documents ⏱️ 5 मिनट पढ़ें 📅 16 सितंबर 2026

अपार आईडी (APAAR ID) क्या है और कैसे बनाएं? वन नेशन वन स्टूडेंट कार्ड, लाभ, जरूरी दस्तावेज़ और डाउनलोड प्रक्रिया

अमित कुमार
अमित कुमार
वरिष्ठ विधिक एवं लोक सेवा सलाहकार

विधि स्नातक (LL.B.) और प्रशासनिक नियमों (DoPT, नागरिक अधिकार चार्टर, राजस्व संहिता) के विशेषज्ञ। विगत 8 वर्षों से ई-डिस्ट्रिक्ट सेवाओं, सिविल प्रमाण पत्रों, जाति, आय, निवास, और भूमि रिकॉर्ड प्रक्रियाओं पर प्रामाणिक तथ्य-जांच व विधिक मार्गदर्शन दे रहे हैं।

⚡ त्वरित उत्तर (Quick Answer)

अपार आईडी (<strong>APAAR ID — Automated Permanent Academic Account Registry</strong>) भारत सरकार के शिक्षा मंत्रालय द्वारा राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP 2020) के तहत 'वन नेशन, वन स्टूडेंट आईडी' के रूप में प्रत्येक भारतीय छात्र को जारी की जाने वाली 12 अंकों की विशिष्ट आजीवन डिजिटल पहचान संख्या है। यह छात्र के <strong>एकेडमिक बैंक ऑफ क्रेडिट्स (ABC ID)</strong> और डिजीलॉकर से स्वतः जुड़ी होती है, जिसमें नर्सरी से लेकर पीएचडी तक की सभी मार्कशीट्स, डिग्रियां, डिप्लोमा और खेल उपलब्धियां डिजिटल रूप से सुरक्षित रहती हैं। इसे अपने स्कूल/कॉलेज के माध्यम से या सीधे <strong>DigiLocker</strong> ऐप और आधिकारिक पोर्टल (<strong>apaar.education.gov.in</strong>) पर आधार ओटीपी द्वारा बिल्कुल <strong>निःशुल्क (₹0)</strong> बनाया जा सकता है।

जानकारीविवरण
दस्तावेज़ का नामअपार कार्ड / वन नेशन वन स्टूडेंट आईडी (APAAR ID Card)
संचालक मंत्रालयशिक्षा मंत्रालय, भारत सरकार (Ministry of Education)
नीतिगत आधारराष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 (NEP 2020)
पहचान प्रारूप12 अंकों की विशिष्ट डिजिटल शैक्षणिक पहचान संख्या
पात्रताभारत के किसी भी मान्यता प्राप्त स्कूल, कॉलेज या विश्वविद्यालय के छात्र
आवेदन का माध्यमऑनलाइन (DigiLocker / apaar.education.gov.in) एवं स्कूल स्तर पर
आधिकारिक पोर्टलapaar.education.gov.in
सरकारी शुल्क₹0 (पूर्णतः निःशुल्क)
प्रमाण पत्र की वैधताआजीवन (Lifelong Academic Identity)
डिजिटल डाउनलोडउपलब्ध (क्यूआर कोड सहित रंगीन डिजिटल स्टूडेंट कार्ड PDF)

1. APAAR ID क्या है?

अपार आईडी (APAAR ID) क्या है और कैसे बनाएं? वन नेशन वन स्टूडेंट कार्ड, लाभ, जरूरी दस्तावेज़ और डाउनलोड प्रक्रिया
चित्र: अपार आईडी (APAAR ID) क्या है और कैसे बनाएं? वन नेशन वन स्टूडेंट कार्ड, लाभ, जरूरी दस्तावेज़ और डाउनलोड प्रक्रिया बनवाने की आधिकारिक सरकारी प्रक्रिया एवं आवश्यक दस्तावेजों की वैधानिक गाइड।

जैसे प्रत्येक नागरिक के पास वित्तीय लेनदेन के लिए पैन कार्ड और पहचान के लिए आधार कार्ड होता है, उसी प्रकार शिक्षा मंत्रालय ने छात्रों के पूरे शैक्षणिक सफर को एक डिजिटल धागे में पिरोने के लिए 'अपार आईडी' की शुरुआत की है।

  • यह 12 अंकों का एक अद्वितीय पहचान पत्र है जो छात्र के प्राथमिक विद्यालय में प्रवेश से लेकर कॉलेज और अनुसंधान तक जीवन भर एक ही रहता है।
  • पहले उच्च शिक्षा में कॉलेज बदलने पर छात्रों के पुराने साल के अंक और क्रेडिट्स नष्ट हो जाते थे।
  • एनईपी 2020 के तहत Academic Bank of Credits (ABC) प्रणाली लागू की गई है।
  • जब कोई छात्र किसी सेमेस्टर की परीक्षा पास करता है, तो उसके डिजिटल क्रेडिट्स सीधे उसके APAAR खाते में जमा हो जाते हैं। यदि छात्र किसी अन्य यूनिवर्सिटी में ट्रांसफर लेता है, तो ये क्रेडिट्स स्वतः नए कॉलेज में स्थानांतरित हो जाते हैं।
विज्ञापन / SPONSORED

3. छात्रों को मिलने वाले प्रमुख लाभ

  • कागज़ात खोने या फटने का डर खत्म: स्कूल से कॉलेज तक की 10वीं, 12वीं, ग्रेजुएशन की सभी मूल मार्कशीट्स और माइग्रेशन सर्टिफिकेट स्वतः डिजीलॉकर में सुरक्षित रहते हैं।
  • एडमिशन में कोई झंझट नहीं: एक स्कूल या राज्य से दूसरे राज्य में ट्रांसफर होने पर किसी भौतिक टीसी (Transfer Certificate) के सत्यापन के लिए महीनों इंतजार नहीं करना पड़ता; केवल APAAR ID नंबर डालते ही नया स्कूल छात्र का पूरा पिछला रिकॉर्ड ऑनलाइन देख लेता है।
  • स्कॉलरशिप और इंटर्नशिप में तेजी: पीएम उच्चतर शिक्षा प्रोत्साहन योजना या नेशनल स्कॉलरशिप पोर्टल पर केवल APAAR ID दर्ज करने से पात्रता स्वतः सत्यापित हो जाती है।
  • फर्जी डिग्रियों पर रोक: अपार आईडी से जारी सभी सर्टिफिकेट्स केंद्रीय बोर्डों द्वारा डिजिटल रूप से सत्यापित होते हैं, जिससे जाली मार्कशीट का खेल पूरी तरह समाप्त हो जाता है।
  • चूंकि 18 वर्ष से कम आयु के छात्रों का व्यक्तिगत डेटा शामिल होता है, अतः भारत सरकार के नियमों के अनुसार 18 वर्ष से कम उम्र के बच्चों की APAAR ID बनाने से पहले माता-पिता या अभिभावक का सहमति पत्र (Consent Form) लिया जाना अनिवार्य है।
  • अभिभावक किसी भी समय इस सहमति को वापस लेने का अधिकार भी रखते हैं।

5. जरूरी दस्तावेज़ों की चेकलिस्ट

दस्तावेज़प्रकारउद्देश्यअनिवार्यता
छात्र का आधार कार्डपहचान व जन्म साक्ष्यनाम, जन्म तिथि और लिंग सत्यापनअनिवार्य
सक्रिय मोबाइल नंबरओटीपी सत्यापनआधार से जुड़ा सक्रिय मोबाइल नंबरअनिवार्य
स्कूल / कॉलेज का नाम और रोल नंबरशैक्षणिक साक्ष्यसंस्थान में वर्तमान नामांकन का प्रमाणअनिवार्य
अभिभावक का सहमति पत्रकानूनी अनुमति18 वर्ष से कम उम्र के छात्रों हेतुनाबालिगों हेतु अनिवार्य

6. DigiLocker से APAAR ID बनाने की प्रक्रिया

कॉलेज या 18+ वर्ष के छात्र सीधे डिजीलॉकर से 2 मिनट में अपनी APAAR ID बना सकते हैं:

  1. डिजीलॉकर ऐप या पोर्टल खोलें: https://www.digilocker.gov.in/ पर जाएं और अपने आधार नंबर से लॉगिन करें।
  2. सर्च बार में टाइप करें: सर्च बॉक्स में 'APAAR' या 'Academic Bank of Credits' लिखें।
  3. 'Ministry of Education' सेवा चुनें: 'APAAR / ABC ID Card' विकल्प पर क्लिक करें।
  4. शैक्षणिक विवरण दर्ज करें:
  • आपका नाम, जन्म तिथि और लिंग आधार से स्वतः आ जाएगा।
  • Identity Type में अपना 'Roll Number', 'Registration Number', या 'Enrollment Number' चुनें और नंबर दर्ज करें।
  • Admission Year में वह वर्ष चुनें जिसमें आपने वर्तमान कक्षा या कोर्स में प्रवेश लिया है।
  • Institution Name में अपने स्कूल, कॉलेज या विश्वविद्यालय का नाम सूची से चुनें।
  1. 'Get Document' पर क्लिक करें: क्लिक करते ही शिक्षा मंत्रालय का सर्वर आपके डेटा का मिलान करेगा और आपकी 12 अंकों की APAAR ID तुरंत जनरेट हो जाएगी!

7. स्कूल के माध्यम से APAAR ID कैसे बनती है?

कक्षा 1 से 12वीं तक के स्कूली छात्रों के लिए स्कूल प्रशासन भारत सरकार के UDISE+ पोर्टल पर छात्र के आधार का मिलान करता है और अभिभावकों से सहमति पत्र लेकर स्कूल स्तर पर ही बल्क में APAAR ID कार्ड जारी करता है।

8. डिजिटल APAAR कार्ड डाउनलोड और प्रिंट

  • जनरेट होने के बाद डिजीलॉकर के 'Issued Documents' सेक्शन में जाएं।
  • 'APAAR Card' पर क्लिक करें।
  • स्क्रीन पर एक सुंदर, बारकोड युक्त डिजिटल पहचान पत्र खुलेगा जिस पर आपका फोटो, 12-अंकीय APAAR नंबर और क्यूआर कोड होगा।
  • इसे PDF के रूप में सेव करके रंगीन पीवीसी कार्ड पर प्रिंट करा सकते हैं।

9. प्राइवेट नौकरी और सरकारी भर्ती में महत्व

भविष्य में यूपीएससी, एसएससी, राज्य लोक सेवा आयोग और टीसीएस, इंफोसिस जैसी बड़ी कॉर्पोरेट कंपनियां उम्मीदवारों के बायोडाटा (Resume) में केवल APAAR ID मांगेंगी। बैकग्राउंड वेरिफिकेशन टीमें केवल अपार नंबर डालकर छात्र के सभी मूल डिग्रियों और अंकों की सत्यता 1 सेकंड में ऑनलाइन जांच सकेंगी।

11. आधिकारिक स्रोत (Official Sources)

  • शिक्षा मंत्रालय भारत सरकार (APAAR Portal): apaar.education.gov.in
  • एकेडमिक बैंक ऑफ क्रेडिट्स (ABC): abc.gov.in
  • राष्ट्रीय डिजिटल लॉकर: digilocker.gov.in

Information Last Verified: 16 सितंबर 2026

❓ अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)

Q. क्या APAAR ID बनवाना अनिवार्य (Mandatory) है?

A. शिक्षा मंत्रालय के अनुसार यह व्यवस्था अत्यधिक अनुशंसित है और सभी शैक्षणिक संस्थानों में इसे प्राथमिकता दी जा रही है। हालांकि, छात्रों के लिए यह स्वैच्छिक (Voluntary) रखी गई है, लेकिन सरकारी स्कॉलरशिप और क्रेडिट ट्रांसफर के लिए यह आवश्यक हो गई है।

Q. यदि आधार कार्ड और स्कूल के नाम में अंतर हो तो क्या APAAR ID बन पाएगी?

A. नहीं। अपार आईडी केवल तभी बनेगी जब छात्र का नाम, पिता का नाम और जन्म तिथि आधार कार्ड और स्कूल के रजिस्टर में अक्षरशः समान हों। अंतर होने पर पहले आधार केंद्र से सुधार कराना होगा।

Q. क्या APAAR ID बनाने के लिए कोई फीस चुकानी पड़ती है?

A. बिल्कुल नहीं। यह भारत सरकार की पूर्णतः निःशुल्क (₹0) डिजिटल छात्र सेवा है।

Q. क्या अपार आईडी (APAAR ID) और ? वन नेशन वन स्टूडेंट कार्ड, लाभ, जरूरी दस्तावेज़ और डाउनलोड को डिजिलॉकर (DigiLocker) में रखना कानूनी रूप से मान्य है?

A. हाँ, सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम 2000 और आईटी नियम 2016 के नियम 9A के तहत डिजिलॉकर में उपलब्ध डिजिटल दस्तावेज को मूल भौतिक कागजात के बराबर 100% कानूनी मान्यता प्राप्त है।

Q. इस प्रमाण पत्र / कार्ड की आधिकारिक वैधता (Validity) कितने समय की होती है?

A. अधिकांश सरकारी पहचान और सिविल प्रमाण पत्र (जैसे आधार, जन्म, जाति, निवास) आजीवन (Lifetime) मान्य होते हैं, जबकि आय प्रमाण पत्र सामान्यतः 3 वर्ष और ईडब्ल्यूएस 1 वित्तीय वर्ष के लिए मान्य होता है।