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भूलेख खसरा-खतौनी की प्रमाणित प्रति (Certified RoR Copy) ऑनलाइन कैसे निकालें: डिजिटल हस्ताक्षर, कोर्ट व बैंक मान्यता की पूरी गाइड

अमित कुमार
अमित कुमार
वरिष्ठ विधिक एवं लोक सेवा सलाहकार

विधि स्नातक (LL.B.) और प्रशासनिक नियमों (DoPT, नागरिक अधिकार चार्टर, राजस्व संहिता) के विशेषज्ञ। विगत 8 वर्षों से ई-डिस्ट्रिक्ट सेवाओं, सिविल प्रमाण पत्रों, जाति, आय, निवास, और भूमि रिकॉर्ड प्रक्रियाओं पर प्रामाणिक तथ्य-जांच व विधिक मार्गदर्शन दे रहे हैं।

⚡ त्वरित उत्तर (Quick Answer)

खसरा-खतौनी की कानूनी रूप से मान्य प्रमाणित प्रति निकालने के लिए अपने राज्य के आधिकारिक भूलेख पोर्टल (जैसे UP Bhulekh, MP Bhulekh, या संबंधित राज्य का e-District पोर्टल) पर जाएं। पोर्टल पर 'डिजिटल हस्ताक्षरित खतौनी की प्रमाणित प्रति' (Digitally Signed RoR) विकल्प चुनें। अपना जिला, तहसील, परगना और ग्राम चुनें। इसके बाद खसरा संख्या, खाता संख्या या खातेदार के नाम से खाता खोजें। चयनित खाते के लिए नेट बैंकिंग, यूपीआई या क्यूआर कोड से ₹15 का सरकारी शुल्क भुगतान करें। भुगतान सफल होते ही उपजिलाधिकारी/तहसीलदार के डिजिटल हस्ताक्षर और क्यूआर कोड युक्त आधिकारिक प्रमाणित खतौनी पीडीएफ स्क्रीन पर आ जाएगी, जिसे डाउनलोड कर किसी भी बैंक, कोर्ट या सरकारी दफ्तर में सीधे प्रस्तुत किया जा सकता है।

पैरामीटरआधिकारिक विवरण
दस्तावेज़ का नामअधिकार अभिलेख / खतौनी की डिजिटल प्रमाणित प्रति (Certified Copy of RoR)
जारीकर्ता प्राधिकारीराज्य राजस्व विभाग (Board of Revenue / Revenue Council)
आधिकारिक पोर्टल (राज्यवार)UP (upbhulekh.gov.in), MP (mpbhulekh.gov.in), बिहार (biharbhumi.bihar.gov.in), राजस्थान (apnakhata.rajasthan.gov.in) आदि
सरकारी शुल्क₹15 से ₹30 प्रति खाता (नाममात्र का यूजर चार्ज)
प्रमाण पत्र का प्रकार24x7 तत्काल डाउनलोड (डिजिटल हस्ताक्षरित पीडीएफ)
कानूनी वैधताभारतीय साक्ष्य अधिनियम एवं आईटी एक्ट 2000 की धारा 65B के तहत न्यायालयीन साक्ष्य के रूप में 100% मान्य
अभिलेख में शामिल विवरणखातेदार का नाम, पिता का नाम, खसरा (गाटा) नंबर, कुल रकबा (हेक्टेयर/एकड़), अंश/हिस्सा, बैंक बंधक (Mortgage) व न्यायालयीन आदेश

📑 विषय सूची (Table of Contents)

राजस्व परिषद आधिकारिक स्पष्टीकरण: भारत के डिजिटल इंडिया भूमि अभिलेख आधुनिकीकरण कार्यक्रम (DILRMP) के तहत सभी राज्यों के भूलेख पोर्टलों को कंप्यूटरीकृत कर दिया गया है। आम नागरिक अक्सर पोर्टल पर दिखने वाली सामान्य 'अप्रकाशित / केवल देखने हेतु' (Informational / Non-certified) खतौनी नकल का प्रिंट निकाल लेते हैं, जिसे बैंक ऋण, न्यायालय (Court Cases), भूमि रजिस्ट्री या बैनामे के समय अधिकारी अमान्य कर देते हैं। कानूनी और वित्तीय कार्यों हेतु केवल राजस्व अधिकारी के डिजिटल हस्ताक्षर युक्त प्रमाणित प्रति (Digitally Signed Certified Copy of Record of Rights - RoR) ही वैध होती है, जिस पर यूनिक बारकोड, जारी करने की तिथि और डिजिटल सिग्नेचर अंकित होते हैं।

1. सामान्य नकल बनाम प्रमाणित प्रति (Certified vs Uncertified Copy): क्या अंतर है? {#1-सामान्य-बनाम-प्रमाणित}

भूलेख खसरा-खतौनी की प्रमाणित प्रति (Certified RoR Copy) ऑनलाइन कैसे निकालें: डिजिटल हस्ताक्षर, कोर्ट व बैंक मान्यता की पूरी गाइड
चित्र: भूलेख खसरा-खतौनी की प्रमाणित प्रति (Certified RoR Copy) ऑनलाइन कैसे निकालें: डिजिटल हस्ताक्षर, कोर्ट व बैंक मान्यता की पूरी गाइड बनवाने की आधिकारिक सरकारी प्रक्रिया एवं आवश्यक दस्तावेजों की वैधानिक गाइड।

नागरिकों को दोनों प्रतियों के बीच के कानूनी अंतर को समझना आवश्यक है:

विशेषताअप्रमाणित प्रति (Uncertified Copy)डिजिटल प्रमाणित प्रति (Certified RoR Copy)
उद्देश्यकेवल सूचनात्मक (Informational) उपयोग हेतुबैंक लोन, कोर्ट केस, रजिस्ट्री, सरकारी योजनाओं हेतु
शुल्कपूर्णतः निःशुल्क (Free)₹15 से ₹30 का शासकीय ट्रेजरी शुल्क
वैधताइस पर लिखा होता है: "यह प्रति केवल देखने के लिए है, कोर्ट में मान्य नहीं"इस पर सक्षम राजस्व अधिकारी के डिजिटल हस्ताक्षर (PKI Signature) होते हैं
बारकोड / क्यूआरकोई सत्यापन कोड नहीं होताविशिष्ट ट्रैकिंग नंबर और स्कैन करने योग्य QR कोड मौजूद होता है
तहसील मुहर की जरूरतकिसी काम की नहीं होतीकिसी भी भौतिक मोहर या दस्तखत की आवश्यकता नहीं होती (आईटी एक्ट मान्य)

2. खसरा और खतौनी में क्या मूलभूत अंतर होता है? {#2-खसरा-बनाम-खतौनी}

ग्रामीण क्षेत्रों में दोनों शब्दों का प्रयोग साथ किया जाता है, परंतु दोनों के कार्य भिन्न हैं:

  • खतौनी (Record of Rights - RoR): यह व्यक्ति-वार दस्तावेज है। यह दर्शाता है कि किसी गांव में अमुक व्यक्ति (या उसके परिवार) के नाम पर कुल कितनी जमीन, किन-किन खसरों में और कितने रकबे में दर्ज है। इसमें यह भी दर्ज होता है कि जमीन पर कोई बैंक लोन या अदालत का स्टे तो नहीं है।
  • खसरा (Field Book / Village Register): यह जमीन के टुकड़े (प्लॉट-वार) का दस्तावेज है। इसमें जमीन का भू-नक्शा नंबर, जमीन का प्रकार (उपजाऊ, बंजर, चकरोड), मिट्टी की किस्म, सिंचाई का साधन और वर्तमान में कौन सी फसल बोई गई है, इसका विवरण होता है।
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3. डिजिटल प्रमाणित प्रति निकालने हेतु प्रमुख राज्यवार पोर्टल {#3-राज्यवार-पोर्टल}

  • उत्तर प्रदेश: upbhulekh.gov.in (डिजिटल हस्ताक्षरित खतौनी लिंक)
  • मध्य प्रदेश: mpbhulekh.gov.in (प्रमाणित प्रतिलिपि खसरा/खतौनी)
  • बिहार: biharbhumi.bihar.gov.in (दाखिल खारिज व अधिकार अभिलेख)
  • राजस्थान: apnakhata.rajasthan.gov.in (ई-धरती नामांतरण व नकल)
  • हरियाणा: jamabandi.nic.in (डिजिटल हस्ताक्षरित जमाबंदी)
  • महाराष्ट्र: mahabhulekh.maharashtra.gov.in (महाभूमि 7/12 व 8A)
  • गुजरात: anyror.gujarat.gov.in (VF-7 और VF-8A)

4. डिजिटल हस्ताक्षरित खतौनी निकालने की चरणबद्ध ऑनलाइन प्रक्रिया {#4-चरणबद्ध-प्रक्रिया}

(उत्तर प्रदेश भूलेख पोर्टल का मानक उदाहरण - सभी राज्यों में समान प्रणाली लागू है)

  1. आधिकारिक पोर्टल पर जाएं: अपने ब्राउज़र में upbhulekh.gov.in खोलें।
  2. सही लिंक चुनें: होमपेज पर दिए गए विकल्पों में से 'डिजिटल हस्ताक्षर युक्त खतौनी की प्रमाणित प्रति' पर क्लिक करें। (ध्यान रहे: केवल 'खतौनी की नकल देखें' पर क्लिक न करें, क्योंकि वह अप्रमाणित होती है)।
  3. मोबाइल नंबर लॉगिन: अपना 10 अंकों का मोबाइल नंबर और कैप्चा दर्ज कर ओटीपी से लॉगिन करें।
  4. स्थान का चयन:
  • पहले कॉलम से अपना जिला (District) चुनें।
  • दूसरे कॉलम से अपनी तहसील (Tehsil) चुनें।
  • तीसरे कॉलम से अपने ग्राम (Village) का नाम चुनें (अक्षर पर क्लिक करके त्वरित खोज सकते हैं)।
  1. खाता खोजें (Search Option):
  • विकल्प क: खसरा/गाटा संख्या द्वारा खोजें
  • विकल्प ख: खाता संख्या द्वारा खोजें
  • विकल्प ग: खातेदार के नाम द्वारा खोजें
  1. विवरण देखें: सूची में से खातेदार का नाम चुनकर 'उद्धरण देखें' पर क्लिक करें।
  2. ऑनलाइन शुल्क भुगतान: स्क्रीन पर ₹15 का शुल्क भुगतान गेटवे आएगा। UPI (PhonePe/GPay), नेट बैंकिंग अथवा डेबिट कार्ड से भुगतान करें।
  3. प्रमाणित पीडीएफ डाउनलोड: भुगतान सफल होते ही राजस्व परिषद उत्तर प्रदेश की मुहर, तहसीलदार के डिजिटल हस्ताक्षर (Digital Certificate) और सत्यापन बारकोड वाली आधिकारिक प्रमाणित खतौनी डाउनलोड हो जाएगी।

5. खतौनी में दर्ज प्रविष्टियां कैसे पढ़ें (बंधक, आदेश व अंश) {#5-खतौनी-पढ़ना}

प्रमाणित खतौनी में कई महत्वपूर्ण कॉलम होते हैं जिन्हें समझना धोखाधड़ी से बचाता है:

  • कॉलम 1-6 (खातेदार का विवरण): खातेदार का नाम, पिता/पति का नाम, निवास स्थान और भौमिक अधिकार (जैसे 'संक्रमणीय भूमिधर')।
  • कॉलम 7-12 (जमीन का विवरण): गाटा/खसरा संख्या तथा हेक्टेयर में कुल रकबा।
  • कॉलम 13-14 (टिप्पणी / आदेश का कॉलम - सबसे महत्वपूर्ण):
  • यदि किसी बैंक से केसीसी या ऋण लिया गया है, तो यहां लिखा होगा: "बंधक बाबत ऋण मु० ₹... बैंक शाखा..."
  • यदि किसी ने जमीन बेची है, तो दाखिल-खारिज (Mutation) का आदेश यहां दर्ज होगा।
  • यदि कोई सिविल कोर्ट या राजस्व कोर्ट का मुकदमा विचाराधीन है, तो स्टे आदेश का विवरण इसी कॉलम में मिलता है।

6. QR Code और बारकोड से वैधता का ऑनलाइन सत्यापन {#6-ऑनलाइन-सत्यापन}

प्रमाणित खतौनी पर नीचे एक विशिष्ट QR कोड और 16-अंकों का ट्रांजैक्शन/सत्यापन आईडी होता है:

  1. कोई भी बैंक प्रबंधक या रजिस्ट्री अधिकारी अपने मोबाइल के सामान्य कैमरे से इस QR कोड को स्कैन कर सकता है।
  2. स्कैन करते ही वह सीधे आधिकारिक राज्य भूलेख सर्वर पर रीडायरेक्ट होता है।
  3. सर्वर पर वही खतौनी खुलकर सामने आ जाती है, जिससे यह 100% पुष्ट हो जाता है कि दस्तावेज में कोई फोटोशॉप या छेड़छाड़ नहीं की गई है।

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  • Discover Recommended Image: 1200x675px (16:9), डिजिटल हस्ताक्षरित भूलेख खतौनी का नमूना, क्यूआर कोड स्कैनर और किसान द्वारा स्मार्टफोन पर भूमि रिकॉर्ड देखते हुए दृश्य।

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"name": "Digitally Signed Land Record (Certified RoR / Khatauni)",

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"name": "State Revenue Department / Board of Revenue"

},

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❓ अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)

Q. क्या डिजिटल हस्ताक्षरित खतौनी पर तहसील जाकर तहसीलदार की मोहर लगवानी पड़ती है?

A. बिल्कुल नहीं। सूचना प्रौद्योगिकी (IT) अधिनियम 2000 की धारा 65B के तहत डिजिटल हस्ताक्षर इलेक्ट्रॉनिक रूप से सत्यापित होते हैं। किसी भी सरकारी कार्यालय, बैंक या न्यायालय द्वारा भौतिक स्याही मुहर की मांग करना गैरकानूनी है।

Q. जमीन की रजिस्ट्री (बैनामा) कराने के बाद खतौनी में नया नाम कब तक चढ़ता है?

A. रजिस्ट्री होने के बाद उप-निबंधक कार्यालय से ऑटो-म्यूटेशन के माध्यम से सूचना तहसीलदार कोर्ट जाती है। यदि 35 दिनों के भीतर कोई कानूनी आपत्ति नहीं आती है, तो तहसीलदार द्वारा दाखिल-खारिज (Mutation) आदेश पारित कर दिया जाता है और खतौनी में क्रेता का नाम विधिवत दर्ज हो जाता है।

Q. यदि खतौनी में नाम या पिता के नाम की स्पेलिंग गलत हो, तो क्या करें?

A. खतौनी में नाम सुधारने के लिए राज्य राजस्व संहिता की धारा 38 (त्रुटि सुधार / Correction of Papers) के तहत तहसीलदार न्यायालय में प्रार्थना पत्र देना होता है। लेखपाल की आख्या और बैनामे की प्रति के आधार पर तहसीलदार आदेश पारित कर नाम शुद्ध कर देते हैं।

Q. क्या भूलेख खसरा-खतौनी की प्रमाणित प्रति (Certified RoR Copy) कैसे निकालें को डिजिलॉकर (DigiLocker) में रखना कानूनी रूप से मान्य है?

A. हाँ, सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम 2000 और आईटी नियम 2016 के नियम 9A के तहत डिजिलॉकर में उपलब्ध डिजिटल दस्तावेज को मूल भौतिक कागजात के बराबर 100% कानूनी मान्यता प्राप्त है।

Q. इस प्रमाण पत्र / कार्ड की आधिकारिक वैधता (Validity) कितने समय की होती है?

A. अधिकांश सरकारी पहचान और सिविल प्रमाण पत्र (जैसे आधार, जन्म, जाति, निवास) आजीवन (Lifetime) मान्य होते हैं, जबकि आय प्रमाण पत्र सामान्यतः 3 वर्ष और ईडब्ल्यूएस 1 वित्तीय वर्ष के लिए मान्य होता है।