tech ⏱️ 10 मिनट पढ़ें 📅 16 सितंबर 2026

Government e-Marketplace (GeM Portal) Seller Registration: सरकारी विभागों में माल और सेवाएं बेचकर व्यापार कैसे बढ़ाएं?

नेहा कपूर
नेहा कपूर
बिजनेस एवं एआई स्ट्रैटेजी एडिटर

एमबीए (फाइनेंस एवं टेक्नोलॉजी)। भारतीय स्टार्टअप इकोसिस्टम, एमएसएमई विकास, डी2सी ब्रांड्स और आधुनिक आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (LLMs, ऑटोमेशन टूल्स, उत्पादकता सॉफ्टवेयर) के व्यावहारिक व्यावसायिक उपयोग पर 6 वर्षों से शोध एवं रिपोर्टिंग।

⚡ त्वरित उत्तर (Quick Answer)

गवर्नमेंट ई-मार्केटप्लेस (GeM Portal - gem.gov.in) भारत सरकार के वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय द्वारा संचालित आधिकारिक राष्ट्रीय सार्वजनिक खरीद पोर्टल है। भारत के सभी केंद्रीय मंत्रालयों, राज्य सरकारों, सेना, रेलवे और सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों (PSUs) के लिए GeM से खरीदारी करना अनिवार्य है। कोई भी छोटा या बड़ा व्यापारी, निर्माता (OEM), सर्विस प्रोवाइडर अथवा एमएसएमई विक्रेता के रूप में निःशुल्क पंजीकरण करके सीधे सरकारी टेंडर्स, डायरेक्ट परचेज और रिवर्स ऑक्शन में भाग ले सकता है।

📌 मुख्य विशेषताएं व आवश्यक बिंदु

  • सरकारी खरीद नीति के तहत सभी विभागों हेतु 25% वार्षिक खरीद एमएसएमई (MSME) से करना कानूनी रूप से अनिवार्य।
  • ₹25,000 तक का सामान बिना किसी टेंडर के डायरेक्ट परचेज (Direct Purchase) के जरिए सरकारी विभागों को बेचने की सुविधा।
  • पारदर्शी ऑनलाइन भुगतान: बिल जनरेट होने के 10 से 30 दिनों के भीतर पीएफएमएस (PFMS) से सीधे बैंक खाते में भुगतान।
  • GeM सहाय (GeM Sahay) ऐप के माध्यम से सरकारी परचेज ऑर्डर (PO) के आधार पर 10 मिनट में बिना गारंटी वर्किंग कैपिटल लोन।
पोर्टल नामगवर्नमेंट ई-मार्केटप्लेस (Government e-Marketplace - GeM)
नोडल मंत्रालयवाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय (Ministry of Commerce & Industry), भारत सरकार
लक्षित विक्रेतानिर्माता (OEM), पुनर्विक्रेता (Resellers), सेवा प्रदाता, MSMEs, स्टार्टअप्स
वार्षिक खरीद कारोबार₹4 लाख करोड़ से अधिक (सभी सरकारी विभागों व पीएसयू की खरीद)
पंजीकरण शुल्क100% निःशुल्क (केवल कॉशन मनी टर्नओवर के आधार पर जमा होती है)
अनिवार्य दस्तावेजपैन कार्ड, आधार, उद्योग आधार/उद्यम, जीएसटी नंबर, बैंक खाता, आईटीआर
एमएसएमई आरक्षण25% अनिवार्य खरीद कोटा (3% महिला व 4% SC/ST एमएसएमई हेतु)
आधिकारिक पोर्टलgem.gov.in | हेल्पडेस्क: 1800-419-3436 / 1800-102-3436

📑 विषय सूची (Table of Contents)

1. GeM पोर्टल क्या है और सरकारी खरीद में इसकी क्या भूमिका है?

पूर्व में सरकारी विभागों द्वारा टेंडर जारी करने और खरीद करने की प्रक्रिया में भारी कागजी कार्रवाई, बिचौलियों और पारदर्शिता के अभाव की शिकायतें आती थीं। 2016 में भारत सरकार ने जनरल फाइनेंशियल रूल्स (GFR 2017) के नियम 149 के तहत गवर्नमेंट ई-मार्केटप्लेस (GeM Portal) की स्थापना की।

GeM एक अत्यधिक सुरक्षित और पारदर्शी ऑनलाइन बाज़ार है जहाँ सरकारी अधिकारी (खरीदार) और निजी व्यापारी (विक्रेता) सीधे जुड़ते हैं। वित्तीय वर्ष 2024-25 में GeM का संचयी सकल व्यापारिक मूल्य (GMV) ₹4 लाख करोड़ के ऐतिहासिक आंकड़े को पार कर चुका है। आज एक छोटी स्टेशनरी की दुकान से लेकर बड़ी सॉफ्टवेयर कंपनी तक कोई भी भारतीय उद्यमी GeM के माध्यम से सीधे राष्ट्रपति भवन, प्रधानमंत्री कार्यालय, भारतीय थल सेना या इसरो (ISRO) को अपने उत्पाद और सेवाएं बेच सकता है।

Government e-Marketplace GeM Portal Seller Registration and Procurement
चित्र: GeM पोर्टल ने भारत में सार्वजनिक खरीद को पूरी तरह पारदर्शी और भ्रष्टाचार-मुक्त बनाते हुए सूक्ष्म एवं लघु उद्यमियों को सरकारी बाज़ार से जोड़ा है।

2. कौन हैं खरीदार? (रेलवे, रक्षा, केंद्रीय मंत्रालय और पीएसयू)

GeM पर खरीदार कोई आम उपभोक्ता नहीं होते, बल्कि वे वित्तीय अधिकार प्राप्त सरकारी प्राधिकारी होते हैं:

  • केंद्रीय मंत्रालय व विभाग: गृह, रक्षा, वित्त, स्वास्थ्य, शिक्षा, अंतरिक्ष और परमाणु ऊर्जा विभाग।
  • सार्वजनिक उपक्रम (PSUs): इंडियन ऑयल (IOCL), ओएनजीसी (ONGC), भेल (BHEL), एनटीपीसी (NTPC) और कोल इंडिया।
  • सशस्त्र बल व अर्धसैनिक बल: थल सेना, नौसेना, वायु सेना, सीआरपीएफ (CRPF), बीएसएफ (BSF)।
  • राज्य सरकारें: 30+ राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के नगर निगम, जिला कलेक्ट्रेट, पुलिस मुख्यालय और सरकारी अस्पताल।

3. विक्रेता प्रकार: ओरिजिनल इक्विपमेंट मैन्युफैक्चरर (OEM) बनाम पुनर्विक्रेता (Reseller)

GeM पोर्टल पर दो प्रमुख प्रकार के विक्रेता पंजीकृत होते हैं:

  • ओरिजिनल इक्विपमेंट मैन्युफैक्चरर (OEM): जो खुद उत्पाद का निर्माण करते हैं अथवा ब्रांड के आधिकारिक ट्रेडमार्क मालिक हैं। ओईएम को भारतीय गुणवत्ता परिषद (QCI) द्वारा वेंडर असेसमेंट कराना होता है और वे पोर्टल पर नए उत्पाद मॉडल सूचीबद्ध करते हैं।
  • पुनर्विक्रेता (Reseller): जो ओईएम के अधिकृत डिस्ट्रीब्यूटर, डीलर या रिटेलर हैं। रीसेलर पहले से कैटलॉग में मौजूद उत्पादों पर 'Pairing' करके अपनी प्रतिस्पर्धी कीमतें उद्धृत कर सकते हैं।
  • सर्विस प्रोवाइडर (Service Providers): जो मैनपावर, वाहन रेंटल, सुरक्षा गार्ड, आईटी परामर्श, हाउसकीपिंग या इवेंट मैनेजमेंट जैसी सेवाएं प्रदान करते हैं।

4. जेम पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन के लिए आवश्यक दस्तावेज और पात्रता

विक्रेता पंजीकरण प्रारंभ करने से पहले आपके पास निम्नलिखित विवरण तैयार होने चाहिए:

  1. पैन कार्ड (PAN Card): प्रोप्राइटरशिप फर्म के लिए व्यक्तिगत पैन, अथवा पार्टनरशिप/कंपनी का व्यावसायिक पैन।
  2. आधार कार्ड: अधिकृत हस्ताक्षरकर्ता का आधार (जिससे मोबाइल नंबर लिंक हो)।
  3. जीएसटी पहचान संख्या (GSTIN): सक्रिय जीएसटी पंजीकरण (केवल अनरजिस्टर्ड या कंपोजिशन वाले कुछ विशेष उत्पादों को छूट)।
  4. उद्यम पंजीकरण (Udyam Registration): एमएसएमई लाभ और टेंडर में बयाना राशि (EMD) छूट पाने के लिए अनिवार्य।
  5. बैंक करंट अकाउंट: बैंक का नाम, खाता संख्या और IFSC कोड (पीएफएमएस सत्यापन हेतु)।
  6. आयकर रिटर्न (ITR): पिछले 3 वर्षों का आईटीआर और सकल वार्षिक टर्नओवर (Gross Annual Turnover) का ब्यौरा।

5. सेलर (विक्रेता) अकाउंट बनाने की स्टेप-बाय-स्टेप ऑनलाइन प्रक्रिया

  1. GeM के आधिकारिक पोर्टल gem.gov.in पर जाएं।
  2. ऊपर दाईं ओर 'Sign Up' पर क्लिक करें और 'Seller' का चयन करें।
  3. नियम व शर्तें (Terms & Conditions) स्वीकार करें।
  4. अपने संगठन का प्रकार चुनें (Proprietorship, Firm, Private Limited, LLP, अथवा Society/Trust)।
  5. कंपनी/फर्म का नाम और पैन कार्ड नंबर दर्ज करें। सिस्टम सीबीडीटी (CBDT) डेटाबेस से पैन को तुरंत सत्यापित करेगा।
  6. अधिकृत व्यक्ति का आधार नंबर दर्ज करें और मोबाइल ओटीपी से ई-साइन (Aadhaar e-KYC) पूरा करें।
  7. सक्रिय ईमेल आईडी दर्ज करें और ईमेल पर आए एक्टिवेशन लिंक से पासवर्ड बनाएं।
  8. प्रोफाइल पूर्णता (Profile Completion): लॉगिन करने के बाद प्रोफाइल डैशबोर्ड में जाएं:
    • पैन व आधार विवरण सत्यापित करें।
    • कंपनी का पूरा पंजीकृत पता दर्ज करें।
    • बैंक खाता विवरण भरें (₹1 का परीक्षण लेनदेन करके बैंक सत्यापित होता है)।
    • उद्यम पंजीकरण नंबर और श्रेणी (Micro / Small / Medium) दर्ज करें।
  9. प्रोफाइल स्कोर 100% होते ही आपका सेलर अकाउंट सक्रिय हो जाता है।

6. कॉशन मनी (Caution Money) नियम: टर्नओवर के आधार पर कितनी राशि जमा करनी होगी?

गंभीर और प्रामाणिक विक्रेताओं को ही पोर्टल पर बनाए रखने और धोखाधड़ी रोकने के लिए GeM ने कॉशन मनी (Caution Money) अनिवार्य की है:

  • टर्नओवर ₹1 करोड़ से कम (Micro Enterprises): ₹5,000 की सावधि जमा।
  • टर्नओवर ₹1 करोड़ से ₹10 करोड़ तक (Small Enterprises): ₹10,000 की सावधि जमा।
  • टर्नओवर ₹10 करोड़ से अधिक (Medium & Large): ₹25,000 की सावधि जमा।

यह राशि पोर्टल पर सुरक्षित जमा रहती है और कोई गलती न होने पर जब आप अकाउंट बंद करते हैं तो पूर्णतः वापस (Refundable) कर दी जाती है।

7. प्रोडक्ट और सर्विस कैटलॉग अपलोड करने व कीमत तय करने की विधि

खाता सक्रिय होने के बाद अपने उत्पादों को पोर्टल पर प्रदर्शित करना होता है:

  • कैटलॉग में सर्च: यदि आप किसी ब्रांडेड आइटम (उदा. HP प्रिंटर, गोदरेज अलमारी) के रीसेलर हैं, तो कैटलॉग में वह मॉडल खोजें और 'Sell this item' (Pairing) पर क्लिक करें। आपको अलग से फोटो या विवरण नहीं डालना पड़ता।
  • नई लिस्टिंग (New Product): यदि आप खुद निर्माता हैं, तो प्रोडक्ट की उच्च गुणवत्ता वाली तस्वीरें, विनिर्देश (Technical Specifications), आईएसओ/बीआईएस मानक और अधिकतम खुदरा मूल्य (MRP) भरें।
  • GeM ऑफर प्राइस: आपकी GeM विक्रय मूल्य किसी भी अन्य सार्वजनिक या निजी ई-कॉमर्स साइट (Amazon/Flipkart) से कम या बराबर होनी चाहिए। सरकार को अधिक मूल्य पर सामान बेचना अनुबंध उल्लंघन माना जाता है।

8. सरकारी आर्डर पाने के तरीके: डायरेक्ट परचेज, L1 कम्पैरिजन और ई-टेंडरिंग

GeM पर सरकारी खरीदार तीन तरीकों से आर्डर जारी करते हैं:

  1. डायरेक्ट परचेज (Direct Purchase - ₹25,000 तक): किसी भी सरकारी विभाग का अधिकारी बिना किसी तुलना के ₹25,000 तक का कोई भी सामान सीधे कार्ट में जोड़कर खरीद सकता है।
  2. L1 तुलना (L1 Comparison - ₹25,000 से ₹5 लाख तक): खरीदार को कम से कम 3 अलग-अलग निर्माताओं के उत्पादों की तुलना करनी होती है। जो विक्रेता सबसे न्यूनतम मूल्य (L1) प्रदान करता है, सिस्टम स्वतः उसे आर्डर जारी कर देता है।
  3. कस्टम बिडिंग व रिवर्स ऑक्शन (Bids / RA - ₹5 लाख से अधिक): बड़े आर्डर के लिए पोर्टल पर ई-टेंडर (Bids) जारी किए जाते हैं। आप 'Bids' टैब में जाकर अपनी पात्रता अनुसार तकनीकी और वित्तीय बोली (Technical & Financial Bid) जमा कर सकते हैं।

9. भुगतान सुरक्षा और पीएफएमएस (PFMS) समय-सीमा

पारंपरिक सरकारी ठेकों में सबसे बड़ा डर भुगतान अटकने का होता था। GeM ने इस व्यवस्था को पूरी तरह पारदर्शी बनाया है:

  • सामान प्राप्त होने पर खरीदार को 10 दिनों के भीतर CRAC (Consignee Receipt and Acceptance Certificate) जारी करना होता है।
  • सीआरएसी जारी होने के 10 से 30 कार्य दिवसों के भीतर पब्लिक फाइनेंशियल मैनेजमेंट सिस्टम (PFMS) के जरिए विक्रेता के बैंक खाते में सीधा भुगतान क्रेडिट हो जाता है।
  • यदि कोई सरकारी विभाग तय समय से अधिक देरी करता है, तो पोर्टल पर ऑटो-एस्केलेशन और ब्याज देयता का कड़ा नियम लागू होता है।

10. जेम सहाय (GeM Sahay): सरकारी आर्डर पर तुरंत बिजनेस लोन

एमएसएमई विक्रेताओं की कार्यशील पूंजी (Working Capital) की समस्या को हल करने के लिए GeM Sahay 2.0 मोबाइल ऐप प्रारंभ किया गया है:

  • जैसे ही आपको किसी सरकारी विभाग से परचेज आर्डर (PO) मिलता है, GeM Sahay ऐप पर पंजीकृत वित्तीय संस्थान (SBI, SIDBI, Kotak, Lendingkart) आपको उस आर्डर के विरुद्ध तुरंत ऋण ऑफर करते हैं।
  • बिना किसी संपत्ति गारंटी के, 10 मिनट के भीतर आर्डर मूल्य का 70% से 80% तक ऋण सीधे आपके खाते में वितरित कर दिया जाता है।
  • सरकारी विभाग से भुगतान प्राप्त होते ही ऋण का स्वतः निपटान हो जाता है।

11. जेम हेल्पलाइन, ट्रेनिंग वेबिनार व शिकायत निवारण

  • राष्ट्रीय टोल-फ्री हेल्पलाइन: 1800-419-3436 / 1800-102-3436 (सुबह 8:00 से रात 8:00 बजे तक)
  • ईमेल सहायता: helpdesk-gem@gov.in
  • लाइव चैट एवं टिकट सिस्टम: gem.gov.in पर लॉगिन करके 'Incident Management' से शिकायत दर्ज करें।
  • निःशुल्क विक्रेता प्रशिक्षण: GeM द्वारा प्रत्येक सप्ताह बुधवार और शुक्रवार को नए विक्रेताओं के लिए इंटरैक्टिव लाइव वेबिनार आयोजित किए जाते हैं।

❓ अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)

Q. GeM पोर्टल पर सेलर रजिस्ट्रेशन के लिए क्या कोई फीस लगती है?

A. नहीं, GeM पोर्टल पर सेलर अकाउंट बनाना और टेंडर्स में भाग लेना 100% निःशुल्क है। पंजीकरण के समय विक्रेता के टर्नओवर के आधार पर केवल ₹5,000 से ₹25,000 की रिफंडेबल कॉशन मनी (Caution Money) बैंक खाते में जमा करनी होती है।

Q. क्या बिना जीएसटी नंबर (GST Number) के GeM पर सामान बेचा जा सकता है?

A. अधिकांश वस्तुओं और सेवाओं के लिए सक्रिय जीएसटी नंबर होना अनिवार्य है। केवल वे सूक्ष्म विक्रेता जो जीएसटी से छूट प्राप्त विशेष हस्तशिल्प या अनरजिस्टर्ड श्रेणियों में आते हैं, सीमित छूट का लाभ उठा सकते हैं।

Q. GeM पोर्टल पर सामान बेचने के बाद भुगतान (Payment) कितने दिनों में मिल जाता है?

A. सरकारी नियमों के अनुसार विभाग द्वारा सामान स्वीकार करने और सीआरएसी (CRAC) प्रमाण पत्र जारी होने के 10 से 30 दिनों के भीतर पीएफएमएस (PFMS) के जरिए सीधे विक्रेता के बैंक खाते में भुगतान ट्रांसफर कर दिया जाता है।

Q. क्या नए और छोटे व्यापारी भी बड़े सरकारी टेंडर्स में भाग ले सकते हैं?

A. हाँ! सार्वजनिक खरीद नीति के तहत सरकारी विभागों के लिए कम से कम 25% खरीद एमएसएमई से करना अनिवार्य है। इसके अलावा कई टेंडरों में स्टार्ट-अप्स और सूक्ष्म उद्यमियों को पूर्व टर्नओवर और पूर्व अनुभव की शर्तों से पूरी छूट (Relaxation) दी जाती है।

Q. GeM Sahay ऐप से लोन कैसे मिलता है?

A. जैसे ही आपको GeM पोर्टल पर कोई सरकारी परचेज आर्डर (Purchase Order) प्राप्त होता है, आप GeM Sahay ऐप खोलकर उस आर्डर को सेलेक्ट कर सकते हैं। बैंक बिना किसी गारंटी के उस आर्डर के मूल्य का 80% तक ऋण 10 मिनट में सीधे आपके खाते में ट्रांसफर कर देते हैं।