॉन-ज्यूडिशियल स्टाम्प पेपर पर प्रथम श्रेणी मजिस्ट्रेट या नोटरी द्वारा सत्यापित शपथ पत्र बनवाएं, जिसमें पुराना नाम, नया नाम और परिवर्तन का कारण दर्ज हो। 2. <strong>समाचार पत्रों में विज्ञापन:</strong> एक दैनिक हिंदी समाचार पत्र और एक अंग्रेजी समाचार पत्र में नाम परिवर्तन का संक्षिप्त सार्वजनिक नोटिस प्रकाशित कराएं। 3. <strong>केंद्रीय राजपत्र (Gazette of India) हेतु आवेदन:</strong> प्रकाशन विभाग की आधिकारिक वेबसाइट से प्रोफार्मा डाउनलोड कर टाइप करें, ₹1,100 का सरकारी शुल्क Bharatkosh पोर्टल पर जमा करें, दो गवाहों के हस्ताक्षर, सीडी (CD में एमएस वर्ड फाइल) और मूल समाचार पत्र की कटिंग संलग्न कर कंट्रोलर ऑफ पब्लिकेशन्स, सिविल लाइंस, दिल्ली को स्पीड पोस्ट से भेजें। गजट प्रकाशित होने पर egazette.gov.in से डिजिटल गजट डाउनलोड कर लें।

पैरामीटरआधिकारिक विवरण
प्रक्रिया का नामनाम परिवर्तन हेतु भारत का राजपत्र अधिसूचना (Gazette Notification for Change of Name)
नोडल सरकारी विभागप्रकाशन विभाग (Department of Publication), भारत सरकार
मुख्यालय पताकंट्रोलर ऑफ पब्लिकेशन्स, सिविल लाइंस, दिल्ली - 110054
आधिकारिक पोर्टलegazette.gov.in एवं deptpub.gov.in
सरकारी शुल्क (Non-tatkal)सामान्य वयस्क: ₹1,100 \नाबालिग बच्चा: ₹1,700 \विदेश में रहने वाले भारतीय: ₹5,100
आवश्यक समय सीमाआवेदन जमा करने से अधिसूचना प्रकाशित होने तक 30 से 45 कार्य दिवस
गजट का स्वरूपई-गजट (e-Gazette) - डिजिटल हस्ताक्षरित पीडीएफ, आजीवन मान्य
तीन अनिवार्य चरण(1) नोटरी शपथ पत्र (2) 2 समाचार पत्रों में विज्ञापन (3) केंद्रीय गजट में प्रकाशन
भारत सरकार प्रकाशन विभाग आधिकारिक दिशा-निर्देश: अपने नाम, उपनाम (Surname), धर्म परिवर्तन अथवा विवाह के पश्चात नाम में किसी भी प्रकार का कानूनी बदलाव करने के लिए केवल आधार कार्ड या मार्कशीट में सुधार की अर्जी देना पर्याप्त नहीं है। भारत सरकार के आवासन और शहरी कार्य मंत्रालय के अधीन प्रकाशन विभाग (Department of Publication, Civil Lines, Delhi) द्वारा प्रकाशित 'भारत का राजपत्र (The Gazette of India)' नाम परिवर्तन का देश में सर्वोच्च और अकाट्य कानूनी साक्ष्य है। एक बार केंद्रीय राजपत्र में आपका नया नाम अधिसूचित हो जाने के बाद पासपोर्ट सेवा केंद्र, बैंक, सीबीएसई/यूनिवर्सिटी, सेना और सभी सरकारी विभाग बिना किसी आपत्ति के आपका नाम बदलने के लिए कानूनी रूप से बाध्य होते हैं।

1. गजट नोटिफिकेशन की आवश्यकता कब पड़ती है? {#1-गजट-की-आवश्यकता}

नाम बदलने की कानूनी प्रक्रिया: भारत का राजपत्र (Central Gazette Notification) कैसे करवाएं, 3-चरणबद्ध पूरी गाइड
चित्र: नाम बदलने की कानूनी प्रक्रिया: भारत का राजपत्र (Central Gazette Notification) कैसे करवाएं, 3-चरणबद्ध पूरी गाइड बनवाने की आधिकारिक सरकारी प्रक्रिया एवं आवश्यक दस्तावेजों की वैधानिक गाइड।

निम्नलिखित स्थितियों में सरकारी और निजी संस्थान बिना गजट नोटिफिकेशन के नाम स्वीकार नहीं करते:

  • पासपोर्ट में पूर्ण नाम परिवर्तन: यदि आप केवल स्पेलिंग सुधार के बजाय पूरा नाम बदल रहे हैं।
  • महिलाओं द्वारा विवाह या तलाक के बाद सरनेम बदलना: मैरिज सर्टिफिकेट के साथ या अलग होने के बाद।
  • सरकारी सेवा व सेना में कार्यरत कर्मचारियों हेतु: सेवा पंजिका (Service Book) में नाम सुधार हेतु।
  • धर्म परिवर्तन (Religion Change): धर्म बदलने के कारण नाम परिवर्तित करने पर।
  • लिंग परिवर्तन (Gender Transition): ट्रांसजेंडर व्यक्तियों द्वारा नाम बदलने पर।
  • 10वीं/12वीं मार्कशीट में वर्षों बाद नाम संशोधन: बोर्ड और विश्वविद्यालयों में।

2. नाम परिवर्तन के 3 अनिवार्य चरण (The 3-Step Legal Process) {#2-तीन-चरण}

```mermaid

graph TD

A[चरण 1: ₹10/100 स्टाम्प पर नोटरी शपथ पत्र Affidavit] --> B[चरण 2: 1 प्रमुख दैनिक + 1 राष्ट्रीय समाचार पत्र में विज्ञापन]

B --> C[चरण 3: प्रकाशन विभाग दिल्ली हेतु दस्तावेज व सीडी CD तैयार करना]

C --> D[Bharatkosh.gov.in पर ₹1,100 ऑनलाइन चालान भुगतान]

D --> E[कंट्रोलर ऑफ पब्लिकेशन्स सिविल लाइंस दिल्ली को स्पीड पोस्ट]

E --> F[egazette.gov.in पर साप्ताहिक राजपत्र में प्रकाशन व डाउनलोड]

```

चरण 1: नोटरी शपथ पत्र (Affidavit)

आवेदक अपने स्थानीय कोर्ट से एक हलफनामा बनवाता है। इसमें स्पष्ट होना चाहिए:

  • आवेदक का पुराना नाम, पिता का नाम, उम्र और वर्तमान पता।
  • नया नाम जो वह भविष्य में अपनाना चाहता है।
  • यह घोषणा कि वह किसी धोखाधड़ी, ऋण न चुकाने या आपराधिक मुकदमे से बचने के लिए नाम नहीं बदल रहा है।

चरण 2: समाचार पत्रों में विज्ञापन (Newspaper Publication)

आवेदक को अपने गृह क्षेत्र में प्रसारित होने वाले 2 प्रमुख समाचार पत्रों में विज्ञापन देना होता है:

  • एक स्थानीय राज्य भाषा (जैसे दैनिक जागरण/अमर उजाला/दैनिक भास्कर)।
  • एक अंग्रेजी राष्ट्रीय दैनिक (जैसे The Times of India/The Indian Express/Hindustan Times)।
  • सावधानी: विज्ञापन की पूरी मूल समाचार पत्र प्रति (Full Page Original Newspaper) सुरक्षित रखें; कटी हुई छोटी क्लिपिंग प्रकाशन विभाग स्वीकार नहीं करता।
विज्ञापन / SPONSORED

3. अनिवार्य दस्तावेज और फ़ाइल फोल्डर तैयार करना {#3-आवश्यक-दस्तावेज}

प्रकाशन विभाग को निम्नलिखित दस्तावेज एक मजबूत लिफाफे में भेजने होते हैं:

  1. मूल शपथ पत्र (Original Affidavit): नोटरी या मजिस्ट्रेट द्वारा हस्ताक्षरित व सत्यापित।
  2. मूल समाचार पत्र (Original Newspapers): दोनों अखबारों की पूरी शीट जिसमें विज्ञापन छपा हो।
  3. नाम परिवर्तन प्रोफार्मा (Deed Proforma): निर्धारित प्रारूप पर टाइप किया हुआ, जिस पर आवेदक और 2 संभ्रांत गवाहों के नाम, पते व हस्ताक्षर हों।
  4. सीडी (CD - Compact Disc): जिसमें प्रोफार्मा की MS Word (.docx) फाइल और आवेदक का नया नाम रिकॉर्डेड हो।
  5. सीडी का सत्यापन प्रमाण पत्र (CD Certificate): आवेदक का स्व-हस्ताक्षरित पत्र कि सीडी में मौजूद सामग्री और भौतिक फॉर्म की सामग्री बिल्कुल एक समान है।
  6. पहचान व निवास प्रमाण: आधार कार्ड, वोटर कार्ड या पैन कार्ड की स्व-हस्ताक्षरित फोटोकॉपी।
  7. सरकारी शुल्क की रसीद (Non-Tax Receipt Portal - NTRP / Bharatkosh Receipt)।
  8. 2 नवीनतम पासपोर्ट साइज रंगीन फोटो (स्व-सत्यापित)।

4. सीडी (Compact Disc) में डिजिटल प्रोफार्मा कैसे तैयार करें? {#4-सीडी-प्रारूप-नियम}

प्रकाशन विभाग कंप्यूटर में टाइपिंग त्रुटि से बचने के लिए सीडी मांगता है:

  • एक खाली ब्लैंक CD-R लें।
  • उसमें केवल Microsoft Word (.docx) फॉर्मेट में प्रोफार्मा का टेक्स्ट सेव करें। (PDF या फोटो न डालें)।
  • सीडी के ऊपर स्थायी मार्कर (Marker Pen) से आवेदक का नाम व मोबाइल नंबर लिखें।
  • सीडी को एक सुरक्षात्मक प्लास्टिक कवर में रखें ताकि परिवहन के दौरान वह टूटे नहीं।

5. सरकारी शुल्क भुगतान: Bharatkosh पोर्टल गाइड {#5-फीस-भुगतान}

अब प्रकाशन विभाग नकद या डिमांड ड्राफ्ट के स्थान पर केवल ऑनलाइन सरकारी पोर्टल से भुगतान लेता है:

  1. bharatkosh.gov.in पोर्टल पर जाएं।
  2. 'Quick Payment' पर क्लिक करें।
  3. Ministry: 029 - Urban Development चुनें।
  4. Purpose: Change of name / publication of notifications चुनें।
  5. राशि दर्ज करें: ₹1,100 (सामान्य वयस्क हेतु) अथवा ₹1,700 (नाबालिग बच्चे हेतु)।
  6. भुगतान विवरण भरें और डेबिट कार्ड, यूपीआई या नेट बैंकिंग से भुगतान करें।
  7. जनरेट हुई रसीद (Gar-7 Receipt / NTRP Receipt) का प्रिंट निकालकर आवेदन के साथ लगाएं।

6. दस्तावेज भेजने का आधिकारिक पता और प्रक्रिया {#6-दस्तावेज-प्रेषण}

सभी दस्तावेजों को क्रमवार नत्थी करके स्पीड पोस्ट (Speed Post) या रजिस्टर्ड डाक द्वारा निम्नलिखित पते पर भेजें:

सेवा में,
नियंत्रक (प्रकाशन विभाग),
भारत सरकार, आवासन और शहरी कार्य मंत्रालय,
सिविल लाइंस, दिल्ली - 110054
(The Controller of Publications, Department of Publication, Civil Lines, Delhi - 110054)

नोट: दिल्ली-एनसीआर के निवासी कार्य दिवसों में व्यक्तिगत रूप से जाकर रिसेप्शन काउंटर पर भी सीधे फाइल जमा कर सकते हैं।

7. e-Gazette पोर्टल से पीडीएफ कैसे डाउनलोड करें? {#7-ई-गजट-डाउनलोड}

भारत सरकार ने वर्ष 2015 से भौतिक गजट की छपाई बंद कर दी है। अब केवल इलेक्ट्रॉनिक गजट (e-Gazette) जारी होता है, जो कानूनन पूर्ण मान्य है:

  1. आवेदन जमा करने के 30 से 45 दिनों बाद egazette.gov.in पर जाएं।
  2. 'Search Gazette' टैब में जाएं।
  3. Category में Weekly Gazette और Part/Section में Part IV (Notice issued by private individuals) चुनें।
  4. तिथि या अपने नाम से सर्च करें।
  5. संबंधित साप्ताहिक गजट की पीडीएफ डाउनलोड करें। उसमें आपका नाम, पता, पुराना नाम और नया नाम प्रकाशित दिखाई देगा।
  6. इस पीडीएफ का रंगीन प्रिंटआउट ही आपका आधिकारिक नाम परिवर्तन प्रमाण पत्र है।

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❓ अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)

Q. क्या राज्य सरकार का गजट बनवाना चाहिए या केंद्र सरकार का?

A. केंद्र सरकार (Central Gazette of India) का गजट पूरे भारत और विदेशों में सभी जगह बिना किसी शर्त के मान्य होता है। राज्य का गजट केवल उसी राज्य की सीमाओं तक प्रभावी होता है। पासपोर्ट, सेना और केंद्रीय नौकरियों हेतु हमेशा केंद्रीय गजट (Civil Lines Delhi) ही बनवाना चाहिए।

Q. क्या महिलाओं को शादी के बाद सरनेम बदलने के लिए गजट जरूरी है?

A. यदि विवाह के बाद महिला केवल अपने पति का सरनेम जोड़ रही है, तो अधिकांश विभागों (जैसे आधार, पासपोर्ट, बैंक) में केवल 'मैरिज सर्टिफिकेट' प्रस्तुत करने से काम हो जाता है। लेकिन यदि महिला अपना पहला नाम भी बदल रही है या सेवा पुस्तिका में बड़ा बदलाव है, तो गजट नोटिफिकेशन अनिवार्य होता है।

Q. क्या नाबालिग (Minor) बच्चे का नाम भी गजट से बदला जा सकता है?

A. हाँ, नाबालिग बच्चे के मामले में माता-पिता दोनों द्वारा हस्ताक्षरित शपथ पत्र और दोनों के पहचान पत्र लगते हैं। नाबालिग के लिए सरकारी शुल्क ₹1,700 है।

Q. क्या नाम बदलने की कानूनी को डिजिलॉकर (DigiLocker) में रखना कानूनी रूप से मान्य है?

A. हाँ, सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम 2000 और आईटी नियम 2016 के नियम 9A के तहत डिजिलॉकर में उपलब्ध डिजिटल दस्तावेज को मूल भौतिक कागजात के बराबर 100% कानूनी मान्यता प्राप्त है।

Q. इस प्रमाण पत्र / कार्ड की आधिकारिक वैधता (Validity) कितने समय की होती है?

A. अधिकांश सरकारी पहचान और सिविल प्रमाण पत्र (जैसे आधार, जन्म, जाति, निवास) आजीवन (Lifetime) मान्य होते हैं, जबकि आय प्रमाण पत्र सामान्यतः 3 वर्ष और ईडब्ल्यूएस 1 वित्तीय वर्ष के लिए मान्य होता है।