1. ड्राइविंग लाइसेंस क्या है और इसके प्रकार?
मोटर वाहन अधिनियम 1988 के अनुसार सार्वजनिक सड़क पर किसी भी मोटर वाहन को चलाने के लिए वैध ड्राइविंग लाइसेंस अनिवार्य है।
- MCWG (Motor Cycle with Gear): बिना गियर और गियर वाली सभी मोटरसाइकिलों/स्कूटर के लिए।
- LMV (Light Motor Vehicle): निजी कार, जीप और वैन चलाने के लिए।
- Transport / Commercial: टैक्सी, बस, ट्रक और भारी मालवाहक वाहन चलाने हेतु।
2. लाइसेंस बनवाने की दो-चरणीय प्रक्रिया
भारत में सीधे परमानेंट ड्राइविंग लाइसेंस नहीं बनता; यह प्रक्रिया 2 चरणों में पूरी होती है:
- चरण 1: लर्नर लाइसेंस (कच्चा लाइसेंस) — इसकी वैधता 6 महीने की होती है।
- चरण 2: परमानेंट ड्राइविंग लाइसेंस (पक्का लाइसेंस) — लर्नर लाइसेंस बनने के कम से कम 30 दिन बाद और 6 महीने से पहले कभी भी परमानेंट डीएल के लिए आरटीओ में टेस्ट दिया जा सकता है।
3. आयु और पात्रता के नियम
- 16 वर्ष की आयु: 50cc से कम बिना गियर वाली मोपेड/स्कूटी हेतु (अभिभावक की सहमति अनिवार्य)।
- 18 वर्ष की आयु: सामान्य मोटरसाइकिल (MCWG) और निजी कार (LMV) के लिए।
- 20 वर्ष की आयु: कमर्शियल/ट्रांसपोर्ट वाहनों के लिए (कम से कम 1 वर्ष का LMV अनुभव अनिवार्य)।
4. जरूरी दस्तावेज़ों की चेकलिस्ट
| दस्तावेज़ | प्रकार | विवरण | अनिवार्यता |
|---|---|---|---|
| पहचान व आयु प्रमाण | जन्म साक्ष्य | 10वीं की मार्कशीट, जन्म प्रमाण पत्र, या पैन कार्ड | अनिवार्य |
| पता प्रमाण | निवास साक्ष्य | आधार कार्ड (मोबाइल नंबर से लिंक होना अनिवार्य) | अनिवार्य |
| पासपोर्ट साइज रंगीन फोटो | फोटोग्राफ | आवेदक की साफ फोटो | अनिवार्य |
| हस्ताक्षर स्कैन | हस्ताक्षर साक्ष्य | सादे सफेद कागज पर काले पेन से हस्ताक्षर | अनिवार्य |
| मेडिकल सर्टिफिकेट (Form 1A) | स्वास्थ्य साक्ष्य | 40 वर्ष से अधिक आयु या कमर्शियल वाहन के लिए सरकारी डॉक्टर द्वारा | शर्तों अनुसार |
5. स्टेप 1: लर्नर लाइसेंस (LL) के लिए आवेदन और ऑनलाइन टेस्ट
- सारथी पोर्टल खोलें:
https://parivahan.gov.in/पर जाएं और 'Drivers/ Learners License' चुनें। - अपना राज्य चुनें: सूची से अपना गृह राज्य चुनें।
- 'Apply for Learner License' पर क्लिक करें।
- आधार ऑथेंटिकेशन (Faceless Service):
- 'Submit via Aadhaar Authentication' चुनें। इससे आपको आरटीओ जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी।
- आधार नंबर दर्ज करके ओटीपी सत्यापित करें। आपका नाम, फोटो और पता आधार से स्वतः फेच हो जाएगा।
- वाहन श्रेणी चुनें: MCWG (बाइक) और LMV (कार) दोनों पर टिक करें।
- दस्तावेज़ अपलोड करें: 10वीं की मार्कशीट और हस्ताक्षर की स्कैन कॉपी अपलोड करें।
- फीस जमा करें: ₹350 (लर्नर फीस + टेस्ट फीस) यूपीआई या नेट बैंकिंग से ऑनलाइन जमा करें।
- रोड सेफ्टी ट्यूटोरियल देखें: पोर्टल पर सड़क सुरक्षा का अनिवार्य वीडियो पूरा देखें।
- घर बैठे ऑनलाइन टेस्ट दें:
- मोबाइल पर यूजर आईडी और पासवर्ड का एसएमएस मिलेगा।
- लैपटॉप/मोबाइल के वेबकैम के सामने बैठकर ट्रैफिक नियमों और संकेतों का 15 बहुविकल्पीय (MCQ) प्रश्नों वाला टेस्ट दें।
- 9 प्रश्न सही होते ही आप पास हो जाएंगे और लर्नर लाइसेंस PDF तुरंत स्क्रीन पर डाउनलोड हो जाएगा!
6. स्टेप 2: परमानेंट ड्राइविंग लाइसेंस (DL) के लिए आवेदन
- लर्नर लाइसेंस बनने के 30 दिन बाद सारथी पोर्टल पर जाएं और 'Apply for Driving License' चुनें।
- अपना लर्नर लाइसेंस नंबर और जन्म तिथि डालें।
- वाहन श्रेणी चुनें और परमानेंट डीएल फीस (लगभग ₹700 से ₹1,000) का ऑनलाइन भुगतान करें।
- RTO स्लॉट बुकिंग: अपनी सुविधानुसार आरटीओ में ड्राइविंग टेस्ट के लिए तारीख और समय चुनें और स्लॉट बुकिंग स्लिप का प्रिंट निकाल लें।
7. RTO ड्राइविंग ट्रैक टेस्ट कैसे पास करें?
- निर्धारित तिथि पर अपने वाहन, लर्नर लाइसेंस, आवेदन रसीद और वाहन के प्रदूषण/बीमा कागज़ात के साथ आरटीओ ड्राइविंग ट्रैक पर पहुंचे।
- कार (LMV) टेस्ट: स्वचालित सेंसर वाले ट्रैक पर कार को 'H' शेप में आगे-पीछे करना और '8' के आकार में घुमाना होता है।
- बाइक (MCWG) टेस्ट: बिना पैर जमीन पर रखे बाइक को '8' ट्रैक पर संतुलित करके निकालना होता है।
- टेस्ट पास करते ही मोटर वाहन निरीक्षक (MVI) फाइल को ऑनलाइन अप्रूव कर देता है।
8. सरकारी फीस का पूरा ब्योरा
- लर्नर लाइसेंस (LL): ₹150 प्रति क्लास + ₹50 ऑनलाइन टेस्ट फीस = ₹350 (बाइक + कार).
- परमानेंट लाइसेंस (DL): ₹200 प्रति क्लास + ₹300 ड्राइविंग टेस्ट फीस + ₹200 स्मार्ट कार्ड डिलीवरी = लगभग ₹700 से ₹1,000.
- (नोट: किसी भी दलाल को अतिरिक्त पैसे न दें; पूरी फीस केवल परिवहन विभाग के आधिकारिक पोर्टल पर ऑनलाइन जमा होती है।)
9. mParivahan और DigiLocker में वर्चुअल DL
- DigiLocker: डिजीलॉकर में 'Ministry of Road Transport and Highways' चुनकर अपना डीएल नंबर डालें।
- कानूनी मान्यता: केंद्रीय मोटर वाहन नियम, 1989 के नियम 139 के अनुसार, डिजीलॉकर या mParivahan ऐप में मौजूद वर्चुअल ड्राइविंग लाइसेंस भौतिक स्मार्ट कार्ड के 100% समकक्ष है। ट्रैफिक पुलिस इसे अस्वीकार नहीं कर सकती।
10. ड्राइविंग लाइसेंस की वैधता और नवीनीकरण
- निजी ड्राइविंग लाइसेंस जारी होने की तिथि से 20 वर्ष या धारक की 40 वर्ष की आयु तक (जो भी पहले आए) वैध रहता है।
- 40 से 50 वर्ष की आयु के बीच यह 10 वर्ष और 50 से अधिक उम्र पर 5 वर्ष के लिए नवीनीकृत किया जाता है।
12. आधिकारिक स्रोत (Official Sources)
- परिवहन सारथी राष्ट्रीय पोर्टल: parivahan.gov.in
- सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय (MoRTH): morth.nic.in
- डिजिटल लॉकर: digilocker.gov.in
Information Last Verified: 16 सितंबर 2026