1. फार्मेसी अधिनियम 1948: फार्मासिस्ट बनने के नियम और 500 घंटे की ट्रेनिंग {#1-फार्मासिस्ट-बनने-के-नियम}
- शैक्षणिक अर्हता: पीसीआई से मान्यता प्राप्त संस्थान से डी.फार्मा (डिप्लोमा) अथवा बी.फार्मा (डिग्री)।
- 500 घंटे का व्यावहारिक अस्पताल प्रशिक्षण (Practical Training):
- डी.फार्मा उत्तीर्ण करने के बाद किसी सरकारी जिला अस्पताल अथवा मान्यता प्राप्त अस्पताल के फार्मेसी विभाग में कम से कम 3 महीने में 500 घंटे की ट्रेनिंग करनी होती है।
- इसमें डॉक्टर के पर्चे पढ़ना, दवाइयों का वितरण, और कोल्ड स्टोरेज का रखरखाव सिखाया जाता है।
- मुख्य चिकित्सा अधीक्षक (CMS) द्वारा हस्ताक्षरित 'Practical Training Contract Form (Apprentice Certificate)' मिलता है।
2. फार्मेसी काउंसिल में ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन की चरणबद्ध प्रक्रिया {#2-फार्मेसी-काउंसिल-प्रक्रिया}
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A[राज्य फार्मेसी काउंसिल State Pharmacy Council पोर्टल पर लॉगिन] --> B[10वीं, 12वीं, डी/बी.फार्मा मार्कशीट व 500 घंटे ट्रेनिंग फॉर्म अपलोड]
B --> C[निर्धारित काउंसिल रजिस्ट्रेशन फीस का ऑनलाइन भुगतान]
C --> D[काउंसिल द्वारा संबंधित कॉलेज/विश्वविद्यालय को सत्यापन प्रेषण]
D --> E[काउंसिल कार्यालय में व्यक्तिगत उपस्थिति व मूल दस्तावेज स्क्रूटनी]
E --> F[पंजीकृत फार्मासिस्ट प्रमाण पत्र Registered Pharmacist Certificate जारी]
```
- पोर्टल पर जाएं: अपने राज्य की फार्मेसी काउंसिल (जैसे UP Pharmacy Council, Delhi Pharmacy Council आदि) की वेबसाइट पर जाएं।
- दस्तावेज अपलोड करें: 10वीं, 12वीं की मार्कशीट, डी.फार्मा/बी.फार्मा के सभी वर्षों की मार्कशीट, प्रोविजनल सर्टिफिकेट, और अस्पताल का 500 घंटे का ट्रेनिंग फॉर्म अपलोड करें।
- फीस भुगतान: लगभग ₹1,500 से ₹3,000 की सरकारी फीस जमा करें।
- दस्तावेज सत्यापन: काउंसिल आपकी मार्कशीट को संबंधित विश्वविद्यालय या बोर्ड (जैसे BTEUP) को भेजकर उसकी प्रामाणिकता जांचती है।
- प्रमाण पत्र प्राप्ति: सत्यापन पूरा होते ही काउंसिल द्वारा डिजिटल हस्ताक्षरित Pharmacist Registration Certificate जारी कर दिया जाता है।
ड्रग रूल्स के अनुसार किसी भी दुकान को मेडिकल स्टोर बनाने से पहले ये भौतिक मानक पूरे होने चाहिए:
- न्यूनतम क्षेत्रफल (Minimum Carpet Area):
- केवल खुदरा दुकान (Retail Chemist): न्यूनतम 10 वर्ग मीटर (लगभग 108 वर्ग फीट)।
- केवल थोक दुकान (Wholesale): न्यूनतम 10 वर्ग मीटर।
- खुदरा + थोक संयुक्त दुकान (Retail + Wholesale): न्यूनतम 15 वर्ग मीटर (लगभग 162 वर्ग फीट)।
- दुकान की ऊंचाई न्यूनतम 2.6 मीटर (8.5 फीट) होनी चाहिए।
- रेफ्रिजरेटर (Cold Chain Equipment): दुकान में 24x7 चलने वाला घरेलू या कमर्शियल फ्रीज होना अनिवार्य है, जिसके अंदर थर्मामीटर लगा हो और तापमान 2°C से 8°C के बीच बना रहे। (इसके बिना लाइसेंस कभी नहीं मिलता)।
- दुकान का प्रकार: दुकान पक्की, सीलन-मुक्त और रोशनी व हवादार होनी चाहिए।
4. ड्रग लाइसेंस के प्रकार (Form 20, 21, 20B, 21B) में क्या अंतर है? {#4-ड्रग-लाइसेंस-प्रकार}
ड्रग्स एंड कॉस्मेटिक्स रूल्स के तहत दवाओं के स्वभाव के आधार पर अलग-अलग फॉर्म जारी होते हैं:
| फॉर्म नंबर | लाइसेंस का प्रकार | किन दवाओं की बिक्री हेतु? |
|---|---|---|
| Form 20 | खुदरा (Retail Drug License) | सामान्य एलोपैथिक दवाएं (General Allopathic Drugs) |
| Form 21 | खुदरा (Retail Drug License) | शेड्यूल C और C(1) दवाएं (जैविक उत्पाद, एंटीबायोटिक्स, सीरम, वैक्सीन) |
| Form 20B | थोक (Wholesale Drug License) | थोक व्यापार हेतु सामान्य एलोपैथिक दवाएं |
| Form 21B | थोक (Wholesale Drug License) | थोक व्यापार हेतु शेड्यूल C और C(1) जैविक दवाएं |
नोट: मेडिकल स्टोर खोलने के लिए Form 20 और Form 21 दोनों एक साथ जारी किए जाते हैं।
5. e-Aushadhi पोर्टल पर ऑनलाइन ड्रग लाइसेंस आवेदन प्रक्रिया {#5-ड्रग-लाइसेंस-आवेदन}
- राज्य FDA पोर्टल खोलें: अपने राज्य के औषधि प्रशासन पोर्टल (जैसे उत्तर प्रदेश में
e-aushadhi, महाराष्ट्र मेंxlm-fda) पर जाएं। - 'Apply for New Retail Drug License' पर क्लिक करें।
- दुकान व मालिक का विवरण: दुकान का व्यापारिक नाम, सटीक पता, मालिक का पैन और आधार कार्ड भरें।
- फार्मासिस्ट विवरण: पंजीकृत फार्मासिस्ट का नाम, उसका फार्मेसी काउंसिल रजिस्ट्रेशन नंबर दर्ज करें और उसका शपथ पत्र अपलोड करें।
- दस्तावेज अपलोड करें:
- दुकान का ले-आउट प्लान (Blue Print Drawing - अधिकृत ड्राफ्ट्समैन द्वारा प्रमाणित)।
- दुकान का मालिकाना हक (बिजली बिल या पंजीकृत किरायानामा)।
- रेफ्रिजरेटर (फ्रीज) की खरीद का मूल जीएसटी बिल।
- फार्मासिस्ट की योग्यता व काउंसिल प्रमाण पत्र।
- ट्रेजरी चालान: ₹3,000 का सरकारी शुल्क ऑनलाइन जमा करें।
6. औषधि निरीक्षक (Drug Inspector) का स्थलीय निरीक्षण और सत्यापन {#6-ड्रग-इंस्पेक्टर-निरीक्षण}
आवेदन जमा होने के बाद क्षेत्रीय औषधि निरीक्षक (Drug Inspector - DI) दुकान पर भौतिक निरीक्षण हेतु आता है:
- वह फीते (Inch Tape) से दुकान की लंबाई और चौड़ाई नापता है कि क्या वह वास्तव में 10 वर्ग मीटर है।
- वह रेफ्रिजरेटर को खोलकर देखता है कि वह चालू है या नहीं।
- वह फार्मासिस्ट से व्यक्तिगत रूप से मिलकर उसके मूल प्रमाण पत्रों का मिलान करता है और उसका बयान दर्ज करता है कि वह दुकान पर पूर्णकालिक उपस्थित रहेगा।
- औषधि निरीक्षक अपनी अनुकूल रिपोर्ट सहायक औषधि नियंत्रक (ADC / Licensing Authority) को भेजता है, जहां से डिजिटल ड्रग लाइसेंस जारी कर दिया जाता है।
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