1. आयुध अधिनियम 2019 के नए नियम: 2 हथियार सीमा व 5 साल वैधता {#1-नए-संशोधित-नियम}
संसद द्वारा पारित आयुध (संशोधन) अधिनियम 2019 ने नियमों में महत्वपूर्ण परिवर्तन किए हैं:
- शस्त्रों की संख्या घटी: पहले एक व्यक्ति अधिकतम 3 हथियार रख सकता था; अब यह सीमा घटाकर अधिकतम 2 हथियार कर दी गई है।
- वैधता बढ़ाई गई: लाइसेंस नवीनीकरण की अवधि 3 वर्ष से बढ़ाकर 5 वर्ष कर दी गई है।
- हर्ष फायरिंग पर जेल: शादी-विवाह या धार्मिक जुलूसों में हर्ष फायरिंग (Celebratory Firing) करने पर लाइसेंस तुरंत रद्द होगा और 2 साल तक की जेल व ₹1 लाख का जुर्माना लगेगा।
- हथियार छीनने या अवैध रखने पर कठोर दंड: अवैध हथियार रखने पर 7 से 14 वर्ष तक का कठोर कारावास।
2. शस्त्र लाइसेंस हेतु आवश्यक पात्रता मापदंड (Eligibility) {#2-पात्रता-मापदंड}
शस्त्र लाइसेंस केवल उन्हीं नागरिकों को जारी किया जाता है जो निम्नलिखित शर्तें पूरी करते हैं:
- आयु: आवेदक की आयु कम से कम 21 वर्ष पूरी होनी चाहिए।
- मानसिक व शारीरिक सक्षमता: आवेदक मानसिक रूप से स्थिर हो, गंभीर नेत्र दोष से मुक्त हो और नशे का आदी न हो।
- आपराधिक पृष्ठभूमि से मुक्त: आवेदक के विरुद्ध आईपीसी/बीएनएस या किसी अन्य कानून के तहत कोई संगीन आपराधिक मुकदमा (विशेषकर हिंसा, दंगा या धोखाधड़ी) दर्ज न हो।
- वास्तविक खतरे का साक्ष्य (Genuineness of Threat): आवेदक को यह सिद्ध करना होता है कि उसके जीवन, परिवार या संपत्ति को वास्तव में कोई सुरक्षा खतरा है (जैसे बड़ा कारोबारी, ज्वैलर, बैंक कैशियर, जमींदार, या किसी आपराधिक रंजिश का शिकार)।
3. अनिवार्य दस्तावेज और मेडिकल फिटनेस (Form S-3) {#3-आवश्यक-दस्तावेज}
आवेदन पत्र के साथ निम्नलिखित औपचारिक दस्तावेज संलग्न करने होते हैं:
- पहचान व निवास प्रमाण: आधार कार्ड, पासपोर्ट, वोटर आईडी कार्ड।
- आयु प्रमाण पत्र: जन्म प्रमाण पत्र अथवा 10वीं बोर्ड की मार्कशीट।
- मेडिकल फिटनेस प्रमाण पत्र (Form S-3): सरकारी जिला अस्पताल के मुख्य चिकित्सा अधिकारी (CMO) द्वारा जारी प्रमाण पत्र, जिसमें दृष्टि (Eyesight), मानसिक संतुलन और शारीरिक फिटनेस प्रमाणित हो।
- वित्तीय सक्षमता साक्ष्य: पिछले 3 वर्षों का ITR, सैलरी स्लिप, अथवा राजस्व विभाग द्वारा जारी हैसियत प्रमाण पत्र (Solvency Certificate)।
- ₹100 के स्टाम्प पेपर पर नोटरीकृत शपथ पत्र: कोई आपराधिक मुकदमा दर्ज न होने और हर्ष फायरिंग न करने की कानूनी शपथ।
- सुरक्षित लॉकर का प्रमाण पत्र: घर में हथियार को बच्चों की पहुंच से दूर रखने हेतु स्टील की तिजोरी/लॉकर (Safe Storage) का बिल या फोटो।
- 4 रंगीन पासपोर्ट साइज फोटो।
4. NDAL-ALIS पोर्टल पर ऑनलाइन आवेदन की चरणबद्ध प्रक्रिया {#4-ऑनलाइन-आवेदन-प्रक्रिया}
```mermaid
graph TD
A[गृह मंत्रालय NDAL-ALIS / राज्य पोर्टल पर Form A-1 ऑनलाइन भरना] --> B[मेडिकल फिटनेस Form S-3, हैसियत व शपथ पत्र अपलोड करना]
B --> C[लाइसेंसिंग अथॉरिटी DM / पुलिस कमिश्नर को पत्रावली प्रेषण]
C --> D[स्थानीय थाना पुलिस व LIU द्वारा गुप्त चरित्र व खतरा सत्यापन]
D --> E[मान्यता प्राप्त शूटिंग रेंज से हथियार सुरक्षा व फायरिंग प्रशिक्षण]
E --> F[जिलाधिकारी DM द्वारा व्यक्तिगत साक्षात्कार Interview]
F --> G[18-अंकों का UIN जनरेट व 5 वर्ष हेतु शस्त्र लाइसेंस जारी]
```
- पोर्टल खोलें: ndal-alis.gov.in पर जाएं और 'Apply Online' पर क्लिक करें।
- श्रेणी का चयन: Category of Applicant में 'Individual' चुनें और Purpose में 'Self Defense' (आत्मरक्षा) चुनें।
- हथियार का प्रकार चुनें: आप किस प्रकार का हथियार चाहते हैं—जैसे
Revolver / Pistol(हैंडगन) अथवा12 Bore Gun / DBBLअथवाRifle। - विवरण भरें: आवेदक का पूरा नाम, पता, पेशा, वार्षिक आय, और आत्मरक्षा की आवश्यकता का विस्तृत विवरण।
- दस्तावेज अपलोड करें: मेडिकल प्रमाण पत्र, आधार, फोटो और शपथ पत्र पीडीएफ में अपलोड करें।
- शुल्क भुगतान: निर्धारित सरकारी आवेदन शुल्क (सामान्यतः ₹1,000 से ₹2,000) का ऑनलाइन चालान भरें।
- प्रिंटआउट जमा करें: ऑनलाइन फॉर्म का प्रिंट निकालकर सभी मूल साक्ष्यों के साथ कलेक्ट्रेट स्थित शस्त्र अनुभाग (Arms Section) में जमा करें।
5. पुलिस सत्यापन (Police & LIU Verification) और साक्षात्कार {#5-पुलिस-जांच-व-साक्षात्कार}
शस्त्र लाइसेंस में सबसे निर्णायक भूमिका पुलिस और एलआईयू की होती है:
- थाना पुलिस जांच: स्थानीय थाने का दरोगा घर आकर देखता है कि आवेदक का मोहल्ले में व्यवहार कैसा है, क्या उसका पड़ोसियों से कोई झगड़ा है, और उसके परिवार का कोई आपराधिक इतिहास तो नहीं है।
- लोकल इंटेलिजेंस यूनिट (LIU): एलआईयू एक स्वतंत्र गोपनीय रिपोर्ट तैयार करती है कि क्या आवेदक किसी असामाजिक तत्व के संपर्क में है या क्या उसे वास्तव में जान का खतरा है।
- डीएम का साक्षात्कार (DM Interview): दोनों रिपोर्ट सकारात्मक आने पर जिलाधिकारी (DM) आवेदक को कलेक्ट्रेट में बुलाकर व्यक्तिगत साक्षात्कार लेते हैं। डीएम यह परखते हैं कि आवेदक शांत स्वभाव का है या गुस्सैल, और क्या वह आपातकाल में संयम से हथियार का उपयोग कर सकेगा।
6. अनिवार्य शस्त्र प्रशिक्षण और सेफ लॉकर (Safe Storage) नियम {#6-शस्त्र-प्रशिक्षण-लॉकर}
आयुध नियमावली 2016 के नियम 10 के अनुसार:
- प्रत्येक नए लाइसेंस धारक को हथियार खरीदने से पहले पुलिस लाइन या गृह मंत्रालय द्वारा अधिकृत शूटिंग रेंज से 'हथियार सुरक्षा प्रशिक्षण (Safe Handling of Firearms)' का कोर्स पूरा करना अनिवार्य है।
- इसमें हथियार को लोड-अनलोड करना, लॉक लगाना, सफाई करना और आपातकालीन फायरिंग का बुनियादी प्रशिक्षण दिया जाता है।
- हथियार को घर में हमेशा एक मजबूत ताले वाली अलमारी या इलेक्ट्रॉनिक गन सेफ (Gun Safe Locker) में रखना अनिवार्य है; इसे खुले में या तकिए के नीचे रखना कानूनी अपराध है।
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