documents ⏱️ 5 मिनट पढ़ें 📅 16 सितंबर 2026

मृत्यु प्रमाण पत्र (Death Certificate) ऑनलाइन कैसे बनवाएं? जरूरी दस्तावेज़, फीस, नियम और डाउनलोड प्रक्रिया

अमित कुमार
अमित कुमार
वरिष्ठ विधिक एवं लोक सेवा सलाहकार

विधि स्नातक (LL.B.) और प्रशासनिक नियमों (DoPT, नागरिक अधिकार चार्टर, राजस्व संहिता) के विशेषज्ञ। विगत 8 वर्षों से ई-डिस्ट्रिक्ट सेवाओं, सिविल प्रमाण पत्रों, जाति, आय, निवास, और भूमि रिकॉर्ड प्रक्रियाओं पर प्रामाणिक तथ्य-जांच व विधिक मार्गदर्शन दे रहे हैं।

⚡ त्वरित उत्तर (Quick Answer)

भारत में मृत्यु प्रमाण पत्र (Death Certificate) बनवाने के लिए किसी व्यक्ति की मृत्यु के <strong>21 दिनों के भीतर</strong> आधिकारिक सिविल रजिस्ट्रेशन पोर्टल (<strong>crsorgi.gov.in</strong>) या स्थानीय नगर निगम/ग्राम पंचायत में पंजीकरण कराना होता है। अस्पताल में मृत्यु होने पर डॉक्टर का 'डेथ समरी/फॉर्म 4' और घर पर मृत्यु होने पर स्थानीय डॉक्टर या ग्राम प्रधान/पार्षद का सत्यापन पत्र आवश्यक होता है। साथ ही मृतक व आवेदक का आधार कार्ड संलग्न करना अनिवार्य है। 21 दिन के भीतर यह निःशुल्क बनता है और 7 से 15 दिनों में जारी हो जाता है। यह बैंक खाता बंद करने, बीमा क्लेम, संपत्ति नामांतरण और पारिवारिक पेंशन के लिए सबसे आवश्यक कानूनी दस्तावेज़ है।

जानकारीविवरण
दस्तावेज़ का नाममृत्यु प्रमाण पत्र (Death Certificate)
जारीकर्ता प्राधिकरणरजिस्ट्रार (जन्म एवं मृत्यु) / नगर निगम / नगर पालिका / ग्राम पंचायत
अधिनियमजन्म और मृत्यु पंजीकरण अधिनियम, 1969
आवेदन का माध्यमऑनलाइन (crsorgi.gov.in / राज्य ई-डिस्ट्रिक्ट) एवं ऑफलाइन
आधिकारिक पोर्टलcrsorgi.gov.in
निर्धारित समय सीमा7 से 15 कार्यदिवस
सरकारी शुल्क21 दिन के भीतर: ₹0 (निःशुल्क) \21 दिन बाद: ₹2 से ₹10 विलंब शुल्क
प्रमाण पत्र की वैधतास्थायी / अपरिवर्तनीय (Permanent Record)
डिजिटल डाउनलोडउपलब्ध (QR कोड एवं डिजिटल हस्ताक्षर सहित / DigiLocker)

1. मृत्यु प्रमाण पत्र क्या है और यह क्यों सबसे जरूरी दस्तावेज़ है?

मृत्यु प्रमाण पत्र (Death Certificate) ऑनलाइन कैसे बनवाएं? जरूरी दस्तावेज़, फीस, नियम और डाउनलोड प्रक्रिया
चित्र: मृत्यु प्रमाण पत्र (Death Certificate) ऑनलाइन कैसे बनवाएं? जरूरी दस्तावेज़, फीस, नियम और डाउनलोड प्रक्रिया बनवाने की आधिकारिक सरकारी प्रक्रिया एवं आवश्यक दस्तावेजों की वैधानिक गाइड।

मृत्यु प्रमाण पत्र किसी भी नागरिक की मृत्यु की आधिकारिक तिथि, समय, स्थान और कारण को प्रमाणित करने वाला सरकार द्वारा जारी वैधानिक दस्तावेज़ है।

इसके बिना निम्नलिखित कोई भी कानूनी कार्य संभव नहीं है:

  • बैंक क्लेम: मृतक के बैंक खाते, फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) या लॉकर से नॉमिनी द्वारा पैसे निकालने हेतु।
  • बीमा क्लेम (Insurance): जीवन बीमा (LIC, टर्म इंश्योरेंस या पीएम जीवन ज्योति बीमा योजना) का क्लेम पास कराने के लिए।
  • संपत्ति का नामांतरण (Property Mutation): मृतक की पैतृक या स्व-अर्जित भूमि, मकान या वाहन को कानूनी वारिसों के नाम स्थानांतरित करने के लिए।
  • पारिवारिक पेंशन (Family Pension): सरकारी या ईपीएफओ (EPFO) से विधवा या आश्रित पेंशन शुरू कराने हेतु।
  • कानूनी दायित्वों की समाप्ति: पैन कार्ड, आधार कार्ड और वोटर लिस्ट से नाम हटाने के लिए ताकि पहचान का दुरुपयोग न हो सके।

2. कौन आवेदन कर सकता है? (पात्रता)

  • अस्पताल में मृत्यु: अस्पताल का अधिकृत चिकित्सा अधीक्षक सीधे संबंधित रजिस्ट्रार को फॉर्म-4 भेजता है।
  • घर पर मृत्यु होने पर:
  • परिवार का सबसे नजदीकी वयस्क संबंधी (पुत्र, पुत्री, पति/पत्नी, भाई या पिता)।
  • यदि कोई रिश्तेदार न हो, तो परिवार का मुखिया या घर का मकान मालिक।
  • लावारिस या दुर्घटना की स्थिति में: संबंधित थाना प्रभारी (पुलिस अधिकारी)।
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3. जरूरी दस्तावेज़ों की सूची

दस्तावेज़विवरणमूल/कॉपीअनिवार्यता
मृत्यु की चिकित्सा रिपोर्ट (Form 4/4A)अस्पताल द्वारा जारी मृत्यु प्रमाणपत्र / कॉज़ ऑफ डेथमूल कॉपीअस्पताल मृत्यु में अनिवार्य
दाह संस्कार / दफन रसीदश्मशान घाट / कब्रिस्तान से प्राप्त पर्चीमूल / फोटोकॉपीअत्यंत अनुशंसित
मृतक का आधार कार्ड व पहचान पत्रमृतक का आधार, वोटर आईडी या पैनफोटोकॉपीअनिवार्य
आवेदक का आधार कार्डरिश्तेदार/आवेदक की पहचान और पतास्व-प्रमाणित फोटोकॉपीअनिवार्य
शपथ पत्र (Affidavit)21 दिन के बाद आवेदन करने परनोटरी सत्यापितविलंब की स्थिति में

4. आवेदन से पहले क्या सावधानियां बरतें?

  • मृत्यु की सही तारीख और समय का मिलान अस्पताल की रसीद या श्मशान की पर्ची से अवश्य कर लें।
  • मृतक का नाम, पिता/पति का नाम और आयु बिल्कुल उसी स्पेलिंग में लिखें जो उनके आधार कार्ड या वोटर आईडी में दर्ज है। एक अक्षर का भी अंतर होने पर बैंक क्लेम रुक सकता है।

5. ऑनलाइन आवेदन करने की स्टेप-बाय-स्टेप प्रक्रिया (CRS Portal)

  1. पोर्टल पर जाएं: केंद्र सरकार के आधिकारिक सिविल रजिस्ट्रेशन पोर्टल https://crsorgi.gov.in/ पर जाएं।
  2. लॉगिन / साइन-अप: यदि आईडी नहीं है, तो 'General Public Signup' पर क्लिक करके अपना मोबाइल नंबर व नाम डालकर अकाउंट बनाएं।
  3. 'Death Registration' चुनें: लॉगिन करने के बाद 'Death' मेनू में जाकर 'Add Death Registration' विकल्प चुनें।
  4. मृतक का विवरण भरें:
  • मृत्यु की सही तिथि और लिंग चुनें।
  • मृतक का पूरा नाम, आधार नंबर और उम्र दर्ज करें।
  • मृत्यु का स्थान चुनें (घर या अस्पताल) और पूरा पता भरें।
  1. माता/पिता और पति/पत्नी का विवरण: मृतक के माता-पिता और यदि विवाहित थे तो पति/पत्नी का नाम और आधार दर्ज करें।
  2. आवेदक (Informant) की जानकारी: अपना नाम, मृतक से संबंध और पता भरें।
  3. दस्तावेज़ अपलोड करें: अस्पताल की डेथ समरी या स्थानीय पार्षद/प्रधान का प्रमाण पत्र और श्मशान की रसीद (PDF/JPG, अधिकतम 200KB) अपलोड करें।
  4. सबमिट करें: फॉर्म सबमिट करने पर एक Application Reference Number जनरेट होगा। इस रसीद का प्रिंट निकाल लें।

6. ऑफलाइन आवेदन प्रक्रिया (शहरी व ग्रामीण क्षेत्र)

  • ग्रामीण क्षेत्र: मृत्यु के 21 दिन के भीतर ग्राम पंचायत सचिवालय में ग्राम विकास अधिकारी (VDO/सचिव) के पास फॉर्म-2 भरकर जमा करें।
  • शहरी क्षेत्र: संबंधित नगर निगम या नगर पालिका परिषद के जन्म-मृत्यु पंजीकरण काउंटर पर जाकर फॉर्म-2 भरें और अस्पताल की पर्ची व श्मशान रसीद संलग्न करें।

7. फीस और समय सीमा (21 दिन, 30 दिन और 1 साल का नियम)

  • 0 से 21 दिन: पंजीकरण पूर्णतः निःशुल्क (₹0) है। प्रमाण पत्र 7 से 15 दिनों में बन जाता है।
  • 21 से 30 दिन की देरी: संबंधित रजिस्ट्रार की अनुमति और ₹2 के विलंब शुल्क के साथ।
  • 30 दिन से 1 वर्ष की देरी: जिला रजिस्ट्रार / तहसीलदार की लिखित अनुमति, ₹5 विलंब शुल्क और नोटरी शपथ पत्र के साथ।
  • 1 वर्ष से अधिक की देरी: संबंधित क्षेत्र के उप-जिला मजिस्ट्रेट (SDM कोर्ट) से आदेश प्राप्त करने के बाद ही नगर निगम मृत्यु प्रमाण पत्र जारी कर सकता है।

8. आवेदन की स्थिति (Status) ट्रैक कैसे करें?

  • crsorgi.gov.in या अपने राज्य के ई-डिस्ट्रिक्ट पोर्टल पर जाएं।
  • 'Check Status' विकल्प में जाकर अपना Application Reference Number दर्ज करें।
  • जांचें कि आवेदन लेखपाल/रजिस्ट्रार स्तर पर लंबित है या स्वीकृत हो चुका है।

9. डिजिटल सर्टिफिकेट डाउनलोड और DigiLocker में जोड़ना

  • स्वीकृत होते ही पोर्टल से डिजिटल हस्ताक्षर और क्यूआर कोड (QR Code) वाला आधिकारिक मृत्यु प्रमाण पत्र PDF प्रारूप में डाउनलोड करें।
  • DigiLocker: DigiLocker ऐप में 'Death Certificate' सर्च करें, राज्य चुनें और रजिस्ट्रेशन नंबर डालकर डिजिटल रूप से हमेशा के लिए सुरक्षित रखें।

10. प्रमाण पत्र में त्रुटि सुधार (Correction in Death Certificate)

यदि मृत्यु प्रमाण पत्र में नाम, उम्र या तारीख में कोई त्रुटि हो:

  • स्थानीय रजिस्ट्रार कार्यालय में संशोधन हेतु प्रार्थना पत्र दें।
  • त्रुटि सुधार के लिए मृतक का आधार कार्ड, राशन कार्ड और अस्पताल का मूल रिकॉर्ड साक्ष्य के रूप में प्रस्तुत करें।

11. आवेदन निरस्त होने या देरी होने पर क्या करें?

  • सामान्यतः मृत्यु प्रमाण पत्र के आवेदन तभी निरस्त होते हैं जब मृत्यु स्थान का गलत क्षेत्राधिकार चुना गया हो या श्मशान/अस्पताल की पर्ची अपलोड न की गई हो।
  • यदि अनावश्यक देरी हो रही हो, तो राज्य के 'सीएम हेल्पलाइन (1076)' या संबंधित एसडीएम कार्यालय में शिकायत दर्ज कराई जा सकती है।

13. आधिकारिक सरकारी स्रोत (Official Sources)

  • सिविल रजिस्ट्रेशन सिस्टम भारत सरकार: crsorgi.gov.in
  • राष्ट्रीय सरकारी सेवा पोर्टल: services.india.gov.in
  • डिजिटल लॉकर: digilocker.gov.in

Information Last Verified: 16 सितंबर 2026

❓ अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)

Q. यदि किसी की मृत्यु घर पर हुई हो, तो डॉक्टर की पर्ची न होने पर क्या करें?

A. घर पर सामान्य मृत्यु होने पर स्थानीय क्षेत्र के पार्षद, ग्राम प्रधान या राजपत्रित अधिकारी द्वारा जारी मृत्यु सत्यापन प्रमाण पत्र और श्मशान घाट/कब्रिस्तान की रसीद मान्य होती है।

Q. क्या मृत्यु प्रमाण पत्र की कई मूल प्रतियां मिल सकती हैं?

A. डिजिटल मृत्यु प्रमाण पत्र पर क्यूआर कोड और डिजिटल हस्ताक्षर होते हैं, अतः पोर्टल से डाउनलोड की गई प्रत्येक रंगीन प्रिंट कॉपी कानूनी रूप से 'मूल प्रति (Original Copy)' के समान ही मान्य होती है।

Q. व्यक्ति की मृत्यु के बाद उनका आधार और पैन कार्ड क्या करना चाहिए?

A. मृत्यु प्रमाण पत्र जारी होने के बाद आयकर पोर्टल पर जाकर मृतक के पैन कार्ड को डी-एक्टिवेट (Surrender) किया जा सकता है और ईसीआई पोर्टल पर Form 7 भरकर वोटर लिस्ट से नाम कटवाया जा सकता है।

Q. क्या मृत्यु प्रमाण पत्र (Death Certificate) कैसे बनवाएं? जरूरी दस्तावेज़, फीस, नियम और डाउनलोड को डिजिलॉकर (DigiLocker) में रखना कानूनी रूप से मान्य है?

A. हाँ, सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम 2000 और आईटी नियम 2016 के नियम 9A के तहत डिजिलॉकर में उपलब्ध डिजिटल दस्तावेज को मूल भौतिक कागजात के बराबर 100% कानूनी मान्यता प्राप्त है।

Q. इस प्रमाण पत्र / कार्ड की आधिकारिक वैधता (Validity) कितने समय की होती है?

A. अधिकांश सरकारी पहचान और सिविल प्रमाण पत्र (जैसे आधार, जन्म, जाति, निवास) आजीवन (Lifetime) मान्य होते हैं, जबकि आय प्रमाण पत्र सामान्यतः 3 वर्ष और ईडब्ल्यूएस 1 वित्तीय वर्ष के लिए मान्य होता है।