digital ⏱️ 9 मिनट पढ़ें 📅 16 सितंबर 2026

DigiLocker App Complete Guide 2026: आधार, पैन, मार्कशीट और ड्राइविंग लाइसेंस डिजिटल स्टोर करने की पूरी प्रक्रिया

रोहित मेहरा
रोहित मेहरा
डिजिटल गवर्नेंस एवं फिनटेक विशेषज्ञ

सूचना प्रौद्योगिकी एवं साइबर सुरक्षा शोधकर्ता। डिजिटल इंडिया इनिशिएटिव्स—डिजिलॉकर, उमंग (UMANG), ई-श्रम, आधार ऑथेंटिकेशन, यूपीआई और ऑनलाइन सिटिजन सर्विसेज के तकनीकी एवं सुरक्षा पहलुओं पर 7 वर्षों से विश्लेषणात्मक लेखन।

⚡ त्वरित उत्तर (Quick Answer)

डिजिलॉकर (DigiLocker) भारत सरकार के इलेक्ट्रॉनिक्स एवं आईटी मंत्रालय (MeitY) द्वारा संचालित एक सुरक्षित राष्ट्रीय डिजिटल वॉल्ट है। सूचना प्रौद्योगिकी नियम 2016 के नियम 9A के तहत डिजिलॉकर के "इश्यूड डॉक्यूमेंट्स" (Issued Documents) को मूल भौतिक दस्तावेजों (Original Physical Documents) के समान कानूनी मान्यता प्राप्त है। नागरिक इसमें आधार, पैन कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस, वाहन आरसी और 10वीं/12वीं बोर्ड मार्कशीट को डिजिटली फेच करके सुरक्षित रख सकते हैं और ट्रैफिक पुलिस, एयरपोर्ट या सरकारी कार्यालयों में वैध प्रमाण के रूप में प्रस्तुत कर सकते हैं।

📌 मुख्य विशेषताएं व आवश्यक बिंदु

  • आईटी एक्ट 2000 और आईटी रूल्स 2016 के नियम 9A के तहत मूल दस्तावेजों के समान पूर्ण कानूनी वैधता।
  • आधार लिंक्ड मोबाइल नंबर और 6-अंकीय सिक्योरिटी पिन की सहायता से 2 मिनट में निःशुल्क खाता निर्माण।
  • ट्रैफिक पुलिस चालान, एयरपोर्ट प्रवेश और कॉलेज दाखिले में भौतिक दस्तावेज साथ रखने की अनिवार्यता समाप्त।
  • निजी दस्तावेजों और प्रमाण पत्रों को सुरक्षित रखने के लिए 1 GB का निःशुल्क क्लाउड स्टोरेज स्पेस उपलब्ध।
पोर्टल एवं ऐप नामडिजिलॉकर (DigiLocker Portal & Mobile App)
नोडल मंत्रालयइलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY), भारत सरकार
कानूनी मान्यताआईटी नियम 2016 के नियम 9A व आईटी अधिनियम 2000 की धारा 4
उपलब्ध सेवाएंआधार, पैन, ड्राइविंग लाइसेंस, आरसी, मार्कशीट, जाति/निवास प्रमाण पत्र
स्टोरेज क्षमता1 GB क्लाउड स्टोरेज (अपलोड्स के लिए) + असीमित आधिकारिक जारी दस्तावेज
सुरक्षा मानक256-बिट SSL एन्क्रिप्शन, आधार OTP ऑथेंटिकेशन व 6-अंकीय MPIN
सेवा शुल्क100% निःशुल्क (भारत सरकार द्वारा पूर्णतः मुफ्त सेवा)
आधिकारिक पोर्टलdigilocker.gov.in | हेल्पलाइन: support@digitallocker.gov.in

📑 विषय सूची (Table of Contents)

1. डिजिलॉकर क्या है और इसकी कानूनी मान्यता (Rule 9A)?

डिजिलॉकर (DigiLocker) भारत सरकार के महत्वाकांक्षी "डिजिटल इंडिया" अभियान का प्रमुख स्तंभ है। यह एक क्लाउड-आधारित व्यक्तिगत इलेक्ट्रॉनिक दस्तावेज भंडार है, जिसे इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (Ministry of Electronics and Information Technology - MeitY) द्वारा विकसित और प्रबंधित किया गया है। इसका मुख्य उद्देश्य कागजी दस्तावेजों के भौतिक उपयोग को समाप्त कर नागरिक सेवाओं को पेपरलेस, त्वरित और सुरक्षित बनाना है।

अधिकांश नागरिकों के मन में यह संशय रहता है कि क्या मोबाइल स्क्रीन पर डिजिलॉकर में दिखाया गया दस्तावेज किसी पुलिस अधिकारी, बैंक या सरकारी दफ्तर में स्वीकार किया जाएगा? इसका स्पष्ट उत्तर भारत सरकार के राजपत्र (Gazette Notification) में दिया गया है। सूचना प्रौद्योगिकी (मध्यवर्ती संस्थाओं द्वारा सूचना का संरक्षण और प्रतिधारण) नियम, 2016 के नियम 9A के अंतर्गत यह वैधानिक प्रावधान किया गया है कि डिजिलॉकर प्रणाली में जारीकर्ताओं (Issuers) द्वारा सीधे पुश किए गए डिजिटल दस्तावेज मूल भौतिक दस्तावेजों के समकक्ष माने जाएंगे। मोटर वाहन अधिनियम 1988 और केंद्रीय मोटर वाहन नियम 1989 के तहत सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय (MoRTH) ने सभी राज्यों के पुलिस और परिवहन विभागों को स्पष्ट निर्देश जारी किए हैं कि डिजिलॉकर में प्रस्तुत ड्राइविंग लाइसेंस और आरसी को वैध माना जाए और मूल दस्तावेज जब्त करने की स्थिति में भी इलेक्ट्रॉनिक जब्ती की प्रक्रिया अपनाई जाए।

DigiLocker App Interface and Cloud Security
चित्र: डिजिलॉकर में उपलब्ध इलेक्ट्रॉनिक दस्तावेज आईटी एक्ट 2000 और नियम 9A के तहत मूल प्रति के समान कानूनी रूप से मान्य हैं।

2. "इश्यूड डॉक्यूमेंट्स" बनाम "अपलोडेड डॉक्यूमेंट्स" में विधिक अंतर

डिजिलॉकर का उपयोग करते समय नागरिकों को इसके दो अलग-अलग वर्गों को समझना अत्यंत आवश्यक है, क्योंकि दोनों की कानूनी स्थिति भिन्न होती है:

  • जारी दस्तावेज (Issued Documents): ये वे दस्तावेज होते हैं जो अधिकृत सरकारी विभागों, विश्वविद्यालयों, परिवहन प्राधिकरणों या केंद्रीय बोर्डों (जैसे CBSE, UIDAI, Income Tax, MoRTH) द्वारा सीधे नागरिक के आधार नंबर से सत्यापित करके इलेक्ट्रॉनिक रूप में जारी किए जाते हैं। इन दस्तावेजों पर डिजिटल हस्ताक्षर (Digital Signature) और आधिकारिक टाइमस्टैम्प अंकित होता है। कानूनी रूप से केवल यही वर्ग मूल दस्तावेज के समकक्ष मान्य है।
  • अपलोड किए गए दस्तावेज (Uploaded Documents / DigiLocker Drive): यह नागरिक का निजी स्टोरेज स्पेस है, जहां वह अपने पुराने मेडिकल पर्चे, निजी रसीदें या स्व-हस्ताक्षरित प्रपत्र (PDF/JPEG प्रारूप में) अपलोड करता है। ये दस्तावेज केवल नागरिक के निजी रिकॉर्ड के लिए होते हैं; इन्हें सरकारी दफ्तरों या पुलिस जांच में मूल दस्तावेज का विकल्प नहीं माना जा सकता।

3. डिजिलॉकर खाता खोलने हेतु आवश्यक पूर्व-शर्तें

डिजिलॉकर खाता खोलने के लिए निम्नलिखित न्यूनतम आवश्यकताएं होना अनिवार्य है:

  1. 12-अंकीय वैध आधार नंबर: डिजिलॉकर की पहचान सत्यापन प्रणाली आधार आधारित है।
  2. आधार से लिंक्ड सक्रिय मोबाइल नंबर: पंजीकरण और लॉगिन के समय यूआईडीएआई द्वारा भेजे जाने वाले 6-अंकीय ओटीपी (One-Time Password) को प्राप्त करने के लिए आधार से जुड़ा मोबाइल नंबर सक्रिय होना चाहिए।
  3. स्मार्टफोन अथवा कंप्यूटर: एंड्रॉइड/आईओएस स्मार्टफोन में डिजिलॉकर ऐप या कंप्यूटर ब्राउज़र (Chrome, Edge, Firefox) पर इंटरनेट कनेक्टिविटी।
  4. 6-अंकीय व्यक्तिगत सुरक्षा पिन (Security PIN): जिसे उपयोगकर्ता को भविष्य में ऐप लॉगिन के समय उपयोग करने हेतु चुनना होता है।

4. नए खाते का रजिस्ट्रेशन व 6-अंकीय सिक्योरिटी पिन सेटअप

डिजिलॉकर पर नया खाता बनाने की प्रक्रिया पूर्णतः सरल, निःशुल्क और त्वरित है। नीचे दिए गए चरणों का पालन करें:

  1. गूगल प्ले स्टोर या एप्पल ऐप स्टोर से आधिकारिक DigiLocker App डाउनलोड करें अथवा आधिकारिक पोर्टल digilocker.gov.in पर जाएं।
  2. होमपेज पर "Get Started" पर क्लिक करें और "Create Account" का चयन करें।
  3. पंजीकरण फॉर्म में अपना विवरण भरें:
    • पूरा नाम (आधार कार्ड के अनुसार अक्षरशः)
    • जन्मतिथि (दिन / माह / वर्ष - आधार के अनुसार)
    • लिंग (पुरुष / महिला / अन्य)
    • आधार से जुड़ा मोबाइल नंबर
    • अपनी पसंद का 6-अंकीय सुरक्षा पिन (Security PIN) दर्ज करें (जैसे जन्म वर्ष के बजाय कोई सुरक्षित संख्या)।
    • ईमेल आईडी (वैकल्पिक परंतु अनुशंसित)।
    • 12-अंकीय आधार नंबर।
  4. "Submit" बटन पर क्लिक करें। आपके पंजीकृत मोबाइल नंबर पर यूआईडीएआई द्वारा एक ओटीपी भेजा जाएगा।
  5. ओटीपी दर्ज कर सत्यापन करें। इसके पश्चात आपको अपना उपयोगकर्ता नाम (Username) चुनने का विकल्प मिलेगा। यूजरनेम सेट होते ही आपका डिजिलॉकर खाता सक्रिय हो जाएगा।

5. आधार कार्ड और पैन कार्ड फेच व लिंक करने की विधि

खाता बनने के बाद सबसे पहला कार्य आधार और पैन कार्ड को "Issued Documents" सेक्शन में जोड़ना होता है:

आधार कार्ड जोड़ना:

खाता बनते ही डिजिलॉकर स्वतः आपके आधार का मिलान कर लेता है। यदि प्रदर्शित न हो, तो होमपेज पर "Aadhaar Card" आइकन पर टैप करें। स्क्रीन पर आपके आधार विवरण की पुष्टि मांगी जाएगी। सहमति (Consent) बॉक्स पर टिक कर ओटीपी दर्ज करें। आधार कार्ड डिजिटल रूप से डाउनलोड होकर "Issued Documents" में सुरक्षित हो जाएगा।

पैन कार्ड (PAN Card) जोड़ना:

  1. ऐप के नीचे दिए गए "Search" टैब पर क्लिक करें।
  2. खोज बॉक्स में "Income Tax Department" या "PAN Verification Record" टाइप करें।
  3. आयकर विभाग के विकल्प पर टैप करें।
  4. अपना 10-अंकीय अल्फान्यूमेरिक पैन नंबर (जैसे: ABCDE1234F) और पैन कार्ड पर दर्ज नाम भरें।
  5. "Get Document" पर क्लिक करें। आयकर विभाग के सर्वर से डेटा सत्यापित होकर आपका डिजिटल पैन कार्ड जारी दस्तावेजों में जुड़ जाएगा।

6. ड्राइविंग लाइसेंस और वाहन आरसी (RC) डिजिटल जोड़ने का तरीका

सड़क पर वाहन चलाते समय भौतिक ड्राइविंग लाइसेंस या आरसी की मूल प्रति खो जाने का डर रहता है। डिजिलॉकर में इसे जोड़ने की प्रक्रिया इस प्रकार है:

  1. सर्च टैब में जाएं और "Ministry of Road Transport and Highways (MoRTH)" खोजें।
  2. "Driving License" विकल्प चुनें।
  3. अपना सटीक ड्राइविंग लाइसेंस नंबर दर्ज करें (ध्यान दें: डीएल नंबर में स्पेस या हाइफन राज्य परिवहन प्रारूप के अनुसार होना चाहिए, जैसे DL-0420210012345)।
  4. 'Get Document' पर क्लिक करें। सारथी (Sarathi) डेटाबेस से सत्यापन के बाद आपका डिजिटल ड्राइविंग लाइसेंस फोटो व क्यूआर कोड सहित लोड हो जाएगा।
  5. वाहन आरसी (Registration Certificate) के लिए "Registration of Vehicles" विकल्प चुनें। यहां वाहन का रजिस्ट्रेशन नंबर और चेसिस नंबर दर्ज कर आरसी फेच करें।

7. 10वीं/12वीं बोर्ड मार्कशीट व माइग्रेशन सर्टिफिकेट डाउनलोड

सीबीएसई, सीआईएससीई तथा अधिकांश राज्य शिक्षा बोर्ड (UP Board, Bihar Board, Maharashtra Board, Rajasthan Board आदि) डिजिलॉकर से सीधे जुड़े हुए हैं:

  • सर्च बार में अपने संबंधित शिक्षा बोर्ड का नाम लिखें (उदा. Central Board of Secondary Education)।
  • "Class X Marksheet" या "Class XII Marksheet" का चयन करें।
  • अपना उत्तीर्ण होने का वर्ष (Passing Year) और एडमिट कार्ड पर दर्ज रोल नंबर (Roll Number) भरें।
  • दस्तावेज तुरंत फेच होकर आपकी लाइब्रेरी में डिजिटल रूप से सुरक्षित हो जाएगा। इस मार्कशीट पर संबंधित बोर्ड के परीक्षा नियंत्रक के डिजिटल हस्ताक्षर होते हैं, जो किसी भी कॉलेज या नौकरी में सत्यापन हेतु पूर्ण मान्य हैं।

8. 1 GB डिजिलॉकर ड्राइव में निजी फाइलें कैसे अपलोड करें?

डिजिलॉकर प्रत्येक नागरिक को 1 GB का निःशुल्क क्लाउड ड्राइव स्पेस देता है। इसमें आप वे दस्तावेज सुरक्षित रख सकते हैं जो सीधे किसी जारीकर्ता विभाग से लिंक नहीं हैं:

  • होम स्क्रीन पर मेनू बार में "Drive" या "Uploaded Documents" पर जाएं।
  • आप विभिन्न श्रेणियों के फोल्डर बना सकते हैं (जैसे: Education, Health, Property, Personal)।
  • "Upload File" पर क्लिक करें। स्वीकार्य फाइल प्रारूप PDF, JPEG, PNG हैं और प्रति फाइल अधिकतम आकार 10 MB तक हो सकता है।
  • दस्तावेजों को सुरक्षित रखने के बाद आवश्यकता पड़ने पर आप उनका लिंक या पीडीएफ सीधे ईमेल अथवा व्हाट्सएप पर साझा कर सकते हैं।

9. ट्रैफिक पुलिस, एयरपोर्ट व कॉलेज में डिजिलॉकर दिखाने के नियम

नागरिकों को विभिन्न परिस्थितियों में डिजिलॉकर के उपयोग के नियमों की जानकारी होना अनिवार्य है:

परिस्थिति / स्थानस्वीकार्यता नियमकानूनी आधार / निर्देश
ट्रैफिक पुलिस वाहन जांच डिजिलॉकर में प्रदर्शित डीएल, आरसी व इंश्योरेंस 100% स्वीकार्य हैं। पुलिस मूल भौतिक प्रति मांगने पर विवश नहीं कर सकती। MoRTH सर्कुलर RT-11036/64/2017 व मोटर वाहन अधिनियम 1988
हवाई अड्डा (Airport Entry) सीआईएसएफ (CISF) सुरक्षा जांच पर डिजिलॉकर में प्रदर्शित आधार अथवा ड्राइविंग लाइसेंस पहचान पत्र के रूप में पूर्ण मान्य है। नागर विमानन सुरक्षा ब्यूरो (BCAS) आधिकारिक परिपत्र
विश्वविद्यालय / कॉलेज दाखिला डिजिलॉकर से जारी डिजिटल मार्कशीट, माइग्रेशन और जाति प्रमाण पत्र सत्यापन हेतु मान्य हैं। विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) अधिसूचना 2018
रेल यात्रा (Indian Railways) टीटीई (TTE) द्वारा पहचान सत्यापन के लिए डिजिलॉकर में प्रदर्शित आधार/वोटर आईडी पूरी तरह वैध है। रेलवे बोर्ड वाणिज्यिक परिपत्र सं. 33/2018

महत्वपूर्ण निर्देश: डिजिलॉकर में सुरक्षित दस्तावेज का स्क्रीनशॉट या फोटो मान्य नहीं होता है; अधिकारी के समक्ष डिजिलॉकर ऐप को लाइव खोलकर दस्तावेज का क्यूआर कोड दिखाना आवश्यक होता है।

10. आम समस्याएं (Data Mismatch, OTP Timeout) और समाधान

  • दस्तावेज फेच न होना (Document Fetch Failed): यदि पैन या डीएल फेच करते समय त्रुटि आए, तो सुनिश्चित करें कि डिजिलॉकर में दर्ज आपका नाम और संबंधित दस्तावेज पर दर्ज नाम की स्पेलिंग में कोई अंतर न हो। अक्षर-अक्षर का मिलान आवश्यक है।
  • ओटीपी न आना (OTP Not Received): यूआईडीएआई सर्वर पर अत्यधिक ट्रैफिक होने पर ओटीपी में विलंब हो सकता है। नेटवर्क कवरेज जांचें और 2 मिनट बाद "Resend OTP" का उपयोग करें। यदि समस्या बनी रहे तो आधार केंद्र जाकर मोबाइल नंबर अपडेट जांचें।
  • सिक्योरिटी पिन भूल जाना (Forgot Security PIN): लॉगिन स्क्रीन पर "Forgot Security PIN" पर टैप करें। अपना आधार नंबर और जन्मतिथि दर्ज करें। मोबाइल पर ओटीपी प्राप्त होगा, जिसके बाद आप नया 6-अंकीय पिन बना सकते हैं।

11. आधिकारिक हेल्पलाइन, संपर्क सूत्र एवं नागरिक सहायता

डिजिलॉकर सेवा से संबंधित किसी भी तकनीकी कठिनाई, शिकायत या प्रश्न के लिए आधिकारिक सरकारी माध्यमों पर संपर्क करें:

❓ अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)

Q. क्या ट्रैफिक पुलिस द्वारा रोके जाने पर डिजिलॉकर में ड्राइविंग लाइसेंस दिखाना कानूनी रूप से मान्य है?

A. हाँ, मोटर वाहन अधिनियम 1988 और आईटी नियम 2016 के नियम 9A के तहत डिजिलॉकर के "Issued Documents" में मौजूद ड्राइविंग लाइसेंस और वाहन आरसी कानूनी रूप से मूल दस्तावेजों के समान मान्य हैं। ट्रैफिक पुलिस कर्मी मूल भौतिक प्रति मांगने के लिए बाध्य नहीं कर सकते।

Q. यदि मेरे पास स्मार्टफोन नहीं है, तो क्या मैं कंप्यूटर से डिजिलॉकर का उपयोग कर सकता हूँ?

A. बिल्कुल। आप किसी भी कंप्यूटर या लैपटॉप के वेब ब्राउज़र पर digilocker.gov.in खोलकर अपने आधार नंबर और मोबाइल ओटीपी के माध्यम से लॉगिन कर सकते हैं और दस्तावेजों को देख अथवा डाउनलोड कर सकते हैं।

Q. क्या डिजिलॉकर में दस्तावेज सुरक्षित (Safe & Encrypted) रहते हैं?

A. हाँ, डिजिलॉकर में 256-बिट बैंक-ग्रेड एसएसएल एन्क्रिप्शन सुरक्षा है। आपके खाते का डेटा केवल आपके आधार-लिंक्ड ओटीपी और व्यक्तिगत 6-अंकीय सिक्योरिटी पिन द्वारा ही खोला जा सकता है। सरकार या कोई तीसरा पक्ष आपकी अनुमति के बिना दस्तावेज नहीं देख सकता।

Q. क्या डिजिलॉकर में दस्तावेज की फोटो खींचकर अपलोड करने से वह मान्य होगा?

A. नहीं। खुद से फोटो खींचकर अपलोड की गई फाइलें "Uploaded Documents" में जाती हैं, जिन्हें कानूनी रूप से मूल दस्तावेज का विकल्प नहीं माना जाता। केवल संबंधित विभाग द्वारा सीधे फेच किए गए "Issued Documents" ही कानूनी रूप से मान्य होते हैं।

Q. एक आधार नंबर से कितने डिजिलॉकर खाते बनाए जा सकते हैं?

A. एक आधार नंबर से केवल एक ही डिजिलॉकर खाता बनाया जा सकता है। यदि आपका मोबाइल नंबर बदल गया है, तो पहले आधार सेवा केंद्र जाकर आधार में नया नंबर अपडेट कराएं, जिसके बाद डिजिलॉकर में भी नया नंबर स्वतः लिंक हो जाएगा।