documents ⏱️ 5 मिनट पढ़ें 📅 16 सितंबर 2026

अंतरजातीय विवाह प्रोत्साहन योजना (Inter-Caste Marriage Scheme): ₹2.5 लाख से ₹5 लाख सहायता राशि व आवेदन की पूरी गाइड

अमित कुमार
अमित कुमार
वरिष्ठ विधिक एवं लोक सेवा सलाहकार

विधि स्नातक (LL.B.) और प्रशासनिक नियमों (DoPT, नागरिक अधिकार चार्टर, राजस्व संहिता) के विशेषज्ञ। विगत 8 वर्षों से ई-डिस्ट्रिक्ट सेवाओं, सिविल प्रमाण पत्रों, जाति, आय, निवास, और भूमि रिकॉर्ड प्रक्रियाओं पर प्रामाणिक तथ्य-जांच व विधिक मार्गदर्शन दे रहे हैं।

⚡ त्वरित उत्तर (Quick Answer)

अंतरजातीय विवाह योजना का लाभ लेने के लिए विवाह का वैधानिक रूप से पंजीकृत (Marriage Certificate) होना आवश्यक है, तथा पति या पत्नी में से एक का अनुसूचित जाति (SC) और दूसरे का गैर-एससी (सामान्य/ओबीसी) होना अनिवार्य है। विवाह की तिथि से 1 वर्ष के भीतर नवदंपति अपने जिले के समाज कल्याण विभाग के पोर्टल अथवा राष्ट्रीय डॉ. अंबेडकर फाउंडेशन (DAF) के पोर्टल पर ऑनलाइन या जिला समाज कल्याण अधिकारी (DSWO) कार्यालय में ऑफलाइन आवेदन प्रस्तुत करते हैं। आवेदन के साथ विवाह प्रमाण पत्र, दोनों के जाति प्रमाण पत्र, संयुक्त बैंक खाता और सांसद/विधायक का संस्तुति पत्र संलग्न किया जाता है। डीएम की अध्यक्षता वाली समिति द्वारा सत्यापन के बाद अनुदान राशि सीधे दंपति के संयुक्त खाते और फिक्स्ड डिपॉजिट में ट्रांसफर कर दी जाती है।

पैरामीटरआधिकारिक विवरण
योजना का नामडॉ. अंबेडकर अंतरजातीय विवाह प्रोत्साहन योजना एवं राज्य सामाजिक कल्याण योजनाएं
प्रायोजक मंत्रालयसामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय (MoSJE), भारत सरकार व राज्य समाज कल्याण विभाग
प्रोत्साहन वित्तीय सहायता₹2,50,000 (केंद्र) / कई राज्यों में ₹5,00,000 तक (सीधे बैंक खाते/सावधि जमा में)
मूल पात्रता शर्तदंपति में से कोई एक जीवनसाथी अनिवार्य रूप से अनुसूचित जाति (SC) से हो और दूसरा गैर-अनुसूचित जाति (General या OBC) से हो
विवाह पंजीकरणहिंदू विवाह अधिनियम 1955 अथवा विशेष विवाह अधिनियम 1954 के तहत कानूनी पंजीकरण अनिवार्य
आवेदन की समय सीमाविवाह की आधिकारिक तिथि से 1 वर्ष (12 महीने) के भीतर आवेदन अनिवार्य
भुगतान का प्रारूप₹1.5 लाख की 3 वर्ष हेतु सावधि जमा (FD) तथा शेष राशि सीधे संयुक्त बैंक खाते में RTGS
नोडल जिला अधिकारीजिला समाज कल्याण अधिकारी (District Social Welfare Officer - DSWO)
सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय आधिकारिक दिशा-निर्देश: भारत में जातिगत भेदभाव को समाप्त करने और सामाजिक समरसता को बढ़ावा देने के लिए केंद्र और राज्य सरकारों द्वारा अंतरजातीय विवाह प्रोत्साहन योजना (Inter-Caste Marriage Incentive Scheme) संचालित की जा रही है। केंद्र सरकार की 'डॉ. अंबेडकर सामाजिक एकता योजना (Dr. Ambedkar Scheme for Social Integration through Inter-Caste Marriages)' के तहत पात्र नवविवाहित जोड़े को ₹2,50,000 (ढाई लाख रुपये) की एकमुश्त वित्तीय सहायता प्रदान की जाती है। इसके अतिरिक्त कई राज्य सरकारें (जैसे राजस्थान, महाराष्ट्र, बिहार, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश) अपनी ओर से अतिरिक्त प्रोत्साहन राशि देकर कुल अनुदान ₹2.5 लाख से ₹5 लाख तक प्रदान करती हैं।

1. योजना का उद्देश्य और वित्तीय अनुदान संरचना {#1-उद्देश्य-व-अनुदान}

अंतरजातीय विवाह प्रोत्साहन योजना (Inter-Caste Marriage Scheme): ₹2.5 लाख से ₹5 लाख सहायता राशि व आवेदन की पूरी गाइड
चित्र: अंतरजातीय विवाह प्रोत्साहन योजना (Inter-Caste Marriage Scheme): ₹2.5 लाख से ₹5 लाख सहायता राशि व आवेदन की पूरी गाइड बनवाने की आधिकारिक सरकारी प्रक्रिया एवं आवश्यक दस्तावेजों की वैधानिक गाइड।

जाति व्यवस्था की रूढ़िवादिता को तोड़ने और युवाओं को अंतर्जातीय विवाह हेतु प्रोत्साहित करने के लिए यह योजना शुरू की गई थी:

  • प्रोत्साहन स्वरूप: यह राशि नए विवाहित जोड़े को गृहस्थी स्थापित करने, रोजगार शुरू करने या मकान की व्यवस्था हेतु सामाजिक संबल प्रदान करती है।
  • समान अधिकार: पूर्व में इसमें आय सीमा की शर्त थी, परंतु केंद्र सरकार ने संशोधन कर आय सीमा (Income Ceiling) पूरी तरह समाप्त कर दी है। अब उच्च आय वर्ग के दंपत्ति भी इसके पात्र हैं।

2. पात्रता मापदंड और शर्तें (Eligibility Criteria) {#2-पात्रता-मापदंड}

अनुदान प्राप्त करने हेतु निम्नलिखित कानूनी शर्तों को पूरा करना अनिवार्य है:

  1. जातिगत संयोजन:
  • पति या पत्नी में से एक व्यक्ति भारत के संविधान के अनुच्छेद 341 के तहत अधिसूचित अनुसूचित जाति (SC) का होना चाहिए।
  • दूसरा जीवनसाथी गैर-एससी (सवर्ण/सामान्य या पिछड़ा वर्ग OBC) से होना चाहिए।
  • नोट: यदि दोनों एससी वर्ग की अलग-अलग उपजातियों से हैं, तो यह योजना लागू नहीं होगी।
  1. पहला विवाह (First Marriage): यह दोनों जीवनसाथियों का पहला कानूनी विवाह होना चाहिए। यदि दोनों में से किसी का पूर्व में कोई विवाह हुआ था, तो वे अपात्र होंगे (विधवा/विधुर के पुनर्विवाह के कुछ राज्यों में अपवाद हैं)।
  2. विवाह की उम्र: विवाह के समय लड़के की आयु न्यूनतम 21 वर्ष और लड़की की आयु न्यूनतम 18 वर्ष होनी चाहिए।
  3. विवाह पंजीकरण: सक्षम रजिस्ट्रार (Sub-Registrar of Marriages) द्वारा जारी वैधानिक विवाह प्रमाण पत्र होना अनिवार्य है।
  4. आवेदन समय सीमा: विवाह पंजीकरण की तिथि से अधिकतम 1 वर्ष (12 महीने) के भीतर आवेदन जमा हो जाना चाहिए। 1 वर्ष बाद आवेदन स्वतः अमान्य हो जाता है।
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3. अनिवार्य दस्तावेज चेकलिस्ट (Document Checklist) {#3-आवश्यक-दस्तावेज}

आवेदन पत्र के साथ निम्नलिखित दस्तावेजों की राजपत्रित अधिकारी (Gazetted Officer) द्वारा सत्यापित प्रतियां लगानी होती हैं:

  1. विवाह प्रमाण पत्र (Legal Marriage Certificate): उप-निबंधक कार्यालय द्वारा जारी।
  2. जाति प्रमाण पत्र (Caste Certificate):
  • एससी जीवनसाथी का सक्षम राजस्व अधिकारी (तहसीलदार/एसडीएम) द्वारा जारी डिजिटल जाति प्रमाण पत्र।
  • गैर-एससी जीवनसाथी का सामान्य/ओबीसी प्रमाण पत्र या हलफनामा।
  1. आयु प्रमाण पत्र: दोनों के 10वीं बोर्ड प्रमाण पत्र अथवा जन्म प्रमाण पत्र।
  2. निवास प्रमाण पत्र (Domicile / Nativity Certificate): संबंधित राज्य का मूल निवास।
  3. विवाह की संयुक्त तस्वीर (Postcard Size Wedding Photo)।
  4. राष्ट्रीयकृत बैंक में खुला संयुक्त खाता (Joint Bank Account Passbook): पति-पत्नी दोनों के नाम से।
  5. प्रथम विवाह का संयुक्त शपथ पत्र: नोटरीकृत हलफनामा कि यह दोनों का प्रथम विवाह है।
  6. सांसद (MP) या विधायक (MLA) का अनुशंसा पत्र: डॉ. अंबेडकर फाउंडेशन योजना हेतु स्थानीय सांसद या विधायक का संस्तुति पत्र अनिवार्य होता है।

4. केंद्रीय डॉ. अंबेडकर योजना (DAF) हेतु आवेदन प्रक्रिया {#4-केंद्रीय-योजना-प्रक्रिया}

```mermaid

graph TD

A[विवाह का वैधानिक पंजीकरण व प्रमाण पत्र प्राप्त करना] --> B[दस्तावेज तैयार कर सांसद/विधायक अनुशंसा पत्र प्राप्त करना]

B --> C[आवेदन पत्र भरकर जिला समाज कल्याण अधिकारी DSWO को प्रेषित]

C --> D[जिला स्तरीय समिति द्वारा सत्यापन व पुलिस जांच]

D --> E[जिलाधिकारी DM द्वारा संस्तुति सहित DAF दिल्ली को प्रेषण]

E --> F[डॉ. अंबेडकर फाउंडेशन द्वारा सीधे संयुक्त खाते में RTGS व FD]

```

  1. फॉर्म डाउनलोड: डॉ. अंबेडकर फाउंडेशन की वेबसाइट (ambedkarfoundation.nic.in) से आधिकारिक आवेदन पत्र डाउनलोड करें।
  2. अनुशंसा प्राप्त करें: अपने क्षेत्र के वर्तमान लोकसभा/राज्यसभा सांसद अथवा विधानसभा सदस्य (MLA) से आवेदन पत्र पर औपचारिक अनुशंसा (Recommendation) करवाएं।
  3. जिला समाज कल्याण कार्यालय में जमा: फॉर्म के साथ सभी संलग्नक नत्थी कर अपने जिले के जिला समाज कल्याण अधिकारी (DSWO) के कार्यालय में जमा करें।
  4. डीएम की संस्तुति: जिला मजिस्ट्रेट (DM) की अध्यक्षता वाली समिति दस्तावेजों और दंपत्ति की भौतिक जांच करती है, तथा अपनी सकारात्मक आख्या केंद्र सरकार को भेजती है।
  5. डीबीटी द्वारा भुगतान: अनुमोदन के बाद डॉ. अंबेडकर फाउंडेशन सीधे दंपति के बैंक खाते में पैसा ट्रांसफर कर देता है।

5. विभिन्न राज्यों में मिलने वाली अतिरिक्त राशि (State-wise Variations) {#5-राज्यवार-राशि}

कई प्रगतिशील राज्यों ने इस योजना के तहत प्रोत्साहन राशि को काफी बढ़ा दिया है:

  • राजस्थान (डॉ. सविता बेन अंबेडकर योजना): राजस्थान सरकार अंतरजातीय विवाह करने वाले जोड़ों को कुल ₹10 लाख (₹5 लाख की 8 साल की एफडी और ₹5 लाख नकद) प्रदान करती है।
  • महाराष्ट्र: राज्य सरकार और केंद्र मिलकर ₹3 लाख से ₹5 लाख तक की सहायता देते हैं।
  • बिहार: मुख्यमंत्री अंतरजातीय विवाह प्रोत्साहन योजना के तहत ₹2.5 लाख की सावधि जमा (FD) दी जाती है।
  • उत्तर प्रदेश: राज्य समाज कल्याण विभाग के माध्यम से ₹50,000 राज्य का + ₹2.5 लाख केंद्र का कुल लाभ मिलता है।

6. बैंक भुगतान व 3 साल की एफडी (Lock-in Period) नियम {#6-भुगतान-व-एफडी-नियम}

योजना में मिलने वाली राशि का दुरुपयोग रोकने और विवाह की स्थिरता सुनिश्चित करने के लिए सरकार ने सुरक्षात्मक नियम बनाए हैं:

  • कुल ₹2,50,000 की राशि में से ₹1,50,000 की राशि पति और पत्नी के संयुक्त नाम पर 3 वर्ष के लिए फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) के रूप में बैंक में जमा की जाती है।
  • शेष ₹1,00,000 की राशि सीधे बचत खाते में तत्काल उपयोग हेतु ट्रांसफर कर दी जाती है।
  • 3 वर्ष का लॉक-इन पीरियड (Lock-in Period) पूरा होने के बाद ही बैंक मूलधन व उस पर अर्जित ब्याज दंपति को आहरित (Withdraw) करने की अनुमति देता है। यदि 3 वर्ष के भीतर तलाक या विवाह विच्छेद होता है, तो राशि सरकार के खाते में वापस जमा हो जाती है।

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❓ अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)

Q. क्या कोर्ट मैरिज करने पर यह लाभ मिलता है?

A. हाँ, बिल्कुल। विशेष विवाह अधिनियम (Special Marriage Act 1954) के तहत कोर्ट मैरिज करने वाले जोड़े इस योजना के लिए 100% पात्र हैं। वास्तव में कोर्ट मैरिज सर्टिफिकेट को सबसे मजबूत कानूनी दस्तावेज माना जाता है।

Q. क्या शादी के 2 साल बाद आवेदन किया जा सकता है?

A. नहीं। योजना की मार्गदर्शिका के अनुसार विवाह पंजीकरण की आधिकारिक तिथि से अधिकतम 1 वर्ष (365 दिन) के भीतर आवेदन जमा होना अनिवार्य है। 1 वर्ष बीत जाने के बाद किसी भी स्तर पर विलंब क्षमा (Condonation of Delay) का प्रावधान नहीं है।

Q. क्या अनुसूचित जनजाति (ST) के साथ विवाह करने पर भी यह केंद्रीय योजना लागू होती है?

A. केंद्र सरकार की डॉ. अंबेडकर योजना विशेष रूप से अनुसूचित जाति (SC) और गैर-एससी के बीच विवाह हेतु बनाई गई है। एसटी (ST) वर्ग के जोड़ों के लिए कई राज्य सरकारों ने अलग से जनजातीय कल्याण प्रोत्साहन योजनाएं चलाई हैं, जिनकी शर्तें संबंधित राज्य के जनजाति विकास विभाग द्वारा निर्धारित होती हैं।

Q. क्या अंतरजातीय विवाह प्रोत्साहन योजना (Inter-Caste Marriage Scheme) को डिजिलॉकर (DigiLocker) में रखना कानूनी रूप से मान्य है?

A. हाँ, सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम 2000 और आईटी नियम 2016 के नियम 9A के तहत डिजिलॉकर में उपलब्ध डिजिटल दस्तावेज को मूल भौतिक कागजात के बराबर 100% कानूनी मान्यता प्राप्त है।

Q. इस प्रमाण पत्र / कार्ड की आधिकारिक वैधता (Validity) कितने समय की होती है?

A. अधिकांश सरकारी पहचान और सिविल प्रमाण पत्र (जैसे आधार, जन्म, जाति, निवास) आजीवन (Lifetime) मान्य होते हैं, जबकि आय प्रमाण पत्र सामान्यतः 3 वर्ष और ईडब्ल्यूएस 1 वित्तीय वर्ष के लिए मान्य होता है।