1. रेलवे रियायत के पात्र 4 प्रमुख दिव्यांगता वर्ग {#1-रेलवे-पात्र-वर्ग}
भारतीय रेलवे के नियमों के अनुसार केवल निम्नलिखित चार श्रेणियों के प्रमाणित दिव्यांगजन ही रियायती पहचान पत्र के पात्र हैं:
- अस्थिबाधित दिव्यांगजन (Locomotor Disability / Paraplegic): दोनों पैर या हाथ-पैर से गंभीर रूप से प्रभावित व्यक्ति, जो बिना सहायक के यात्रा करने में पूरी तरह असमर्थ हों।
- दृष्टिबाधित व्यक्ति (Blind Persons): जो पूरी तरह दृष्टिहीन (Totally Blind) हों।
- श्रवण एवं वाणी बाधित व्यक्ति (Deaf & Dumb): जो दोनों (सुनने और बोलने दोनों) क्षमताओं से पूर्णतः वंचित हों (यदि केवल एक क्षमता बाधित है तो दोनों 100% न होने पर रेलवे छूट नहीं देता)।
- मानसिक रूप से दिव्यांग (Intellectual Disability / Mentally Retarded): जो बिना देखरेख या सहायक के यात्रा नहीं कर सकते।
2. रेलवे रियायत प्रतिशत संरचना (ट्रेन व क्लास अनुसार छूट) {#2-छूट-की-दरें}
| श्रेणी | स्लीपर (SL) / 3AC / CC | 2AC / 1AC | राजधानी / शताब्दी एक्सप्रेस |
|---|---|---|---|
| अस्थिबाधित / ऑर्थोपेडिक | 75% छूट | 50% छूट | 3AC / AC Chair Car में 33% छूट |
| पूर्ण दृष्टिबाधित (Blind) | 75% छूट | 50% छूट | 3AC / AC Chair Car में 33% छूट |
| मानसिक दिव्यांग (Intellectual) | 75% छूट | 50% छूट | 3AC / AC Chair Car में 33% छूट |
| मूक-बधिर (Deaf & Dumb दोनों) | 50% छूट (SL/2nd Class) | कोई छूट नहीं | कोई छूट नहीं |
| साथ चलने वाला सहायक (Escort) | समान छूट (Same Concession) | समान छूट | समान छूट |
3. रेलवे रियायती फोटो पहचान पत्र बनवाने की चरणबद्ध प्रक्रिया (DRM Office) {#3-रेलवे-कार्ड-प्रक्रिया}
```mermaid
graph TD
A[सरकारी मेडिकल बोर्ड से निर्धारित रेलवे फॉर्मेट पर Concession Certificate बनवाना] --> B[संबंधित रेलवे मंडल DRM वाणिज्य कार्यालय में आवेदन प्रस्तुत करना]
B --> C[रेलवे मुख्य चिकित्सा अधीक्षक CMS द्वारा दस्तावेजों का सत्यापन]
C --> D[रेलवे कॉमर्शियल इंस्पेक्टर द्वारा स्क्रूटनी व अनुमोदन]
D --> E[विशिष्ट यूनिक आईडी संख्या Unique Photo ID Card जारी]
E --> F[IRCTC प्रोफाइल में आईडी नंबर लिंक व घर बैठे 75% छूट टिकट बुकिंग]
```
- रेलवे रियायत प्रमाण पत्र प्राप्त करें: रेलवे के आधिकारिक निर्धारित प्रोफार्मा (Concession Certificate Format) पर सरकारी जिला अस्पताल के सीएमओ/मेडिकल बोर्ड के हस्ताक्षर व मुहर करवाएं।
- डीआरएम ऑफिस जाएं: अपने गृह जिले के संबंधित रेलवे मंडल प्रबंधक कार्यालय (Divisional Railway Manager - DRM Office) के सीनियर डीसीएम (Sr. DCM) कार्यालय में स्थित दिव्यांग सेल में जाएं।
- आवेदन जमा करें:
- भरा हुआ आवेदन पत्र।
- सीएमओ द्वारा जारी मूल रेलवे कंसेशन सर्टिफिकेट।
- केंद्रीय UDID स्वावलंबन कार्ड की प्रति।
- आयु प्रमाण (10वीं मार्कशीट/जन्म प्रमाण पत्र/आधार)।
- आवेदक की 2 पासपोर्ट साइज फोटो (और यदि सहायक की आवश्यकता है तो डॉक्टर का विशेष उल्लेख)।
- सत्यापन व कार्ड जारी: रेलवे डॉक्टर (CMS) द्वारा अस्पताल से सत्यापन रिपोर्ट मंगाई जाती है। सत्यापन सही पाए जाने पर 15 दिनों में लेमिनेटेड 'Divyangjan Concession Card' जारी कर दिया जाता है।
4. IRCTC पोर्टल पर ऑनलाइन दिव्यांग कंसेशन टिकट कैसे बुक करें? {#4-irctc-टिकट-बुकिंग}
रेलवे कार्ड बन जाने के बाद टिकट काउंटर पर लाइन में लगने की जरूरत नहीं होती:
- irctc.co.in पर अपने खाते से लॉगिन करें।
- ट्रेन सर्च करते समय 'Divyangjan' चेकबॉक्स पर टिक करें।
- ट्रेन और क्लास का चयन करें (जैसे 3AC या Sleeper)। प्रत्येक ट्रेन में दिव्यांगजनों हेतु लोअर बर्थ का एक विशेष कोटा (Divyangjan Quota) आरक्षित होता है।
- यात्री विवरण में अपना नाम, आयु और डीआरएम द्वारा जारी Divyang ID Card Number और कार्ड की समाप्ति तिथि भरें।
- यदि साथ में सहायक (Escort) जा रहा है, तो 'Escort Required' पर टिक कर उसका नाम भरें।
- सिस्टम स्वतः 75% या 50% किराया घटाकर रियायती बिल दिखाएगा। ऑनलाइन भुगतान कर ई-टिकट प्रिंट करें।
- सफर के दौरान नियम: ट्रेन में यात्रा करते समय मूल दिव्यांग रेलवे कार्ड और मूल आधार कार्ड टीटीई (TTE) को दिखाना अनिवार्य है।
5. राज्य परिवहन निगम (State Roadways) मुफ्त बस पास के नियम {#5-रोडवेज-बस-पास-नियम}
राज्य सरकारों ने बस यात्रा को लगभग पूरी तरह मुफ्त कर दिया है:
- उत्तर प्रदेश (UPSRTC): 40% या अधिक दिव्यांगता वाले नागरिकों को साधारण व जनरथ एसी बसों में 100% मुफ्त यात्रा। गंभीर दिव्यांगता वाले व्यक्तियों के साथ 1 अटेंडेंट को भी मुफ्त यात्रा।
- दिल्ली (DTC): डीटीसी की सभी नॉन-एसी और एसी लो-फ्लोर बसों में दिव्यांगजनों को ऑल-रूट फ्री पास।
- राजस्थान (RSRTC): रोडवेज की बसों में राज्य की सीमाओं के भीतर पूर्णतः निःशुल्क यात्रा।
- बस पास कैसे बनता है? अपने जिले के मुख्य बस डिपो (Bus Depot Counter) अथवा राज्य ई-डिस्ट्रिक्ट पोर्टल पर UDID कार्ड, आधार कार्ड और 2 फोटो देकर RFID Smart Travel Pass तुरंत बनवाया जा सकता है।
6. साथ जाने वाले सहायक (Escort) के अधिकार और शर्तें {#6-सहायक-के-नियम}
- डॉक्टर का प्रमाणीकरण: रियायत प्रमाण पत्र में डॉक्टर द्वारा यह प्रमाणित होना अनिवार्य है कि "यह दिव्यांग व्यक्ति बिना किसी अन्य व्यक्ति की सहायता के यात्रा करने में असमर्थ है (Incapable of travelling without an escort)"।
- समान बर्थ व क्लास: सहायक को भी दिव्यांगजन के बगल वाली सीट/बर्थ ही आवंटित की जाती है और उसे भी दिव्यांगजन के समान ही 75% या 50% किराए की छूट मिलती है।
- अकेले यात्रा की मनाही: सहायक उस रियायती टिकट पर अकेले यात्रा नहीं कर सकता; उसका टिकट केवल दिव्यांग व्यक्ति के साथ ही वैध माना जाता है।
Google Discover & Meta Optimization Data
- Primary Focus Keyword: disability railway concession card apply online irctc
- Secondary Keywords: divyang bus pass online apply roadways, railway divyang unique photo id card drm office, udid card railway concession rules, irctc divyang quota ticket booking
- SEO Title: दिव्यांग रेलवे रियायती पास व फ्री बस पास कैसे बनवाएं: IRCTC 75% छूट पूरी गाइड 2026
- Meta Description: दिव्यांगजन रेलवे फोटो आईडी कार्ड और रोडवेज फ्री बस पास कैसे बनवाएं? IRCTC पर 75% किराए में छूट, UDID कार्ड नियम, DRM ऑफिस प्रक्रिया और सहायक रियायत की पूरी जानकारी।
- Discover Recommended Image: 1200x675px (16:9), भारतीय रेलवे दिव्यांगजन फोटो पहचान पत्र, आधुनिक ट्रेन में व्हीलचेयर एक्सेस और राज्य रोडवेज मुफ्त बस पास का संयोजन।
```json
{
"@context": "https://schema.org",
"@type": "GovernmentService",
"name": "Divyangjan Travel Concession & Free Transport Pass Service",
"serviceType": "Public Transportation Concession & Accessibility Welfare",
"provider": {
"@type": "GovernmentOrganization",
"name": "Ministry of Railways / State Road Transport Corporations"
},
"url": "https://irctc.co.in/",
"serviceArea": {
"@type": "Country",
"name": "India"
}
}
```