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दिव्यांग प्रमाण पत्र और UDID कार्ड ऑनलाइन कैसे बनवाएं? स्वावलंबन पोर्टल, 21 दिव्यांगताएं, नियम व लाभ

अमित कुमार
अमित कुमार
वरिष्ठ विधिक एवं लोक सेवा सलाहकार

विधि स्नातक (LL.B.) और प्रशासनिक नियमों (DoPT, नागरिक अधिकार चार्टर, राजस्व संहिता) के विशेषज्ञ। विगत 8 वर्षों से ई-डिस्ट्रिक्ट सेवाओं, सिविल प्रमाण पत्रों, जाति, आय, निवास, और भूमि रिकॉर्ड प्रक्रियाओं पर प्रामाणिक तथ्य-जांच व विधिक मार्गदर्शन दे रहे हैं।

⚡ त्वरित उत्तर (Quick Answer)

दिव्यांग प्रमाण पत्र (Disability Certificate) और विशिष्ट दिव्यांगता पहचान पत्र (<strong>UDID Card - Unique Disability ID</strong>) केंद्र सरकार के सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय के दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग (DEPwD) द्वारा जारी किया जाने वाला आधिकारिक राष्ट्रीय कार्ड है। इसे आधिकारिक स्वावलंबन पोर्टल (<strong>swavlambancard.gov.in</strong>) पर ऑनलाइन निःशुल्क आवेदन करके बनवाया जा सकता है। इसके लिए आधार कार्ड, दिव्यांगता दर्शाने वाली रंगीन फोटो और पता प्रमाण आवश्यक होते हैं। ऑनलाइन आवेदन के बाद जिला अस्पताल (CMO कार्यालय) के मेडिकल बोर्ड द्वारा जांच की जाती है। <strong>40% या उससे अधिक दिव्यांगता (Benchmark Disability)</strong> प्रमाणित होने पर स्थायी/अस्थायी यूडीआईडी कार्ड जारी होता है, जिससे रेलवे छूट, दिव्यांग पेंशन और सरकारी नौकरियों में 4% आरक्षण का लाभ मिलता है।

जानकारीविवरण
दस्तावेज़ का नामविशिष्ट दिव्यांगता पहचान पत्र (UDID Card & Disability Certificate)
जारीकर्ता प्राधिकरणजिला मुख्य चिकित्सा अधिकारी (CMO) / मेडिकल बोर्ड (DEPwD)
अधिनियमदिव्यांगजन अधिकार अधिनियम, 2016 (RPwD Act 2016)
आवेदन का माध्यमऑनलाइन (स्वावलंबन पोर्टल: swavlambancard.gov.in)
आधिकारिक पोर्टलswavlambancard.gov.in
सरकारी शुल्क₹0 (पूर्णतः निःशुल्क)
निर्धारित समय सीमामेडिकल बोर्ड जांच के 15 से 30 कार्यदिवस
प्रमाण पत्र की वैधतास्थायी दिव्यांगता: आजीवन \अस्थायी दिव्यांगता: 1 से 5 वर्ष
डिजिटल डाउनलोडउपलब्ध (ई-यूडीआईडी कार्ड एवं मेडिकल सर्टिफिकेट PDF / DigiLocker)

1. UDID कार्ड क्या है और यह पुराने प्रमाण पत्र से बेहतर क्यों है?

दिव्यांग प्रमाण पत्र और UDID कार्ड ऑनलाइन कैसे बनवाएं? स्वावलंबन पोर्टल, 21 दिव्यांगताएं, नियम व लाभ
चित्र: दिव्यांग प्रमाण पत्र और UDID कार्ड ऑनलाइन कैसे बनवाएं? स्वावलंबन पोर्टल, 21 दिव्यांगताएं, नियम व लाभ बनवाने की आधिकारिक सरकारी प्रक्रिया एवं आवश्यक दस्तावेजों की वैधानिक गाइड।

पहले दिव्यांगजनों को हर जिले, राज्य या विभाग में अलग-अलग मेडिकल सर्टिफिकेट लेकर भटकना पड़ता था। केंद्र सरकार ने इस समस्या को समाप्त करने के लिए 'वन नेशन, वन डिसेबिलिटी कार्ड' के रूप में UDID (Unique Disability ID) प्रोजेक्ट शुरू किया है।

  • राष्ट्रीय मान्यता: यह स्मार्ट कार्ड पूरे भारत के सभी अस्पतालों, परिवहन विभागों और मंत्रालयों में समान रूप से मान्य है।
  • डिजिटल क्यूआर कोड: कार्ड पर चिप और क्यूआर कोड होता है, जिसे स्कैन करते ही दिव्यांगजन की पूरी मेडिकल हिस्ट्री ऑनलाइन खुल जाती है।

2. RPwD अधिनियम 2016 के तहत 21 मान्यता प्राप्त दिव्यांगताएं

दिव्यांगजन अधिकार अधिनियम 2016 के तहत श्रेणियों को 7 से बढ़ाकर 21 कर दिया गया है:

  1. अंधापन (Blindness)
  2. कम दृष्टि (Low Vision)
  3. कुष्ठ रोग मुक्त (Leprosy Cured)
  4. बहरापन/श्रवण बाधित (Hearing Impairment)
  5. लोकोमोटर डिसेबिलिटी (चलने-फिरने में असमर्थता)
  6. बौनापन (Dwarfism)
  7. बौद्धिक अक्षमता (Intellectual Disability)
  8. मानसिक बीमारी (Mental Illness)
  9. ऑटिज्म स्पेक्ट्रम डिसऑर्डर (Autism)
  10. सेरेब्रल पाल्सी (Cerebral Palsy)
  11. मस्कुलर डिस्ट्रॉफी (Muscular Dystrophy)
  12. क्रॉनिक न्यूरोलॉजिकल स्थितियां (Chronic Neurological Conditions)
  13. स्पेसिफिक लर्निंग डिसेबिलिटी (Dyslexia आदि)
  14. मल्टीपल स्केलेरोसिस (Multiple Sclerosis)
  15. भाषण और भाषा विकलांगता (Speech & Language Disability)
  16. थैलेसीमिया (Thalassemia)
  17. हीमोफीलिया (Hemophilia)
  18. सिकल सेल रोग (Sickle Cell Disease)
  19. बहु-विकलांगता (Multiple Disabilities)
  20. एसिड अटैक पीड़ित (Acid Attack Victims)
  21. पार्किंसंस रोग (Parkinson's Disease)
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3. 40% बेंचमार्क दिव्यांगता का क्या अर्थ है?

किसी भी सरकारी योजना, छात्रवृत्ति, नौकरी में आरक्षण या मुफ्त उपकरण पाने के लिए मेडिकल बोर्ड द्वारा न्यूनतम 40% दिव्यांगता (Benchmark Disability) प्रमाणित होना कानूनी रूप से अनिवार्य है। 40% से कम दिव्यांगता होने पर पहचान पत्र तो बन सकता है, लेकिन कानूनी आरक्षण का लाभ नहीं मिलता।

4. UDID कार्ड धारक को मिलने वाले प्रमुख सरकारी लाभ

  • रेलवे रियायत (Railway Concession): भारतीय रेलवे में दिव्यांगजन और उनके एक सहायक (Escort) को ट्रेन टिकट में 50% से 75% तक की भारी छूट।
  • दिव्यांग पेंशन: राज्य सरकारों द्वारा प्रति माह ₹1,000 से ₹3,000 तक की प्रत्यक्ष मासिक पेंशन।
  • सरकारी नौकरियों में आरक्षण: केंद्र व राज्य सरकार की सभी भर्तियों में 4% क्षैतिज (Horizontal) आरक्षण और अधिकतम आयु में 10 वर्ष की छूट।
  • उच्च शिक्षा में कोटा: सभी सरकारी कॉलेजों व विश्वविद्यालयों में न्यूनतम 5% आरक्षित सीटें।
  • मुफ्त सहायक उपकरण (ADIP योजना): एलिम्को (ALIMCO) द्वारा मुफ्त ट्राइसाइकिल, मोटराइज्ड व्हीलचेयर, हियरिंग एड और कृत्रिम अंग।
  • आयकर छूट: आयकर अधिनियम की धारा 80U के तहत ₹75,000 से ₹1,25,000 तक की टैक्स छूट।

5. जरूरी दस्तावेज़ों की चेकलिस्ट

दस्तावेज़प्रकारविवरणअनिवार्यता
आवेदक का आधार कार्डपहचान व पताबायोमेट्रिक पहचान सत्यापनअनिवार्य
दिव्यांगता दर्शाने वाली फोटोफोटोग्राफशरीर के प्रभावित अंग को स्पष्ट दर्शाती रंगीन फोटोअनिवार्य
पासपोर्ट साइज रंगीन फोटोफोटोग्राफकार्ड पर मुद्रण हेतु साफ पासपोर्ट फोटोअनिवार्य
हस्ताक्षर या अंगूठे का निशानहस्ताक्षरसादे कागज पर हस्ताक्षर/अंगूठा स्कैनअनिवार्य
पुराना मेडिकल सर्टिफिकेट (यदि हो)पूर्व साक्ष्यजिला अस्पताल द्वारा पहले जारी किया गया पर्चावैकल्पिक

6. स्वावलंबन पोर्टल पर ऑनलाइन आवेदन की स्टेप-बाय-स्टेप प्रक्रिया

  1. आधिकारिक पोर्टल पर जाएं: https://www.swavlambancard.gov.in/ खोलें।
  2. 'Apply for Disability Certificate & UDID Card' पर क्लिक करें।
  3. व्यक्तिगत विवरण भरें:
  • आवेदक का नाम (हिंदी व अंग्रेजी में), पिता/माता का नाम, जन्म तिथि, लिंग और मोबाइल नंबर।
  • पहचान प्रमाण के रूप में आधार नंबर दर्ज करें।
  1. पता विवरण भरें: वर्तमान और स्थायी पता, पिन कोड और गृह जनपद का चयन करें (उसी जनपद का जिला अस्पताल असेसमेंट के लिए अलॉट होगा)।
  2. दिव्यांगता विवरण भरें:
  • अपनी दिव्यांगता का प्रकार चुनें (21 श्रेणियों में से)।
  • दिव्यांगता जन्म से है या दुर्घटना के बाद, यह विवरण दर्ज करें।
  1. दस्तावेज़ और फोटो अपलोड करें:
  • पासपोर्ट फोटो (<100KB), दिव्यांगता दर्शाने वाली फोटो, हस्ताक्षर/अंगूठा और आधार कार्ड अपलोड करें।
  1. सबमिट करें और रसीद लें: फॉर्म सबमिट होते ही एक UDID Enrolment Number (18-अंकीय) जनरेट होगा। इस पावती रसीद का प्रिंट निकाल लें।

7. जिला अस्पताल (CMO मेडिकल बोर्ड) द्वारा असेसमेंट

  • ऑनलाइन आवेदन के बाद पोर्टल पर आपको जिला अस्पताल (District Hospital) में मेडिकल बोर्ड के समक्ष उपस्थित होने की तारीख व समय का एसएमएस मिलता है।
  • निर्धारित दिन अपने सभी मूल कागज़ात, पुरानी मेडिकल रिपोर्ट्स और एनरोलमेंट रसीद लेकर जिला अस्पताल के दिव्यांग बोर्ड काउंटर पर जाएं।
  • डॉक्टरों का विशेषज्ञ पैनल (हड्डी रोग विशेषज्ञ, ईएनटी, नेत्र रोग या मनोचिकित्सक) आपकी जांच करेगा और दिव्यांगता का सटीक प्रतिशत तय करेगा।
  • मेडिकल बोर्ड अपनी रिपोर्ट सीधे पोर्टल पर डिजिटल रूप से अपलोड कर देता है।

8. आवेदन की स्थिति (Status) ट्रैक कैसे करें?

  • स्वावलंबन पोर्टल पर 'Track Your Application Status' पर जाएं।
  • अपना 18-अंकीय Enrolment Number या आधार नंबर डालें।
  • स्थिति दिखेगी: Application Submitted, Medical Board Assessment Completed, या UDID Card Generated.

9. e-UDID कार्ड डाउनलोड और फिजिकल कार्ड की डिलीवरी

  • e-UDID कार्ड डाउनलोड: स्वीकृत होते ही पोर्टल से डिजिटल हस्ताक्षरित दिव्यांग प्रमाण पत्र और e-UDID कार्ड रंगीन PDF में तुरंत डाउनलोड किया जा सकता है।
  • फिजिकल प्लास्टिक कार्ड: केंद्र सरकार द्वारा लेमिनेटेड क्यूआर-कोड युक्त प्लास्टिक स्मार्ट UDID कार्ड डाक विभाग (India Post) द्वारा निःशुल्क सीधे आपके घर के पते पर डिलीवर कर दिया जाता है।
  • DigiLocker: डिजीलॉकर ऐप में 'Department of Empowerment of Persons with Disabilities' सर्च करके अपना UDID नंबर डालकर इसे डिजिटल लॉकर में सुरक्षित रख सकते हैं।

10. अस्थायी दिव्यांगता का नवीनीकरण (Renewal)

  • स्थायी दिव्यांगता: जिनका अंग विच्छेद हो चुका है या स्थायी क्षति है, उनका कार्ड 'आजीवन (Permanent)' बनता है।
  • अस्थायी दिव्यांगता (Temporary): बच्चों में विकासशील विकार या उपचार योग्य बीमारियों में 1 से 5 वर्ष की वैधता का कार्ड बनता है। वैधता समाप्त होने से 3 माह पूर्व स्वावलंबन पोर्टल पर 'Apply for UDID Renewal' में जाकर दोबारा मेडिकल बोर्ड से जांच कराकर कार्ड रिन्यू कराना होता है।

12. आधिकारिक सरकारी स्रोत (Official Sources)

  • स्वावलंबन राष्ट्रीय दिव्यांगता पोर्टल: swavlambancard.gov.in
  • दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग (DEPwD): disabilityaffairs.gov.in
  • राष्ट्रीय सरकारी सेवा पोर्टल: services.india.gov.in

Information Last Verified: 16 सितंबर 2026

❓ अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)

Q. क्या पुराने हाथ से बने दिव्यांग प्रमाण पत्र को UDID कार्ड में बदलना अनिवार्य है?

A. हाँ, केंद्र सरकार के नए दिशा-निर्देशों के अनुसार सभी पुराने मैनुअल दिव्यांग प्रमाण पत्रों को स्वावलंबन पोर्टल पर 'Apply with Existing Disability Certificate' विकल्प चुनकर डिजिटल UDID कार्ड में परिवर्तित कराना अनिवार्य है।

Q. रेलवे कंसेशन सर्टिफिकेट और UDID कार्ड में क्या संबंध है?

A. अब जिनके पास प्लास्टिक UDID कार्ड है, उन्हें रेलवे के अलग रियायत प्रमाण पत्र की आवश्यकता नहीं होती। रेलवे के आईआरसीटीसी (IRCTC) पोर्टल पर दिव्यांग यूनिक आईडी डालकर सीधे ऑनलाइन कंसेशन टिकट बुक किया जा सकता है।

Q. क्या UDID कार्ड बनवाने में कोई फीस लगती है?

A. बिल्कुल नहीं। स्वावलंबन पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन, मेडिकल बोर्ड जांच और घर पर प्लास्टिक कार्ड की डाक डिलीवरी पूरी तरह 100% निःशुल्क है।

Q. क्या दिव्यांग प्रमाण पत्र और UDID कार्ड कैसे बनवाएं? स्वावलंबन पोर्टल, 21 दिव्यांगताएं, नियम व लाभ को डिजिलॉकर (DigiLocker) में रखना कानूनी रूप से मान्य है?

A. हाँ, सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम 2000 और आईटी नियम 2016 के नियम 9A के तहत डिजिलॉकर में उपलब्ध डिजिटल दस्तावेज को मूल भौतिक कागजात के बराबर 100% कानूनी मान्यता प्राप्त है।

Q. इस प्रमाण पत्र / कार्ड की आधिकारिक वैधता (Validity) कितने समय की होती है?

A. अधिकांश सरकारी पहचान और सिविल प्रमाण पत्र (जैसे आधार, जन्म, जाति, निवास) आजीवन (Lifetime) मान्य होते हैं, जबकि आय प्रमाण पत्र सामान्यतः 3 वर्ष और ईडब्ल्यूएस 1 वित्तीय वर्ष के लिए मान्य होता है।