documents ⏱️ 5 मिनट पढ़ें 📅 16 सितंबर 2026

कानूनी बच्चा गोद लेने की प्रक्रिया और प्रमाण पत्र: CARA पोर्टल, जेजे एक्ट व डीएम आदेश की पूरी गाइड

अमित कुमार
अमित कुमार
वरिष्ठ विधिक एवं लोक सेवा सलाहकार

विधि स्नातक (LL.B.) और प्रशासनिक नियमों (DoPT, नागरिक अधिकार चार्टर, राजस्व संहिता) के विशेषज्ञ। विगत 8 वर्षों से ई-डिस्ट्रिक्ट सेवाओं, सिविल प्रमाण पत्रों, जाति, आय, निवास, और भूमि रिकॉर्ड प्रक्रियाओं पर प्रामाणिक तथ्य-जांच व विधिक मार्गदर्शन दे रहे हैं।

⚡ त्वरित उत्तर (Quick Answer)

भारत में कानूनी रूप से बच्चा गोद लेने के लिए भावी दत्तक माता-पिता (PAPs) को सर्वप्रथम CARA के आधिकारिक पोर्टल <strong>cara.wcd.gov.in</strong> पर CARINGS सिस्टम में ऑनलाइन पंजीकरण करना होता है। इसके बाद एक मान्यता प्राप्त विशेषीकृत दत्तक ग्रहण एजेंसी (SAA) द्वारा सामाजिक कार्यकर्ता घर आकर <strong>होम स्टडी रिपोर्ट (HSR)</strong> तैयार करता है। पंजीकरण और वित्तीय/सामाजिक पात्रता स्वीकृत होने पर वरिष्ठता सूची के अनुसार पोर्टल पर बच्चे का प्रोफाइल और मेडिकल रिपोर्ट (MER) संदर्भित की जाती है। बच्चे के चयन के बाद प्री-अडॉप्शन फॉस्टर केयर में बच्चा सौंपा जाता है। अंत में एजेंसी जिलाधिकारी (DM) के समक्ष याचिका दायर करती है। डीएम द्वारा विधिवत सुनवाई के बाद अंतिम <strong>दत्तक ग्रहण आदेश (Legal Adoption Order)</strong> जारी किया जाता है, जिसके आधार पर रजिस्ट्रार नया जन्म प्रमाण पत्र जारी करता है।

पैरामीटरआधिकारिक विवरण
प्रक्रिया / प्रमाण पत्रवैध दत्तक ग्रहण आदेश एवं प्रमाण पत्र (Legal Adoption Order & Certificate)
सर्वोच्च राष्ट्रीय नोडल एजेंसीकेंद्रीय दत्तक ग्रहण संसाधन प्राधिकरण (CARA), महिला एवं बाल विकास मंत्रालय
अधिनियम व कानूनी ढांचाकिशोर न्याय (JJ) अधिनियम 2015 (संशोधित 2021) एवं दत्तक ग्रहण विनियम
अंतिम आदेश जारीकर्ता अधिकारीसंबंधित जिले के जिलाधिकारी (District Magistrate / DM)
आधिकारिक ऑनलाइन पोर्टलcara.wcd.gov.in (CARINGS System)
पात्रता (भावी माता-पिता)शारीरिक, मानसिक व वित्तीय रूप से सक्षम; न्यूनतम 2 वर्ष का स्थिर वैवाहिक संबंध
आयु सीमा (PAPA/MAMA)2 वर्ष तक के बच्चे हेतु माता-पिता की संयुक्त अधिकतम आयु 85 वर्ष (एकल पालक हेतु 40 वर्ष)
दत्तक बच्चे का जन्म प्रमाण पत्रडीएम आदेश के आधार पर नगर निगम/रजिस्ट्रार द्वारा नए दत्तक माता-पिता के नाम से जारी
सर्वोच्च न्यायालय एवं महिला व बाल विकास मंत्रालय निर्देश: भारत में किसी भी बच्चे को गोद लेना (Child Adoption) केवल भावनात्मक मामला नहीं, बल्कि एक अत्यधिक संवेदनशील और सख्त कानूनी प्रक्रिया है। किशोर न्याय (बालकों की देखरेख और संरक्षण) संशोधन अधिनियम के अनुसार भारत में वैध दत्तक ग्रहण केवल केंद्रीय दत्तक ग्रहण संसाधन प्राधिकरण (CARA - Central Adoption Resource Authority) के CARINGS पोर्टल के माध्यम से ही हो सकता है। किसी अस्पताल, नर्सिंग होम, अनाथालय से सीधे या अनौपचारिक रूप से बच्चे को लेना गैरकानूनी और बाल तस्करी (Child Trafficking) की श्रेणी में आता है, जिसमें 3 से 7 वर्ष की गैर-जमानती जेल का प्रावधान है। नए संशोधन के बाद अब सिविल कोर्ट के स्थान पर संबंधित जिलाधिकारी (District Magistrate - DM) सीधे कानूनी दत्तक ग्रहण आदेश (Adoption Order) जारी करते हैं।

1. CARA और भारतीय दत्तक ग्रहण कानून का ढांचा {#1-कानूनी-ढांचा}

कानूनी बच्चा गोद लेने की प्रक्रिया और प्रमाण पत्र: CARA पोर्टल, जेजे एक्ट व डीएम आदेश की पूरी गाइड
चित्र: कानूनी बच्चा गोद लेने की प्रक्रिया और प्रमाण पत्र: CARA पोर्टल, जेजे एक्ट व डीएम आदेश की पूरी गाइड बनवाने की आधिकारिक सरकारी प्रक्रिया एवं आवश्यक दस्तावेजों की वैधानिक गाइड।

भारत में दत्तक ग्रहण मुख्य रूप से दो कानूनों के तहत संचालित होता है:

  • हिंदू दत्तक तथा भरण-पोषण अधिनियम (HAMA 1956): यह केवल हिंदू, बौद्ध, जैन व सिख धर्म के नागरिकों पर लागू होता है और मुख्य रूप से पारिवारिक रिश्तेदारों के बीच गोद लेने (Intra-family adoption) में उपयोग होता है।
  • किशोर न्याय (JJ) अधिनियम 2015 (संशोधित 2021) व CARA: यह धर्मनिरपेक्ष (Secular) कानून है। किसी भी धर्म (मुस्लिम, ईसाई, पारसी, हिंदू) का नागरिक CARA के माध्यम से अनाथ, परित्यक्त या समर्पित (Orphaned, Abandoned, Surrendered - OAS) बच्चे को पूर्ण कानूनी अधिकारों के साथ गोद ले सकता है।

2. माता-पिता बनने की पात्रता एवं आयु सीमा (Eligibility Criteria) {#2-पात्रता-मापदंड}

CARA के नए विनियमों के तहत भावी दत्तक माता-पिता (Prospective Adoptive Parents - PAPs) के लिए निम्नलिखित शर्तें हैं:

  1. वैवाहिक स्थिति:
  • दंपति का कम से कम 2 वर्ष का स्थिर वैवाहिक जीवन होना चाहिए।
  • दोनों पति-पत्नी की आपसी सहमति अनिवार्य है।
  • एकल महिला (Single Female) किसी भी लिंग (लड़का या लड़की) के बच्चे को गोद ले सकती है।
  • एकल पुरुष (Single Male) केवल बालक (लड़के) को ही गोद ले सकता है; वह बालिका (लड़की) को गोद लेने के लिए कानूनी रूप से पात्र नहीं है।
  1. आयु सीमा का मैट्रिक्स (Composite Age):
  • 0 से 2 वर्ष तक का बच्चा: माता-पिता की संयुक्त आयु अधिकतम 85 वर्ष (एकल पालक अधिकतम 40 वर्ष)।
  • 2 से 4 वर्ष का बच्चा: संयुक्त आयु अधिकतम 90 वर्ष (एकल पालक अधिकतम 45 वर्ष)।
  • 4 से 8 वर्ष का बच्चा: संयुक्त आयु अधिकतम 100 वर्ष (एकल पालक अधिकतम 50 वर्ष)।
  • 8 से 18 वर्ष का बच्चा: संयुक्त आयु अधिकतम 110 वर्ष (एकल पालक अधिकतम 55 वर्ष)।
  1. वित्तीय क्षमता: परिवार के पास बच्चे के भरण-पोषण, शिक्षा और स्वास्थ्य हेतु पर्याप्त नियमित आय होनी चाहिए।
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3. अनिवार्य दस्तावेज चेकलिस्ट {#3-आवश्यक-दस्तावेज}

CARINGS पोर्टल पर अपलोड करने हेतु आवश्यक स्कैन प्रतियां:

  1. पति और पत्नी दोनों का वर्तमान पहचान व निवास प्रमाण (आधार कार्ड, पासपोर्ट, वोटर कार्ड)।
  2. विवाह प्रमाण पत्र (Marriage Certificate) या तलाक की डिक्री (यदि एकल पालक हैं)।
  3. परिवार की आय का प्रमाण (पिछले 3 वर्षों का ITR, सैलरी स्लिप, फॉर्म 16)।
  4. अधिकृत चिकित्सक (Government Doctor) द्वारा जारी दोनों का स्वास्थ्य प्रमाण पत्र (Medical Certificate) कि वे किसी घातक या संक्रामक रोग से ग्रस्त नहीं हैं।
  5. नवीनतम संयुक्त पारिवारिक रंगीन तस्वीर (Family Postcard Photo)।
  6. दो प्रतिष्ठित व्यक्तियों (Non-relatives) के चरित्र एवं संदर्भ पत्र (Reference Letters)।

4. CARINGS पोर्टल पर ऑनलाइन पंजीकरण से लेकर गोद लेने तक 7 चरण {#4-चरणबद्ध-प्रक्रिया}

```mermaid

graph TD

A[cara.wcd.gov.in पर PAP रजिस्ट्रेशन] --> B[दस्तावेज अपलोड व एजेंसी SAA चयन]

B --> C[घर आकर सोशल वर्कर द्वारा Home Study Report HSR]

C --> D[HSR स्वीकृति व राष्ट्रीय प्रतीक्षा सूची में स्थान]

D --> E[पोर्टल द्वारा बच्चे का रेफरल Child Referral व MER]

E --> F[प्री-अडॉप्शन फॉस्टर केयर में बच्चे का सुपुर्दगी]

F --> G[जिलाधिकारी DM कोर्ट द्वारा अंतिम Adoption Order]

```

  1. पोर्टल पर खाता खोलना: cara.wcd.gov.in पर 'Parents Login' ➔ 'Resident Indian Parents' चुनकर पंजीकरण करें।
  2. दस्तावेज अपलोड: अपनी श्रेणी और बच्चे की आयु प्राथमिकता चुनकर सभी दस्तावेज अपलोड करें।
  3. होम स्टडी रिपोर्ट (HSR): आपके जिले की विशेष दत्तक ग्रहण एजेंसी (SAA) का सामाजिक कार्यकर्ता आपके घर आकर पारिवारिक माहौल, आर्थिक स्थिति और मानसिक तैयारी का मूल्यांकन करेगा। HSR रिपोर्ट 3 वर्ष के लिए वैध होती है।
  4. प्रतीक्षा सूची (Seniority List): HSR स्वीकृत होते ही राष्ट्रीय स्तर पर आपकी वरिष्ठता संख्या तय हो जाएगी।
  5. रेफरल और मैचिंग: वरिष्ठता आने पर CARA पोर्टल पर आपको एक बच्चे की तस्वीर, बाल अध्ययन रिपोर्ट (CSR) और मेडिकल परीक्षा रिपोर्ट (MER) दिखाई जाएगी। निर्णय लेने हेतु 48 घंटे का समय मिलता है।
  6. बच्चे से मिलना: सहमति देने पर आप एजेंसी में जाकर बच्चे से व्यक्तिगत रूप से मिलते हैं। संतुष्ट होने पर प्री-अडॉप्शन फॉस्टर केयर अनुबंध (Foster Care Agreement) हस्ताक्षर कर बच्चे को घर ला सकते हैं।

5. जिलाधिकारी (DM) की भूमिका और कानूनी दत्तक आदेश {#5-डीएम-दत्तक-आदेश}

वर्ष 2021 के संशोधन से पूर्व दत्तक ग्रहण आदेश सिविल कोर्ट (District Court) द्वारा दिए जाते थे, जिसमें वर्षों लग जाते थे। अब यह अधिकार जिलाधिकारी (District Magistrate) को दिया गया है:

  • विशेष दत्तक एजेंसी (SAA) बच्चे के घर आने के 10 दिनों के भीतर जिले के डीएम के समक्ष दत्तक ग्रहण याचिका (Adoption Petition) दाखिल करती है।
  • डीएम एक बंद कमरे में (In-camera Hearing) 2 महीने के भीतर सुनवाई पूरी करते हैं।
  • संतुष्ट होने पर डीएम 'कानूनी दत्तक ग्रहण आदेश (Final Legal Adoption Order)' जारी करते हैं।
  • यह डीएम आदेश कानूनन उस बच्चे को दत्तक माता-पिता का जैविक (Biological) बच्चा घोषित करता है, जिसमें विरासत और संपत्ति के पूर्ण समान अधिकार प्राप्त होते हैं।

6. दत्तक बच्चे का नया जन्म प्रमाण पत्र कैसे बनता है? {#6-नया-जन्म-प्रमाण-पत्र}

डीएम द्वारा जारी दत्तक आदेश की प्रमाणित प्रति लेकर दत्तक माता-पिता स्थानीय जन्म-मृत्यु पंजीयक (नगर निगम/नगर पालिका/पंचायत) में आवेदन करते हैं:

  1. पंजीयक बच्चे का पुराना रिकॉर्ड सील (Confidential) कर देता है।
  2. बच्चे का नया जन्म प्रमाण पत्र जारी किया जाता है, जिसमें माता और पिता के कॉलम में दत्तक माता-पिता का नाम दर्ज होता है।
  3. दत्तक माता-पिता द्वारा बच्चे को दिया गया नया नाम ही नए जन्म प्रमाण पत्र पर अंकित होता है।

7. गैरकानूनी गोद लेने के खतरे और सज़ा {#7-गैरकानूनी-गोद-लेना}

  • स्टाम्प पेपर पर गोदनामा अमान्य: कई लोग ₹100 के स्टाम्प पेपर पर या किसी अस्पताल में दाई/डॉक्टर से सीधे बच्चा ले लेते हैं। कानून की नज़र में यह 'दत्तक ग्रहण' नहीं बल्कि 'मानव तस्करी' है।
  • कानूनी परिणाम: जेजे एक्ट की धारा 80 के तहत बिना CARA प्रक्रिया के बच्चे को स्वीकार करने या देने वाले दोनों पक्षों को 3 साल तक की जेल या ₹1 लाख जुर्माना अथवा दोनों हो सकते हैं। बच्चे को तुरंत माता-पिता से छीनकर बाल कल्याण समिति (CWC) द्वारा संरक्षण गृह भेज दिया जाता है।

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  • Meta Description: भारत में कानूनी रूप से बच्चा गोद लेने की संपूर्ण प्रक्रिया। CARA पोर्टल पर पंजीकरण, पात्रता नियम, होम स्टडी रिपोर्ट और डीएम दत्तक आदेश की आधिकारिक जानकारी।
  • Discover Recommended Image: 1200x675px (16:9), मुस्कुराता हुआ भारतीय परिवार, CARA आधिकारिक लोगो और जिलाधिकारी द्वारा जारी कानूनी दत्तक आदेश पत्र का सौम्य ग्राफिकल प्रतिनिधित्व।

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```

❓ अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)

Q. क्या एकल पुरुष (Single Male) किसी बच्ची (लड़की) को गोद ले सकता है?

A. नहीं। किशोर न्याय अधिनियम के तहत सुरक्षात्मक दृष्टिकोण से एकल पुरुष केवल लड़के को ही गोद ले सकता है। हालांकि, एकल महिला (Single Female) लड़का या लड़की किसी को भी गोद लेने के लिए स्वतंत्र है।

Q. CARA के माध्यम से बच्चा गोद लेने में कुल सरकारी खर्च कितना आता है?

A. CARA के आधिकारिक नियमों के अनुसार होम स्टडी रिपोर्ट (HSR), बाल देखभाल शुल्क (Child Care Corpus) और कानूनी प्रक्रिया का कुल आधिकारिक शुल्क निर्धारित है (वर्तमान में लगभग ₹40,000 से ₹50,000 तक, जो सीधे एजेंसी के बैंक खाते में रसीद के साथ जमा होता है)। इसके अलावा कोई भी नकद या अनौपचारिक लेन-देन पूरी तरह गैरकानूनी है।

Q. क्या रिश्तेदारी में (चाचा, मामा आदि से) बच्चा गोद लेने के लिए भी CARA पर जाना पड़ता है?

A. हाँ। वर्ष 2022 के विनियमों के अनुसार यदि आप अपने किसी सगे रिश्तेदार (Relative Adoption) से भी बच्चा गोद ले रहे हैं, तब भी CARA पोर्टल पर 'Relative Adoption' श्रेणी में पंजीकरण और जिलाधिकारी (DM) का अनुमोदन आदेश प्राप्त करना कानूनी रूप से अनिवार्य कर दिया गया है।

Q. क्या कानूनी बच्चा गोद लेने की और प्रमाण पत्र को डिजिलॉकर (DigiLocker) में रखना कानूनी रूप से मान्य है?

A. हाँ, सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम 2000 और आईटी नियम 2016 के नियम 9A के तहत डिजिलॉकर में उपलब्ध डिजिटल दस्तावेज को मूल भौतिक कागजात के बराबर 100% कानूनी मान्यता प्राप्त है।

Q. इस प्रमाण पत्र / कार्ड की आधिकारिक वैधता (Validity) कितने समय की होती है?

A. अधिकांश सरकारी पहचान और सिविल प्रमाण पत्र (जैसे आधार, जन्म, जाति, निवास) आजीवन (Lifetime) मान्य होते हैं, जबकि आय प्रमाण पत्र सामान्यतः 3 वर्ष और ईडब्ल्यूएस 1 वित्तीय वर्ष के लिए मान्य होता है।